How to start Datacenter or Domain and hosting business ?
Top Digital Marketing Companies
Top Flutter App Development Companies
How to earn money Online ?
How to start Ecommerce business ?
इंसानी खोपड़ियों से बने बर्तन, मानव त्वचा की कुर्सियां; अमेरिका का सबसे खौफनाक सीरियल किलर
BBDS App Download
× Bindass Bol Home About News Contact Search

ग्राहकों की नाराजगी देख ICICI बैंक ने लिया यूटर्न, वापस लाए पुराने बैलेंस नियम, चेक डीटेल्स

(फाइल फोटो)

(फाइल फोटो)

ICICI Bank Minimum Balance Rules: ग्राहकों की नाराज़गी के बाद आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ने बचत खातों के लिए न्यूनतम बैलेंस की नई और बढ़ी हुई शर्तें वापस ले ली हैं. बैंक ने अब फिर से वही पुराने नियम लागू कर दिए हैं, जो पहले से लागू थे. यानी अब ग्राहकों को पहले जितना ही औसत मासिक बैलेंस (Minimum Average Balance) बनाए रखना होगा.

क्या था विवाद?
हाल ही में ICICI बैंक ने अपने न्यूनतम बैलेंस के नियमों में बदलाव करते हुए मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में बचत खाता धारकों के लिए औसत मासिक बैलेंस 50,000 रुपये करने का ऐलान किया था. इसी तरह अर्ध-शहरी शाखाओं में यह सीमा 25,000 रुपये और ग्रामीण शाखाओं में 10,000 रुपये तय की गई थी. यह बदलाव 1 अगस्त से लागू होना था.

हालांकि, ICICI बैंक के जरिये जारी औसत मासिक बैलेंस की खबर जैसे ही सामने आई, सोशल मीडिया पर ग्राहकों ने बैंक के इस फैसले की कड़ी आलोचना की. कई लोगों ने इसे आम ग्राहकों पर बोझ डालने वाला कदम बताया. आलोचना बढ़ने के बाद बैंक ने यह बढ़ोतरी वापस लेने का फैसला किया.

अब क्या है नया नियम?
ICICI बैंक ने बयान जारी कर बताया कि 1 अगस्त से नए बचत खातों के लिए मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम बैलेंस 15,000 रुपये, अर्ध-शहरी क्षेत्रों में 7,500 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 2,500 रुपये ही रहेगा. बैंक के मुताबिक, अगर ग्राहक अपने खाते में निर्धारित न्यूनतम बैलेंस नहीं रखते, तो उनके खाते से 6 फीसदी या 500 रुपये (जो भी कम हो) का जुर्माना काटा जाएगा.

किन्हें नहीं रखना होगा न्यूनतम बैलेंस?
बैंक ने साफ किया है कि वेतन खाते (Salary Accounts), पेंशनभोगी खाते, छात्र बचत खाते, पीएम जन धन योजना (PMJDY) और अन्य विशेष खाते इस नियम से मुक्त रहेंगे. इसके अलावा जिन ग्राहकों के बचत और फिक्स्ड डिपॉजिट में कुल 2 लाख रुपये हैं, उन्हें भी न्यूनतम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं होगी.

आरबीआई का क्या कहना है?
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वाणिज्यिक बैंक अपने बचत खातों के लिए न्यूनतम बैलेंस खुद तय करने के लिए स्वतंत्र हैं. यह निर्णय नियामक दायरे में नहीं आता. ICICI बैंक का यह कदम ग्राहकों के लिए राहत की खबर है, खासकर उन लोगों के लिए जो बढ़े हुए न्यूनतम बैलेंस के बोझ से परेशान थे.

ये भी पढ़ें: स्वतंत्रता दिवस पर ये कंपनी गैजेट्स-इलेक्ट्रानिक्स पर दे रही बंपर ऑफर; मिट्टी के भाव मिल रहे iPhone- MacBook!


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Raihan

13 Aug 2025  ·  Published: 20:14 IST

मंदिर में सीढ़ियों पर मची भगदड़, करंट लगने से 6 लोगों की मौत

File

फाइल फोटो

Mansa Devi Stampede: उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते भगदड़ मच गई, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 15 श्रद्धालु घायल हुए हैं। यह हादसा मंदिर की सीढ़ियों पर हुआ, जहां भीड़ अधिक थी और अचानक अफरा-तफरी मच गई।

क्या करंट लगने की वजह से मची भगदड़?
शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसा मंदिर के सीढ़ी वाले मार्ग पर हुआ। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वहां सीढ़ियों में करंट उतरने की आशंका जताई जा रही है। इसी कारण श्रद्धालुओं में डर फैल गया और भगदड़ की स्थिति बन गई। हालांकि, अधिकारिक रूप से करंट की पुष्टि नहीं हुई है और जांच चल रही है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और UKSDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और स्थिति को काबू में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया शोक
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, "हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में भगदड़ मचने का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। राहत कार्य जारी है और मैं स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं। माता रानी से सभी श्रद्धालुओं के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।"

रविवार के दिन श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक
हर रविवार और विशेष अवसरों पर मनसा देवी मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भीड़ अधिक थी और मंदिर परिसर में व्यवस्था चरमरा गई, जिससे हादसा हुआ।

गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके के लिए रवाना हो चुके हैं। फिलहाल मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है, लेकिन प्रशासन स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है। सरकार की ओर से घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया है।


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

27 Jul 2025  ·  Published: 05:36 IST

महाराजा अग्रसेन के नाम पर हो पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन? सीएम रेखा गुप्ता ने लिखा रेल मंत्री को पत्र

दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता (फाइल फोटो)

दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता (फाइल फोटो)

Delhi News Today: देशभर में हाल के वर्षों में रेलवे स्टेशनों और ऐतिहासिक स्थलों के नाम बदलने का सिलसिला जारी है. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मुगलसराय स्टेशन का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन किया, जबकि हबीबगंज स्टेशन को रानी कमलापति स्टेशन नाम मिला. अब दिल्ली से भी एक ऐसा ही प्रस्ताव सामने आया है. 

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्र सरकार से राजधानी के सबसे पुराने रेलवे स्टेशन में  से एक पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग की है. उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर स्टेशन का नाम 'महाराजा अग्रसेन रेलवे स्टेशन' करने की गुजारिश की है. 

दिल्ली सीएम ने लिखा पत्र
रेखा गुप्ता ने अपने 19 जून को लिखे पत्र में कहा कि यह नाम परिवर्तन महान समाज सुधारक महाराजा अग्रसेन को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जो अहिंसा, सामाजिक न्याय और आर्थिक समरसता के प्रतीक माने जाते हैं. उन्होंने पत्र में लिखा कि "महाराजा अग्रसेन का योगदान दिल्ली और भारत के सामाजिक-आर्थिक ढांचे पर गहरा प्रभाव डालता है. उनके वंशज आज भी दिल्ली के व्यापार, समाज और संस्कृति में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं."

मीडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आगे लिखा कि "पुरानी दिल्ली स्टेशन का नाम बदलकर महाराजा अग्रसेन रेलवे स्टेशन करना न सिर्फ ऐतिहासिक दृष्टि से उचित होगा, बल्कि यह दिल्लीवासियों की भावनाओं से भी गहराई से जुड़ता है. मैं आशा करती हूं कि मंत्रालय इस प्रस्ताव पर सकारात्मक और शीघ्र निर्णय लेगा."

पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का इतिहास
केंद्रीय राजधानी दिल्ली की चांदनी चौक क्षेत्र में स्थित यह रेलवे स्टेशन 1864 में बना था और इसे दिल्ली जंक्शन भी कहा जाता है. इसकी इमारत को लाल किले की स्थापत्य शैली में तैयार किया गया था. यह स्टेशन दिल्ली के व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में से एक है, जहां 18 प्लेटफॉर्म हैं. दो प्लेटफॉर्म पर एक साथ 24-कोच की दो ट्रेनें खड़ी की जा सकती हैं. अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती है, लेकिन नाम बदलने की यह मांग राजनीतिक और सांस्कृतिक बहस को जरूर जन्म दे सकती है.
 


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Raihan

01 Jul 2025  ·  Published: 06:21 IST

फ्रांस देगा फिलिस्तीन को मान्यता, राष्ट्रपति मैक्रों ने किया बड़ा ऐलान; भड़के नेतन्याहू

File

फाइल फोटो

France Palestine Recognition: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि उनका देश सितंबर 2025 में फ़िलिस्तीन को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देगा। उन्होंने यह घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर की। राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि इसकी औपचारिक घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा के न्यूयॉर्क सत्र में की जाएगी।

उन्होंने लिखा, "मध्य पूर्व में शांति की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। हमें गाज़ा में युद्ध रोकना होगा, नागरिकों की जान बचानी होगी, बंधकों को रिहा करना होगा और गाज़ा के लोगों को ज़रूरी मानवीय सहायता प्रदान करनी होगी।" मैक्रों ने यह भी कहा कि गाज़ा में शांति तभी संभव है जब वहां स्थिति स्थिर और सुरक्षित हो।

फ्रांस के फैसले से फिलिस्तीनी नेता हैं गदगद
फ़िलिस्तीनी नेताओं ने फ़्रांस की इस घोषणा का तहे दिल से स्वागत किया है। फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण ने इसे "एक ऐतिहासिक कदम" बताया और कहा कि इससे फ़िलिस्तीन की आज़ादी की मांग को अंतर्राष्ट्रीय समर्थन मिलेगा। दूसरी ओर, इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस फ़ैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह "आतंकवाद को पुरस्कृत करने जैसा है।"

फ्रांस ने क्यों लिया ये फैसला
फ़्रांस का यह फ़ैसला ऐसे समय में आया है जब गाज़ा में महीनों से युद्ध चल रहा है और आम लोग एक भयानक मानवीय संकट का सामना कर रहे हैं। राष्ट्रपति मैक्रों ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि गाज़ा को हथियारों से मुक्त कराना और वहां पुनर्निर्माण कार्य शुरू करना ज़रूरी है।

140 देश दे चुके हैं फिलिस्तीन को मान्यता
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से 140 से ज़्यादा देश पहले ही फ़िलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दे चुके हैं। हाल ही में स्पेन और आयरलैंड जैसे यूरोपीय देशों ने भी ऐसा किया है। हालांकि, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे इज़राइल के मज़बूत सहयोगियों ने अभी तक फ़िलिस्तीन को मान्यता नहीं दी है। ऐसे में फ़्रांस जैसे शक्तिशाली देश का यह फ़ैसला इस मुद्दे को एक नई दिशा दे सकता है।


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

25 Jul 2025  ·  Published: 05:10 IST