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Post Diwali Health Tips: दीवाली के बाद दिल्ली और एनसीआर की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है. स्मॉग और धुएं के बीच सांस लेना तक मुश्किल हो गया है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए. ऐसे समय में अपने फेफड़ों की सफाई और देखभाल बेहद जरूरी है. इसके लिए आप कुछ आसान आयुर्वेदिक डिटॉक्स ड्रिंक्स आजमा सकते हैं, जो नेचुरली फेफड़ों को साफ करने के साथ इम्यूनिटी भी बढ़ाते हैं.
1. अदरक-नींबू चाय
अदरक और नींबू की यह चाय शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करती है. नींबू में विटामिन C और अदरक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फेफड़ों को साफ और मजबूत बनाते हैं. सुबह खाली पेट इसका सेवन सबसे बेहतर माना जाता है.
2. गाजर-चुकंदर जूस
यह जूस विटामिन A और C से भरपूर होता है, जो ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है और थकान कम करता है. इसके नियमित सेवन से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है और शरीर को ऊर्जा मिलती है.
3. नींबू-शहद पानी (Lemon-Honey Water)
यह ड्रिंक शरीर से गंदगी निकालने के साथ इम्यूनिटी भी बढ़ाता है. सुबह गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीने से शरीर डिटॉक्स होता है और त्वचा में निखार आता है.
4. हल्दी वाला दूध (Turmeric Milk)
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन सूजन और इन्फेक्शन को कम करता है. रात में हल्दी दूध पीने से फेफड़ों को राहत मिलती है और गले में जलन या खराश से भी आराम मिलता है.
5. मुलेठी की चाय (Licorice Tea)
मुलेठी की चाय गले की खराश और खांसी में बहुत फायदेमंद होती है. यह सांस की नली को शांत करती है और प्रदूषण से हुए नुकसान को कम करती है.
अगर आप रोजाना इन ड्रिंक्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं, तो यह आपके फेफड़ों को मजबूत बनाएंगे और प्रदूषण से होने वाली परेशानियों से बचाएंगे. हालांकि, इसके साथ धूम्रपान से दूर रहें, धूल-मिट्टी से बचें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं. क्योंकि सेहत सिर्फ ड्रिंक्स से नहीं, बल्कि संतुलित दिनचर्या से भी बनती है.
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Vastu Shastra Tips for Home: वास्तु शास्त्र हमारी ज़िंदगी के हर पहलू में बैलेंस और पॉजिटिविटी लाता है. इस शास्त्र के अनुसार, हमारे घरों और ज़िंदगी में छोटी-छोटी चीज़ें भी अहम भूमिका निभाती हैं. कभी-कभी, गलती से हमारे हाथ से कुछ गिर जाना वास्तु के नज़रिए से एक बड़ा संकेत होता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि आपके हाथ से कुछ चीज़ें गिरना आपकी ज़िंदगी में आने वाली परेशानियों और चुनौतियों का संकेत देता है.
दूध: वास्तु शास्त्र में हाथ से दूध गिरना अशुभ माना जाता है. दूध को ज़िंदगी में खुशहाली और धन का प्रतीक माना जाता है. अगर आपके हाथ से दूध गिर जाए, तो इसका मतलब है कि आपको जल्द ही पैसे की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. यह संकेत हमें पैसे के मामलों में सावधानी बरतने की याद दिलाता है.
काली मिर्च: काली मिर्च न सिर्फ़ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि इसे ज़िंदगी से नेगेटिव एनर्जी दूर करने वाली भी माना जाता है. अगर काली मिर्च आपके हाथ से गिरती या बिखरती है, तो इसका मतलब है कि आपकी ज़िंदगी में नेगेटिविटी और स्ट्रेस बढ़ सकता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसे समय में अपने घर को साफ़ रखना और पॉजिटिव सोच बनाए रखना बहुत ज़रूरी है.
खाना: खाना गिरना भी एक अशुभ संकेत माना जाता है. चाहे आप खाना खा रहे हों या किसी और को परोस रहे हों, उसका गिरना मतलब है कि गरीबी या मुश्किल आने वाली है. इससे आपके घर की शांति और खुशी पर भी असर पड़ सकता है. इसलिए, वास्तु के अनुसार, ध्यान से खाना और खाने की चीज़ों का सम्मान करना बहुत ज़रूरी है.
नमक: वास्तु में नमक का गिरना भी बहुत अशुभ माना जाता है. नमक को जीवन में स्थिरता और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है. अगर यह आपके हाथ से गिर जाए, तो इसका मतलब है कि गंभीर समस्याएँ आने वाली हैं. ऐसे समय में, संयम बरतना और सोच-समझकर फ़ैसले लेना ज़रूरी है.
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Chia Seeds Benefits: हेल्दी और फिट रहने के लिए डॉक्टर हमेशा संतुलित डाइट की सलाह देते हैं. इस डाइट में ड्राई फ्रूट्स और सीड्स यानी बीजों की खास जगह होती है. आजकल चिया सीड्स, अलसी, कद्दू और सूरजमुखी के बीज काफी ट्रेंड में हैं. ये छोटे-छोटे बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. इनमें फाइबर, प्रोटीन, हेल्दी फैट्स, मिनरल्स और विटामिन्स पाए जाते हैं जो शरीर को एनर्जी देते हैं और कई बीमारियों से बचाते हैं.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन सीड्स को अगर सही समय पर खाया जाए तो इनके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं? चलिए जानते हैं कौन-सा सीड कब और कैसे खाना चाहिए.
1. चिया सीड्स
चिया सीड्स एनर्जी का बेहतरीन सोर्स हैं. इन्हें सुबह नाश्ते के साथ या एक्सरसाइज से 1 घंटे पहले खाना सबसे अच्छा रहता है.
2. अलसी के बीज
अलसी के बीज फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं.
3. कद्दू के बीज
कद्दू के बीज मैग्नीशियम, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स का अच्छा स्रोत हैं.
4. सूरजमुखी के बीज
सूरजमुखी के बीज विटामिन E और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं.
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Benefits of Figs: आज की तेज़ रफ्तार और व्यस्त जिंदगी में स्वस्थ रहना सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है. ऐसे समय में कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थ हमारी दिनचर्या को आसान बनाते हैं, जिनमें से एक अंजीर है. आकार में छोटा दिखने वाला यह फल पोषक तत्वों का खजाना है. मध्य प्रदेश का आयुष विभाग भी अंजीर को मिठास के साथ सेहत का बेहतरीन स्रोत मानता है, जिसमें विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं.
अंजीर शरीर को प्राकृतिक रूप से ऊर्जा प्रदान करता है और कई बीमारियों से सुरक्षा देता है. इसका सबसे बड़ा लाभ है लिवर और किडनी का डिटॉक्स, यानी इन अंगों की सफाई. नियमित रूप से अंजीर खाने से शरीर में जमा टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है. इसमें मौजूद कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस हड्डियों को मजबूत बनाते हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है.
पाचन सुधारने में अंजीर है कारगर
अंजीर पाचन सुधारने में भी बेहद कारगर है. अगर किसी को कब्ज की पुरानी समस्या है, तो रात में भिगोए गए अंजीर सुबह खाली पेट खाने से काफी आराम मिलता है. वजन कम करने की चाह रखने वाले लोगों के लिए यह फल प्राकृतिक उपाय है, क्योंकि इसमें फाइबर अधिक और कैलोरी कम होती है. इससे पेट देर तक भरा रहता है और ओवरईटिंग घटती है.
दिल के लिए होता फायदेमंद
दिल की सेहत के लिए भी अंजीर फायदेमंद माना जाता है. यह ब्लड प्रेशर को संतुलित रखता है और आयरन की अधिक मात्रा शरीर में खून की कमी को दूर करती है. नियमित सेवन से त्वचा चमकदार होती है, बाल मजबूत होते हैं और इम्यून सिस्टम भी बेहतर होता है. हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि अंजीर का सबसे अच्छा सेवन तरीका है. इसे रात में पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाना.
ताजा अंजीर का करें सेवन
भिगोया हुआ अंजीर अधिक नरम होता है और इसके पोषक तत्व जल्दी अवशोषित होते हैं. सर्दियों में ताज़ा अंजीर खाना और भी फायदेमंद माना जाता है. हालांकि, कुछ लोगों को सावधानी रखनी चाहिए. जिन्हें अंजीर से एलर्जी है, उन्हें खुजली, चकत्ते या जलन हो सकती है. ऐसी स्थिति में इसका सेवन न करें. वहीं डायबिटीज के मरीज इसे डॉक्टर की सलाह पर ही खाएं.