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Bloating After Eating: अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि जैसे ही वे खाना खाते हैं, उनका पेट फूलने लगता है या खट्टी डकारें आने लगती हैं. कई लोग इसे मामूली पाचन समस्या समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन सच यह है कि यह दिक्कत धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर और विषाक्त बना सकती है.
क्यों होती है पेट फूलने की समस्या?
आयुर्वेद के अनुसार पेट फूलने की समस्या वात दोष बढ़ने से होती है. जब शरीर में वात दोष असंतुलित हो जाता है, तो पाचन शक्ति कमजोर पड़ जाती है. इसका असर सीधे लिवर, आंतों और हार्मोन सिस्टम पर पड़ता है.
गलत खानपान और जीवनशैली इसके कई बड़े कारण हैं. ज्यादा तला-भुना या मसालेदार खाना खाने से भी ये समस्या हो जाती है. इसके अलावा, गलत फूड कॉम्बिनेशन (जैसे कढ़ी के साथ दही या रायता), बार-बार चाय, कॉफी या ठंडे पेय पीना, खाना खाने के बाद तुरंत लेटना या टहलना न करना और खाते वक्त बात करना, जिससे हवा पेट में चली जाती है. इन छोटी-छोटी गलतियों के कारण ही गैस, पेट दर्द और पेट फूलने की समस्या बार-बार होती रहती है. इस समस्या को दूर कैसे करें आइए जानते हैं.
अजवाइन और काला नमक
थोड़ी सी अजवाइन और काले नमक को हल्का भूनकर उसका पाउडर बना लें. खाने के बाद एक चुटकी सेवन करें. इससे गैस और पेट फूलने में काफी राहत मिलेगी.
अदरक का पानी
ताजा अदरक को पानी में उबालें और दिन में दो बार पिएं. यह पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है और पेट से जुड़ी परेशानियों को दूर करता है.
सौंफ और मिश्री
सौंफ और धागे वाली मिश्री को दरदरा पीसकर खाने के बाद लें. यह न सिर्फ मुंह का स्वाद ठीक करता है, बल्कि पेट को भी हल्का रखता है. अगर कब्ज की समस्या रहती है तो इसे गुनगुने दूध के साथ लें.
मुनक्का और काला नमक
कुछ मुनक्कों के अंदर थोड़ा काला नमक भरकर सुबह खाली पेट खाएं. यह आंतों की सफाई करता है और पेट को हल्का रखता है.
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Navratri Fasting Recipes: नवरात्रि का पर्व देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है. इस दौरान लोग देवी की पूजा-अर्चना के साथ-साथ उपवास भी रखते हैं. उपवास के दिनों में हल्का, पौष्टिक और स्वादिष्ट खाना ऊर्जा बनाए रखने के लिए ज़रूरी होता है. अक्सर व्रत में साबूदाना खिचड़ी या फल खाना आम है, लेकिन हर बार वही व्यंजन खाने से ऊब हो सकती है. ऐसे में अगर आप कुछ अलग और स्वादिष्ट रेसिपी आज़माना चाहते हैं, तो वरई पुलाव और बेलामृत शरबत आपके व्रत के मेनू को खास बना सकते हैं. ये दोनों ही व्यंजन बनाने में आसान, स्वादिष्ट और पौष्टिक हैं.
वरई पुलाव (सामक चावल पुलाव)
वरई या सामक चावल व्रत के दिनों में खूब खाया जाता है. यह हल्का और ऊर्जा देने वाला होता है.
ज़रूरी सामग्री
सामक चावल 200 ग्राम, हरी मिर्च 10 ग्राम, मूंगफली 20 ग्राम, काजू 20 ग्राम, बादाम 20 ग्राम, अनार के दाने 30 ग्राम (गार्निश के लिए), सेंधा नमक 1 छोटा चम्मच, दूध 350 मिलीलीटर, घी 40 मिलीलीटर.
बनाने का तरीका
सामक चावल को अच्छी तरह धोकर पानी निकाल लें. एक कड़ाही में घी गरम करें और उसमें हरी मिर्च, मूंगफली, काजू और बादाम हल्का सुनहरा होने तक भूनें. अब इसमें धुले हुए सामक चावल और सेंधा नमक डालें. फिर दूध डालकर मिलाएं और धीमी आंच पर ढककर 10 मिनट तक पकाएं, जब तक चावल नरम हो जाएं और दूध सूख जाए. गैस बंद करने के बाद 5 मिनट रहने दें. कांटे से हल्के-हल्के फुलाएं और ऊपर से अनार व ड्राईफ्रूट्स डालकर सर्व करें.
बेलामृत शरबत
व्रत के दौरान ताज़ा और ठंडा पेय शरीर को हाइड्रेटेड और ताज़गीभरा रखता है. बेलामृत शरबत इस काम के लिए बिल्कुल सही है.
ज़रूरी सामग्री
एक पका बेल फल, एक पैशन फ्रूट, नींबू का रस 20 मिली, कच्चा शहद सिरप 25 मिली.
बनाने का तरीका
बेल और पैशन फ्रूट का गूदा निकाल लें. इसे एक बड़े जार या शेकर में डालें. नींबू का रस और शहद सिरप डालकर बर्फ के साथ अच्छी तरह हिला लें. मिश्रण को छानकर बर्फ वाले लंबे गिलास में डालें. ऊपर से नींबू का टुकड़ा या पुदीने की पत्ती से सजाकर ठंडा-ठंडा परोसें. इन दोनों रेसिपीज़ से आपका नवरात्रि उपवास पौष्टिक, स्वादिष्ट और एनर्जी से भरपूर रहेगा.
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Gym Heart Attack Risk: पिछले कुछ समय से जिम या वर्कआउट के दौरान अचानक हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. खास बात यह है कि इनमें अधिकतर लोग 50 साल से कम उम्र के रहे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, बदलती जीवनशैली, तनाव, अनुचित आहार और आनुवंशिक कारणों के चलते हृदय रोग का खतरा अब युवाओं तक पहुंच चुका है. ऐसे में जिम शुरू करने से पहले सावधानी बरतना और जरूरी स्वास्थ्य जांच करवाना बेहद जरूरी है.
अंग्रेज़ी वेबसाइट ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑर्थोपैथ और स्पोर्ट्स सर्जन डॉ. ओबैदुर रहमान ने इंस्टाग्राम पर एक संदेश साझा कर बताया कि जिम शुरू करने से पहले दिल की सेहत का आकलन करने के लिए 5 महत्वपूर्ण टेस्ट करवाना जीवन रक्षक साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि सुंदर दिखने या फिट बॉडी पाने की दौड़ में अक्सर लोग सबसे अहम अंग, ‘दिल’ को नजरअंदाज कर देते हैं.
डॉ. रहमान के मुताबिक, ये टेस्ट्स महंगे नहीं हैं बल्कि आपके स्वास्थ्य निवेश की तरह हैं. विशेषकर 30 साल से ज्यादा उम्र के लोगों, जिनके परिवार में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग का इतिहास रहा है, उन्हें इन जांचों को जरूर करवाना चाहिए. इससे दिल की मौजूदा स्थिति का पता चलता है और जोखिम कम करने में मदद मिलती है.
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Health News: अगर आप भी सोचते हैं कि काश मैं सुबह जल्दी उठ पाता, तो ये खबर आपके लिए है। सुबह जल्दी उठना सेहत, दिमाग और लाइफस्टाइल के लिए बहुत फायदेमंद होता है। लेकिन जिन लोगों को देर से सोने और देर से उठने की आदत है, उनके लिए ये थोड़ा मुश्किल हो सकता है। तो चलिए जानते हैं आसान भाषा में कुछ ऐसे टिप्स जो आपकी मदद करेंगे।
सुबह जल्दी उठने के फायदे
1. मन खुश और पॉजिटिव रहता है।
2. ध्यान और याददाश्त बेहतर होती है।
3. बीमार होने का खतरा कम होता है।
4. चेहरा फ्रेश और स्किन चमकदार दिखती है।
5. पूरा दिन एनर्जी भरा रहता है, काम जल्दी होते हैं।
क्या करना चाहिए?
1. सुबह उठने का मन बनाइए, सबसे पहले दिमाग को तैयार कीजिए कि आपको सुबह जल्दी उठना है। हमारी बॉडी की नेचुरल घड़ी (सर्केडियन रिदम) वैसे भी सुबह उठने के लिए बनी है।
2. जल्दी सोने की आदत डालिए, अगर रात 2 बजे सोएंगे, तो 6 बजे कैसे उठेंगे? कोशिश करें कि रात 10 बजे तक सो जाएं। सोने से पहले मोबाइल, टीवी बंद कर दें और दिमाग शांत करें। भारी खाना न खाएं, हल्की वॉक करें ताकि नींद अच्छे से आए।
3. रात की अच्छी नींद जरूरी है, सोने से पहले दूध में केसर या शहद डालकर पिएं। अनुलोम-विलोम जैसे आसान योग से दिमाग शांत करें। बहुत ज़्यादा टाइम देखने या "नींद क्यों नहीं आ रही" सोचने से नींद और भागेगी।
अलार्म ट्रिक अपनाएं
अलार्म सुनते ही उठें, बार-बार स्नूज़ न करें। अलार्म को थोड़ा दूर रखें ताकि आपको उठकर बंद करना पड़े। उठते ही पानी पिएं, फ्रेश हवा में जाएं और चेहरा ठंडे पानी से धोएं।
आदत बनाने के आसान तरीके
2-3 दिन में ही आदत नहीं बनती, थोड़ा समय लगेगा। दिन में ज़्यादा देर की नींद न लें, अगर थकान लगे तो 15-20 मिनट की नैप लें। सुबह उठने के लिए कोई कारण रखें – जैसे योग, पढ़ाई, वॉक या खेल।
जल्दी सोने के लिए क्या करें?
रात में हल्का और जल्दी खाना खाएं। सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल-TV बंद कर दें। अंधेरे और शांत कमरे में सोने की कोशिश करें।