टीनो बेस्ट और प्रीती जिंटा (बाएं)
क्रिकेट की दुनिया के तूफानी गेंदबाज टीनो बेस्ट ने न केवल मैदान पर अपनी रफ्तार से लोगों को प्रभावित किया बल्कि अपनी निजी जिंदगी के विवादों और खुलासों से भी सुर्खियां बटोरीं. NBT के स्पेशल सेगमेंट में उनके जिंदगी की कहानी, करियर और विवादित लाइफस्टाइल का विश्लेषण पेश किया गया है. जिसमें हालिया दिनों उनके जरिये लिखी गई किताब के पन्नो के हिस्सों को भी साझा किया गया है.
टीनो बेस्ट का क्रिकेट सफर
टीनो बेस्ट का जन्म 26 अगस्त 1981 को बारबाडोस में हुआ. क्रिकेट में उनकी प्रारंभिक शिक्षा परिवार से ही मिली, क्योंकि उनके कई रिश्तेदार भी इंटरनेशनल क्रिकेटर थे. उन्होंने 2003 में वेस्टइंडीज के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया. तेज बाउंसर और यॉर्कर के लिए मशहूर टीनो को मैदान पर खतरनाक गेंदबाज माना जाता था. उनकी 2012 की इंग्लैंड के खिलाफ पारी भी खास थी, जिसमें उन्होंने नंबर 11 बल्लेबाज के तौर पर 95 रन बनाकर रिकॉर्ड बनाया.
टीनो बेस्ट की जिंदगी मुश्किलों से भरी रही. उनका पिता ड्रग एडिक्ट थे और परिवार पर कठोरता दिखाते थे. टीनो ने अकेले ही क्रिकेट में अपना नाम कमाया. उनके चाचा कार्लाइल बेस्ट ने उन्हें मार्गदर्शन और समर्थन दिया.
टीनो बेस्ट की पर्सनल लाइप रही है विवादित लाइफ
NBT की रिपोर्ट के अनुसार, बेस्ट ने अपनी आत्मकथा 'Mind the Window: My Story' में क्रिकेट करियर के दौरान 500 से 650 महिलाओं के साथ संबंधों का दावा किया. उन्होंने खुद को प्लेबॉय बताया और खुलासा किया कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने 40 से ज्यादा महिलाओं से संबंध बनाए.
इसके अलावा उन्होंने वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड और टीम के कुछ खिलाड़ियों की आलोचना भी की. बेस्ट ने बताया कि उन्हें अक्सर टीम से बाहर रखा जाता था, भले ही उनका प्रदर्शन शानदार होता, क्योंकि वह सिस्टम और राजनीति से सवाल करते थे. इस खुलासे ने क्रिकेट जगत के बाहर भी विवाद खड़ा किया.
मैदान का तूफानी और लाइफ का रंगीन खिलाड़ी
टीनो बेस्ट को क्रिकेट के मैदान पर उनके आक्रामक अंदाज और तेज गेंदबाजी के लिए याद किया जाता है, लेकिन उनकी निजी जिंदगी में विवाद, पार्टियों और रिलेशनशिप्स ने भी उन्हें हमेशा सुर्खियों में रखा. टीनो बेस्ट की जिंदगी एक रोलरकोस्टर राइड रही, जहां सफलता, विवाद और व्यक्तिगत चुनौतियां हमेशा साथ रही और यही टीनो बेस्ट की कहानी को क्रिकेट के इतिहास में यादगार बनाती है.