How to start Datacenter or Domain and hosting business ?
Top Digital Marketing Companies
Top Flutter App Development Companies
How to earn money Online ?
How to start Ecommerce business ?
इंसानी खोपड़ियों से बने बर्तन, मानव त्वचा की कुर्सियां; अमेरिका का सबसे खौफनाक सीरियल किलर
BBDS App Download
× Bindass Bol Home About News Contact Search

डाइजेशन दुरुस्त करने के लिए डाइट में शामिल करें ये 3 सीड्स, पेट रहेगा एकदम फिट!

File

फाइल फोटो

Daily Healthy Seeds: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में गलत खान-पान और अनियमित दिनचर्या के कारण पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, कब्ज, ब्लोटिंग और पाचन संबंधी परेशानियां बहुत आम हो गई हैं. लेकिन अच्छी बात यह है कि कुछ आसान बदलावों से इन दिक्कतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है. अगर आप अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर बीज (सीड्स) शामिल करें, तो यह न सिर्फ आपकी गट हेल्थ बल्कि ओवरऑल हेल्थ को भी बेहतर बना सकता है.

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर चिया सीड्स, अलसी और तुलसी के बीज के फायदे बताए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि इन्हें सही तरीके से खाने से पाचन से जुड़ी कई दिक्कतें दूर हो सकती हैं.

1. चिया सीड्स
डॉ. सेठी के मुताबिक, चिया सीड्स में भरपूर मात्रा में सॉल्यूबल फाइबर होता है. जब इन्हें पानी में भिगोया जाता है तो ये जेल जैसी बनावट ले लेते हैं, जो पेट में हेल्दी बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है. इससे कब्ज की समस्या दूर रहती है और डाइजेशन बेहतर होता है. वहीं, चिया सीड्स को कभी सूखा न खाएं. इन्हें खाने से पहले कम से कम 20–30 मिनट तक पानी में भिगोकर रखें. चाहें तो इन्हें रातभर के लिए भिगो दें और सुबह स्मूदी, जूस या दही के साथ लें.

2. अलसी
अलसी छोटे बीज होते हैं, लेकिन पोषण के मामले में बेहद ताकतवर हैं. इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड (ALA) पाया जाता है जो शरीर में सूजन कम करता है, हार्मोन को संतुलित रखता है और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद है. इन्हें हमेशा पीसकर ही खाना चाहिए क्योंकि साबुत अलसी शरीर से बिना पचे निकल जाती है. पिसी हुई अलसी ब्लोटिंग और हार्मोनल असंतुलन को कम करती है और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करती है. डॉ. सेठी हफ्ते में 3–4 बार इसे खाने की सलाह देते हैं.

3. तुलसी के बीज
तुलसी के बीज दिखने में चिया जैसे होते हैं लेकिन स्वाद में हल्के मीठे और ज्यादा टेस्टी लगते हैं. ये बहुत जल्दी फूल जाते हैं और इनमें भी भरपूर सॉल्यूबल फाइबर होता है जो डाइजेशन को बेहतर बनाता है. डॉ. सेठी सलाह देते हैं कि इन्हें चिया सीड्स के साथ मिलाकर ओटमील, दही या बादाम दूध में डालकर खाया जाए. इससे न सिर्फ स्वाद बढ़ता है बल्कि पौष्टिकता भी दोगुनी हो जाती है.


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

21 Oct 2025  ·  Published: 11:04 IST

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर सतीश शाह का निधन, 74 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

File

फाइल फोटो

Satish Shah Death News: बॉलीवुड और टीवी की दुनिया के मशहूर एक्टर सतीश शाह का निधन हो गया है. 25 अक्टूबर दोपहर 2:30 बजे उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली. जानकारी के मुताबिक, वे काफी समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे. उनके मैनेजर ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है. सतीश शाह का अंतिम संस्कार 26 अक्टूबर को किया जाएगा. फिलहाल उनका पार्थिव शरीर अस्पताल में रखा गया है.

फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर
सतीश शाह के निधन की खबर से फिल्म और टीवी इंडस्ट्री दोनों ही सदमे में हैं. हाल ही में विज्ञापन जगत की शख्सियत पीयूष पांडे के निधन के बाद अब सतीश शाह के जाने से इंडस्ट्री को एक और बड़ा झटका लगा है.

‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ से मिली घर-घर में पहचान
सतीश शाह ने अपने लंबे करियर में कई फिल्मों में शानदार काम किया, लेकिन उन्हें असली पहचान टीवी शो ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ से मिली. शो में उन्होंने इंद्रवदन साराभाई का किरदार निभाया था, जो दर्शकों को आज भी याद है. उनकी और रत्ना पाठक शाह (माया साराभाई) की जोड़ी ने दर्शकों को खूब हंसाया था.

टेलीविजन में छोड़ी अमिट छाप
सतीश शाह ने टीवी पर भी कई यादगार किरदार निभाए. उनका सिटकॉम ‘ये जो है जिंदगी’ (1984) आज भी क्लासिक माना जाता है, जिसमें उन्होंने हर एपिसोड में अलग किरदार निभाया था. इसके बाद ‘फिल्मी चक्कर’ और ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ जैसे शोज़ में उन्होंने अपनी बेहतरीन कॉमेडी से लोगों का दिल जीता.

फिल्मों में भी रहे दमदार
टीवी के अलावा सतीश शाह ने ‘मैं हूं ना’, ‘हम आपके हैं कौन’, ‘फना’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘रा.वन’, ‘साजन चले ससुराल’, और ‘जाने भी दो यारों’ जैसी बड़ी फिल्मों में काम किया। शाहरुख खान की फिल्म ‘मैं हूं ना’ में उनका प्रोफेसर का किरदार दर्शकों को खूब हंसाता था.

निजी जीवन
सतीश शाह का जन्म गुजरात के मांडवी में हुआ था. उन्होंने जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और फिर फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से अभिनय की पढ़ाई की. 1972 में उनकी शादी डिज़ाइनर मधु शाह से हुई थी. कोरोना काल में उन्होंने कोविड को मात भी दी थी.


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

25 Oct 2025  ·  Published: 19:17 IST

सर्दियों में पाचन मजबूत कैसे रखें? आयुर्वेद से जानें आसान टिप्स

File

फाइल फोटो

Winter Digestion Problems: सर्दियों का मौसम अपने साथ ठंडक, आलस और गरमागरम खाने का मजा जरूर लाता है, लेकिन इसी मौसम में पाचन से जुड़ी समस्याएं भी तेजी से बढ़ जाती हैं. डॉक्टरों और आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक, ठंड के कारण शरीर की गतिविधियां धीमी हो जाती हैं, जिससे चयापचय (मेटाबॉलिज्म) प्रभावित होता है और पाचन अग्नि असंतुलित हो सकती है. इसका सीधा असर पेट पर पड़ता है और गैस, कब्ज, सीने में जलन, भारीपन और भूख न लगने जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं.

आयुर्वेद का मानना है कि सर्दियों में शरीर की पाचन अग्नि वैसे तो तेज होती है, लेकिन अगर खानपान गलत हो जाए तो यही अग्नि कमजोर भी पड़ जाती है. विशेषज्ञ बताते हैं कि इस मौसम में वात और कफ दोनों दोष बढ़ जाते हैं. वात बढ़ने से गैस, पेट दर्द और कब्ज की समस्या होती है, जबकि कफ बढ़ने से पेट भारी रहना, अपच और सुस्ती बढ़ जाती है. अगर अग्नि मंद पड़ जाए, तो शरीर में ‘आमा’ बनने लगता है, जिससे थकान बढ़ती है और इम्युनिटी भी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है.

सर्दियों में पेट खराब होने के सामान्य लक्षणों में भूख कम लगना, खट्टी डकारें, पेट कड़ा महसूस होना, खाना खाने के बाद सुस्ती या नींद-सी आना शामिल हैं. ऐसे में खानपान को समझदारी से चुनना बेहद जरूरी हो जाता है. इस मौसम में हल्का, गरम और आसानी से पचने वाला भोजन सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. अदरक, काली मिर्च, जीरा, अजवायन और हल्दी पाचन को मजबूत बनाते हैं और गैस की समस्या को कम करते हैं.

विशेषज्ञों की सलाह है कि ठंड के मौसम में ठंडा पानी, फ्रिज का खाना, रात में दही, बहुत मीठा या तला-भुना भोजन जितना हो सके कम करें. चाय-कॉफी की जगह गरम पानी या हर्बल टी पीना ज्यादा फायदेमंद रहता है. इससे पाचन तंत्र सक्रिय रहता है.

घरेलू उपायों पर भरोसा करने से भी काफी राहत मिलती है. सुबह खाली पेट अदरक और काली मिर्च वाला गुनगुना पानी पीना, भोजन के बाद सौंफ चबाना, अजवायन और काले नमक का पानी लेना गैस और अपच में तुरंत राहत देता है. अगर पेट में ज्यादा गैस बनती हो तो हिंग वाला गुनगुना पानी आराम पहुंचाता है.

इसके साथ ही योग और हल्की एक्सरसाइज को भी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी जाती है. रोज सुबह कपालभाति और खाने के बाद 10 मिनट टहलना पाचन को मजबूत रखने का सबसे आसान और असरदार तरीका माना जाता है.
 


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

27 Nov 2025  ·  Published: 21:53 IST

सर्दियों में आटे में मिलाएं पांच पोषण भरी चीजें, स्वाद और सेहत दोनों के मिलेंगे फायदे

File

फाइल फोटो

Winter Diet Tips: सर्दियों में शरीर को गर्म, मजबूत और सेहतमंद बनाए रखना बेहद ज़रूरी होता है. ठंड के मौसम में शरीर की इम्यूनिटी कमज़ोर पड़ जाती है, जिससे सर्दी-जुकाम, जोड़ों का दर्द और त्वचा की रूखापन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. ऐसे में अगर आप रोज़ की रोटियों को थोड़ा हेल्दी बना लें, तो ये सर्दी में एक तरह की प्राकृतिक औषधि का काम कर सकती हैं. रोटियां हर घर की थाली का हिस्सा होती हैं, और अगर इन्हीं में कुछ खास चीजें मिला दी जाएं, तो स्वाद और सेहत दोनों के फायदे मिलते हैं.

सोंठ पाउडर (सूखा अदरक)
सर्दियों में सोंठ का सेवन बेहद फायदेमंद माना गया है. इसमें मौजूद जिंजरोल और शोगोल जैसे तत्व शरीर में गर्माहट बनाए रखते हैं और सर्दी-जुकाम से बचाते हैं. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं. अगर आप रोज़ के आटे में आधा या एक चम्मच सोंठ पाउडर मिला लें, तो रोटियां हल्की मसालेदार होने के साथ शरीर को अंदर से गर्म रखती हैं.

मेथी पाउडर
सर्दियों में मेथी का सेवन जोड़ों के दर्द और गठिया की समस्या में बहुत असरदार होता है. मेथी में मौजूद सैपोनिन और फ्लेवोनॉयड्स शरीर की सूजन को कम करते हैं. साथ ही, यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और पाचन को सुधारने में मदद करती है. आटे में 1-2 चम्मच मेथी पाउडर मिलाने से रोटियां थोड़ी कड़वी लग सकती हैं, लेकिन यही कड़वाहट शरीर को गर्मी और ऊर्जा देती है.

अजवाइन पाउडर
ठंड में गैस और पेट फूलने की समस्या आम है. अजवाइन इसमें राहत देती है. इसमें मौजूद थाइमोल नामक तत्व पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करता है, जिससे खाना जल्दी पचता है और पेट की परेशानी दूर होती है. आटे में एक चम्मच अजवाइन पाउडर मिलाने से रोटियां स्वादिष्ट और पेट के लिए फायदेमंद बनती हैं.

तिल पाउडर
तिल को सर्दियों का सुपरफूड कहा जाता है. इसमें कैल्शियम, आयरन, जिंक और हेल्दी फैट्स होते हैं जो हड्डियों और त्वचा के लिए फायदेमंद हैं. तिल में मौजूद सेसमोलिन और सेसामोलिन तत्व एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं और ठंड से बचाते हैं. आटे में 2-3 चम्मच तिल का पाउडर डालकर रोटियां बनाना बेहद फायदेमंद होता है.
 


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

13 Nov 2025  ·  Published: 22:42 IST