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Delhi NCR Weather:भारत में मॉनसून का मौसम इस समय अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग रंग दिखा रहा है. कहीं झमाझम बारिश लोगों को राहत दे रही है, तो कहीं बारिश न होने से उमस और गर्मी से हाल बेहाल है. मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना एक नया निम्न दबाव क्षेत्र आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश का कारण बन सकता है. वहीं, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे इलाकों में लोग उमस और गर्मी से जूझ रहे हैं. आइए जानते हैं किस राज्य में कैसा रहेगा मौसम का हाल.
जानें दिल्ली-एनसीआर का मौसम
दिल्ली और एनसीआर में मॉनसून की बारिश फिलहाल गायब है. पिछले कुछ दिनों से राजधानी में बादल तो छाए हैं लेकिन बारिश नहीं हो रही. इसी वजह से उमस लगातार बढ़ रही है. सोमवार को पूरे दिन धूप और नमी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया. मौसम विभाग का कहना है कि आज यानी मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है. हालांकि इससे गर्मी से बहुत ज्यादा राहत नहीं मिलेगी. अगले कुछ दिनों तक यहां मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहने की संभावना है.
उत्तर प्रदेश में तीन दिन और झेलनी होगी गर्मी
उत्तर प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं. सोमवार को प्रदेश के ज्यादातर जिलों में तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. कहीं-कहीं पर बादल छाए लेकिन बारिश नहीं हुई. मौसम विभाग ने बताया है कि अगले तीन दिनों तक प्रदेश में गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना नहीं है. हालांकि 23 और 24 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इसका मतलब है कि तीन दिन बाद बारिश का जोरदार दौर लौट सकता है और लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है.
बिहार में बारिश की कमी से बढ़ी उमस
बिहार में पिछले 24 घंटों में कुछ जगहों पर 7 से 10 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई है लेकिन पूरे राज्य में मॉनसून कमजोर पड़ गया है. इसी वजह से उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है. पटना और आसपास के जिलों में सोमवार को तापमान सामान्य से ऊपर रहा. मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों तक यही स्थिति बनी रहेगी. हालांकि 20 से 24 अगस्त के बीच बिहार में भारी बारिश की संभावना है. यानी फिलहाल लोगों को उमस सहनी पड़ेगी, लेकिन कुछ दिनों बाद तेज बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है.
उत्तराखंड में फिलहाल धीमी बारिश, लेकिन अलर्ट जारी
उत्तराखंड में बीते दिनों हुई भारी बारिश से जनजीवन काफी प्रभावित हुआ था. फिलहाल वहां बारिश की रफ्तार धीमी पड़ी है. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी. आज यानी मंगलवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, देहरादून और नैनीताल जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है. देहरादून में सोमवार को सुबह से बादल छाए रहे, दोपहर के बाद हल्की धूप निकली और शाम को हल्की ठंडी हवाओं ने राहत दी. हालांकि रात के समय फिर से बादल मंडराने लगे और बारिश के आसार बन गए.
देशभर में मॉनसून का हाल
मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र अगले 12 घंटों में और गहराएगा. इसके असर से दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में आज दोपहर तक भारी बारिश हो सकती है. साथ ही, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और मध्य भारत में भी मॉनसून सक्रिय रहेगा. अगले कुछ दिनों तक महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है.
कब तक रहेगा यह मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगस्त का तीसरा हफ्ता कई राज्यों के लिए भारी बारिश वाला साबित हो सकता है. जहां दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार जैसे राज्यों में अभी उमस बनी रहेगी, वहीं दक्षिण और मध्य भारत में झमाझम बारिश लोगों को राहत देगी. हालांकि भारी बारिश के चलते बाढ़ और जलभराव की स्थिति भी पैदा हो सकती है.
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Delhi Weather Update: शनिवार को दिल्ली में हुई मध्यम से तेज बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत भी दी और परेशानी भी. एक तरफ गर्मी से परेशान लोगों ने मौसम का मज़ा लिया, वहीं दूसरी तरफ कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम से आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ा. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, रविवार को भी गरज के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना है. विभाग ने राजधानी और आसपास के इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
कितनी हुई बारिश?
आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग वेदर स्टेशन पर शाम 5:30 बजे तक 24.8 मिमी बारिश दर्ज की गई. लोधी रोड पर 27 मिमी पानी बरसा. पालम इलाके में 16.5 मिमी बारिश हुई. बारिश के चलते शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम था. वहीं न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस रहा.
जलभराव और ट्रैफिक जाम से बढ़ी मुश्किलें
बारिश के कारण उत्तर, मध्य, दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कई हिस्सों में पानी भर गया. निचले इलाकों और मुख्य सड़कों पर जलभराव के कारण लोगों को लंबा जाम झेलना पड़ा. लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को उनके कंट्रोल रूम में कम से कम 10 जलभराव की शिकायतें मिलीं. अधिकांश मामलों में एक घंटे के भीतर पानी निकाल दिया गया, लेकिन लोगों को तब तक जाम और परेशानी झेलनी पड़ी.
मौसम विभाग की चेतावनी
आईएमडी ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि भारी बारिश और तेज हवाओं से यातायात जाम और सड़कों पर फिसलन हो सकती है. बागानों और खेतों की फसलें प्रभावित हो सकती हैं. कच्चे मकान, झुग्गी-झोपड़ियां और कमजोर दीवारें आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो सकती हैं. विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि जहां तक संभव हो, घर के अंदर ही रहें. खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें. पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के तारों से दूर रहें. जलभराव वाले इलाकों और खुले विद्युत पोल के पास खड़े न हों.
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Weather Update: दिल्ली में 21 अगस्त को मौसम में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की संभावना है. तापमान अधिकतम 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है. अगले कुछ दिनों में भी दिल्ली में आंशिक वर्षा के आसार हैं. शहर में उमस और नमी बढ़ सकती है, इसलिए बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट रखना लाभकारी रहेगा. खासकर सुबह और शाम के समय हल्की बारिश और बादलों के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में अचानक बदलाव से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है, इसलिए घर से निकलते समय हल्के, आरामदायक और सांस लेने वाले कपड़े पहनना चाहिए.
आने वाले सप्ताह में दिल्ली में बारिश के दिन अधिक रहेंगे. शुक्रवार और शनिवार को अधिक बारिश की संभावना है, जिससे तापमान थोड़ी राहत मिल सकती है. वहीं, रविवार और सोमवार को मौसम में बादल रहेंगे, लेकिन हल्की वर्षा की संभावना भी बनी रहेगी. बारिश के कारण ट्रैफिक में भी थोड़ी गड़बड़ी हो सकती है, इसलिए लोग अपने यात्रा कार्यक्रम में बदलाव की योजना पहले से बना सकते हैं.
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)
उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में आज मौसम बादलपूर्ण रहेगा और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होगी. तापमान अधिकतम 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. विशेषज्ञों ने किसानों और ग्रामीण इलाकों के निवासियों को सुझाव दिया है कि वे जलस्तर बढ़ने और खेतों में जलभराव की संभावना के मद्देनजर सावधानी बरतें.
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार और शनिवार को मध्यम बारिश होने की उम्मीद है. रविवार और सोमवार को हल्की बारिश रह सकती है, और मंगलवार तथा बुधवार को मौसम कुछ स्थिर रहने के संकेत हैं. पानी भराव वाले क्षेत्रों में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी. इसके अलावा, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने वालों को भी बारिश के कारण सावधानी रखने की सलाह दी जाती है.
बिहार (Bihar)
बिहार में भी मौसम बादलपूर्ण रहेगा और अधिकांश इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है. तापमान अधिकतम 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. आने वाले सप्ताह में बिहार के कई जिलों में बारिश के दौर जारी रह सकते हैं. खासकर पटना, गया, नालंदा और मुजफ्फरपुर जिलों में बारिश की संभावना अधिक है.
बारिश के कारण नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ सकता है, इसलिए जलस्तर वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतना आवश्यक है. बच्चे और बुजुर्ग बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें. किसान भाई अपनी खेतों की गतिविधियों के लिए मौसम की जानकारी लगातार लें. अगले सप्ताह मंगलवार और बुधवार को कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में हल्का बदलाव हो सकता है.
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Delhi August Rainfall: दिल्ली और उत्तर भारत में इस बार अगस्त महीने में लगातार हो रही बारिश ने लोगों को चौंका दिया है. सड़कों पर जलभराव, पहाड़ों में भूस्खलन और कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति ने हालात को गंभीर बना दिया है. आमतौर पर अगस्त तक बारिश कम हो जाती है, लेकिन इस साल मौसम का मिजाज अलग ही दिखाई दे रहा है. आखिर क्यों हो रही है इतनी बारिश और क्यों पहाड़ी इलाकों में बादल फटने की घटनाएं आम हो गई हैं?
मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि इन सबके पीछे मुख्य कारण क्लाइमेट चेंज है. उन्होंने कहा कि धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे वातावरण में नमी और गरजने वाले बादलों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. पहले जहां तीन-चार दिन तक हल्की-हल्की बारिश होती थी, अब वही बारिश 4 से 6 घंटे में ही हो जाती है. यही वजह है कि बादल फटने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं और भविष्य में यह खतरा और गंभीर हो सकता है.
ग्लोबल वार्मिंग और दिल्ली की स्थिति
ग्लोबल वार्मिंग का असर दिल्ली-NCR पर भी साफ दिखाई दे रहा है. यहां तेजी से खेत और जंगल खत्म होते जा रहे हैं. डेवलपमेंट के नाम पर हो रही निर्माण गतिविधियों और प्रदूषण ने मौसम का संतुलन बिगाड़ दिया है. इस साल दिल्ली में सामान्य से लगभग डेढ़ गुना ज्यादा बारिश हुई है. मानसून काफी एक्टिव रहा और अचानक भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं.
राजस्थान में बाढ़ और फसल बर्बादी
राजस्थान का हाल भी कुछ अलग नहीं है. मानसून की शुरुआत में वहां बारिश न होने से करीब 50 फीसद फसल खराब हो गई थी लेकिन अब जब बारिश हो रही है तो इतनी तेज हो रही है कि बची हुई फसलें भी बर्बाद हो रही हैं. यानी किसानों को फायदा कम और नुकसान ज्यादा उठाना पड़ रहा है.
देशभर में बदला मानसून का पैटर्न
महेश पलावत के अनुसार, इस बार पूरे देश में सामान्य से लगभग 4 फीसद ज्यादा बारिश हुई है. पिछले एक दशक से मानसून का पैटर्न बदल रहा है. पहले बारिश धीरे-धीरे होती थी जिससे पानी जमीन में समा जाता था, ग्राउंड वाटर रिचार्ज होता था और फसलों को फायदा मिलता था लेकिन अब हालात बिल्कुल उलट हो गए हैं. झमाझम बारिश कुछ घंटों में ही हो जाती है, जिससे जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाएं आम हो गई हैं.
समाधान क्या हो सकता है?
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर इस पानी को सही तरीके से संचित किया जाए तो यह बहुत उपयोगी साबित हो सकता है लेकिन मौजूदा हालात में भारी बारिश से ज्यादा नुकसान हो रहा है. बढ़ते तापमान, ग्लोबल वार्मिंग और अनियंत्रित विकास ने मौसम का संतुलन बिगाड़ दिया है. अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले सालों में स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो सकती है.