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Post Diwali Detox Tips: दिवाली के दौरान खूब मिठाइयां, नमकीन और तले-भुने पकवान खाने का मज़ा तो सबको आता है, लेकिन उसके बाद शरीर का थका हुआ और भारी महसूस करना आम बात है. मिठाइयों और मसालेदार खाने से शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ जाते हैं, जिससे थकान, ब्लोटिंग और पाचन की समस्या होती है. अगर आपको भी दिवाली के बाद सुस्ती और भारीपन महसूस हो रहा है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं. कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप अपने शरीर को फिर से एक्टिव, हल्का और एनर्जेटिक बना सकते हैं.
1. सुबह पिएं नींबू-शहद वाला पानी
सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू और एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं. यह शरीर से टॉक्सिन्स को निकालने और पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है. साथ ही मेटाबॉलिज्म को तेज करके वजन घटाने में भी फायदेमंद होता है.
2. शुगर से लें ब्रेक
त्योहारों के दौरान खाई गई मिठाइयों का असर शरीर पर लंबे समय तक रहता है. ऐसे में 2–3 हफ्तों तक चीनी से परहेज करें. इसके बजाय गुड़, खजूर या शहद का सीमित इस्तेमाल करें. यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है और थकान कम करता है.
3. फाइबर से भरपूर डाइट लें
फाइबर शरीर के लिए नेचुरल डिटॉक्स एजेंट की तरह काम करता है. इसलिए अपने खाने में सलाद, अंकुरित अनाज, ओट्स, फल और हरी सब्जियां ज़रूर शामिल करें. ये पाचन को दुरुस्त रखते हैं और पेट की सूजन को घटाते हैं.
4. खूब पानी पिएं
पर्याप्त पानी पीना डिटॉक्स प्रक्रिया का सबसे ज़रूरी हिस्सा है. दिनभर में कम से कम 8–10 गिलास पानी ज़रूर पिएं. चाहें तो डिटॉक्स वॉटर (नींबू, पुदीना और खीरे के साथ) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
5. हल्की एक्सरसाइज करें
त्योहारों के बाद शरीर को फिर से सक्रिय करने के लिए योग, स्ट्रेचिंग या मॉर्निंग वॉक करें. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और सुस्ती दूर होती है.
6. पूरी नींद लें
त्योहारों के दौरान नींद की कमी आम है. अब कोशिश करें कि हर दिन 7–8 घंटे की नींद लें ताकि शरीर खुद को रिपेयर कर सके और एनर्जी लेवल बढ़ सके. इन आसान आदतों को अपनाकर आप दिवाली के बाद भी अपनी सेहत और एनर्जी दोनों को वापस पा सकते हैं.
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Elderly Health: सीड्स यानी बीज देखने में छोटे जरूर होते हैं, लेकिन इनमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. इनमें विटामिन, मिनरल्स, हेल्दी फैट्स और प्लांट-बेस्ड प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है, जो दिल को हेल्दी रखते हैं, एनर्जी बढ़ाते हैं और डाइजेशन सुधारते हैं. लेकिन हर चीज की तरह सीड्स भी हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होते, खासकर बुजुर्गों के लिए.
उम्र बढ़ने के साथ पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है. ऐसे में कुछ बीज पेट फूलने, गैस या कब्ज जैसी दिक्कतें पैदा कर सकते हैं. कुछ छोटे और सख्त बीज गले में फंस सकते हैं या दम घुटने का खतरा बढ़ा सकते हैं. साथ ही, कई बीज ऐसी दवाओं के असर को भी कम कर देते हैं जो ब्लड प्रेशर, शुगर या कोलेस्ट्रॉल के लिए ली जाती हैं. इसलिए यह जानना जरूरी है कि कौन से सीड्स बुजुर्गों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं.
1. पॉपी सीड्स
खसखस केक या ब्रेड में स्वाद और क्रंच लाने के लिए डाली जाती है. लेकिन इनमें कुछ ऐसे प्राकृतिक तत्व होते हैं जो पेन किलर या ब्लड थिनर दवाओं के असर को प्रभावित कर सकते हैं. बुजुर्गों को इन्हें चबाना या निगलना भी मुश्किल होता है. इसलिए खसखस का इस्तेमाल बहुत सीमित मात्रा में और पका हुआ ही करें.
2. चिया सीड्स
चिया सीड्स फाइबर और ओमेगा-3 से भरपूर होते हैं, लेकिन इन्हें सूखा खाने से पेट में सूजन या कब्ज हो सकता है क्योंकि ये पानी के संपर्क में आने पर फूल जाते हैं. इन्हें खाने से पहले पानी या दूध में भिगोना जरूरी है. बुजुर्ग दिन में 1–2 चम्मच तक ही सुरक्षित रूप से खा सकते हैं.
3. अलसी के बीज
अलसी के बीज पाचन और हार्ट हेल्थ के लिए लाभदायक हैं, लेकिन अधिक मात्रा में खाने से गैस या दस्त की दिक्कत हो सकती है. साथ ही, ये कुछ दवाओं के असर को भी कम कर सकते हैं. इन्हें खाने से पहले पीसकर थोड़ी मात्रा में ही लें.
4. सूरजमुखी के बीज
सूरजमुखी के बीज हेल्दी स्नैक हैं, लेकिन मार्केट में मिलने वाले पैक्ड बीजों में नमक या चीनी मिलाई जाती है, जो ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है और किडनी पर असर डाल सकती है. हमेशा बिना नमक-चीनी वाले बीज चुनें और कम मात्रा में खाएं.
5. हेम्प सीड्स
भांग के बीज प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर हैं, लेकिन ज्यादा मात्रा में खाने से पेट खराब हो सकता है. साथ ही ये ब्लड थिनर दवाओं के असर को भी प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए दिन में 1–2 बड़े चम्मच तक ही लें और अगर कोई दवा ले रहे हों तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
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Navratri Vrat Recipe: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व आज से शुरू हो चुका है. नौ दिनों तक देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है और भक्त व्रत रखते हैं. व्रत के दौरान हल्के और हेल्दी स्नैक्स की तलाश हर किसी को रहती है. ऐसा ही एक नाश्ता है कच्चे केले के कटलेट, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहतमंद भी है.
कच्चे केले के कटलेट बनाने के लिए सामग्री
3-4 कच्चे केले
2-3 उबले आलू
स्वादानुसार नमक और काली मिर्च
2 बड़े चम्मच कटा हुआ ताजा हरा धनिया
2 हरी मिर्च (बारीक कटी)
तेल (ग्रीस करने और तलने के लिए)
बनाने का तरीका
सबसे पहले आलू को अच्छी तरह उबालकर छील लें और मैश करें. इसमें नमक, काली मिर्च, हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाकर मसालेदार मिक्स तैयार कर लें. अब कच्चे केलों को उबालें. उबलने के बाद छीलकर मैश करें और स्वादानुसार नमक, काली मिर्च डालें. तेल लगे हाथों से आलू के मिक्स की छोटी-छोटी गोलियां बना लें.
मैश किए हुए केले का थोड़ा हिस्सा लें, उसे हल्का चपटा करें. बीच में आलू की गोली रखकर किनारे बंद कर टिक्की जैसा आकार दें. कड़ाही में तेल गरम करें और कटलेट को दोनों तरफ से गोल्डन और क्रिस्पी होने तक तलें. फिर एक्स्ट्रा तेल सोखने के लिए पेपर टॉवल पर रख दें. इन कटलेट्स को आप दही या हरी चटनी के साथ सर्व कर सकते हैं. व्रत में यह एक स्वादिष्ट और हेल्दी स्नैक है, जिसे बनाना बेहद आसान है.
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Foods That Improve Brain Function: जिस तरह शरीर को फिट और हेल्दी रखने के लिए सही खानपान जरूरी होता है, उसी तरह दिमाग की सेहत के लिए भी पौष्टिक आहार लेना बेहद ज़रूरी है. अगर आप चाहते हैं कि आपकी याददाश्त तेज रहे, फोकस अच्छा हो और दिमाग उम्र के साथ कमजोर न पड़े, तो आपको अपनी डाइट में कुछ खास चीजें जरूर शामिल करनी चाहिए. कुछ फूड्स ऐसे हैं जो रिसर्च में साबित हो चुके हैं कि वो दिमाग को तेज, एक्टिव और हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं. अच्छी बात ये है कि ये चीजें आसानी से घर पर या बाजार में मिल जाती हैं.
1. ब्लूबेरी
ब्लूबेरी छोटे आकार का एक फल है, लेकिन इसके फायदे बहुत बड़े हैं. इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो दिमाग को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं. ब्लूबेरी याददाश्त को मजबूत करती है और दिमागी थकान को कम करने में मदद करती है. सप्ताह में 2-3 बार इसे खाने से फायदा होता है.
2. संतरा
संतरे में विटामिन C की मात्रा बहुत अधिक होती है. यह विटामिन दिमाग को फ्री रेडिकल्स से बचाता है, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं. रोजाना एक संतरा खाने से आपकी एकाग्रता बढ़ती है और सोचने-समझने की शक्ति बेहतर होती है.
3. हल्दी
हल्दी सिर्फ मसाले के रूप में ही नहीं, बल्कि एक औषधि के रूप में भी जानी जाती है. इसमें मौजूद करक्यूमिन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो दिमाग की सूजन कम करता है, मूड को बेहतर करता है और याददाश्त को बढ़ाता है. आप इसे दूध में मिलाकर या सब्जियों में डालकर ले सकते हैं.
4. कद्दू के बीज
कद्दू के बीज मैग्नीशियम, जिंक और आयरन जैसे मिनरल्स से भरपूर होते हैं. ये सभी तत्व दिमाग की फंक्शनिंग के लिए बेहद जरूरी हैं. ये मूड को स्थिर रखने, फोकस करने और मेंटल स्ट्रेस कम करने में मदद करते हैं.
5. डार्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट खाने में स्वादिष्ट होती है और दिमाग के लिए फायदेमंद भी. इसमें फ्लेवोनोइड्स, कैफीन और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो मानसिक सतर्कता बढ़ाते हैं, मूड को बेहतर करते हैं और तनाव को कम करते हैं.