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Karwa Chauth 2025 Beauty Tips: करवाचौथ का त्योहार हर शादीशुदा महिला के लिए बहुत खास होता है. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए व्रत रखती हैं और सोलह श्रृंगार करती हैं. हर महिला चाहती है कि इस खास मौके पर उसका चेहरा चांद की तरह दमकता हुआ नजर आए. इस साल करवाचौथ 10 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा. अगर आप भी इस दिन परफेक्ट ग्लो पाना चाहती हैं, तो घर पर ही कुछ आसान नुस्खे अपनाकर अपनी स्किन को खूबसूरत बना सकती हैं.
1. हल्दी और दूध का फेस मास्क
हल्दी में एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो त्वचा को साफ और चमकदार बनाते हैं. दूध स्किन को हाइड्रेट करता है. 1 चम्मच हल्दी और 2 चम्मच दूध मिलाकर पेस्ट बना लें. चेहरे पर 10–15 मिनट लगाकर छोड़ दें. गुनगुने पानी से धो लें. यह फेस मास्क आपकी स्किन को नेचुरल ग्लो देगा और व्रत के दौरान आने वाली ड्राइनेस कम करेगा.
2. नींबू और शहद का टोनर
नींबू स्किन को ब्राइट करता है और शहद मॉइस्चराइजिंग का काम करता है. 1 चम्मच नींबू का रस और 1 चम्मच शहद मिलाएं. हल्के हाथ से चेहरे पर लगाएं और 5–10 मिनट बाद धो लें. इससे त्वचा पर फ्रेशनेस और निखार आता है.
3. ओटमील स्क्रब
यह डेड स्किन हटाकर त्वचा को मुलायम बनाता है. 2 चम्मच ओट्स, 1 चम्मच दही और एक चुटकी हल्दी मिलाकर पेस्ट बनाएं. चेहरे पर हल्के हाथों से 5–7 मिनट मसाज करें और धो लें. यह स्किन को स्मूद बनाता है और मेकअप भी अच्छे से बैठता है.
4. नारियल तेल से मसाज
अगर आपके पास ज्यादा समय नहीं है तो व्रत से एक दिन पहले या उसी दिन नारियल तेल से चेहरे की मसाज करें. 5–10 मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें. रोज रात को सोने से पहले भी नारियल तेल लगाकर सो सकती हैं. यह स्किन को हाइड्रेट और मुलायम रखेगा.
5. पानी पिएं और हाइड्रेट रहें
करवाचौथ के दिन महिलाएं पानी नहीं पीतीं, इसलिए व्रत से पहले और बाद में पर्याप्त पानी पीना बहुत जरूरी है. यह न केवल सेहत के लिए अच्छा है बल्कि त्वचा को भी हाइड्रेटेड रखता है और ड्राइनेस को रोकता है.
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Premature White Hair: आजकल बहुत से लोग समय से पहले सफेद बालों की समस्या से जूझ रहे हैं। पहले जहाँ 40-45 की उम्र के बाद बाल सफेद होने लगते थे, वहीं अब यह समस्या 14 से 25 साल के युवाओं में भी देखने को मिल रही है। जब सिर पर पहली बार सफेद बाल आते हैं, तो व्यक्ति चिंतित हो जाता है। लेकिन घबराने की ज़रूरत नहीं है। अगर समय रहते कारणों को समझ लिया जाए और कुछ आसान उपाय अपनाए जाएँ, तो इस समस्या से बचा जा सकता है।
बालों का रंग एक खास तत्व 'मेलेनिन' के कारण होता है। यही तत्व त्वचा और बालों को रंग देता है। बाल एक चक्र में लगातार बढ़ते और गिरते रहते हैं। हर नए चक्र के शुरू होने पर मेलेनिन बनता है। लेकिन कभी-कभी 7-15 चक्रों के बाद यह मेलेनिन बनना बंद हो जाता है, जिससे बाल सफेद होने लगते हैं।
इसके अलावा, कई अन्य कारण भी हैं - जैसे गलत खान-पान, तनाव, नींद की कमी, धूम्रपान, शराब का सेवन, विटामिन बी12 की कमी, आनुवंशिक कारण आदि। शोध में सामने आया है कि धूम्रपान ऑक्सीडेटिव तनाव को बढ़ाता है, जिससे बालों की जड़ों को नुकसान पहुँचता है और मेलेनिन का उत्पादन कम हो जाता है।
सफ़ेद बालों को रोकने के लिए सबसे ज़रूरी है एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाना। इसके लिए सबसे पहले आपको विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल से भरपूर संतुलित आहार लेना चाहिए। हरी सब्ज़ियाँ, फल, मेवे और बीज जैसे खाद्य पदार्थ आपके बालों को पोषण देते हैं। साथ ही, रोज़ाना कम से कम 7-8 घंटे की नींद ज़रूर लें ताकि शरीर खुद को रिपेयर कर सके।
तनाव से दूर रहना, योग करना, प्राणायाम और ध्यान जैसी तकनीकें अपनाना भी मददगार होता है। साथ ही, धूम्रपान से पूरी तरह दूर रहें क्योंकि यह बालों के स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है।
हालाँकि सफ़ेद बालों को पूरी तरह से रोकना संभव नहीं है, लेकिन सही खान-पान, जीवनशैली और देखभाल से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है और बालों को लंबे समय तक स्वस्थ और काला रखा जा सकता है।
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Nagalinga Fruit Benefits: कुदरत ने हमें कई कीमती दवाइयां दी हैं जो सेहतमंद ज़िंदगी जीने में मदद कर सकती हैं. ऐसी ही एक चीज़ है नागलिंग, जिसका फल तोप के गोले जैसा दिखता है. आयुर्वेद में नागलिंग के पेड़ को वरदान माना जाता है. भारत सरकार का आयुष मंत्रालय नागलिंग को अमृत जैसा बताता है और इसके गुणों के बारे में बताता है.
नागलिंग के पेड़ का साइंटिफिक नाम कौरौपिटा गुआनेंसिस है. इसे कैननबॉल ट्री के नाम से भी जाना जाता है. इस पेड़ की सबसे खास बातें इसके फूल और फल हैं. फूल इतने अनोखे होते हैं कि वे शिवलिंग पर अपना फन फैलाए सांप जैसे लगते हैं. इसी सुंदरता और आकार की वजह से इसे "नागलिंग" नाम मिला है. इसके फल गोल और भारी होते हैं, तोप के गोले जैसे. फूलों से बहुत तेज़ खुशबू आती है जो दूर-दूर तक फैलती है.
मंत्रालय के मुताबिक, नागलिंग का पेड़ कुदरत का दिया एक अनोखा तोहफा है. इसका हर हिस्सा दवाइयों के गुणों से भरा है. इसकी पत्तियों, छाल, फूलों और फलों से मिलने वाले अर्क में विटामिन E, स्टेरोल्स और ज़रूरी फैटी एसिड भरपूर होते हैं. साइंटिफिक रिसर्च से पता चलता है कि इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीफंगल, एंटीकैंसर और एंटीमलेरियल गुण होते हैं. आयुर्वेद में नागलिंग खाने के खास फायदे बताए गए हैं. यह हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है और दर्द और सूजन से राहत देता है.
यह सर्दी, खांसी और पेट दर्द से राहत देता है. यह घाव भरने में मदद करता है और हेल्दी स्किन को बढ़ावा देता है. यह मलेरिया और दांत दर्द में भी बहुत असरदार है. इसके एंटीमाइक्रोबियल गुण इन्फेक्शन से बचाते हैं. नागलिंग पेड़ का हर हिस्सा सेहत का खजाना माना जाता है. इसका इस्तेमाल सदियों से पारंपरिक दवा में किया जाता रहा है, और मॉडर्न रिसर्च भी इसके फायदों को कन्फर्म कर रही है.
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Weight Loss Foods: मोटापा आज के दौर की एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन चुकी है. यह न केवल आपकी पर्सनैलिटी पर असर डालता है, बल्कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और जोड़ों के दर्द जैसी बीमारियों का भी खतरा बढ़ा देता है. ऐसे में अगर आप भी वजन घटाना चाहते हैं तो सिर्फ एक्सरसाइज करना ही काफी नहीं है. आपकी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव लाना भी जरूरी है.
वजन घटाने के लिए जरूरी है कि आप ऐसे फूड्स खाएं जो कैलोरी में कम लेकिन पोषण में भरपूर हों, साथ ही पेट को लंबे समय तक भरा रखें ताकि बार-बार भूख न लगे. आइए जानते हैं कुछ ऐसे सुपरफूड्स के बारे में जो वजन घटाने में आपकी मदद कर सकते हैं.
अवोकाडो
अवोकाडो में भले ही कैलोरी ज्यादा हो, लेकिन यह पूरी तरह से हेल्दी फैट और फाइबर से भरपूर होता है. इसमें मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स लंबे समय तक पेट को भरा रखते हैं और अनहेल्दी स्नैक्स की क्रेविंग को कम करते हैं. इसे आप सलाद में डाल सकते हैं या स्मूदी में मिलाकर ले सकते हैं.
बेरीज
ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और रास्पबेरी जैसे फल स्वाद में तो लाजवाब होते ही हैं, साथ ही वजन घटाने में भी बेहद असरदार हैं. इनमें नेचुरल शुगर होती है, लेकिन कैलोरी बहुत कम होती है. साथ ही इनमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे पेट भरा रहता है और मीठा खाने की इच्छा भी कम हो जाती है.
ओट्स
ओट्स एक ऐसा फूड है जो धीरे-धीरे पचता है और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है. इसमें मौजूद सॉल्युबल फाइबर पेट में जाकर जेल जैसा रूप ले लेता है, जिससे डाइजेशन स्लो होता है और भूख देर से लगती है. ओट्स को आप नाश्ते में दूध या दही के साथ ले सकते हैं.
बीन्स और दालें
राजमा, छोले, चने और तरह-तरह की दालें फाइबर और प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत हैं. ये शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ-साथ ब्लड शुगर को भी कंट्रोल में रखते हैं. बीन्स धीरे पचती हैं, जिससे पेट भरा रहता है और बार-बार खाने की इच्छा नहीं होती. इसे लंच या डिनर में शामिल किया जा सकता है.
अंडे
अगर आप सुबह कुछ ऐसा खाना चाहते हैं जिससे एनर्जी भी मिले और भूख भी कंट्रोल में रहे, तो अंडा सबसे अच्छा विकल्प है. अंडे में हाई-क्वालिटी प्रोटीन होता है जो मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और दिनभर एक्टिव बनाए रखता है. उबला हुआ अंडा या वेज ऑमलेट आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है.
हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, केल, सरसों, मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां कैलोरी में बहुत कम होती हैं, लेकिन इनमें फाइबर, आयरन, कैल्शियम और विटामिन्स भरपूर होते हैं. ये पेट को जल्दी भरती हैं और पाचन को भी दुरुस्त रखती हैं. इन्हें आप सूप, सलाद या सब्जी के रूप में खा सकते हैं.