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Elvish Yadav firing case: बिग बॉस ओटीटी विजेता, यूट्यूबर और एक्टर एल्विश यादव के घर पर शनिवार तड़के एक बड़ी वारदात हुई. सुबह करीब 5:30 से 6 बजे के बीच सेक्टर-57 स्थित उनके घर पर बाइक सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने धावा बोला और करीब 20 से 25 राउंड फायरिंग की. फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. घटना के समय एल्विश यादव घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन परिवार के अन्य सदस्य नींद में थे. इस वारदात ने न सिर्फ इलाके में हड़कंप मचा दिया बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
घटना कैसे हुई?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तीन हमलावर बाइक पर सवार होकर एल्विश यादव के घर के पास पहुंचे. घर के बाहर आकर उन्होंने अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं. बताया जा रहा है कि 20 से 25 राउंड फायरिंग हुई. गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहशत में आ गया. घर के अंदर मौजूद परिवारजन इस दौरान सो रहे थे. गोलीबारी की आवाज सुनकर जब लोग बाहर आए तो बदमाश फरार हो चुके थे.
एल्विश के पिता ने क्या कहा?
फायरिंग की घटना के बाद एल्विश यादव के पिता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि घटना के समय उनका बेटा घर पर नहीं था लेकिन पूरा परिवार अंदर मौजूद था. परिवारजन नींद में थे और अचानक गोलियों की आवाज से सभी सहम गए. उन्होंने यह भी कहा कि इस वारदात से पहले परिवार या एल्विश को किसी तरह की धमकी नहीं मिली थी.
पुलिस की जांच
फायरिंग की जानकारी मिलते ही गुरुग्राम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है. फुटेज में घर के गेट के बाहर दो संदिग्ध बदमाश दिखाई दे रहे हैं. पुलिस का मानना है कि यह हमला किसी गैंग द्वारा रंगदारी वसूलने या धमकाने के मकसद से करवाया गया हो सकता है.
इससे पहले भी हो चुका हमला
एल्विश यादव से पहले हरियाणवी और बॉलीवुड सिंगर राहुल फाजिलपुरिया पर भी इसी तरह के हमले की कोशिश हुई थी. 14 जुलाई 2025 को शाम 5:50 बजे गुरुग्राम के एसपीआर रोड पर फाजिलपुरिया की कार पर अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग की थी. हालांकि बाद में पुलिस ने उस घटना को नकार दिया था. फाजिलपुरिया और एल्विश यादव करीबी दोस्त माने जाते हैं और दोनों का नाम कुछ मामलों में एक साथ भी आ चुका है.
गैंगस्टर का कनेक्शन?
जानकारों का मानना है कि इस तरह की वारदातें अक्सर गैंगस्टर द्वारा मैसेज देने के लिए की जाती है. फाजिलपुरिया पर हमले और एक फाइनेंसर की हत्या की जिम्मेदारी पहले एक गैंगस्टर ने सोशल मीडिया पर ली थी. अब एल्विश यादव के घर पर हुई फायरिंग भी कहीं न कहीं उसी पैटर्न की ओर इशारा करती है. पुलिस फिलहाल इस एंगल से भी जांच कर रही है.
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Mansa Devi Stampede: उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते भगदड़ मच गई, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 15 श्रद्धालु घायल हुए हैं। यह हादसा मंदिर की सीढ़ियों पर हुआ, जहां भीड़ अधिक थी और अचानक अफरा-तफरी मच गई।
क्या करंट लगने की वजह से मची भगदड़?
शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसा मंदिर के सीढ़ी वाले मार्ग पर हुआ। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वहां सीढ़ियों में करंट उतरने की आशंका जताई जा रही है। इसी कारण श्रद्धालुओं में डर फैल गया और भगदड़ की स्थिति बन गई। हालांकि, अधिकारिक रूप से करंट की पुष्टि नहीं हुई है और जांच चल रही है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और UKSDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और स्थिति को काबू में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया शोक
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, "हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में भगदड़ मचने का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। राहत कार्य जारी है और मैं स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं। माता रानी से सभी श्रद्धालुओं के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।"
रविवार के दिन श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक
हर रविवार और विशेष अवसरों पर मनसा देवी मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भीड़ अधिक थी और मंदिर परिसर में व्यवस्था चरमरा गई, जिससे हादसा हुआ।
गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके के लिए रवाना हो चुके हैं। फिलहाल मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है, लेकिन प्रशासन स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है। सरकार की ओर से घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
किश्तवाड़ में आसमान से बरसी आफत
Kishtwar Cloud Burst News Today: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में गुरुवार (14 अगस्त) को बादल फटने से भारी तबाही मच गई. चशोती गांव में हुई इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 37 से 38 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है. हादसे में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. कई लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है.
चशोती गांव पाडर इलाके में मचैल माता मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों का एक अहम पड़ाव है. 25 जुलाई से शुरू हुई वार्षिक यात्रा में अब तक 1.3 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे चशोती नाले में अचानक बादल फटने से पानी और मलबे का सैलाब आ गया. यह लहर सबसे पहले यात्रियों के लिए लगाए गए लंगर (सामुदायिक रसोई) से टकराई, जहां 100-150 लोग भोजन कर रहे थे. देखते ही देखते तंबू, लंगर, आसपास के 3-4 मकान और कई गाड़ियां बह गईं.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के समय करीब 150 यात्री लंगर में मौजूद थे. CISF का एक पिकेट भी वहीं था, जो पानी और मलबे में बह गया. चशोती इस मार्ग का आखिरी मोटरेबल गांव है. बादल फटने के बाद इलाके में मोबाइल नेटवर्क भी ठप हो गया, जिससे राहत कार्य में दिक्कत आ रही है. जिला उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि सेना, BSF, NDRF, SDRF और पुलिस की टीमें मौके पर तैनात हैं. घायलों को अठोली के उप-जिला अस्पताल और किश्तवाड़ जिला अस्पताल भेजा गया है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना पर दुख जताया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राहत-बचाव तेज करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी अमित शाह से बात कर हालात की जानकारी दी और कहा कि सरकार की ओर से समय-समय पर अपडेट दिया जाएगा.
बता दें, हाल ही में उत्तराखंड के धराली गांव में भी ऐसा ही हादसा हुआ था, जिसमें पहाड़ों से आए मलबे ने इमारतों और सेना के हेलीपैड को तबाह कर दिया था. धराली में भी कई लोगों की मौत हो गई और अभी कई लोगों लापता हैं.
किश्तवाड़ की यह त्रासदी भी उतनी ही भयावह बताई जा रही है. यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में मानसून के समय बादल फटने की गंभीर खतरे की ओर इशारा करता है, जहां पलभर में पूरा इलाका मलबे और पानी में डूब सकता है.
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Punjab MLA Escape: पंजाब की राजनीति में सोमवार को बड़ा हंगामा खड़ा हो गया जब सनौर से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा पुलिस हिरासत से फरार हो गए. उन्हें एक पुराने रेप केस के मामले में हरियाणा के कुरुक्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था लेकिन पुलिस कस्टडी से थाने लाते समय उन्होंने और उनके साथियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया और भाग निकले. इस दौरान एक पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हो गया.
कैसे हुई घटना?
जानकारी के मुताबिक, पठानमाजरा को पुलिस टीम कुरुक्षेत्र से गिरफ्तार कर पटियाला के सिविल लाइंस थाने ला रही थी. इसी बीच, रास्ते में विधायक और उनके समर्थकों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया. इसके बाद विधायक और उनके साथी एक स्कॉर्पियो और एक फॉर्च्यूनर गाड़ी से फरार हो गए. पुलिस ने पीछा करते हुए फॉर्च्यूनर को पकड़ लिया, लेकिन विधायक स्कॉर्पियो कार में फरार हो गए. पुलिस की टीम लगातार उनका पीछा कर रही है और पंजाब-हरियाणा में जगह-जगह नाकाबंदी कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
विधायक का बयान
फरारी के बाद हरमीत सिंह पठानमाजरा ने फेसबुक लाइव वीडियो जारी किया. इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली से आई AAP टीम पंजाब पर राज कर रही है और उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने राज्य सरकार की बाढ़ राहत व्यवस्था की आलोचना की थी, जिसके बाद उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई. विधायक का दावा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक साजिश है.
मामला क्या है?
हरमीत सिंह पठानमाजरा की पूर्व पत्नी ने उनके खिलाफ बलात्कार और धोखाधड़ी (धारा 376 और 420) का केस दर्ज कराया था. यह FIR पटियाला के सिविल लाइंस थाने में दर्ज है. पुलिस का कहना है कि इसी मामले में विधायक को गिरफ्तार किया गया था. वहीं, विधायक के वकील सिमरनजीत सिंह सग्गू का कहना है कि यह केस पूरी तरह से राजनीतिक दबाव का नतीजा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट में यह मामला पहले ही उठ चुका है और अदालत ने डीआईजी रोपड़ रेंज को जांच के लिए नियुक्त किया था. वकील ने कहा कि शिकायतकर्ता खुद स्वीकार कर चुकी है कि वह विधायक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थी और रिश्ता सुधरने पर उसे जारी रखने को तैयार थी. ऐसे में धारा 376 (बलात्कार) और 420 (धोखाधड़ी) लगाना कानून के खिलाफ है.
पुलिस का रुख
पटियाला के पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने बताया कि पठानमाजरा की फरारी के बाद उन पर अलग से केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा कि विधायक और उनके साथियों द्वारा पुलिस पर गोली चलाना और गाड़ी चढ़ाने की कोशिश करना गंभीर अपराध है. पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
राजनीतिक साजिश या अपराध?
इस पूरे मामले ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है. एक तरफ विधायक और उनके वकील इसे राजनीतिक साजिश और नेताओं-नौकरशाही के बीच रस्साकशी बता रहे हैं, तो वहीं पुलिस का कहना है कि यह गंभीर आपराधिक मामला है. AAP विधायक का पुलिस कस्टडी से इस तरह फरार होना कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. घटना ने प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक दबाव की भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है.