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AI Computing Power Demand: पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है. ChatGPT जैसे AI ऐप्स के रिकॉर्ड डाउनलोड से यह साफ हो गया है कि भविष्य AI का है. लेकिन इस तेज़ी से हो रही ग्रोथ के साथ एक बड़ी समस्या सामने आ रही है. कंप्यूटिंग पावर और RAM की भारी कमी. इसका सीधा असर अब आम लोगों की जेब पर पड़ेगा.
AI को इतनी ज़्यादा RAM की ज़रूरत क्यों है?
AI मॉडल को ट्रेन करने और चलाने के लिए बहुत ज़्यादा मेमोरी की ज़रूरत होती है. जहां एक आम लैपटॉप या कंप्यूटर के लिए 8GB, 16GB, या 32GB RAM काफी होती है, वहीं बड़े AI सिस्टम को हज़ारों GB, या टेराबाइट्स, RAM की ज़रूरत होती है. OpenAI के सैम ऑल्टमैन और AI के एलन मस्क जैसे इंडस्ट्री लीडर्स ने लगातार ज़्यादा कंप्यूटिंग पावर की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है. पहले, ग्राफिक्स कार्ड (GPUs) की कमी थी और अब यही संकट RAM के साथ शुरू हो गया है.
AI कंपनियों से आम यूज़र्स को झटका
दुनिया की बड़ी मेमोरी कंपनियां अब आम कस्टमर्स के बजाय AI डेटा सेंटर्स को प्राथमिकता दे रही हैं. इसका कारण साफ है. AI कंपनियां ज़्यादा पैसे देने को तैयार हैं.
माइक्रोन का बड़ा फैसला
RAM बनाने वाली एक बड़ी कंपनी माइक्रोन ने हाल ही में घोषणा की है कि वह अब आम कंज्यूमर्स के लिए RAM की सप्लाई कम कर देगी. कंपनी के बिजनेस हेड, सुमित सडाना के अनुसार, AI डेटा सेंटर्स से डिमांड इतनी बढ़ गई है कि कंपनी को अपने रिसोर्स वहीं लगाने पड़ रहे हैं. फरवरी 2026 के बाद कई क्रूशियल RAM प्रोडक्ट्स मार्केट से गायब हो सकते हैं.
सैमसंग और SK Hynix भी AI की ओर बढ़ रहे हैं
सैमसंग और SK Hynix जैसी कंपनियां अब HBM (हाई बैंडविड्थ मेमोरी) पर फोकस कर रही हैं, जिसे खास तौर पर AI के लिए डिज़ाइन किया गया है. HBM से ज़्यादा प्रॉफिट होता है, इसलिए स्टैंडर्ड RAM का प्रोडक्शन कम किया जा रहा है. इसका मतलब है कम स्टैंडर्ड RAM और ज़्यादा कीमतें.
RAM की कीमत कितनी बढ़ी है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 में RAM की कीमतें 3 से 6 गुना बढ़ गई हैं. कुछ मामलों में 171% तक की बढ़ोतरी देखी गई है. भारत में नेहरू प्लेस जैसे बाजारों में, 16GB RAM अब 10,000 से ज़्यादा में बिक रही है. स्मार्टफोन में RAM की कीमत, जो पहले 35 डॉलर थी, अब 70 डॉलर तक पहुंच गई है. फोन और लैपटॉप और भी महंगे हो जाएंगे. RAM की ज़्यादा कीमत का सीधा असर स्मार्टफोन और लैपटॉप की कीमतों पर पड़ रहा है.
मिलेगा महंगा फोन
हाई-एंड फोन की कीमत अब 70,000 से ज़्यादा हो गई है. जो फोन पहले 50-60,000 के थे, वे अब ज़्यादा महंगे हो गए हैं. Dell, HP और Lenovo जैसी कंपनियां भी कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं. कुछ ब्रांड कम RAM वाले मॉडल लॉन्च कर रहे हैं. 2026 में स्थिति और खराब होगी. एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में RAM की कीमतें और बढ़ सकती हैं. भारत जैसे बाजारों में जहां लोग बजट फोन और लैपटॉप पसंद करते हैं, इसका असर ज़्यादा होगा. स्मार्टफोन की बिक्री में भी गिरावट की उम्मीद है.