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Top 10 Healthy Foods: अगर आप चाहते हैं कि आपका शरीर हमेशा स्वस्थ और ऊर्जावान बना रहे, तो सबसे पहले अपनी डाइट पर ध्यान देना जरूरी है. हमारी रोज़ की खाने-पीने की आदतें ही हमारी सेहत को बनाती या बिगाड़ती हैं. शरीर को बीमारियों से बचाने और इम्युनिटी मजबूत करने के लिए ऐसे कई फूड्स हैं जिन्हें सुपरफूड कहा जाता है. ये चीजें न सिर्फ अंदर से शरीर को मजबूत करती हैं बल्कि लंबे समय तक हेल्दी बनाए रखने में भी मदद करती हैं. यहां हम आपको बता रहे हैं धरती की 10 सबसे हेल्दी चीजों के बारे में, जो हर किसी की डाइट का हिस्सा होनी चाहिए.
1. हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी, सरसों, चौलाई जैसी सब्जियों में आयरन, कैल्शियम, फाइबर और फोलेट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये शरीर को डिटॉक्स करने, खून की कमी दूर करने और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं. पाचन को बेहतर करने में भी इनका बड़ा रोल होता है.
2. बेरीज
स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और रास्पबेरी जैसे फल एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन C और फाइबर का अच्छा स्रोत होते हैं. ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं, दिमाग को तेज बनाते हैं और त्वचा को जवां बनाए रखते हैं.
3. क्रूसीफेरस सब्जियां
ब्रोकली, फूलगोभी, पत्तागोभी और ब्रसेल्स स्प्राउट्स जैसी सब्जियों में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को कैंसर, हार्ट डिजीज और अन्य गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं. इन सब्जियों में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं.
4. नट्स और सीड्स
बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, फ्लैक्ससीड्स और कद्दू के बीज जैसे ड्रायफ्रूट्स और सीड्स ओमेगा-3 फैटी एसिड, हेल्दी फैट्स और प्रोटीन से भरपूर होते हैं. ये दिल को मजबूत रखते हैं, दिमाग को तेज करते हैं और वजन को भी कंट्रोल में रखने में मददगार हैं.
5. शकरकंद
शकरकंद एक मीठी जड़ वाली सब्जी है, जिसमें बीटा-कैरोटीन, फाइबर और पोटैशियम होता है. यह डाइजेशन के लिए अच्छी मानी जाती है, ब्लड शुगर को नियंत्रित करती है और वजन घटाने में भी सहायक है.
6. एवोकाडो
एवोकाडो को हेल्दी फैट्स का बेहतरीन स्रोत माना जाता है. इसमें पोटैशियम, विटामिन E और फाइबर होता है. यह दिल, दिमाग और त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है. एवोकाडो का सेवन हेल्दी कोलेस्ट्रॉल बनाए रखने में भी मदद करता है.
7. अंडा
अंडे को संपूर्ण प्रोटीन का स्रोत कहा जाता है क्योंकि इसमें सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड्स पाए जाते हैं. इसके अलावा, यह विटामिन B12, विटामिन D, जिंक और कोलीन से भी भरपूर होता है. मांसपेशियों की वृद्धि और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए अंडा एक शानदार विकल्प है.
8. दालें और फलियां
मसूर, मूंग, चना, राजमा जैसी दालें और फलियां प्रोटीन, फाइबर और आयरन का अच्छा स्रोत होती हैं. ये न सिर्फ एनर्जी देती हैं बल्कि ब्लड शुगर कंट्रोल में रखने और लंबे समय तक भूख न लगने में मदद करती हैं. वेजिटेरियन लोगों के लिए ये प्रोटीन का बेस्ट ऑप्शन हैं.
9. लहसुन
लहसुन एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है. इसमें मौजूद एलिसिन नामक तत्व बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने की क्षमता रखता है। यह हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित करता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है.
10. दही
दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं. इसमें कैल्शियम और प्रोटीन भी होता है, जो हड्डियों को मजबूत करता है. रोज़ाना दही खाने से पेट की समस्याएं कम होती हैं और इम्युनिटी बेहतर रहती है.
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ब्रिटेन के ओल्डबरी (Oldbury) इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे टेम रोड (Tame Road) के पास 20 साल की महिला के साथ बलात्कार किया गया. पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि दो लोगों ने उस पर हमला किया.
वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ने इस घटना को “नस्लीय उकसावे वाला हमला” बताया है. पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि हमले के दौरान हमलावरों ने नस्लवादी टिप्पणियां भी कीं. इससे यह साफ होता है कि यह सिर्फ यौन हिंसा का मामला नहीं, बल्कि नस्लीय भेदभाव से जुड़ा अपराध भी है.
पुलिस इस मामले में तेजी से जांच कर रही है. चीफ सुपरिंटेंडेंट किम मैडिल ने कहा, “हम जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक सबूत और अन्य जांच तेजी से चल रही है. हम गवाहों से अपील करते हैं कि वे सामने आएं और जांच में मदद करें.”
घटना के बाद स्थानीय और प्रवासी समुदाय में गुस्सा और डर का माहौल है. यूके की सिख फेडरेशन के दबिंदरजीत सिंह ने इस हमले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा, “यह हमला व्यस्त सड़क पर, दिन के उजाले में हुआ है. यह घटना बताती है कि महिलाएं और अल्पसंख्यक किस तरह खतरे में हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को ऐसे हिंसक और नस्लवादी हमलों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी चाहिए. हम इस क्रूर नस्लवादी और यौन हमले की सभी नेताओं द्वारा सार्वजनिक निंदा का इंतजार कर रहे हैं. 48 घंटे से अधिक समय हो चुके हैं और अब तक किसी बड़े नेता की प्रतिक्रिया नहीं आई है.”
दबिंदरजीत सिंह ने यह भी बताया कि पीड़ित महिला सिख समुदाय से है और उसके साथ दिनदहाड़े क्रूरता की गई. उन्होंने कहा, “यह घटना न केवल पीड़िता के लिए, बल्कि पूरे समुदाय के लिए सदमे जैसी है. सरकार और पुलिस को इसे गंभीरता से लेकर अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना चाहिए.”
फिलहाल पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा और सहयोग देने का भरोसा दिया है. जांच टीम आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और इलाके में गवाहों से संपर्क कर रही है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जो भी घटना के समय वहां मौजूद था या कुछ संदिग्ध देखा है, वह तुरंत पुलिस से संपर्क करे. यह मामला ब्रिटेन में नस्लीय भेदभाव और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के बढ़ते खतरे को उजागर करता है. स्थानीय संगठनों का कहना है कि सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे.
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Neem Benefits For Skin: आयुर्वेद में नीम को एक बेहद शक्तिशाली और बहुउपयोगी औषधि माना गया है. नीम के पत्तों से लेकर इसका तेल, पाउडर और पेस्ट तक सेहत और सौंदर्य दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं. खासतौर पर त्वचा की देखभाल में नीम को बेहद असरदार माना जाता है.
नीम में पाए जाने वाले एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-फंगल गुण त्वचा की कई समस्याओं को जड़ से खत्म करने में मदद करते हैं. नीम न सिर्फ त्वचा को साफ और हेल्दी बनाता है, बल्कि स्किन को अंदर से डिटॉक्स भी करता है. आइए जानते हैं कि नीम को स्किन केयर रूटीन में शामिल करने से आपको कौन-कौन से फायदे मिल सकते हैं.
मुंहासे और फुंसी से राहत
नीम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह मुंहासों से लड़ने में बेहद कारगर है. नीम के पत्तों में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण पिंपल्स की वजह बनने वाले बैक्टीरिया को खत्म करते हैं. यह स्किन की सूजन को कम करता है और नए मुंहासे बनने से रोकता है. नीम का फेस पैक या पेस्ट लगाने से त्वचा साफ और संक्रमण रहित रहती है.
स्किन को जवां बनाता है (एंटी-एजिंग इफेक्ट)
नीम में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो स्किन को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं. यह फाइन लाइन्स, झुर्रियों और उम्र के निशानों को कम करने में मदद करता है. नियमित रूप से नीम का उपयोग करने से त्वचा में कसाव आता है और वह लंबे समय तक जवां नजर आती है.
लालपन और जलन से राहत (एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण)
जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील होती है, उन्हें अक्सर स्किन में जलन, खुजली या लालपन की समस्या होती है. नीम के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण स्किन को शांत करने में मदद करते हैं. नीम का फेस वॉश या टोनर इस्तेमाल करने से स्किन पर ठंडक मिलती है और सूजन कम होती है.
फंगल इंफेक्शन से बचाव
नीम में मौजूद एंटी-फंगल प्रॉपर्टीज स्किन को फंगल इंफेक्शन से बचाती हैं. यह दाद, एथलीट फुट या स्किन पर होने वाले फंगल रैशेज को ठीक करने में भी मदद करता है. नीम का तेल या पाउडर प्रभावित हिस्से पर लगाने से इन्फेक्शन धीरे-धीरे कम होने लगता है.
काले घेरे और दाग-धब्बों को कम करता है
नीम का इस्तेमाल काले घेरे और चेहरे के दाग-धब्बों को हल्का करने में भी किया जाता है. इसके एंटीऑक्सीडेंट और कूलिंग गुण स्किन टोन को समान बनाते हैं और डलनेस को दूर करते हैं. नीम को गुलाब जल या एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर लगाने से चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है.
ऑयली और एक्ने-प्रोन स्किन के लिए बेस्ट
अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा ऑयली रहती है और बार-बार एक्ने होते हैं, तो नीम आपके लिए सबसे अच्छा उपाय है. नीम स्किन से अतिरिक्त तेल को कंट्रोल करता है और पोर्स को साफ रखता है. यह स्किन का pH लेवल बैलेंस करता है जिससे स्किन न तो बहुत ऑयली रहती है और न ही बहुत ड्राई.
1. नीम की पत्तियों को पीसकर फेस पैक की तरह लगाएं.
2. नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी से चेहरा धोएं.
3. नीम का फेस वॉश, नीम ऑयल या नीम पाउडर का उपयोग करें.
4. स्किन इंफेक्शन में नीम का पेस्ट सीधे प्रभावित हिस्से पर लगाएं.
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Lung Detox Benefits: आजकल हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है. प्रदूषण, रसायन, धूल, धुआं, स्मोकिंग और अनियमित जीवनशैली की वजह से हमारे फेफड़ों पर लगातार दबाव पड़ रहा है. आयुर्वेद भी मानता है कि शरीर में प्राण यानी सांस का मार्ग जितना साफ होगा, स्वास्थ्य उतना बेहतर रहेगा. इसलिए लंग डिटॉक्स अब केवल विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बनता जा रहा है.
आसान शब्दों में कहें तो हमारे फेफड़े शरीर के ऑक्सीजन प्लांट की तरह काम करते हैं। हर मिनट सांस लेते हुए हजारों लीटर हवा को साफ करते हैं. ऐसे में जब हवा ही दूषित हो या हम कम पानी पिएं, स्मोकिंग करें या पूरे दिन बंद कमरों में रहें, तो फेफड़ों में कफ, बलगम और टॉक्सिन जमा होने लगते हैं. इससे सांस लेने में भारीपन, थकान, बार-बार खांसी और इम्यूनिटी कमजोर होने जैसी दिक्कतें सामने आती हैं.
घरेलू नुस्खों की बात करें तो सबसे आसान तरीका हल्दी वाला गुनगुना दूध है. हल्दी में करक्यूमिन होता है, जो सूजन और बलगम की समस्या को कम करता है. रात को सोने से पहले इसे पीने से फेफड़ों को आराम मिलता है. इसी तरह अदरक और शहद का मिश्रण भी काफी असरदार माना जाता है. यह बलगम को ढीला कर देता है और गले में जमा कफ बाहर निकालने में मदद करता है.
अगर छाती में जकड़न हो तो तुलसी की भाप लेना भी अच्छा उपाय है। इसकी खुशबू और गुण तुरंत आराम देते हैं. गुड़ और सौंफ का कॉम्बिनेशन भी पाचन और सांस दोनों को हल्का बनाता है, खासकर उन लोगों के लिए जो कम पानी पीते हैं या लंबे समय तक बैठे रहते हैं. गिलोय का काढ़ा फेफड़ों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जाना जाता है.
वहीं अजवाइन की भाप कफ को ढीला करती है और साइनस-चेस्ट टाइटनेस में राहत देती है. सुबह खाली पेट नींबू पानी पीना भी फेफड़ों की झिल्ली को मजबूत करने में मदद करता है, खासकर उन लोगों के लिए जो स्मोकिंग छोड़ रहे हों. मुलेठी का चूर्ण भी गले की खराश, खांसी और बार-बार सांस अटकने में फायदेमंद माना जाता है.