फाइल फोटो
राजस्थान और मध्यप्रदेश से हाल ही में आई खबरों ने पूरे देश को झकझोर दिया है. दोनों राज्यों में कफ सिरप पीने के बाद कई बच्चों की मौत के मामले सामने आए हैं. इस घटना के बाद से लोगों में डर और गुस्सा दोनों है. जिस कंपनी का ये सिरप था, उस पर जांच चल रही है कि आखिर इन मौतों की असली वजह क्या थी.
कफ सिरप हर घर में आम दवा मानी जाती है. लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि हर खांसी में सिरप पीना जरूरी नहीं होता, बल्कि गलत तरीके से लिया गया सिरप नुकसान भी पहुंचा सकता है. आइए जानते हैं कि खांसी के कितने प्रकार होते हैं और कब कफ सिरप से परहेज करना चाहिए.
खांसी क्यों होती है?
खांसी हमारे शरीर की एक प्राकृतिक रक्षा प्रणाली (Natural Defense System) है. जब गले या फेफड़ों में धूल, गंदगी या कोई बाहरी चीज जाती है, तो शरीर उसे बाहर निकालने के लिए खांसी करता है. यानी खांसी हमेशा बुरी नहीं होती यह शरीर को साफ रखने का तरीका भी है.
खांसी के प्रकार
कफ सिरप हर बार क्यों नहीं पीना चाहिए?
गलत सिरप नुकसानदायक होता है. हर सिरप अलग तरह की खांसी के लिए बनाया जाता है. गलत सिरप असर नहीं करता, बल्कि साइड इफेक्ट दे सकता है.
गीली खांसी में नुकसान: जब शरीर बलगम निकालने की कोशिश करता है, तब सिरप खांसी को दबा देता है, जिससे बलगम अंदर रह जाता है.
बच्चों के लिए खतरा: कई सिरप में अल्कोहल या स्लीपिंग एजेंट होते हैं, जो बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं.
बार-बार सिरप पीने से शरीर की नैचुरल सफाई प्रक्रिया कमजोर हो जाती है.
खांसी में क्या करें?
गुनगुना पानी या तुलसी-अदरक वाला काढ़ा पिएं.
नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे करें.
भाप लें और हवा में नमी बनाए रखें.
सिर थोड़ा ऊंचा रखकर सोएं ताकि सांस लेने में दिक्कत न हो.
डॉक्टर के पास कब जाएं?
अगर खांसते समय खून आ रहा है, सांस लेने में तकलीफ हो रही है, खांसी तीन हफ्ते से ज्यादा चल रही है या सीने में दर्द है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
प्रतीकात्मक फोटो
Bitter Gourd Health Benefits: मानसून का मौसम, अपनी ठंडी हवाओं और बारिश के साथ, कभी-कभी बीमारियों का कारण भी बन जाता है। इस दौरान सर्दी-ज़ुकाम, पाचन संबंधी समस्याएं और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आना आम बात है। कई लोग दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन एक प्राकृतिक उपाय आपकी रसोई में ही मौजूद है, करेला।
करेला स्वाद में भले ही कड़वा हो, लेकिन इसके इतने स्वास्थ्य लाभ हैं कि इसे "दूत की औषधि" कहा जा सकता है। खासकर मानसून के मौसम में, करेले को आहार में शामिल करना बेहद फायदेमंद होता है। आइए जानते हैं कैसे:
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
मानसून में वायरल संक्रमण और सर्दी-ज़ुकाम होना आम बात है। करेले में मौजूद विटामिन सी, फ्लेवोनोइड्स और पॉलीफेनॉल जैसे पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करते हैं। ये शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं और संक्रमण से बचाते हैं।
रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है
करेले में ऐसे यौगिक होते हैं जो शरीर में इंसुलिन की तरह काम करते हैं। ये मधुमेह या प्री-डायबिटीज़ के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। यह प्राकृतिक रूप से रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।
पाचन और डिटॉक्स के लिए फायदेमंद
करेला फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और कब्ज से बचाता है। इसका कड़वा स्वाद पित्त रस को सक्रिय करता है, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।
स्किन को साफ़ और स्वस्थ रखता है
मानसून के दौरान मुंहासे और रैशेज़ होना आम बात है। करेला रक्त को साफ़ करता है और शरीर में सूजन को कम करता है। यह त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखता है।
लिवर के लिए वरदान
भारी भोजन और खराब पाचन लिवर को प्रभावित करते हैं। करेला लिवर को साफ़ रखने और उसके कार्य को बेहतर बनाने में मदद करता है।
नोट- मानसून के दौरान अपने आहार में करेले को ज़रूर शामिल करें। यह न केवल बीमारियों से लड़ने में मदद करेगा, बल्कि आपको बिना किसी दुष्प्रभाव के स्वस्थ और तंदुरुस्त भी रखेगा।
फाइल फोटो
Ayurveda Weight Loss Tips: वज़न कम करना कोई झटपट उपाय नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर पाचन अग्नि को बैलेंस करने का एक नेचुरल प्रोसेस है. आयुर्वेद कहता है कि मोटापा तब बढ़ता है जब हमारी पाचन अग्नि कमज़ोर हो जाती है और खाना ठीक से नहीं पचता. ऐसे मामलों में शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो जाते हैं, जो बाद में फैट के रूप में जमा हो जाते हैं, जिससे वज़न बढ़ता है. इसलिए, असली समाधान पाचन अग्नि को ठीक करना, रोज़ाना के रूटीन को बैलेंस करना और खाने की आदतों में सुधार करना है.
चरक संहिता में भी साफ तौर पर कहा गया है कि ज़्यादा मीठा खाना, आलस, ज़्यादा सोना और अनियमित लाइफस्टाइल से मेदा (फैट) बढ़ता है. मोटापा किसी एक कारण से नहीं होता, बल्कि कई छोटी-छोटी बुरी आदतों से होता है, जैसे दिन भर लगातार स्नैकिंग करना, रात को देर तक जागना, कोल्ड ड्रिंक्स पीना, बैठे रहना और बहुत ज़्यादा स्ट्रेस लेना.
वज़न कम करने के लिए, सबसे पहले, सुबह खाली पेट गुनगुना पानी नींबू के साथ पीने से डाइजेशन बेहतर होता है और शरीर हल्का महसूस होता है. रात को त्रिफला लेने से पुराने टॉक्सिन्स खत्म होते हैं और पाचन अग्नि मज़बूत होती है. अपनी डाइट में हल्दी, काली मिर्च और अदरक जैसे गर्म मसाले शामिल करना फायदेमंद होता है. आयुर्वेद रोज़ाना 30 मिनट पैदल चलना, पेट आधा भरने तक खाना और बैलेंस्ड फास्टिंग को वज़न कम करने के लिए गोल्डन रूल्स मानता है. डाइट के बारे में बात करें तो, सुबह दलिया या जौ का पानी पिएं, लंच में मूंग दाल और सब्ज़ियों जैसा हल्का खाना खाएं, और रात का खाना बहुत हल्का रखें, सोने से कम से कम दो घंटे पहले.
कुछ आसान उपाय जो पाचन अग्नि को बढ़ाते हैं उनमें खाने से पहले थोड़ा अदरक और नमक, दिन में एक बार जीरा, धनिया और सौंफ का काढ़ा, सुबह आंवला या एलोवेरा का जूस, शहद के साथ पिप्पली, और नींबू अदरक की चाय शामिल हैं. ये शरीर को अंदर से हल्का करते हैं और मेटाबॉलिज़्म बढ़ाते हैं. जल्दी उठना, योग और प्राणायाम करना, स्क्रीन टाइम कम करना और 7-8 घंटे की नींद लेना एक हेल्दी रूटीन के लिए ज़रूरी है.
सूर्य नमस्कार, कपालभाति, भस्त्रिका और पेट के योग आसन फैट कम करने में तेज़ी से मदद करते हैं. हफ्ते में एक बार हल्का डिटॉक्स डे रखना, जैसे सिर्फ सूप, फल या नारियल पानी पीना, शरीर को रीसेट करने में मदद करता है, हालांकि बहुत ज़्यादा स्ट्रिक्ट डाइटिंग फायदे से ज़्यादा नुकसान कर सकती है.
फाइल फोटो
Glowing Skin Tips: बॉलीवुड की हीरोइनों को जब भी हम पर्दे पर देखते हैं तो उनकी बेदाग और चमकदार स्किन देखकर अक्सर यही सोचते हैं कि आखिर वो इतनी सुंदर और टाइट स्किन कैसे बनाए रखती हैं. हकीकत यह है कि स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखने का राज महंगे प्रोडक्ट्स में नहीं, बल्कि सही लाइफस्टाइल और डाइट में छुपा है.
हाइड्रेशन है स्किन की सबसे बड़ी जरूरत
फिटनेस और ब्यूटी के लिए जानी जाने वाली मलाइका अरोड़ा ने हाल ही में अपने मॉर्निंग रूटीन का खुलासा किया था. उन्होंने बताया कि वह सुबह उठकर सबसे पहले गुनगुना पानी पीती हैं जिसमें रोस्टेड जीरा, अजवायन और सौंफ मिलाती हैं. यह डिटॉक्स ड्रिंक शरीर से टॉक्सिंस बाहर निकालता है और स्किन को हाइड्रेट करता है. हाइड्रेशन स्किन के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि पानी नमी बनाए रखता है और स्किन को रूखा व बेजान होने से बचाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स भी सलाह देते हैं कि सुबह उठते ही सबसे पहले पानी जरूर पिएं. अगर आपको सादा पानी पसंद न हो तो उसमें नींबू का रस, शहद या काला नमक डालकर पी सकते हैं.
विटामिन C और खट्टे फल हैं जरूरी
खट्टे फल जैसे संतरा, मौसमी, नींबू और अमरूद स्किन के लिए बहुत फायदेमंद हैं. इनमें भरपूर मात्रा में विटामिन C होता है, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है. यह शरीर में कोलेजन को बूस्ट करता है, जिससे स्किन टाइट और युवा बनी रहती है. इसके नियमित सेवन से त्वचा की चमक बढ़ती है और झुर्रियां देर से आती हैं. यही वजह है कि बॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ अपनी डाइट में विटामिन C से भरपूर फूड्स जरूर शामिल करती हैं.
सनस्क्रीन का इस्तेमाल ना भूलें
स्किन को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल बहुत जरूरी है. अक्सर लोग इसे हल्के में लेते हैं लेकिन यही सबसे बड़ा प्रोटेक्शन है. यूवी किरणें स्किन को टैन करती हैं, उसे बेजान बनाती हैं और समय से पहले एजिंग की समस्या पैदा करती हैं. हीरोइनें चाहे शूटिंग पर हों या आउटडोर एक्टिविटीज़ में, वो सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करती हैं. अगर आप भी बाहर निकल रहे हैं तो स्किन को ढककर और सनस्क्रीन लगाकर ही बाहर जाएं.
संतुलित डाइट और सेल्फ-केयर का असर
स्किन हेल्दी रखने के लिए सिर्फ बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि संतुलित डाइट भी बेहद जरूरी है. प्रोटीन, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर फूड्स स्किन को अंदर से पोषण देते हैं. जंक फूड से दूरी और नियमित एक्सरसाइज भी स्किन को ग्लोइंग बनाए रखने में मदद करते हैं.