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आजकल की डिजिटल जीवनशैली में दिन भर फ़ोन और लैपटॉप का इस्तेमाल आम बात हो गई है लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका आपकी आंखों पर कितना असर पड़ता है? स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी आंखों पर तनाव बढ़ाती है. नतीजा आंखों के नीचे सूजन और पफीनेस के रूप में सामने आता है.
आंखों में सूजन सिर्फ़ स्क्रीन की वजह से ही नहीं होती-नींद की कमी, ज़्यादा नमक वाला खाना, एलर्जी, हार्मोनल बदलाव या रोना भी इसके कारण हो सकते हैं. आंखों के आसपास तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिससे ऊतकों में सूजन आ जाती है और चेहरा थका हुआ दिखने लगता है. लेकिन अच्छी खबर यह है कि कुछ आसान घरेलू उपायों से इस समस्या को कम किया जा सकता है.
1. DIY एंटी-पफ सीरम
1 बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल लें, उसमें विटामिन E की 2 बूंदें और लैवेंडर या गुलाब के एसेंशियल ऑयल की 1 बूंद मिलाएं. रात को सोने से पहले आंखों के नीचे हल्के हाथों से लगाएं.
2. कैमोमाइल टी बैग से सिकाई
दो कैमोमाइल टी बैग्स को गर्म पानी में भिगोएं और फ्रिज में ठंडा होने दें. फिर इसे 10 मिनट तक आंखों पर रखें. इससे सूजन कम होगी और आंखों को आराम मिलेगा.
3. गुनगुना नमक का पानी
एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच समुद्री नमक मिलाएं. रुई भिगोकर आंखों के नीचे 5-10 मिनट तक रखें. यह उपाय अतिरिक्त तरल पदार्थ निकालने में मदद करता है, लेकिन ध्यान रखें कि यह सीधे आंखों में न जाए.
4. एलोवेरा और विच हेज़ल जेल
एक चम्मच एलोवेरा जेल में विच हेज़ल की 2-3 बूंदें मिलाकर आंखों के नीचे लगाएं. यह त्वचा में कसाव लाता है और सूजन कम करता है.
5. मालिश से जलनिकासी करें
नारियल या लैवेंडर के तेल से आंखों की अंदर से बाहर की ओर धीरे से मालिश करें. इससे लसीका जल निकासी में सुधार होता है और सूजन कम होती है.
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बर्ड फ्लू: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के एक पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू (H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा) के मामले सामने आने के बाद पूरे राज्य में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं. बरसात के मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के साथ-साथ अब बर्ड फ्लू ने भी चिंता बढ़ा दी है.
क्या अंडे खाना बर्ड फ्लू में सुरक्षित है?
बर्ड फ्लू मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करने वाला वायरस है, लेकिन कभी-कभी यह इंसानों को भी संक्रमित कर सकता है. हैदराबाद के मेडिकल एडवाइजर और टेलीमेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मुरली भास्कर एम (MBBS, FDM) के मुताबिक, संक्रमित मुर्गियों के अंडों में भी यह वायरस मौजूद हो सकता है, लेकिन इसकी संभावना बहुत कम होती है. डॉ. भास्कर का कहना है कि अगर अंडों को सही तरीके से पकाया जाए, तो वायरस पूरी तरह नष्ट हो जाता है और उन्हें खाना सुरक्षित हो जाता है.
अंडे को सुरक्षित तरीके से पकाने के टिप्स
1. अंडे अच्छी तरह पकाएं – अंडे का योक (पीला हिस्सा) लिक्विड नहीं, बल्कि पूरी तरह सॉलिड होना चाहिए। वायरस और बैक्टीरिया को मारने के लिए तापमान कम से कम 74°C (165°F) होना चाहिए.
2. हाथ धोएं – कच्चे अंडे को छूने के बाद कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से हाथ धोएं.
3. बर्तनों की सफाई करें – जिन बर्तनों, चम्मच या सतह पर कच्चे अंडे रखे गए हों, उन्हें तुरंत गर्म पानी और साबुन से साफ करें.
4. अलग रखें – कच्चे अंडों को फलों, सब्जियों और पके हुए खाने से अलग रखें ताकि संक्रमण का खतरा न हो.
5. अलग बर्तन इस्तेमाल करें – चिकन और अंडों के लिए अलग कटिंग बोर्ड और चाकू का इस्तेमाल करें.
रिसर्च में सामने आया नया खतरा
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस (IISc) के बायोकेमिस्ट्री विभाग के डॉ. केशवर्धन सन्नुला की टीम ने H5N1 वायरस के 2.3.4.4b क्लेड पर अध्ययन किया है. यह स्ट्रेन वर्तमान में दुनिया के कई देशों में फैल रहा है और पक्षियों की कई प्रजातियों को संक्रमित कर चुका है. रिसर्च में पाया गया कि इस स्ट्रेन में ऐसे जेनेटिक म्यूटेशन हैं, जो पहले महामारी फैला चुके फ्लू वायरसों में देखे गए थे. इन बदलावों के कारण यह वायरस इंसानों को अधिक आसानी से संक्रमित कर सकता है.
बर्ड फ्लू से बचाव के उपाय
1. पोल्ट्री फार्म या पक्षियों के संपर्क से बचें, खासकर बर्ड फ्लू प्रभावित इलाकों में.
2. कच्चा या अधपका मांस और अंडे न खाएं.
3. रसोई में साफ-सफाई का खास ध्यान रखें.
4. बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
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Belly Fat: अगर आप सेब का सिरका, ग्रीन टी या नींबू पानी जैसे घरेलू नुस्खे आजमा चुके हैं, लेकिन पेट की जिद्दी चर्बी कम नहीं हो रही, तो यह खबर आपके लिए है. आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर एक आसान सा मिश्रण रात में पीने से न केवल वजन कम करने में मदद मिलती है, बल्कि पेट फूलने की समस्या, नींद की गुणवत्ता और शुगर क्रेविंग पर भी असर पड़ता है. खास बात यह है कि यह ड्रिंक पूरी तरह घरेलू और सुरक्षित है.
इस मिश्रण को बनाने के लिए ज़रूरी है - धनिया, मेथी, सौंफ, दालचीनी और अदरक.
1. धनिया के बीज लिवर को साफ करने और सूजन घटाने में मदद करते हैं.
2. मेथी के बीज ब्लड शुगर कंट्रोल करते हैं और भूख कम करने में सहायक होते हैं.
3. सौंफ गैस और पेट फूलने को कम करती है तथा पाचन सुधारती है.
4. दालचीनी इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाती है और शुगर लेवल को संतुलित रखती है.
5. अदरक मेटाबॉलिज्म तेज करता है और शरीर को ज्यादा कैलोरी जलाने में मदद करता है.
कैसे बनाएं यह ड्रिंक?
एक-एक चम्मच धनिया और मेथी को रात भर डेढ़ कप पानी में भिगो दें. शाम को इस पानी में आधा चम्मच सौंफ, आधा इंच दालचीनी और कद्दूकस किया हुआ अदरक डालकर 5 मिनट उबालें. छानकर रात के खाने के लगभग एक घंटे बाद पिएं.
रात में पीना क्यों फायदेमंद है?
नींद के दौरान शरीर स्वाभाविक रूप से डिटॉक्स होता है. लिवर रीसेट होता है, इंसुलिन सेंसिटिविटी सबसे बेहतर रहती है और तनाव से जुड़े हार्मोन कम हो जाते हैं. इन सभी प्रक्रियाओं से फैट बर्निंग और डाइजेशन दोनों तेज़ होते हैं, जिससे खासकर पेट की चर्बी घटाने में मदद मिलती है.
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Winter Skincare: सर्दियां शुरू होते ही जहां गर्म कपड़े और गरम चाय का मजा बढ़ जाता है, वहीं ठंडी हवा हमारी त्वचा की नमी छीन लेती है. इसके बाद स्किन डल, रूखी और बेजान हो जाती है. लेकिन अगर आप चाहें तो कुछ फलों को अपनी डाइट में शामिल करके इस समस्या से बच सकते हैं. ये फल न सिर्फ स्वादिष्ट होते हैं बल्कि इनमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट आपकी स्किन को अंदर से हाइड्रेट और ग्लोइंग बनाए रखते हैं. आइए जानते हैं सर्दियों के पांच बेस्ट फल जो आपकी स्किन को हेल्दी रखेंगे.
1. संतरा
सर्दियों में ड्राइनेस और डलनेस से बचने के लिए संतरा जरूर खाएं. इसमें विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है, जो कोलेजन को बढ़ाता है और स्किन को टाइट रखता है. यह प्रदूषण और फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से भी बचाव करता है. रोजाना एक संतरा खाने या इसका जूस पीने से स्किन ब्राइट और फ्रेश दिखती है.
2. अनार
अनार में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट स्किन को एजिंग के असर से बचाते हैं और डैमेज सेल्स को रिपेयर करते हैं. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और चेहरा गुलाबी, हेल्दी और ग्लोइंग दिखता है. आयुर्वेद के मुताबिक, अनार ‘वात दोष’ को संतुलित करता है, जिससे स्किन की ड्राइनेस कम होती है.
3. पपीता
पपीता स्किन के लिए नेचुरल क्लेंजर की तरह काम करता है. इसमें पपेन एंजाइम होता है जो डेड स्किन हटाकर नई, सॉफ्ट और चमकदार स्किन लाता है. विटामिन A, C और E की मौजूदगी स्किन को रिपेयर और मॉइस्चराइज करती है.
4. आंवला
आंवला सर्दियों का सुपरफूड है. यह विटामिन C से भरपूर होता है, जो स्किन को टाइट, ब्राइट और यंग बनाए रखता है. यह शरीर से टॉक्सिन्स निकालता है जिससे पिंपल्स और डलनेस कम होती है. इसे कच्चा, जूस या अचार के रूप में लिया जा सकता है.
5. ब्लूबेरी
ब्लूबेरी में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन C भरपूर होते हैं, जो स्किन की रेडनेस और पफीनेस कम करते हैं. यह कोलेजन को बढ़ाकर स्किन को जवां और टाइट बनाते हैं.