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Kidney Disease Symptoms on Face: किडनी हमारे शरीर का बेहद जरूरी अंग है. यह शरीर से वेस्ट मटीरियल, टॉक्सिन्स और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने का काम करती है. अगर किडनी बीमार हो जाए तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं, जिससे हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और डायबिटीज जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.
अगर समय रहते इलाज न मिले तो किडनी धीरे-धीरे काम करना बंद कर देती है और किडनी फेलियर की स्थिति आ जाती है. इस अवस्था में मरीज को डायलिसिस या ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है.
किडनी खराब होने पर चेहरे पर दिखने वाले शुरुआती संकेत
हेल्थ वेबसाइट Medical News Today के मुताबिक, किडनी की बीमारी के शुरुआती चरण में कई बार लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन जैसे-जैसे स्थिति बिगड़ती है, शरीर में वेस्ट जमा होने लगता है और कुछ लक्षण दिखने लगते हैं.
1. चेहरे और आंखों के नीचे सूजन
अगर सुबह उठने पर आपका चेहरा या आंखों के नीचे सूजन नजर आती है, तो यह किडनी डैमेज का संकेत हो सकता है. किडनी ठीक से टॉक्सिन्स और लिक्विड्स को फिल्टर नहीं कर पाती, जिससे शरीर में फ्लूड रिटेंशन होता है.
2. त्वचा में खुजली और सूखापन
किडनी खराब होने पर शरीर में वेस्ट जमा हो जाते हैं. इसका असर त्वचा पर भी दिखता है. त्वचा रूखी हो जाती है और खुजली होने लगती है.
3. चेहरे का पीलापन
किडनी रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में मदद करती है. जब किडनी कमजोर पड़ती है, तो खून की कमी (एनीमिया) होने लगती है और चेहरा पीला दिखने लगता है.
किडनी डैमेज के अन्य लक्षण
लक्षण दिखने पर क्या करें
अगर आपको या आपके किसी करीबी को ये लक्षण लगातार दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. खासकर जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज है, उन्हें नियमित रूप से किडनी की जांच करानी चाहिए.
ध्यान रखें
किडनी की बीमारी में पानी पीना जरूरी है, लेकिन ज्यादा मात्रा में पानी लेना भी नुकसानदायक हो सकता है. हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही पानी पिएं.
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Ulcer Early Symptoms: अक्सर लोग पेट में जलन या खट्टी डकारों को साधारण एसिडिटी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लक्षण आगे चलकर अल्सर का कारण बन सकते हैं. बार-बार जलन, गैस, पेट दर्द, भूख कम लगना या वजन घटना जैसे संकेतों को हल्का नहीं लेना चाहिए. अल्सर शरीर के कई हिस्सों, जैसे मुंह, पेट या आंतों में बन सकता है, लेकिन सबसे ज्यादा इसके मामले आमाशय और आंतों में पाए जाते हैं.
जब पेट में बनने वाला तेज़ अम्ल पेट की भीतरी दीवारों को नुकसान पहुंचाने लगता है, तो वहां घाव बन जाता है। यह एसिड इतना प्रबल होता है कि लोहे की ब्लेड को भी गलाने की क्षमता रखता है, इसलिए यह पेट के ऊतकों पर गंभीर असर डाल सकता है.
अल्सर क्यों होता है?
गलत खानपान अल्सर का सबसे बड़ा कारण माना जाता है. ज्यादा चाय-कॉफी, तला-भुना और मसालेदार खाना, शराब, खट्टे खाद्य पदार्थ और तनाव, गुस्सा व चिंता शरीर में अम्ल बढ़ाते हैं. जब पेट में एसिड आवश्यकता से अधिक बनने लगता है, तो यह पेट की दीवारों को नुकसान पहुँचाकर अल्सर बना देता है. शुरुआती चरण में पेट में जलन, गैस, खट्टी डकारें और दर्द दिखाई देता है. स्थिति बिगड़ने पर छाती में जलन, उल्टी, पाचन गड़बड़ होना और कई बार मल में खून आने तक की समस्या हो सकती है. समय पर ध्यान न दिया जाए तो रोग गंभीर हो सकता है.
कैसे करें अल्सर से राहत?
अल्सर सही आहार और जीवनशैली अपनाने से काफी हद तक ठीक हो सकता है. कुछ प्राकृतिक उपाय पेट की जलन और घाव भरने में बेहद कारगर हैं. पत्ता गोभी और गाजर का जूस पेट की सूजन कम करता है, जबकि गाय का दूध और घी अम्लता को शांत करते हैं. हल्दी वाला दूध, बादाम का दूध और नारियल पानी पेट को आराम देते हैं. मुलेठी पेट की परत की सुरक्षा और हीलिंग में मदद करती है. अल्सर में छाछ, हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन, कच्चे केले की सब्जी, पालक और जवारों का रस बेहद लाभकारी है. इन्हें नियमित आहार में शामिल करना फायदेमंद रहता है.
इन चीजों से बचें
अल्सर से बचने और उसे नियंत्रित करने के लिए कुछ चीजों से दूर रहना बेहद जरूरी है. मैदा, जंक फूड, चाय-कॉफी, सोडा और शराब पेट में अम्ल बढ़ाते हैं और अल्सर को और खराब कर सकते हैं. इनका सेवन पूरी तरह से सीमित या बंद करना चाहिए. बेहतर पाचन के लिए हर दो घंटे में थोड़ा-थोड़ा खाना फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इससे पेट पर दबाव कम पड़ता है. इसके साथ ही तनाव कम करना, समय पर भोजन लेना और पूरी नींद लेना अल्सर के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. सही दिनचर्या अपनाने से पेट की सेहत तेजी से सुधरती है.
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Detox Herbs: शरीर में जब गंदगी जमा होती है तो उसका असर सीधे डाइजेशन, स्किन और एनर्जी लेवल पर दिखने लगता है. थकान, मुंहासे , पेट में भारीपन या सुस्ती, ये सब इसी की निशानी हैं. डिटॉक्स के लिए लोग महंगे ग्रीन जूस या सप्लीमेंट्स लेते हैं, लेकिन असली सफाई तभी होती है जब आंतें और लिवर ठीक से काम करें. इसका आसान उपाय आपके किचन में ही छिपा है. चार ऐसे पत्तों में, जो शरीर को भीतर से साफ कर देते हैं. आइए जानते हैं कौन से हैं ये 4 पत्ते और इस्तेमाल कैसे करें.
1. सेना पत्ता (Senna Leaf)
सेना पत्ता सबसे असरदार डिटॉक्स माना जाता है. यह आंतों की मसल्स को एक्टिव करता है और पुरानी जमा गंदगी को बाहर निकालता है. कब्ज या सख्त स्टूल की समस्या वाले लोगों के लिए यह बेहद फायदेमंद है. सबसे पहले आधा चम्मच सेना पाउडर में थोड़ा काला नमक मिलाकर रात को गर्म पानी के साथ लें. साथ ही इसका सेवन हफ्ते में 1-2 बार ही करें, क्योंकि ज्यादा लेने से आदत बन सकती है.
2. नीम की पत्तियां (Neem Leaves)
नीम की पत्तियां शरीर से बैक्टीरिया और टॉक्सिन्स को बाहर करती हैं. यह पेट में संक्रमण, माउथ अल्सर, फूड पॉइजनिंग और स्किन प्रॉब्लम्स में मददगार है. सबसे पहले सुबह खाली पेट कुछ नीम की पत्तियां चबाएं या नीम कैप्सूल लें. इसके बाद पेट की सफाई के साथ-साथ त्वचा भी साफ और चमकदार रहती है.
3. करी पत्ता (Curry Leaves)
करी पत्ता लिवर को एक्टिव करता है और बाइल प्रोडक्शन बढ़ाता है, जिससे पाचन बेहतर होता है. यह फैटी लिवर और पेट के आसपास जमा फैट को घटाने में मदद करता है. करी पत्ते को चबाकर या उसका पाउडर गर्म पानी के साथ रात को सोने से पहले लें.
4. पुदीना (Mint Leaves)
पुदीना पेट की मसल्स को रिलैक्स करता है, गैस और ब्लोटिंग को कम करता है और पेट की जलन को शांत करता है. यह इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) जैसी समस्याओं में भी असरदार है. सबसे पहले रात को सोने से पहले पुदीने की चाय पीएं. इसके बाद पेट ठंडा रहता है और नींद भी अच्छी आती है.
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Karwa Chauth 2025 Beauty Tips: करवाचौथ का त्योहार हर शादीशुदा महिला के लिए बहुत खास होता है. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए व्रत रखती हैं और सोलह श्रृंगार करती हैं. हर महिला चाहती है कि इस खास मौके पर उसका चेहरा चांद की तरह दमकता हुआ नजर आए. इस साल करवाचौथ 10 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा. अगर आप भी इस दिन परफेक्ट ग्लो पाना चाहती हैं, तो घर पर ही कुछ आसान नुस्खे अपनाकर अपनी स्किन को खूबसूरत बना सकती हैं.
1. हल्दी और दूध का फेस मास्क
हल्दी में एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो त्वचा को साफ और चमकदार बनाते हैं. दूध स्किन को हाइड्रेट करता है. 1 चम्मच हल्दी और 2 चम्मच दूध मिलाकर पेस्ट बना लें. चेहरे पर 10–15 मिनट लगाकर छोड़ दें. गुनगुने पानी से धो लें. यह फेस मास्क आपकी स्किन को नेचुरल ग्लो देगा और व्रत के दौरान आने वाली ड्राइनेस कम करेगा.
2. नींबू और शहद का टोनर
नींबू स्किन को ब्राइट करता है और शहद मॉइस्चराइजिंग का काम करता है. 1 चम्मच नींबू का रस और 1 चम्मच शहद मिलाएं. हल्के हाथ से चेहरे पर लगाएं और 5–10 मिनट बाद धो लें. इससे त्वचा पर फ्रेशनेस और निखार आता है.
3. ओटमील स्क्रब
यह डेड स्किन हटाकर त्वचा को मुलायम बनाता है. 2 चम्मच ओट्स, 1 चम्मच दही और एक चुटकी हल्दी मिलाकर पेस्ट बनाएं. चेहरे पर हल्के हाथों से 5–7 मिनट मसाज करें और धो लें. यह स्किन को स्मूद बनाता है और मेकअप भी अच्छे से बैठता है.
4. नारियल तेल से मसाज
अगर आपके पास ज्यादा समय नहीं है तो व्रत से एक दिन पहले या उसी दिन नारियल तेल से चेहरे की मसाज करें. 5–10 मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें. रोज रात को सोने से पहले भी नारियल तेल लगाकर सो सकती हैं. यह स्किन को हाइड्रेट और मुलायम रखेगा.
5. पानी पिएं और हाइड्रेट रहें
करवाचौथ के दिन महिलाएं पानी नहीं पीतीं, इसलिए व्रत से पहले और बाद में पर्याप्त पानी पीना बहुत जरूरी है. यह न केवल सेहत के लिए अच्छा है बल्कि त्वचा को भी हाइड्रेटेड रखता है और ड्राइनेस को रोकता है.