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Afternoon Energy Slump: दोपहर का समय अक्सर ऐसा होता है, जब शरीर में अचानक सुस्ती आने लगती है. खाना पच रहा होता है, दिमाग भारी-सा लगने लगता है और काम में मन नहीं लगता. Ayurveda के अनुसार दोपहर का समय “पित्त प्रधान समय” माना जाता है. इस समय पाचन शक्ति अच्छी होती है, लेकिन अगर सही आदतें न हों तो थकान जल्दी लगती है. अच्छी बात यह है कि कुछ छोटी-छोटी आदतों से आप दोपहर की सुस्ती को दूर कर सकते हैं और खुद को फिर से एक्टिव बना सकते हैं.
दोपहर का खाना हल्का और संतुलित रखें
दोपहर की एनर्जी सीधे आपके खाने से जुड़ी होती है. बहुत भारी, तला-भुना या ज्यादा मसालेदार खाना खाने से शरीर सुस्त हो जाता है. बेहतर है कि आप दाल, सब्जी, चावल या रोटी और थोड़ा-सा घी अपने भोजन में रखें. दही थोड़ी मात्रा में लेना फायदेमंद रहता है. कोशिश करें कि पेट को पूरा भरने की बजाय थोड़ा हल्का रखकर खाएं. खाने के तुरंत बाद मोबाइल चलाने या लेट जाने से बचें. शरीर को खाना पचाने का आरामदायक समय दें.
खाने के बाद 10–15 मिनट की हल्की वॉक करें
खाने के बाद थोड़ी देर टहलना बहुत फायदेमंद होता है. इसे आयुर्वेद में “भोजन पश्चात विहार” कहा गया है. तेज चलने की जरूरत नहीं, बस आराम से 10 से 15 मिनट पैदल चलें. इससे पाचन ठीक रहता है, पेट भारी नहीं होता और सुस्ती कम होती है. ऑफिस में हों तो गलियारे में ही थोड़ा टहल लें. वॉक के बाद 2–3 सिप पानी पी सकते हैं, लेकिन ज्यादा पानी न पिएं.
प्राकृतिक हर्बल एनर्जी बूस्टर अपनाएं
दोपहर की थकान में बार-बार चाय या कॉफी पीना सही आदत नहीं है. इसकी जगह आप जीरा-पानी या पुदीना मिला गुनगुना पानी पी सकते हैं. इससे पेट हल्का रहता है और शरीर एक्टिव बना रहता है. 2 मिनट गहरी सांस लेना भी एक शानदार तरीका है. इससे दिमाग तक ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचती है और नींद-सी नहीं आती. चाहें तो हल्का सा गर्म नींबू पानी भी ले सकते हैं. गर्दन और सिर की हल्की मालिश करने से भी आंखों की थकान और भारीपन कम होता है.
छोटे सुधार, बड़ा फायदा
अगर आप दोपहर में सही खाना खाएं, हल्की वॉक करें और प्राकृतिक एनर्जी बूस्टर अपनाएं, तो आपकी प्रोडक्टिविटी अपने आप बढ़ जाएगी. ये तीन छोटी आदतें दिन को थकाऊ होने से बचाती हैं और काम में फोकस बनाए रखती हैं.