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Delhi Rain Update: दिल्ली-एनसीआर में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया था. सड़कों पर पानी भर गया, जगह-जगह जाम की स्थिति बनी और लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी झेलनी पड़ी. कई इलाकों की सड़कें तो तालाब जैसी दिखने लगी थीं. हालांकि अब राहत की खबर यह है कि बारिश का जोर धीरे-धीरे थमने लगा है और पानी भी उतरने लगा है लेकिन इसके बावजूद यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब बना हुआ है, जिस वजह से बाढ़ का खतरा अभी भी टला नहीं है.
मौसम विभाग की भविष्यवाणी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा रिपोर्ट जारी करते हुए बताया है कि दिल्ली-एनसीआर में अब लगातार तेज बारिश की संभावना नहीं है. आने वाले दिनों में केवल रुक-रुककर हल्की बारिश होगी. यानी लोगों को भारी बारिश और जलभराव जैसी समस्या से फिलहाल राहत मिलेगी. हालांकि हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण उमस बढ़ सकती है.
मौसम वैज्ञानिक डॉ. आर.के. जेनामणि के मुताबिक, अब दिल्ली में मौसम धीरे-धीरे बदलने वाला है. उन्होंने कहा कि 7 सितंबर से ही तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी. सुबह और शाम हल्की धूप देखने को मिलेगी, जबकि आसमान में बादल छाए रहेंगे. हल्की बारिश के बीच उमस भी बढ़ेगी, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा.
9 से 11 सितंबर तक का पूर्वानुमान
IMD की रिपोर्ट के अनुसार, 9 सितंबर तक दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुककर हल्की बारिश जारी रहेगी. इसके बाद 10 और 11 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहेंगे. इस दौरान लगभग 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है. इसका मतलब है कि राजधानी में तेज बारिश तो नहीं होगी, लेकिन मौसम का मिजाज बदलता रहेगा.
यमुना का जलस्तर चिंता का कारण
दिल्ली में पानी उतरने के बावजूद यमुना नदी के जलस्तर पर सभी की निगाहें टिकी हैं. नदी का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बरकरार है. प्रशासन ने भी हालात पर कड़ी नजर बनाए रखी है. बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते कार्रवाई की जा सके.
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Delhi NCR Rain: दिल्ली और एनसीआर (NCR) के लोगों की सोमवार सुबह झमाझम बारिश और ठंडी हवा के साथ हुई. रातभर हुई बारिश के बाद सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे और कई इलाकों में तेज बारिश की बौछारें पड़ीं. मौसम विभाग (IMD) ने आज के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और साफ कहा है कि दिनभर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बिजली कड़कने की संभावना बनी रहेगी.
ट्रैफिक जाम ने बढ़ाई दिक्कतें
बारिश का सबसे बड़ा असर राजधानी की सड़कों पर दिखा. दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में सुबह ऑफिस और स्कूल जाने वालों को भारी जाम से जूझना पड़ा. आईटीओ, राजीव चौक, प्रीत विहार और इंडिया गेट जैसे इलाकों में रविवार को हुई बारिश से पहले से ही जलभराव था, अब सोमवार को फिर से बारिश ने लोगों की मुश्किलें दोगुनी कर दीं. सोशल मीडिया पर निचले इलाकों में पानी भरने की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं.
NCR के कई शहरों में बारिश का असर
दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा, मानेसर, बल्लभगढ़ और बहादुरगढ़ में भी बारिश का सिलसिला जारी है. सुबह से ही कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो रही है. मौसम विभाग का कहना है कि यह बारिश का दौर अभी कुछ दिन और जारी रहेगा और 30 अगस्त तक बारिश की संभावना बनी हुई है.
हवाई यात्रियों की बढ़ी टेंशन
बारिश का असर सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि हवाई यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है. खराब मौसम के चलते कई उड़ानों में देरी की आशंका जताई जा रही है. स्पाइसजेट ने अपने यात्रियों को ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है और कहा है कि खराब मौसम के कारण फ्लाइट्स प्रभावित हो सकती हैं. हालांकि इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा एयर ने अभी तक कोई एडवाइजरी नहीं जारी की है.
तापमान में गिरावट, गर्मी से राहत
बारिश के कारण दिल्ली के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री कम था. न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री दर्ज किया गया. बारिश के कारण नमी का स्तर 77% से 100% तक पहुंच गया है. हालांकि लोगों को ट्रैफिक और जलभराव से दिक्कत हुई, लेकिन उमस और चिपचिपी गर्मी से राहत ने सबको सुकून दिया.
रेड अलर्ट के बाद अब येलो अलर्ट
शनिवार शाम को हुई मूसलधार बारिश और बिजली की गड़गड़ाहट के बाद मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया था. अब हालात थोड़ा बेहतर हुए हैं और सोमवार को येलो अलर्ट लगाया गया है. इस महीने अब तक 254.8 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है, जो सामान्य औसत से ज्यादा है.
दिल्लीवालों के लिए सलाह
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Mumbai Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को मुंबई और महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है. पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से मुंबई शहर और उपनगरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और रोजमर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हुई है. अब मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले घंटों में बारिश और तेज हो सकती है.
मुंबई में मौसम का हाल
मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे. हल्की से मध्यम बारिश दिनभर जारी रही. मौसम विभाग का कहना है कि शहर में अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा. मुंबई और उपनगरों के लिए आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि पहले सिर्फ येलो अलर्ट था. लगातार बढ़ती बारिश की तीव्रता को देखते हुए यह चेतावनी बदली गई है. इसका मतलब है कि अगले कुछ घंटों में तेज बारिश की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
महाराष्ट्र के बाकी जिलों में भी अलर्ट
केवल मुंबई ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है.
इसका मतलब है कि राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
IMD की वेबसाइट के मुताबिक, कोकण-गोवा और दक्षिण महाराष्ट्र के ज़िलों में ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी. वहीं, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के ज़िलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. तेज़ हवाएं भी चलेंगी, जिनकी गति 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है और झोंकों में यह 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
भारी बारिश की वजह क्या है?
मौसम विभाग के मुताबिक, विदर्भ और आसपास के इलाकों में बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण यह बारिश हो रही है. इस सिस्टम के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने से कोकण और मुंबई क्षेत्र में तेज़ बारिश हो रही है.
बीते 24 घंटे का हाल
शुक्रवार को भी मुंबई में सुबह से हल्की बारिश हो रही थी, लेकिन दोपहर तक यह बारिश तेज़ हो गई. बीएमसी (Brihanmumbai Municipal Corporation) के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 8:30 बजे से शाम 6 बजे तक मुंबई में 61 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई.
बारिश से जनजीवन पर असर
लगातार हो रही बारिश से मुंबई और आसपास के जिलों में जगह-जगह पानी भर गया है. सड़कें डूबने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है और कई ट्रेनों व उड़ानों पर भी असर पड़ा है. राज्य के कई हिस्सों में बारिश से अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 1 व्यक्ति लापता है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और सुरक्षित जगहों पर रहें.
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IMD Weather Update: देशभर में मानसून की बारिश इन दिनों लोगों के लिए राहत के साथ-साथ परेशानी भी लेकर आई है. एक तरफ जहां बारिश से गर्मी और उमस से छुटकारा मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ बाढ़, भूस्खलन और जलभराव जैसी समस्याएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं. खासकर पहाड़ी राज्यों में हालात ज्यादा खराब हैं. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बादल फटने और लैंडस्लाइड की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. इन इलाकों में रहने वाले लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं.
दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में रविवार सुबह से ही झमाझम बारिश हो रही है. छुट्टी का दिन होने की वजह से ज्यादातर लोग अपने घरों में बैठकर मौसम का मज़ा ले रहे हैं, लेकिन जिन्हें जरूरी काम से बाहर निकलना पड़ा, उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई. मौसम विभाग ने पहले ही पूर्वी दिल्ली, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, मध्य दिल्ली और शाहदरा जैसे इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया था. दो दिन पहले हुई बारिश ने ही दिल्लीवासियों की परेशानियां बढ़ा दी थीं और आज हालात फिर वैसा ही दिख रहे हैं.
उत्तर प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज
उत्तर प्रदेश में भी बारिश का असर दिखने लगा है. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है. राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद हो सकती है, लेकिन शहरों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या बढ़ना तय है.
उत्तराखंड में भारी बारिश का खतरा
उत्तराखंड में मानसून की बारिश सबसे ज्यादा मुसीबत खड़ी कर रही है. राज्य के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने देहरादून समेत पांच जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. सितंबर के पहले हफ्ते में यहां सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है. हालांकि, दूसरे हफ्ते से बारिश का असर कुछ कम हो सकता है. लगातार हो रही बारिश के चलते कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गई हैं और सड़कों के अवरुद्ध होने से यातायात बाधित हुआ है.
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी खतरा बरकरार
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बादल फटने और भूस्खलन की खबरें सामने आई हैं. इससे लोगों के घरों और खेती-बाड़ी को नुकसान पहुंचा है. सरकार और स्थानीय प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं.
कुल मिलाकर, मानसून का यह दौर देशभर के लोगों के लिए चुनौती लेकर आया है. मैदानों में जहां जलभराव और ट्रैफिक जाम से लोग परेशान हैं, वहीं पहाड़ी राज्यों में लोग बाढ़ और भूस्खलन के डर से सहमे हुए हैं. मौसम विभाग की मानें तो अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है.