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Samsung Galaxy A17 5G Review: अगर आप 20 हजार रुपये से कम में नया 5G स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो Samsung ने हाल ही में Galaxy A17 5G इंडिया में लॉन्च किया है. इस फोन की शुरुआती कीमत ₹18,999 रखी गई है. हमने इसे कुछ दिनों तक इस्तेमाल किया ताकि इसके डिजाइन, परफॉर्मेंस, कैमरा और बैटरी को परखा जा सके. चलिए जानते हैं कि यह फोन कैसा है और क्या यह खरीदने लायक है.
डिजाइन
Samsung Galaxy A17 5G का डिजाइन थोड़ा पुराना लगता है. इसमें वॉटरड्रॉप नॉच डिस्प्ले दी गई है, जबकि अब ज्यादातर फोन पंच-होल स्क्रीन के साथ आते हैं. बैक पैनल पर ट्रिपल कैमरा सेटअप है, जो सादगी भरा दिखता है लेकिन थोड़ा आउटडेटेड भी लगता है. फोन का बैक ग्लास फाइबर पॉलिमर से बना है, जो स्क्रैच से कुछ हद तक बचाता है. हालांकि, इसमें IP54 रेटिंग है, जबकि इस प्राइस रेंज में IP67 मिलना बेहतर रहता.
डिस्प्ले
फोन में 6.7-इंच की Full HD+ Super AMOLED डिस्प्ले है, जिसमें 90Hz रिफ्रेश रेट दिया गया है. डिस्प्ले क्वालिटी अच्छी है और ब्राइटनेस भी आउटडोर में ठीक मिलती है. लेकिन वॉटरड्रॉप नॉच और मोटा चिन डिज़ाइन को थोड़ा पुराना दिखाता है.
प्रोसेसर और परफॉर्मेंस
इस फोन में Exynos 1330 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है, जो 5nm तकनीक पर आधारित है. यह चिपसेट थोड़ा पुराना है और हैवी यूज़ या गेमिंग के लिए उपयुक्त नहीं है. हमारे टेस्ट में फोन का AnTuTu स्कोर 6,04,677 आया, जो इस रेंज के बाकी फोनों जैसे realme P4, iQOO Z10R या Vivo T4R से कम है. बीजीएमआई या COD जैसे गेम खेलते वक्त फोन थोड़ा गर्म हुआ और फ्रेम रेट भी औसत रहे.
कैमरा
फोन में 50MP का मेन कैमरा, 5MP अल्ट्रा-वाइड और 2MP मैक्रो लेंस है. डेलाइट फोटो में कलर और डिटेल्स औसत हैं, जबकि लो-लाइट फोटोग्राफी बेहतर निकली. सेल्फी कैमरा 13MP का है, जो स्किन को स्मूद दिखाता है लेकिन डिटेल्स कम देता है. कुल मिलाकर, कैमरा “ठीक-ठाक” है, पर इस रेंज में इससे बेहतर विकल्प मिल सकते हैं.
बैटरी और चार्जिंग
फोन में 5000mAh की बैटरी दी गई है जो एक दिन चल जाती है, लेकिन चार्जिंग स्पीड सिर्फ 25W है. हमारी टेस्टिंग में 20% से 100% चार्ज होने में करीब 1 घंटा 10 मिनट लगे. इस प्राइस में अब 80W तक की फास्ट चार्जिंग वाले फोन आ चुके हैं, इसलिए चार्जिंग स्पीड थोड़ा निराश करती है.
फाइनल वर्डिक्ट
Samsung Galaxy A17 5G एक भरोसेमंद और टिकाऊ फोन है, जिसमें 6 साल तक सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट का वादा है. जो इसकी सबसे बड़ी ताकत है. डिस्प्ले और सॉफ्टवेयर अनुभव अच्छा है, लेकिन डिजाइन, कैमरा और चार्जिंग में यह फोन पीछे रह जाता है. अगर आप Samsung का भरोसा और स्थिरता चाहते हैं, तो यह फोन ठीक विकल्प है. लेकिन अगर आप परफॉर्मेंस और कैमरा को प्राथमिकता देते हैं, तो realme P4 5G, iQOO Z10R या Vivo T4R जैसे फोनों पर भी विचार करें.
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Itel Smartphone Review: भारत का सब-10,000 रुपये का स्मार्टफोन मार्केट हमेशा से बेहद प्रतिस्पर्धी रहा है. इस प्राइस सेगमेंट में यूजर्स ज्यादा उम्मीदें तो रखते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें 5G, दमदार चिपसेट या प्रीमियम डिजाइन जैसे फीचर्स से समझौता करना पड़ता है. ऐसे माहौल में itel ने हाल ही में itel Color Pro 5G लॉन्च किया है, जो 9,999 रुपये की कीमत में न सिर्फ 5G कनेक्टिविटी लाता है बल्कि डिजाइन और परफॉर्मेंस पर भी फोकस करता है. आइए जानते हैं कि क्या यह फोन वास्तव में इस प्राइस सेगमेंट का नया बेस्ट चॉइस बन सकता है.
itel Color Pro 5G का डिजाइन इसकी सबसे खास बातों में से एक है. फोन में प्लास्टिक बिल्ड है, लेकिन टेक्स्चर्ड बैक पैनल इसे प्रीमियम लुक देता है. इसमें इस्तेमाल की गई IVCO (itel Vivid Color) टेक्नोलॉजी सूरज की रोशनी या UV लाइट में बैक पैनल का रंग बदल देती है. यह फीचर भले ही प्रैक्टिकल न हो, लेकिन इस प्राइस रेंज में इसे एड-ऑन माना जाएगा.
फोन का वजन 190 ग्राम है और मोटाई 8mm, जिससे यह हाथ में पकड़ने पर भारी महसूस नहीं होता. राइट साइड पर पावर बटन के साथ फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है, जो फास्ट और सटीक है. नीचे की ओर टाइप-C पोर्ट, 3.5mm हेडफोन जैक और सिंगल स्पीकर ग्रिल मौजूद है. कुल मिलाकर, डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी के मामले में यह फोन अपनी कीमत से ज्यादा प्रीमियम लगता है.
डिस्प्ले
फोन में 6.6-इंच का HD+ डिस्प्ले है, जो 90Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है. यहां FHD+ रिजॉल्यूशन की कमी खलती है, खासकर जब कुछ प्रतियोगी ब्रांड्स यह फीचर देने लगे हैं. फिर भी, स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग के दौरान डिस्प्ले परफॉर्मेंस औसत से ऊपर रहा. 90Hz रिफ्रेश रेट स्क्रॉलिंग और ट्रांजिशन को स्मूथ बनाता है. हालांकि, डिस्प्ले की ब्राइटनेस तेज धूप में पर्याप्त नहीं लगी, जिससे आउटडोर विजिबिलिटी थोड़ी प्रभावित होती है. इनडोर में डिस्प्ले शानदार परफॉर्म करता है और कलर टोन को कूल या वॉर्म मोड में एडजस्ट करने का ऑप्शन भी मिलता है.
परफॉर्मेंस और हार्डवेयर
itel Color Pro 5G को पावर देता है MediaTek Dimensity 6080 SoC, जो 6nm प्रोसेस पर आधारित है. यह वही चिपसेट है जो कई मिड-रेंज स्मार्टफोन्स में मिलता है. फोन में 6GB रैम दी गई है, जिसे वर्चुअली 6GB और बढ़ाया जा सकता है. Geekbench टेस्ट में फोन ने 739 (सिंगल-कोर) और 2053 (मल्टी-कोर) स्कोर किया. वहीं, AnTuTu पर इसका स्कोर 4,34,365 रहा, जो इस प्राइस रेंज के हिसाब से काफी अच्छा है.
रोजमर्रा के काम जैसे कॉलिंग, सोशल मीडिया, वीडियो स्ट्रीमिंग और मल्टीटास्किंग फोन आसानी से संभालता है. लेकिन, जब बात आती है ग्राफिक्स-इंटेंसिव गेम्स जैसे BGMI या Call of Duty: Mobile की, तो फोन स्ट्रगल करता है. लो सेटिंग्स पर गेम चल जाते हैं, लेकिन फ्रेम ड्रॉप्स का सामना करना पड़ता है. हां, कैजुअल गेमिंग और लंबे इस्तेमाल के बाद भी फोन हीट नहीं हुआ, जो एक पॉजिटिव पॉइंट है.
कैमरा
फोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप है. 50MP प्राइमरी सेंसर और 2MP डेप्थ सेंसर. फ्रंट में 8MP का कैमरा डुअल LED फ्लैश के साथ दिया गया है.
सॉफ्टवेयर
यह फोन Android 13 बेस्ड itel OS 13 पर चलता है. इसमें काफी ब्लोटवेयर प्री-इंस्टॉल आते हैं, लेकिन ज्यादातर को हटाया जा सकता है. शुरुआती दिनों में स्पैम नोटिफिकेशन थोड़े परेशान करते हैं, हालांकि सेटिंग्स से इन्हें कंट्रोल किया जा सकता है. UI सिंपल है और आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है.
बैटरी
फोन में 5000mAh की बैटरी है, जो डेढ़ दिन तक आराम से चल जाती है. हमारे HD वीडियो लूप टेस्ट में यह लगभग 17 घंटे 36 मिनट चला. चार्जिंग स्पीड 18W है, जिससे फोन को फुल चार्ज होने में लगभग 1 घंटे 47 मिनट लगे. यह चार्जिंग स्पीड अब के समय में एवरेज कही जाएगी, क्योंकि कई बजट फोन्स 33W तक चार्जिंग सपोर्ट करने लगे हैं.
कीमत
itel Color Pro 5G अपनी कीमत (₹9,999) में एक मजबूत दावेदार है. इसका डिजाइन, परफॉर्मेंस और 5G कनेक्टिविटी इसे Lava Blaze 2 5G और Nokia G42 जैसे प्रतिद्वंदियों से टक्कर लेने लायक बनाते हैं. अगर आप बजट में एक स्टाइलिश और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए भरोसेमंद 5G स्मार्टफोन चाहते हैं, तो यह फोन आपके लिए अच्छा विकल्प है.
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Apple iOS latest update: एप्पल (Apple) ने बुधवार को iPhone और iPad यूज़र्स के लिए iOS 18.6.2 और iPadOS 18.6.2 अपडेट जारी कर दिया है. यह अपडेट पिछले हफ्ते आए iOS 18.6.1 वर्ज़न के बाद पेश किया गया है. iOS 18.6.1 में अमेरिका के यूज़र्स के लिए Apple Watch में ब्लड ऑक्सीजन मॉनिटरिंग फीचर को वापस लाया गया था. वहीं, नया अपडेट सुरक्षा (Security) से जुड़ी एक बड़ी कमी को दूर करने के लिए जारी किया गया है.
कंपनी का कहना है कि यह अपडेट बेहद अहम है क्योंकि इसमें एक ज़ीरो-डे (Zero-day) वल्नरेबिलिटी को ठीक किया गया है, जो पहले के वर्ज़न में अनदेखी रह गई थी. इस वजह से यह अपडेट सभी iPhone और iPad यूज़र्स के लिए ज़रूरी माना जा रहा है.
iOS 18.6.2 में नया क्या है?
एप्पल ने अपने आधिकारिक रिलीज़ नोट्स में लिखा है, “यह अपडेट महत्वपूर्ण सुरक्षा सुधार लाता है और सभी यूज़र्स को इसे इंस्टॉल करने की सलाह दी जाती है.” अपडेट का साइज लगभग 855MB है. इस अपडेट में CVE-2025-43300 नामक वल्नरेबिलिटी को पैच किया गया है. यह एक आउट-ऑफ-बाउंड्स (Out-of-bounds) समस्या थी, जो तब सामने आती थी जब कोई डिवाइस किसी मैलिशियस (खतरनाक) फाइल को प्रोसेस करता था. इस बग के चलते मेमोरी करप्शन (Memory Corruption) की स्थिति बन जाती थी, जिससे हैकर्स को डिवाइस पर अटैक करने का मौका मिल सकता था.
एप्पल का कहना है कि इस सुरक्षा खामी को बेहतर बॉउंड्स चेकिंग (Improved Bounds Checking) के जरिए फिक्स कर दिया गया है. हालांकि कंपनी ने यह भी स्वीकार किया है कि इस कमजोरी का फायदा उठाकर पहले ही कुछ बेहद टारगेटेड और हाई-लेवल अटैक किए जा चुके हैं.
ज़ीरो-डे वल्नरेबिलिटी क्यों खतरनाक होती है?
ज़ीरो-डे वल्नरेबिलिटी वो बग होते हैं जिनके बारे में कंपनी को देर से पता चलता है. ऐसे मामलों में हैकर्स इसे पहले ही एक्सप्लॉइट कर लेते हैं और यूज़र्स को निशाना बना सकते हैं. एप्पल ने कहा है कि इस बार का अटैक “बेहद परिष्कृत और चुनिंदा व्यक्तियों को टारगेट करने वाला” था. यानी यह समस्या केवल आम यूज़र्स के लिए ही नहीं, बल्कि हाई-प्रोफाइल यूज़र्स (जैसे पत्रकार, राजनयिक या कारोबारी हस्तियों) के लिए भी खतरा साबित हो सकती थी. इसी वजह से कंपनी ने बिना समय गंवाए iOS 18.6.2 को रिलीज़ किया, ताकि सभी यूज़र्स सुरक्षित रह सकें.
किन डिवाइसों के लिए आया है iOS 18.6.2 अपडेट?
यह अपडेट iPhone XS और उसके बाद के सभी मॉडल्स के लिए जारी किया गया है। इसके अलावा iPadOS 18.6.2 निम्नलिखित iPad मॉडल्स पर इंस्टॉल किया जा सकता है.
iPad Pro 13-inch (सभी वर्ज़न)
iPad Pro 12.9-inch (3rd generation और उसके बाद)
iPad Pro 11-inch (1st generation और उसके बाद)
iPad Air (3rd generation और उसके बाद)
iPad (7th generation और उसके बाद)
iPad mini (5th generation और उसके बाद)
अगर आपके पास इनमें से कोई भी डिवाइस है, तो आपको तुरंत यह अपडेट इंस्टॉल करना चाहिए।
अपडेट कैसे इंस्टॉल करें?
अपने iPhone या iPad पर iOS 18.6.2 अपडेट इंस्टॉल करना बेहद आसान है. इसके लिए आपको बस ये स्टेप्स फॉलो करने होंगे.
सबसे पहले Settings App खोलें.
फिर General ऑप्शन पर टैप करें.
उसके बाद Software Update पर जाएं.
यहां आपको iOS 18.6.2 दिखेगा.
अब Install Now पर क्लिक करके अपडेट इंस्टॉल कर लें.
ध्यान रखें कि इंस्टॉलेशन से पहले आपके फोन या iPad में पर्याप्त बैटरी और इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए.
क्यों ज़रूरी है यह अपडेट इंस्टॉल करना?
यह अपडेट आपके iPhone और iPad को उन सुरक्षा खतरों से बचाएगा, जो पहले से डिवाइस में मौजूद थे.
अगर आप इसे इंस्टॉल नहीं करते, तो आपका डिवाइस उन बग्स और अटैक्स के खतरे में रह सकता है, जिनका इस्तेमाल हैकर्स कर चुके हैं. चूंकि यह एक Zero-day vulnerability थी, इसलिए कंपनी खुद भी मानती है कि इसे बहुत जल्दी इंस्टॉल करना सभी यूज़र्स के लिए फायदेमंद होगा.
प्रतीकात्मक तस्वीर
Indian Govt Guidelines for WhatsApp Users: अगर आप ऑफिस के कंप्यूटर या लैपटॉप पर WhatsApp Web चलाते हैं, तो अब सावधान हो जाइए. सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि ऐसा करना आपके निजी चैट, फाइल और डेटा को खतरे में डाल सकता है.
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने लोगों को ऑफिस के कंप्यूटर और लैपटॉप पर WhatsApp Web इस्तेमाल करने से मना किया है. मंत्रालय की ओर से जारी सार्वजनिक सलाह में कहा गया है कि यह आदत न केवल आपकी निजी जानकारी को खतरे में डालती है, बल्कि आपके ऑफिस के पूरे नेटवर्क के लिए भी बड़ा साइबर रिस्क बन सकती है.
सरकार की सूचना सुरक्षा जागरूकता (ISEA) टीम के मुताबिक, भले ही काम के डिवाइस पर अपनी पर्सनल चैट और फाइल तक पहुंचना आसान और सुविधाजनक लगता हो, लेकिन इसके पीछे बड़ा खतरा छुपा है. दरअसल, WhatsApp Web का इस्तेमाल करने से आपके ऑफिस के एडमिनिस्ट्रेटर और आईटी टीम तक आपकी निजी बातचीत और पर्सनल फाइल पहुंच सकती हैं. यह डेटा लीक स्क्रीन मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर, मैलवेयर या ब्राउज़र हाइजैक जैसे तरीकों से हो सकता है.
रिपोर्ट के मुताबिक, कई कंपनियां अब WhatsApp Web को संभावित साइबर हमले का जरिया मानने लगी हैं. यह मैलवेयर और फ़िशिंग अटैक का रास्ता खोल देता है, जिससे पूरा नेटवर्क हैक हो सकता है. इतना ही नहीं, ऑफिस का वाई-फाई इस्तेमाल करने पर भी कंपनियों को कर्मचारियों के पर्सनल फोन तक आंशिक पहुंच मिल सकती है, जिससे निजी डेटा खतरे में पड़ सकता है.
सरकार ने सलाह दी है कि अगर किसी वजह से ऑफिस के लैपटॉप पर WhatsApp Web इस्तेमाल करना जरूरी हो, तो कुछ सावधानियां जरूर बरतें. जैसे, अपनी डेस्क छोड़ने से पहले WhatsApp Web से तुरंत लॉग आउट करें, अनजान नंबर से आए लिंक या अटैचमेंट न खोलें, और अपनी कंपनी की पॉलिसी को अच्छे से पढ़ लें.
फाइनेंशियल एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब कार्यस्थलों पर साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी-सी लापरवाही भी कंपनी के गोपनीय डेटा और कर्मचारियों की निजता पर बड़ा खतरा बन सकती है.
सरकार ने चेतावनी दी है कि ऑफिस कंप्यूटर पर WhatsApp Web का इस्तेमाल निजी चैट, फाइल और डेटा को साइबर हमलों के खतरे में डाल सकता है, जिससे पूरे नेटवर्क को नुकसान पहुंच सकता है.
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