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Health News: अगर आपके पैरों में बार-बार सुई चुभने जैसी सनसनी या झनझनाहट महसूस होती है, तो इसे हल्के में न लें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यह लक्षण सिर्फ सामान्य थकान नहीं, बल्कि किसी बड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
पैर में झनझनाहट की सबसे आम वजह लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहना या पैर दबा कर बैठना होता है, जिससे नसों पर दबाव पड़ता है और रक्त संचार प्रभावित होता है। हालांकि लगातार झनझनाहट रहना कई बार डायबिटीज, विटामिन B12 की कमी, या न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर का संकेत भी हो सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि डायबिटिक न्यूरोपैथी, साइयाटिका, या थायरॉइड संबंधी गड़बड़ियों के मरीजों में यह लक्षण आम है। साथ ही अत्यधिक शराब और धूम्रपान करने वालों में भी नसों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है जिससे झनझनाहट हो सकती है।
लक्षणों में पैरों में सुन्नपन, जलन, चलने में परेशानी और कमजोरी शामिल हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि यह समस्या अक्सर हो रही है, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें।
उपचार के तौर पर संतुलित आहार, विटामिन B12 युक्त भोजन (जैसे अंडा, दूध, पत्तेदार सब्ज़ियां), और नियमित व्यायाम को जरूरी बताया गया है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह एक बढ़ती हुई आम समस्या बनती जा रही है, जिसे नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर रूप ले सकता है।
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आजकल हेल्दी और फिट रहने की चाहत हर किसी को है, लेकिन हमारी डाइट में अक्सर प्रोटीन की कमी रह जाती है. प्रोटीन न सिर्फ मसल्स बनाने में मदद करता है, बल्कि इम्यूनिटी बढ़ाने, एनर्जी बनाए रखने और शरीर को सही तरीके से काम करने में भी अहम भूमिका निभाता है. न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर, जो करीना कपूर जैसी बॉलीवुड हस्तियों की डाइटीशियन रह चुकी हैं, ने बताया कि रोजाना के खाने में थोड़े-थोड़े बदलाव करके हम प्रोटीन की कमी को आसानी से पूरा कर सकते हैं. उन्होंने पांच ऐसे नेचुरल सोर्स बताए हैं जिन्हें डाइट में शामिल करने से शरीर को पर्याप्त प्रोटीन मिल सकता है.
1. स्प्राउट्स के साथ कार्बोहाइड्रेट भी जरूरी
रुजुता दिवेकर के अनुसार, लोग स्प्राउट्स पर तो ध्यान देते हैं लेकिन रोटी, चावल जैसे कार्बोहाइड्रेट से बचने लगते हैं. ऐसा करने से शरीर को जरूरी अमिनो एसिड नहीं मिल पाते और प्रोटीन की कमी रह जाती है. इसलिए स्प्राउट्स के साथ-साथ रोटी और चावल जैसे कार्बोहाइड्रेट फूड्स को भी रोजाना की डाइट में शामिल करना जरूरी है.
2. दाल – भारतीय खाने का अहम हिस्सा
भारतीय खाना दाल के बिना अधूरा माना जाता है, लेकिन आजकल इसे ज्यादातर लोग सिर्फ कभी-कभार करी के रूप में ही खाते हैं. रुजुता का कहना है कि दाल को रोजाना के खाने का हिस्सा बनाना चाहिए. इसमें प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हेल्दी शरीर के लिए बेहद जरूरी हैं.
3. ड्राई फ्रूट्स और लेग्यूम्स का सेवन
ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, अखरोट और बीज जैसे चिया व फ्लैक्स सीड्स के साथ-साथ चना और मूंगफली को भी डाइट में शामिल करना चाहिए. ये शाम के समय हेल्दी स्नैक के तौर पर बेहतरीन विकल्प हैं. ये न केवल प्रोटीन देते हैं, बल्कि हेल्दी फैट्स और मिनरल्स का भी अच्छा स्रोत हैं.
4. दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स
दूध और इससे बने प्रोडक्ट्स जैसे दही, पनीर या छाछ प्रोटीन से भरपूर होते हैं. रुजुता का सुझाव है कि दिन में कम से कम एक बार दूध या कोई भी डेयरी प्रोडक्ट जरूर लें. चाहे सुबह दूध पीना हो या दोपहर में दही-चावल खाना, इसे रोज की डाइट का हिस्सा बनाना न भूलें.
5. नॉन-वेज खाने वालों के लिए मांस, मछली और अंडे
अगर आप नॉन-वेज खाते हैं तो अपनी डाइट में मांस, मछली या अंडे को शामिल कर सकते हैं. ये न सिर्फ शरीर को आवश्यक प्रोटीन देते हैं, बल्कि मसल्स बनाने, इम्यूनिटी बढ़ाने और एनर्जी बनाए रखने में भी मदद करते हैं.
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Curtain Cleaning Tips: अक्सर घर की खिड़कियों और दरवाजों पर लगे पर्दे सबसे ज्यादा गंदगी सोखते हैं. धूल, मैल और नमी की वजह से ये जल्दी फीके और पुराने दिखने लगते हैं. खासतौर पर प्लास्टिक, कॉटन, सिल्क या अन्य फैब्रिक के पर्दों को साफ करना लोगों को मुश्किल लगता है. अगर इन्हें सही तरीके से साफ और सुखाया न जाए तो ये भद्दे दिखते हैं और कपड़ा भी खराब हो सकता है. लेकिन कुछ आसान उपायों से बिना ज्यादा मेहनत के पर्दों को साफ कर इन्हें नया जैसा चमकदार बनाया जा सकता है.
पर्दे धोने के आसान तरीके
पर्दों को धोने से पहले उन्हें रातभर हल्के डिटर्जेंट वाले पानी में भिगोकर छोड़ दें. इससे पर्दों पर जमा मैल नर्म हो जाएगा और वे आसानी से साफ हो जाएंगे. अगली सुबह इन्हें वॉशिंग मशीन के डेलिकेट मोड पर ठंडे पानी से धोएं. हल्के डिटर्जेंट का ही इस्तेमाल करें ताकि कपड़े का रंग खराब न हो.
रेशम या किसी नाजुक कपड़े के पर्दों को मशीन में न धोएं. इन्हें ठंडे पानी में हल्के डिटर्जेंट के साथ भिगोकर एक से दो घंटे रखें. बाद में हल्के हाथों से रगड़कर साफ करें और हल्की धूप या हवा वाली जगह पर सुखाएं. धुलाई से पहले पर्दों को उतारकर खुले स्थान पर अच्छी तरह झाड़ लें. इससे सतह पर जमा धूल निकल जाएगी और धोना आसान होगा. वैकल्पिक रूप से आप वैक्यूम क्लीनर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर पर्दों को हटाना संभव न हो, तो सॉफ्ट ब्रश अटैचमेंट वाले वैक्यूम क्लीनर से हल्के-हल्के साफ करें. यह तरीका पर्दों पर जमा ऊपरी धूल और गंदगी को हटाने में कारगर है.
सुखाने में बरतें सावधानी
पर्दों को हमेशा सीधी धूप में डालने से बचें. उन्हें छाया या हल्की धूप में ही सुखाएं. सीधी धूप पर्दों के रंग को फीका कर सकती है और कपड़े की मजबूती भी घटा सकती है. इन छोटे-छोटे टिप्स को अपनाकर आप बिना ज्यादा मेहनत किए अपने पर्दों को लंबे समय तक नया, साफ-सुथरा और आकर्षक बनाए रख सकते हैं.
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Guava Health Benefits: अमरूद उन फलों में से एक है जिसे आमतौर पर हर कोई आसानी से खरीद सकता है. यह बाकी फलों की तुलना में सस्ता जरूर होता है, लेकिन सेहत के मामले में किसी भी महंगे फल से कम नहीं है. अमरूद को लोग अलग-अलग तरीकों से खाते हैं. कोई इसे सीधा काटकर खाता है, कोई नमक-मिर्च डालकर और कुछ लोग इसका जूस भी बनाते हैं. स्वादिष्ट होने के साथ-साथ यह फल पोषण से भरपूर होता है और शरीर को कई तरह के फायदे पहुंचाता है.
अमरूद में विटामिन सी, फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इनकी वजह से यह इम्युनिटी को मजबूत करने से लेकर पाचन तंत्र, दिल और स्किन-बालों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है. आइए जानते हैं इसके प्रमुख फायदे.....
1. पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
अमरूद में फाइबर की मात्रा काफी ज्यादा होती है. फाइबर हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है. इसके अलावा इसमें मौजूद पोषक तत्व गट हेल्थ यानी आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं और अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं. नियमित रूप से अमरूद खाने से पेट से जुड़ी दिक्कतें कम हो जाती हैं.
2. इम्युनिटी को करता है मजबूत
अमरूद विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है। विटामिन सी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को मजबूत करता है. यह श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBCs) के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे शरीर को बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में मदद मिलती है. अगर आप अक्सर सर्दी-जुकाम या संक्रमण का शिकार हो जाते हैं, तो अमरूद को अपनी डेली डाइट में शामिल करना बेहद फायदेमंद हो सकता है.
3. स्किन और बालों के लिए लाभकारी
अमरूद में मौजूद विटामिन सी और बीटा-कैरोटीन जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बनाते हैं. ये तत्व त्वचा में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाते हैं, जिससे स्किन टाइट और जवां बनी रहती है. इसके अलावा ये फ्री-रैडिकल्स से भी लड़ते हैं, जो समय से पहले झुर्रियां और एजिंग की समस्या पैदा करते हैं. यही नहीं, अमरूद में मौजूद पोषक तत्व बालों को भी मजबूत बनाते हैं और हेयर फॉल की समस्या को कम कर सकते हैं.
4. दिल की सेहत में सहायक
अमरूद दिल के स्वास्थ्य के लिए भी वरदान है. इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करता है और घुलनशील फाइबर खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करता है. दोनों ही बातें हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों के खतरे को घटाती हैं. इसलिए अमरूद उन लोगों के लिए खास फायदेमंद है जिन्हें दिल से जुड़ी समस्या का जोखिम रहता है.
5. वजन घटाने में मददगार
अमरूद का कैलोरी लेवल कम होता है और इसमें मौजूद फाइबर लंबे समय तक पेट को भरा रखता है. इससे बार-बार खाने की आदत कम हो जाती है और ओवरईटिंग से बचा जा सकता है. यही वजह है कि वेट लॉस करने वाले लोगों के लिए अमरूद एक बेहतरीन स्नैक ऑप्शन माना जाता है.