श्रीलंका बांग्लादेश मैच के रोमांच की तस्वीरें (PC- espncricinfo)
Sri Lanka vs Bangladesh Match in Asia Cup 2025: एशिया कप के ग्रुप बी के मुकाबले में श्रीलंका ने बांग्लादेश को 6 विकेट से हराकर अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका को जीत के लिए 140 रन का लक्ष्य दिया. श्रीलंका ने यह लक्ष्य बेहद आसानी से 14.4 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया, जिससे टीम को 32 गेंद शेष रहते ही जीत मिली.
श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही. टीम ने कुसाल मेंडिस को जल्दी खो दिया, जो सिर्फ 3 रन बनाकर 13 के स्कोर पर आउट हुए. इसके बाद पाथुम निसांका और कामिल मिशारा ने दूसरे विकेट के लिए 52 गेंदों पर 95 रन की शानदार साझेदारी की, जिसने मैच का रुख पूरी तरह श्रीलंका की तरफ मोड़ दिया. निसांका ने 34 गेंदों में 6 चौके और 1 छक्के की मदद से 50 रन बनाए. उनके आउट होने के बाद टीम को कुसाल परेरा (9) और दासुन शनाका (1) के रूप में दो झटके और लगे, लेकिन कप्तान चरिथ असलांका ने छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए मात्र 4 गेंदों में नाबाद 10 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई. कामिल मिशारा भी नाबाद रहे और उन्होंने 32 गेंदों पर 46 रन बनाए.
बांग्लादेश की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम के दोनों सलामी बल्लेबाज बिना खाता खोले ही लौट गए. तीसरा और चौथा झटका क्रमशः 11 और 38 के स्कोर पर गिरा. कप्तान लिटन दास 26 गेंदों में 28 रन बनाकर 53 के कुल स्कोर पर आउट हुए. लिटन के आउट होने के बाद टीम की स्थिति और भी कमजोर लग रही थी. हालांकि, जाकेर अली और शमीम हुसैन ने 61 गेंदों पर 86 रन की अहम साझेदारी की और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया. जाकेर ने 34 गेंदों में 41 और शमीम ने 34 गेंदों में 42 रन बनाकर नाबाद रहे.
श्रीलंका की ओर से वानिंदु हसरंगा ने 2 विकेट लिए, जबकि नुवान तुषारा और चमीरा ने 1-1 विकेट हासिल किए. बांग्लादेश की ओर से महेदी हसन ने 2 विकेट लिए, जबकि मुस्तफिजुर रहमान और तंजिम हसन शाकिब ने 1-1 विकेट हासिल किया.
इस मैच में श्रीलंका की गेंदबाजी भी प्रभावशाली रही. टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला करने के बाद उन्होंने शुरुआती विकेट जल्दी लिए, जिससे बांग्लादेश को अपनी पारी संभालने का समय ही नहीं मिला. वहीं, बल्लेबाजी में मध्यक्रम की साझेदारी और कप्तान असलांका का आक्रामक खेल मैच का फैसला बना.
इस जीत के साथ श्रीलंका ने न केवल ग्रुप बी में अपनी स्थिति मजबूत की है, बल्कि टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ा है. अब श्रीलंका की नजरें अगले मुकाबलों में लगातार प्रदर्शन करके सुपर फोर में जगह बनाने पर हैं. बांग्लादेश के लिए यह हार ग्रुप स्टेज में सुधार करने के लिए चेतावनी साबित होगी, और उन्हें अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में सुधार करने की जरूरत है.
श्रीलंका की जीत का मुख्य कारण उनकी मध्यक्रम की मजबूती और अंतिम ओवरों में आक्रामक खेल रहा, जिसने टीम को समय रहते लक्ष्य हासिल करने में मदद की. इस मुकाबले ने दर्शकों को रोमांचक मुकाबला देखने का मौका दिया और टूर्नामेंट की रोमांचकता को और बढ़ा दिया.
यह भी पढ़ें: बरेली में दिशा पाटनी के पिता के घर फायरिंग, गोल्डी बराड़ गैंग का हाथ?
श्रीलंका और हांगकांग के मैच की तस्वीरें
SL vs Hong Kong Match in Asia Cup 2025: एशिया कप 2025 के ग्रुप बी मुकाबले में श्रीलंका ने रोमांचक जीत दर्ज करते हुए हांगकांग को 4 विकेट से हराया. मैच में जीत जितनी महत्वपूर्ण रही, उतनी ही कठिन भी साबित हुई. हांगकांग ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 149 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया. जवाब में श्रीलंका ने सतर्क शुरुआत की और शुरुआत में विकेट गिरने के बाद संघर्ष करते हुए लक्ष्य का पीछा किया. पिच धीमी थी और रन बनाने में मुश्किलें आईं, लेकिन पाथुम निसांका की शानदार अर्धशतकीय पारी ने टीम को संकट से उबारा. अंत में वानिंदु हसारंगा की आक्रामक बल्लेबाजी ने जीत की मुहर लगाई. इस जीत के साथ श्रीलंका सुपर चार में जगह बनाने की दौड़ में खुद को मजबूती से बनाए हुए है.
पहले बल्लेबाजी करने उतरी हांगकांग की टीम ने अच्छी शुरुआत की. ओपनर जीशान अली ने तेज़ बल्लेबाजी करते हुए पहले चार ओवरों में 38 रन जोड़ दिए. उनकी आक्रामकता से टीम को शुरुआती लय मिली. हालांकि इसके बाद श्रीलंका के गेंदबाजों ने वापसी की. तेज गेंदबाज दुष्मंता चमीरा ने अपने कोटे में 29 रन देकर दो अहम विकेट हासिल किए और रन गति को रोका. वहीं स्पिनर वानिंदु हसारंगा ने बाबर हयात का विकेट लेकर टीम को और मजबूती दी. लेकिन इसके बावजूद हांगकांग की पारी को निजाकत खान और अंशुमान रथ ने संभाला. दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 61 रन की शानदार साझेदारी हुई.
निजाकत खान ने 38 गेंदों पर नाबाद 52 रन बनाकर अपनी टीम की बल्लेबाजी को मजबूती दी. उन्होंने लेग स्पिनर वानिंदु हसारंगा पर दो चौके और लांग ऑन पर एक छक्का जमाकर अपनी आक्रामकता का परिचय दिया. इसी दौरान उन्हें दो बार जीवनदान भी मिला. 17वें ओवर की दूसरी गेंद पर विकेटकीपर कुसल मेंडिस उनका आसान कैच टपका बैठे. वहीं उसी ओवर की पांचवीं गेंद पर शॉर्ट थर्ड मैन पर बेहतरीन कैच लपका गया, लेकिन गेंदबाज तुषारा ने नो-बॉल कर हांगकांग के बल्लेबाज को बचा लिया. दूसरी ओर अंशुमान रथ ने 46 गेंदों पर 48 रन बनाए. उन्होंने मैदान के दोनों ओर शॉट खेले और खासकर स्पिनर चरिथ असालंका की गेंद पर इनसाइड आउट कवर ड्राइव खेलते हुए अपनी तकनीक दिखाई.
हांगकांग ने हालांकि आखिरी ओवरों में विकेट गंवाए, लेकिन पहले चार ओवरों की तेज शुरुआत और मध्यक्रम में निजाकत–रथ की साझेदारी ने उन्हें 150 के करीब स्कोर तक पहुंचाया. अंततः हांगकांग ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 149 रन बनाए. यह स्कोर श्रीलंका के लिए आसान नहीं था, क्योंकि पिच धीमी थी और गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हो रही थी.
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम की शुरुआत संतोषजनक नहीं रही. टीम ने पहले 10 ओवर में 65 रन पर दो बड़े विकेट गंवा दिए. कुसल मेंडिस और कामिल मिशारा जल्दी आउट हो गए. ऐसे में पाथुम निसांका ने मोर्चा संभाला और कुसल परेरा के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 57 रन की साझेदारी की. निसांका ने समय देखकर आक्रामकता दिखाई और अपने बड़े शॉट स्क्वायर लेग क्षेत्र में खेलते हुए रन गति बढ़ाई. उन्हें दो बार जीवनदान मिला, एक बार 40 रन पर और दूसरी बार 60 रन पर. इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए उन्होंने 68 रन की शानदार पारी खेली और टीम को मैच में बनाए रखा.
निसांका और परेरा की साझेदारी ने श्रीलंका को मजबूती दी और अगले तीन ओवरों में 42 रन जोड़कर टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचा दिया. लेकिन इसके बाद हांगकांग ने मैच में वापसी करते हुए आठ रन के अंतराल में निसांका, परेरा, कामिंदु मेंडिस और कप्तान चरिथ असालंका का विकेट झटक लिया. एक समय श्रीलंका का स्कोर 2 विकेट पर 119 से गिरकर 6 विकेट पर 127 रन हो गया और जीत मुश्किल दिखने लगी.
ऐसे नाजुक समय में वानिंदु हसारंगा ने नाबाद 20 रन की तेज पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई. उन्होंने महज 9 गेंदों में महत्वपूर्ण रन बनाकर श्रीलंका को 18.5 ओवर में 6 विकेट पर 153 रन बनाकर लक्ष्य तक पहुंचा दिया. इस जीत के साथ श्रीलंका ने एशिया कप में अपनी सुपर चार की दौड़ को बरकरार रखा.
इस मुकाबले ने एक बार फिर दिखा दिया कि क्रिकेट में संघर्ष, साझेदारी और सही समय पर साहसी बल्लेबाजी किस तरह मैच का रुख बदल देती है. निसांका की पारी, निजाकत–रथ की साझेदारी और हसारंगा की अंतिम क्षणों की बल्लेबाजी ने इस मैच को बेहद रोमांचक और यादगार बना दिया. अब श्रीलंका सुपर चार में जगह बनाने के लिए पूरी ताकत से आगे बढ़ेगा जबकि हांगकांग की टीम ने कड़ी टक्कर देकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं.
विराट को मिस कर रही टीम इंडिया
Sports Desk 25 June : लीड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट भारत हार गया. शुभमन की टीम मैच वहां से हारी जहां से जीत उनके करीब थी लेकिन जोश और आत्मविश्वास के कारण हार का सामना करना पड़ा. ऐसे में टीम इंडिया को विराट कोहली की कमी खल रही है. कोहली केवल बल्लेबाजी की वजह से ही टीम के लिए खास नहीं थे. मैदान पर उनका आक्रामक रवैया, विपक्षी टीम का मनोबल गिरा देता था. टीम इंडिया को इस मैच में इसी चीज की जरूरत थी. युवा कप्तान शुभमन गिल टीम में ऊर्जा की कमी दिखी जिसका खामियाजा हार के साथ चुकाना पड़ा.
क्यों खल रही कोहली की कमी
क्रिकेट में ऐसी कई रणनीतियां होती हैं, जिसमें कप्तान गेंदबाज के साथ मिलकर एक जाल बिछाता है, जिसमें बल्लेबाजों को फंसाया जा सके. गेंदबाज या क्षेत्ररक्षक की व्यक्तिगत प्रतिभा के कई उदाहरण हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई बार महत्वपूर्ण विकेट चटकाए गए हैं. कई बार, यह बल्लेबाज की गलती होती है और कई बार ऐसा भी होता है कि कुछ लोग बल्लेबाजों को परेशान करके उन्हें निराश कर देते हैं और गलती करवा देते हैं. विराट कोहली इस मामले में माहिर हैं. आधुनिक समय के क्रिकेट के जावेद मियांदाद की तरह, विपक्ष का सामना करने और लड़ाई करने की कोशिश करने के मामले में, अक्सर उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होता है. भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने कहा कि लीड्स के हेडिंग्ले में एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के पहले मैच में भारत को इस तत्व की कमी खल रही है. भारत ने अच्छी बल्लेबाजी वाली सतह पर इंग्लैंड को 371 रनों का कठिन लेकिन हासिल करने योग्य लक्ष्य दिया, लेकिन शुरुआती विकेट निकालने में विफल रहा.
रवि शास्त्री ने विराट कोहली को Miss किया
जब बुमराह और सिराज विकेट लिए संघर्ष कर रहे थे, उस समय कमेंट्री बॉक्स में मौजूद रवि शास्त्री ने कहा कि भारत को चीजों को अंजाम देने के लिए कोहली जैसे किसी खिलाड़ी की जरूरत है. शास्त्री ने कहा, ‘भारत को कोहली जैसा प्रदर्शन करने वाले किसी खिलाड़ी की जरूरत है. कोहली तीन लोगों के बराबर इस काम को अंजाम देते थे.’ कोहली ने इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की टीम की घोषणा से एक सप्ताह पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी. सभी प्रारूपों में एक महान बल्लेबाज, कोहली मैदान में एक उग्र चरित्र के लिए भी जाने जाते थे. वह विपक्षी खिलाड़ी से झगड़ा करने से नहीं कतराते थे, जिसे कई लोगों का मानना था कि यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था.
भारतीय खिलाड़ियों में Aggression की कमी
शास्त्री के साथ कमेंट्री बॉक्स में मौजूद इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथरटन ने कहा कि मोहम्मद सिराज वह खिलाड़ी हो सकते हैं जो कोहली ने फील्डिंग में किया. सिराज को बल्लेबाजों से बात करना पसंद है, वह उन्हें परेशान करने की कोशिश करते हैं. खासकर तब जब वे अच्छा खेल रहे हों, लेकिन हेडिंग्ले टेस्ट के पांचवें दिन सिराज भी सामान्य से ज्यादा शांत दिखाई दिए. सुबह के सत्र के पहले 90 मिनट में भारत को कोई सफलता नहीं मिली, क्योंकि क्रॉली और डकेट ने इंग्लैंड का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया. डकेट ने आत्मविश्वास के साथ अपना अर्धशतक भी पूरा किया, उन्होंने भारत के कम प्रभावशाली बैकअप पेसर प्रसिद्ध कृष्णा और शार्दुल ठाकुर की ढील का फायदा उठाया
अफगानिस्तान की पारी में शॉट लगाते अजमतुल्ला और सिदकुल्ला
Asia Cup 2025: एशिया कप 2025 के पहले मुकाबले में अफगानिस्तान के युवा ऑलराउंडर अजमतुल्लाह उमरजई ने साबित कर दिया कि वह किसी भी बड़े टूर्नामेंट में टीम के लिए गेम चेंजर हो सकते हैं. हांगकांग के खिलाफ खेले गए मैच में उमरजई ने सिर्फ 20 गेंदों में विस्फोटक अर्धशतक जड़कर अफगानिस्तान को मुश्किल हालात से उबार दिया. यह पारी अफगानिस्तान की टी20 क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज का अब तक का सबसे तेज अर्धशतक बन गया.
शेख जायद स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में अजमतुल्लाह उमरजई ने 21 गेंद पर 5 छक्के और 2 चौकों की मदद से 53 रन बनाए. इससे पहले अफगानिस्तान की ओर से सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड मोहम्मद नबी और गुलाबदीन नायब के नाम था. नबी ने 2017 में आयरलैंड के खिलाफ 21 गेंद पर अर्धशतक बनाया था, वहीं नायब ने 2024 में भारत के खिलाफ 21 गेंद पर अर्धशतक लगाया था.
अजमतुल्लाह उमरजई की इस धमाकेदार पारी ने अफगानिस्तान को 15 ओवर में संघर्षपूर्ण स्थिति से बाहर निकाला, जब टीम 4 विकेट पर 110 रन ही बना पाई थी. उमरजई के अर्धशतक और सेदिकुल्लाह अटल के नाबाद 73 रन की मदद से अफगानिस्तान ने 6 विकेट पर 188 रन तक का स्कोर खड़ा किया.
अजमतुल्लाह उमरजई अफगानिस्तान के बेहतरीन ऑलराउंडर्स में से एक हैं और टीम के लिए बेहद अहम खिलाड़ी हैं. उन्होंने अब तक 53 टी20 मैचों में 565 रन बनाए हैं, जिसमें उनका यह सबसे तेज अर्धशतक शामिल है. वहीं, 39 वनडे मैचों में उन्होंने एक शतक और 8 अर्धशतक लगाकर कुल 1,033 रन बनाए हैं. गेंदबाजी में भी उमरजई ने टी20 में 33 और वनडे में 37 विकेट लिए हैं.
अजमतुल्लाह उमरजई की इस पारी ने यह साबित कर दिया कि बड़े टूर्नामेंट में वह बल्ले और गेंद दोनों से टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. 2023 में भारत में हुए वनडे विश्व कप में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 97 रन बनाए थे, वहीं चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड के खिलाफ 5 विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई थी. इस धमाकेदार प्रदर्शन के साथ अजमतुल्लाह उमरजई ने एशिया कप 2025 में अपनी टीम की जीत की उम्मीदों को मजबूत किया और दर्शकों को अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का जोश दिखाया.
यह भी पढ़ें: बिग बॉस के मंच से शुरू हुआ अशनीर-सलमान विवाद, अब खत्म होगा?