पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और वैश्विक भूमिका पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आज का भारत सिर्फ एक उभरता हुआ बाजार नहीं, बल्कि दुनिया के लिए एक उभरता मॉडल भी बन चुका है. मोदी ने इस बदलाव का श्रेय डिजिटल क्रांति, आर्थिक सुधार, स्टार्टअप्स और जनता की भागीदारी को दिया.
उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, नवाचार और जनभागीदारी ने भारत को दुनिया के लिए प्रेरक उदाहरण बना दिया है.
‘भारत अब Emerging Model है’- PM मोदी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया भारत को तेजी से बदलते हुए देश के रूप में देख रही है. उन्होंने स्पष्ट कहा - “भारत एक उभरता बाजार ही नहीं, बल्कि एक उभरता मॉडल भी है.” यह मॉडल पारदर्शिता, विकास, नवाचार, तकनीक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है.
विकास और अर्थव्यवस्था पर प्रमुख बातें
मोदी ने बताया कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है. निवेश, विनिर्माण और निर्यात क्षमता में लगातार वृद्धि हुई है. वैश्विक कंपनियां भारत को दीर्घकालिक निवेश का हब मान रही हैं.
डिजिटल इंडिया ने बदल दी तस्वीर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का डिजिटल मॉडल दुनिया के लिए प्रेरणा बन गया है. UPI और डिजिटल पेमेंट्स, ग्रामीण स्तर तक इंटरनेट कनेक्टिविटी, इन सभी ने भारत को नई पहचान दी है.
स्टार्टअप और इनोवेशन नई शक्ति
मोदी ने बताया कि भारत अब विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है. युवा उद्यमशीलता और नवाचार नई अर्थव्यवस्था के इंजन बन गए हैं. उन्होंने कहा कि भारत में विकास केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक प्रयास है. यह जनभागीदारी ही वास्तविक ‘इंडियन मॉडल’ है.
वैश्विक परिप्रेक्ष्य भारत की पहचान
मोदी ने कहा कि आज भारत वैश्विक मुद्दों, संघर्षों और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच स्थिरता और संभावनाओं का प्रतीक बनकर उभरा है.
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Gold Silver Price Today: सोना-चांदी की कीमतों में आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार (18 जुलाई) को तेजी दर्ज की गई. जहां एक तरफ 24 कैरेट के सोने की कीमतों में 750 रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ है, तो वहीं दूसरी तरफ चांदी की कीमत एक बार फिर 1 लाख 12 हजार रुपये के पार हो गई है. इससे पहले लगातार तीन दिनों से कीमती धातुओं की कीमत में गिरावट देखी जा रही थी.
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा शाम को जारी की गई कीमतों के मुताबिक, 24 कैरेट के सोने की कीमत 790 रुपये बढ़कर 98 हजार 243 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि बीते गुरुवार को 97 हजार 453 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी. 22 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत बढ़कर 89 हजार 991 रुपये हो गई है, जो कि पहले 89 हजार 267 रुपये प्रति 10 ग्राम थी. वहीं, 18 कैरेट के 10 ग्राम सोने का दाम बढ़कर 73 हजार 682 रुपये तक पहुंच गया है, जो कि पहले 73 हजार 90 रुपये प्रति 10 ग्राम था.
चांदी की कीमतों में उछाल
IBJA की ओर से सोने और चांदी की कीमतों को दिन में दो बार सुबह और शाम अपडेट किया जाता है. सोने के साथ चांदी की कीमत में भी इजाफा देखने को मिला. चांदी की कीमत 1 लाख 12 हजार 700 रुपये प्रति किलो हो गई है, जो कि पहले 1 लाख 11 हजार रुपये प्रति किलो थी. चांदी की कीमत में 1700 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इससे पहले चांदी ने बीते सोमवार को अपना ऑल टाइम हाई 1 लाख 13 हजार 867 छुआ था.
वायदा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमत में तेजी दर्ज की जा रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के 5 अगस्त 2025 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 0.57 फीसदी बढ़कर 98 हजार 30 रुपये और चांदी के 5 सितंबर 2025 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 0.94 फीसदी बढ़कर 1 लाख 13 हजार 387 रुपये थी. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने और चांदी की कीमत में तेजी देखी जा रही है. कॉमैक्स पर सोना करीब 0.46 फीसदी बढ़कर 3 हजार 360.80 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.09 फीसदी बढ़कर 38.72 डॉलर प्रति औंस पर थी.
महागठबंधन का साझा घोषणापत्र जारी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन ने पटना में अपना साझा घोषणापत्र जारी कर दिया. इसका नाम रखा गया है - ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’. तेजस्वी यादव ने कहा कि यह घोषणापत्र सिर्फ वादों का नहीं बल्कि बिहार को 'रोजगार, विकास और सम्मान' के रास्ते पर ले जाने का संकल्प है. मंच पर कांग्रेस, वामदलों और आरजेडी के प्रमुख नेता मौजूद रहे.
'बिहार का तेजस्वी प्रण' शीर्षक घोषणापत्र को जारी करते वक्त तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन के सहयोगी दलों नेता मंच पर मौजूद रहे. इनमें इनमें वीआईपी से मुकेश सहनी, कांग्रेस से मदन मोहन झा, आईआईपी से आईपी गुप्ता, माले से दीपांकर भट्टाचार्य और सीपीआई से रामनरेश पांडे मंच पर मौजूदगी देखी गई. महागठबंधन के घोषणापत्र में 20 महीने के अंदर परिवार के हर सदस्य को नौकरी, 200 यूनिट फ्री बिजली, जीविका CM दीदियों को नियमित करने और ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने सहित कई बड़े वादे किए गए हैं.
महागठबंधन के घोषणापत्र में ये बड़े ऐलान
1. 10 लाख सरकारी नौकरियां: युवाओं के लिए नई भर्ती नीति, पारदर्शी नियुक्तियां.
2. कृषि ऋण माफी: छोटे और सीमांत किसानों के लिए लोन माफी की घोषणा.
3. महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण: महिला उद्यमियों के लिए ₹5 लाख तक का ब्याज मुक्त लोन.
4. शिक्षा सुधार योजना: सभी सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और शिक्षकों की नई भर्ती.
5. स्वास्थ्य क्रांति मिशन: हर जिला अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं.
6. बिजली-पानी की गारंटी: 24 घंटे बिजली और हर घर तक शुद्ध पेयजल.
7. न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि: श्रमिकों के वेतन को ₹500 प्रति दिन तक बढ़ाने का वादा.
8. युवा स्टार्टअप मिशन: स्टार्टअप फंड के तहत ₹2000 करोड़ का विशेष कोष.
9. महंगाई नियंत्रण नीति: राशन और गैस सिलेंडर पर सब्सिडी की पुनर्स्थापना.
10. सामाजिक न्याय आयोग: जातिगत जनगणना और समान अवसर नीति लागू करने का संकल्प.
कांग्रेस नेता अजीत शर्मा ने कहा कि घोषणापत्र में आर्थिक विषमता और सामाजिक न्याय को ध्यान में रखा गया है. वामदलों के नेताओं ने इसे ‘जनता का दस्तावेज’ बताया.
महागठबंधन ने ‘तेजस्वी प्रण’ को डिजिटल रूप से भी जारी किया, ताकि हर मतदाता इसे अपने मोबाइल पर पढ़ सके. घोषणापत्र में पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और महिलाओं की सुरक्षा पर अलग-अलग अध्याय शामिल हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणापत्र सीधा युवाओं और किसानों को टारगेट करता है जो इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं.
बिहार सीएम नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
Bihar News Today: बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसकी सुगबुगाहट अभी से तेज हो गई है. सियासी दलों ने मतदाताओं को अभी से रिझाने के लिए कोशिशें तेज कर दी हैं. चुनावी साल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा ऐलान कर बिहारवासियों को बड़ी राहत देने की कोशिश की है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐलान किया है कि 1 अगस्त 2025 से बिहार के सभी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाएगी.
इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर शेयर कर दी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि इस फैसले से राज्य के करीब 1 करोड़ 67 लाख परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा. उन्होंने लिखा, "हम शुरू से ही सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध करा रहे हैं. अब तय किया है कि 1 अगस्त से सभी घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट बिजली का कोई भुगतान नहीं करना होगा."
सौर ऊर्जा को लेकर बड़ी योजना
सरकार ने यह भी योजना बनाई है कि अगले तीन सालों में राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं की रजामंदी लेकर उनके घरों की छतों या नजदीकी सार्वजनिक स्थानों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे. इससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त लाभ मिलेगा और राज्य में बिजली उत्पादन में भी इजाफा होगा.
नीतीश कुमार ने बताया कि 'कुटीर ज्योति योजना' के तहत अत्यंत गरीब परिवारों के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी, जबकि अन्य लाभार्थियों को भी सरकार की ओर से उचित सहायता दी जाएगी. सरकार का अनुमान है कि इससे अगले तीन सालों में 10 हजार मेगावाट तक सौर ऊर्जा का उत्पादन संभव हो सकेगा.
शिक्षक भर्ती को लेकर भी बड़ा फैसला
इसके अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्य में सरकारी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का निर्देश भी दिया है. उन्होंने शिक्षा विभाग को कहा है कि विद्यालयों में रिक्त पदों की तुरंत गणना की जाए और TRE-4 (Teacher Recruitment Exam-4) की परीक्षा जल्द से जल्द कराई जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण का फायदा सिर्फ बिहार निवासी महिलाओं को ही मिलेगा.