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Glowing Skin Tips: हर कोई चाहता है कि उसका चेहरा हमेशा चमकता रहे और स्किन हेल्दी दिखे. इसके लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की नहीं, बल्कि रोजमर्रा की कुछ आसान आदतों की जरूरत होती है. आइए जानें वे देसी नुस्खे जो आपकी स्किन, बालों और हेल्थ, तीनों का ख्याल रखते हैं.
1. सुबह नींबू पानी जरूर पिएं
दिन की शुरुआत गर्म पानी में नींबू डालकर करने से शरीर से टॉक्सिन्स निकलते हैं. यह डाइजेशन को बेहतर बनाता है और मेटाबॉलिज्म तेज करता है. नींबू में मौजूद विटामिन C स्किन को चमकदार बनाता है और झुर्रियों से बचाता है. हल्का मीठा स्वाद पाने के लिए थोड़ा शहद भी मिला सकते हैं.
2. हफ्ते में दो बार बालों में तेल लगाएं
नारियल, बादाम या सरसों का तेल बालों के लिए सबसे फायदेमंद माना जाता है. यह स्कैल्प को पोषण देता है, बाल झड़ने से रोकता है और उन्हें नेचुरल शाइन देता है. नियमित तेल लगाने से बाल मजबूत और घने बनते हैं.
3. खाएं हेल्दी सुपरफूड्स
हल्दी, आंवला, बादाम और अखरोट जैसे फूड्स स्किन और बालों दोनों के लिए फायदेमंद हैं. हल्दी में एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो एजिंग को धीमा करते हैं, जबकि आंवला विटामिन C से भरपूर होता है और स्किन को ग्लो देता है.
4. एक्सरसाइज और योग करें
रोजाना हल्की एक्सरसाइज या योग करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और चेहरा नैचुरली चमकने लगता है. वॉक, सूर्य नमस्कार या स्ट्रेचिंग से स्ट्रेस कम होता है, जिससे स्किन पर नेचुरल ग्लो आता है.
5. पूरी नींद लें
रात की अच्छी नींद स्किन के लिए बेस्ट ट्रीटमेंट है. 7-8 घंटे की नींद से स्किन रिपेयर होती है और डार्क सर्कल्स दूर रहते हैं. सोने से पहले दूध में हल्दी या इलायची डालकर पीना फायदेमंद है.
6. मुस्कुराना न भूलें
सच्ची मुस्कान किसी भी मेकअप से ज्यादा खूबसूरत लगती है. मुस्कुराने से मन हल्का होता है, स्ट्रेस कम होता है और स्किन खुद-ब-खुद फ्रेश दिखने लगती है. छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके आप बिना किसी खर्च के खुद को हेल्दी, फिट और ग्लोइंग बनाए रख सकते हैं.
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Health News: सलमान खान की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से पहचान बनाने वाली भाग्यश्री आज भी अपने फिटनेस और ग्लो से चर्चा में रहती हैं. 56 साल की उम्र में भी वो 40 की नजर आती हैं. फिल्मों से दूर रहने के बावजूद वह सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती हैं और हेल्थ टिप्स शेयर करती हैं.
भाग्यश्री इंस्टाग्राम पर ‘ट्यूसडे टिप विद बी’ नाम की सीरीज चलाती हैं, जिसमें वो फिटनेस और हेल्थ से जुड़े आसान उपाय बताती हैं. हाल ही में उन्होंने घर पर की जाने वाली एक आसान एक्सरसाइज बताई, जो खासतौर पर उन महिलाओं के लिए है जो जिम नहीं जा पातीं. उन्होंने कहा कि अगर जिम जाने का मन नहीं है, तो “गरबा को घर ले आइए”, यानी एक्सरसाइज को मजेदार बनाइए.
भाग्यश्री ने बताया कि gym stepper की मदद से आप कई वर्कआउट घर पर ही कर सकते हैं. इससे फिटनेस और एनर्जी दोनों बनी रहती हैं. उनके मुताबिक, हेल्दी रहने के लिए रोज थोड़ा समय खुद के लिए निकालना जरूरी है. इसी बीच, हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की वेबसाइट Harvard Health Publishing ने भी घर पर की जाने वाली कुछ आसान एक्सरसाइज बताई हैं, जो खासकर महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद हैं. ये न सिर्फ वजन नियंत्रण में रखती हैं, बल्कि हड्डियों, जोड़ों और दिमाग को भी मजबूत बनाती हैं.
पैदल चलना (Walking)
यह सबसे आसान लेकिन असरदार एक्सरसाइज है. इससे कोलेस्ट्रॉल घटता है, हड्डियां मजबूत होती हैं, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और डायबिटीज या हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है. रोज़ाना 30-45 मिनट चलने से मूड और याददाश्त दोनों बेहतर रहते हैं.
तैराकी (Swimming)
स्विमिंग को “संपूर्ण व्यायाम” कहा गया है. यह शरीर को बिना दबाव के फिट रखती है और गठिया जैसी समस्याओं में भी फायदेमंद है. इससे मूड अच्छा रहता है, तनाव कम होता है और कैलोरी तेजी से बर्न होती हैं.
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (Strength Training)
यह सिर्फ पुरुषों के लिए नहीं है. महिलाएं भी घर पर हल्के वजन उठाकर शुरुआत कर सकती हैं. इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और उम्र के साथ आने वाली कमजोरी से बचाव होता है.
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Walnut: कहा जाता है कि अगर शरीर और दिमाग को फिट रखना है तो डाइट पर खास ध्यान देना ज़रूरी है. सही खानपान न सिर्फ हमें बीमारियों से बचाता है बल्कि हमारी उम्रभर की सेहत की भी गारंटी बन सकता है. इन्हीं हेल्दी फूड्स में से एक है अखरोट (Walnut). इसे अक्सर सुपरफूड कहा जाता है, क्योंकि यह छोटे से आकार में पोषण का खजाना छुपाए बैठा है.
कई लोग अखरोट को ऐसे ही खा लेते हैं, लेकिन अगर इन्हें पानी में भिगोकर खाया जाए तो इसके फायदे और भी ज़्यादा बढ़ जाते हैं. दरअसल, अखरोट भिगोने से यह जल्दी पचता है और शरीर इसे आसानी से अवशोषित कर लेता है. आइए जानते हैं, भिगोए हुए अखरोट खाने के क्या-क्या फायदे हैं.
दिमाग को बनाता है तेज और शार्प
दिल को रखता है हेल्दी
डाइजेशन और गट हेल्थ को मजबूत करता है?
वजन घटाने में मददगार
स्किन को बनाए ग्लोइंग और हेल्दी
कब और कैसे खाएं अखरोट?
किन्हें नहीं खाना चाहिए अखरोट?
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Lung Cancer: जब फेफड़ों के कैंसर की बात आती है, तो लोग अक्सर इसे धूम्रपान से जोड़ते हैं। लेकिन हाल के वर्षों में, एक आश्चर्यजनक प्रवृत्ति सामने आई है. अब बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी फेफड़ों के कैंसर का शिकार हो रहे हैं जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, अमेरिका में फेफड़ों के कैंसर के 20 फीसद मामले ऐसे हैं जिनका धूम्रपान से कोई संबंध नहीं था। कुछ एशियाई देशों में, यह आंकड़ा 50 फीसद तक पहुंच गया है, खासकर महिलाओं में।
इस बदलाव के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं, जिनमें सबसे प्रमुख है वायु प्रदूषण। PM2.5 जैसे सूक्ष्म कण, जो सांस के साथ शरीर में प्रवेश करते हैं, फेफड़ों के ऊतकों को नुकसान पहुंचाकर कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से इस बीमारी के होने का खतरा बहुत बढ़ जाता है। एक अन्य महत्वपूर्ण कारण रेडॉन गैस है, जो मिट्टी और चट्टानों में मौजूद यूरेनियम के टूटने से निकलती है। यह गैस घरों की दीवारों या फर्श की दरारों से प्रवेश कर सकती है और लंबे समय तक इसके संपर्क में रहना फेफड़ों के लिए घातक है।
इसके अलावा, ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) और एपस्टीन-बार वायरस (EBV) जैसे वायरस भी इस कैंसर का कारण बन सकते हैं। एक और अहम कारण है सेकेंड हैंड स्मोकिंग, यानी अगर कोई व्यक्ति धूम्रपान नहीं करता, लेकिन ऐसे माहौल में रहता है जहां लोग सिगरेट पीते हैं, तो वह भी इस बीमारी का शिकार हो सकता है। कुछ मामलों में यह बीमारी वंशानुगत यानी जेनेटिक कारणों से भी होती है। वहीं, गांवों या गरीब इलाकों में लकड़ी, गोबर या कोयले से खाना पकाते समय निकलने वाला धुआं भी महिलाओं में इस बीमारी का एक बड़ा कारण है।
यह स्थिति चिकित्सा विज्ञान के लिए भी एक चुनौती है, क्योंकि इससे पता चलता है कि फेफड़ों का कैंसर अब सिर्फ़ धूम्रपान से जुड़ी बीमारी नहीं रह गई है। समय पर जांच, जागरूकता और स्वच्छ वातावरण इस बीमारी को रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।