विधायक हुमायूं कबीर
बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद के शिलान्यास के बाद से टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर खुद की सुरक्षा के मसले पर चिंतित हो उठे हैं. लगातार जान से मारने की धमकियां मिलने के कारण उन्होंने हैदराबाद से निजी सुरक्षा कर्मियों (बॉडीगार्ड्स) को बुलाया, जिससे राजनीति और जीवन-सुरक्षा दोनों स्तर पर चर्चा तेज हो गई है. फिलहाल, उन्होंने कहा कि इस मामले में भी उनके साथ धोखा हुआ है.
ऐसे हुई विवाद की शुरुआत?
तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद (बेलडांगा) में बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद का शिलान्यास करने का ऐलान किया था. एलान के मुताबिक 6 दिसंबर को इसकी नींव भी उन्होंने रखी. यह कदम संवेदनशील और विवादित ऐतिहासिक प्रसंगों से जुड़ा होने के कारण कई राजनीतिक और सामाजिक बहसें खड़ी कर रहा है. सियासी आरोप और प्रत्यारोप के बीच अब उन्हें जान जाने का डर सताने लगा है.
मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास होने के बाद कबीर को बार-बार जान से मारने की धमकियां प्राप्त होने लगीं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हुई. स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के अलावा उन्होंने अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने का निर्णय लिया.
हैदराबाद से बॉडीगार्ड्स क्यों?
हुमायूं कबीर ने धमकियों को देखते हुए हैदराबाद स्थित एक निजी सुरक्षा कंपनी से आठ सुरक्षा कर्मियों (बॉडीगार्ड्स) को हैदराबाद से बुलाया, जो अब उनके साथ तैनात हैं. उन्होंने बताया कि वे नियमित तौर पर जान से मरने की धमकियां मिल रही है. इसलिए, निजी सुरक्षा बढ़ाना जरूरी लगा. इस बीच चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि जिस बाउंसर को उन्होंने हैदराबाद से हायर किया और अपनी सुरक्षा में तैनात किया, वो तो कोलकाता के ही निकले. उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार और दोस्तों के पास बंदूके हैं लेकिन सार्वजनिक सुरक्षा के नियमों के कारण निजी सुरक्षा की व्यवस्था करना बेहतर विकल्प था. वहीं हुमायूं कबीर एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं. हैदराबाद के बाउंसरों की सच्चाई सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में नयी हलचल मच गई है. खुलासा हुआ है कि जिन आठ बाउंसरों को कबीर के लिए हैदराबाद से भेजा गया बताया गया था, वे वास्तव में कोलकाता के निवासी हैं.
मेरे खिलाफ साजिश रची जा रही है
10 दिसंबर की रात यह जानकारी सामने आते ही हुमायूं कबीर भड़क उठे. हुमायूं कबीर ने उन्होंने कहा कि उन्हें गुमराह किया गया है और उनके खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से साजिश रची जा रही है. तृणमूल से निलंबन के बाद से ही कबीर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहे हैं. हाल ही में उन्होंने दावा किया था कि तीन महीने तक हवाई मार्ग से आवागमन के लिए उन्होंने हेलीकॉप्टर किराए पर लिया है. एक उद्योगपति उनकी सुरक्षा के लिए हैदराबाद से आठ प्रशिक्षित बाउंसर भेज दिया. इसके बाद से विभिन्न कार्यक्रमों में उनके साथ बाउंसरों की मौजूदगी देखी जा रही थी.
लेकिन बुधवार की रात जैसे ही यह खुलासा हुआ कि सभी कथित बाउंसर दरअसल कोलकाता के हैं, कबीर ने तुरंत उन्हें कार्यमुक्त कर दिया. उन्होंने कहा, “इतनी बड़ी साजिश रची जा रही है कि मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि कौन मेरे साथ है और कौन मेरे खिलाफ.