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इंसानी खोपड़ियों से बने बर्तन, मानव त्वचा की कुर्सियां; अमेरिका का सबसे खौफनाक सीरियल किलर
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गुड़मार: डायबिटीज के मरीजों के लिए चमत्कारी जड़ी-बूटी, मीठे की क्रेविंग को भी करे कंट्रोल

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Gudmar Benefits for Diabetes: गुड़मार, जिसे आयुर्वेद में मधुनाशिनी या गुरमार कहा जाता है, एक झाड़ीदार लता है जो भारत, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में पाई जाती है. आयुर्वेद में इसे कफ और वात दोष को शांत करने वाली, कड़वी और तीखी रस वाली औषधि माना गया है. इसके पत्ते, जड़ और बीज सभी औषधीय काम आते हैं. सबसे ज्यादा गुड़मार मधुमेह (डायबिटीज) को कंट्रोल करने के लिए जानी जाती है.

गुड़मार खून में शुगर को घटाता है, इंसुलिन स्राव बढ़ाता है और पाचन के दौरान कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को कम करता है. यह टाइप 1 और टाइप 2 दोनों तरह की डायबिटीज में मदद करता है. इसके अलावा, यह मीठा खाने की क्रेविंग भी कम करता है.

वजन घटाने में भी यह काम आता है. यह मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है, वसा जलाने में मदद करता है और भूख को नियंत्रित करता है. श्वसन संबंधी समस्याओं में जैसे अस्थमा या कफ, यह श्वास नली को साफ करता है और सांस लेने में आसानी लाता है. गुड़मार मूत्र उत्पादन बढ़ाकर गुर्दे की पथरी को घोलने और संक्रमण कम करने में भी मदद करता है.

इसके अलावा, यह जिगर को मजबूत बनाता है, पीलिया में लाभकारी है, त्वचा पर सूजन, फोड़े या जलन कम करता है और घाव जल्दी भरने में सहायक है. हृदय के लिए भी फायदेमंद है, यह खराब कोलेस्ट्रॉल कम और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है. कुछ लोग इसे सर्पदंश, उल्टी, नेत्र विकार, रक्तस्राव, बालों के लिए और बुखार में भी इस्तेमाल करते हैं.

घरेलू नुस्खों में आप गुड़मार के सूखे पत्तों का पाउडर (4-6 ग्राम) या ताजा पत्तियों का रस (25-30 मिली) सुबह खाली पेट ले सकते हैं. मीठा खाने की इच्छा कम करने के लिए ताजे पत्ते चबाना फायदेमंद है. सर्पदंश या त्वचा पर इसे सीधे लगाना भी उपयोगी है. गुड़मार को अन्य जड़ी-बूटियों जैसे करेले, जामुन, मेथी और नीम के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. यह डायबिटीज और मोटापा दोनों में ही फायदेमंद होता है.


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Written by: Taushif

01 Nov 2025  ·  Published: 10:05 IST

हाई कोलेस्ट्रॉल नहीं बनेगा ‘साइलेंट किलर’, अपनाएं ये आसान टिप्स; दिल रहेगा फिट

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High Cholesterol Tips: आजकल की भागदौड़ और अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है. यह दिल की सेहत के लिए एक ‘साइलेंट किलर’ की तरह काम करता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर पता नहीं चलते. अच्छी खबर यह है कि डाइट और रोजमर्रा की आदतों में बदलाव कर केलेस्ट्रॉल को कंट्रोल किया जा सकता है और दिल की सेहत को मजबूत रखा जा सकता है.

फाइबर को बनाएं डाइट का हिस्सा
फाइबर शरीर में कोलेस्ट्रॉल को जमने नहीं देता और उसे बाहर निकालने में मदद करता है. हर दिन 5–10 ग्राम फाइबर लेने से बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को कम किया जा सकता है. इसके लिए डाइट में ओट्स, दाल, राजमा, चने जैसी चीजें शामिल करें.

अनहेल्दी फैट्स को कहें ना
रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड में पाए जाने वाले सैचुरेटेड व ट्रांस फैट्स कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं. इनकी जगह हेल्दी फैट्स लें, जैसे ऑलिव ऑयल, एवोकाडो और ड्राई फ्रूट्स. रेड मीट की जगह हफ्ते में 1–2 बार मछली, दाल, राजमा या टोफू जैसी प्लांट-बेस्ड प्रोटीन चुनना बेहतर है.

वर्कआउट से घटेगा बैड कोलेस्ट्रॉल
नियमित एक्सरसाइज बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) बढ़ाने में मदद करती है. हफ्ते में पांच दिन, रोजाना 30 मिनट तेज चलना ही काफी असरदार है. आप चाहें तो लंच ब्रेक में वॉक कर सकते हैं या डिनर के बाद टहलने की आदत डालें.

ओमेगा-3 से करें दिल की सुरक्षा
सैल्मन और मैकेरल जैसी मछलियों में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड्स हार्ट हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. हफ्ते में दो बार मछली खाने की कोशिश करें. अगर आप वेजिटेरियन हैं, तो अलसी के बीज, चिया सीड्स और अखरोट से ओमेगा-3 की जरूरत पूरी कर सकते हैं.

शुगर और मैदा कम करें
ज्यादा चीनी और मैदा वाली चीजें ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ाती हैं, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है. इसलिए सोडा, मीठे ड्रिंक्स और व्हाइट ब्रेड छोड़कर पानी, ताजे जूस और होल ग्रेन ब्रेड लें.

छोटे बदलाव, बड़ा असर
डाइट और लाइफस्टाइल में इन छोटे-छोटे बदलावों को अपनाकर आप हाई कोलेस्ट्रॉल को काबू में रख सकते हैं और दिल की सेहत को लंबे समय तक सुरक्षित बना सकते हैं.


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Written by: Taushif

28 Sep 2025  ·  Published: 01:43 IST

डेजर्ट जैसा स्वाद, डाइट जैसा फायदा; फिटनेस लवर्स के लिए चिया पुडिंग के 5 बेहतरीन ऑप्शन

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फिटनेस और हेल्दी डाइट को लेकर जागरूक लोगों के बीच चिया सीड्स काफी लोकप्रिय हो गए हैं. छोटे दिखने वाले ये बीज फाइबर, प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो पाचन और गट हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद हैं. जब इन्हें भिगोकर पुडिंग बनाया जाता है, तो यह नाश्ते के लिए एक स्वादिष्ट और पौष्टिक विकल्प बन जाता है.

फ्लोरिडा के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. जोसेफ सलहब ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर कुछ हेल्दी चिया पुडिंग रेसिपी शेयर की हैं. ये रेसिपी दिखने में तो डेजर्ट जैसी लगती हैं, लेकिन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं. आइए जानें कि इन्हें घर पर कैसे बनाया जा सकता है.

 

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1. कोकोनट मैंगो चिया पुडिंग
दो लोगों के लिए ½ कप लाइट कोकोनट मिल्क, ¼ कप ग्रीक योगर्ट, 4 चम्मच चिया सीड्स, 1 चम्मच कद्दूकस किया नारियल और ¾ कप आम लें. सबको अच्छी तरह मिलाकर रात भर फ्रिज में रखें. सुबह ताजे आम के टुकड़ों के साथ सर्व करें. यह रेसिपी गर्मियों के लिए परफेक्ट है.

2. ब्लूबेरी चिया पुडिंग
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर इस रेसिपी के लिए ½ कप ब्लूबेरी, ¾ कप ग्रीक योगर्ट, 2 चम्मच मेपल सिरप और 3 चम्मच चिया सीड्स लें. ब्लूबेरी, योगर्ट और सिरप को ब्लेंड करें, फिर उसमें चिया मिलाकर फ्रिज में रख दें. सुबह ऊपर से ब्लूबेरी या डार्क चॉकलेट डालकर खाएं.

3. माचा लाटे चिया पुडिंग
माचा फ्लेवर पसंद करने वालों के लिए यह बढ़िया ऑप्शन है. 1 कप ओट मिल्क, 2 चम्मच माचा पाउडर, ¼ कप चिया सीड्स और थोड़ा मेपल सिरप मिलाकर रात भर ठंडा करें. सुबह रास्पबेरी और बादाम से सजाकर खाएं.

4. रास्पबेरी चिया पुडिंग
½ कप रास्पबेरी, ½ कप दूध, ¼ कप योगर्ट, 3 चम्मच चिया सीड्स, 1 चम्मच नींबू रस और थोड़ा मेपल सिरप मिलाएं. रात भर ठंडा करें और सुबह ग्रेनोला या रास्पबेरी से गार्निश करें.

5. मैंगो चिया पुडिंग
1 बड़ा आम, ¾ कप योगर्ट, 2 चम्मच मेपल सिरप, एक चुटकी नमक और ½ कप चिया सीड्स मिलाकर रात भर रखें. सुबह ऊपर से आम के टुकड़े डालें और परोसें.

क्यों फायदेमंद है
चिया सीड्स में मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे ओवरईटिंग नहीं होती. ये पाचन को सुधारते हैं और एनर्जी लेवल बनाए रखते हैं. इसलिए अगर आप हेल्दी, आसान और टेस्टी ब्रेकफास्ट की तलाश में हैं, तो चिया पुडिंग एक परफेक्ट चॉइस हो सकती है.


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Written by: Taushif

24 Oct 2025  ·  Published: 14:55 IST

Post-Diwali Health: दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा से बचाएं अपने फेफड़े, आजमाएं ये 5 आयुर्वेदिक डिटॉक्स ड्रिंक्स

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Post Diwali Health Tips: दीवाली के बाद दिल्ली और एनसीआर की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है. स्मॉग और धुएं के बीच सांस लेना तक मुश्किल हो गया है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए. ऐसे समय में अपने फेफड़ों की सफाई और देखभाल बेहद जरूरी है. इसके लिए आप कुछ आसान आयुर्वेदिक डिटॉक्स ड्रिंक्स आजमा सकते हैं, जो नेचुरली फेफड़ों को साफ करने के साथ इम्यूनिटी भी बढ़ाते हैं.

1. अदरक-नींबू चाय
अदरक और नींबू की यह चाय शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करती है. नींबू में विटामिन C और अदरक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फेफड़ों को साफ और मजबूत बनाते हैं. सुबह खाली पेट इसका सेवन सबसे बेहतर माना जाता है.

2. गाजर-चुकंदर जूस
यह जूस विटामिन A और C से भरपूर होता है, जो ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है और थकान कम करता है. इसके नियमित सेवन से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है और शरीर को ऊर्जा मिलती है.

3. नींबू-शहद पानी (Lemon-Honey Water)
यह ड्रिंक शरीर से गंदगी निकालने के साथ इम्यूनिटी भी बढ़ाता है. सुबह गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीने से शरीर डिटॉक्स होता है और त्वचा में निखार आता है.

4. हल्दी वाला दूध (Turmeric Milk)
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन सूजन और इन्फेक्शन को कम करता है. रात में हल्दी दूध पीने से फेफड़ों को राहत मिलती है और गले में जलन या खराश से भी आराम मिलता है.

5. मुलेठी की चाय (Licorice Tea)
मुलेठी की चाय गले की खराश और खांसी में बहुत फायदेमंद होती है. यह सांस की नली को शांत करती है और प्रदूषण से हुए नुकसान को कम करती है.

अगर आप रोजाना इन ड्रिंक्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं, तो यह आपके फेफड़ों को मजबूत बनाएंगे और प्रदूषण से होने वाली परेशानियों से बचाएंगे. हालांकि, इसके साथ धूम्रपान से दूर रहें, धूल-मिट्टी से बचें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं. क्योंकि सेहत सिर्फ ड्रिंक्स से नहीं, बल्कि संतुलित दिनचर्या से भी बनती है.


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Written by: Taushif

22 Oct 2025  ·  Published: 10:40 IST