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इंसानी खोपड़ियों से बने बर्तन, मानव त्वचा की कुर्सियां; अमेरिका का सबसे खौफनाक सीरियल किलर
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‘साइलेंट किलर’ फूड्स से रहें सावधान, बढ़ा सकते हैं हार्ट अटैक का खतरा

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पिछले कुछ सालों में भारतीय युवाओं में हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट और दिल की बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि इसकी मुख्य वजह लोगों की लाइफस्टाइल और गलत खानपान की आदतें हैं. आजकल युवा न तो सही समय पर खाते हैं और न ही शरीर को एक्टिव रखते हैं. इसके अलावा तनाव, धूम्रपान और शराब का अत्यधिक सेवन भी दिल को कमजोर बना रहा है.

1. नमक पर लगाम लगाएं
ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी जमा होने लगता है जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है. लगातार हाई बीपी रहने पर दिल पर दबाव बढ़ता है और धीरे-धीरे वह कमजोर हो जाता है.

2. प्रॉसेस्ड फूड से दूरी रखें
बर्गर, पिज़्ज़ा, चिप्स या पैकेट वाले फूड्स का ज्यादा सेवन धमनियों में चर्बी जमाता है. इससे ब्लड फ्लो रुकने लगता है और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

3. ज्यादा चीनी से बचें
मीठा ज़रूरत से ज़्यादा खाने पर शरीर में इंसुलिन का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे मोटापा और डायबिटीज का खतरा बढ़ता है. यही आगे चलकर हृदय रोग की वजह बनता है.

4. आलस भरी दिनचर्या से बचें
लंबे समय तक बैठे रहना, एक्सरसाइज न करना और देर तक सोना दिल की मांसपेशियों को कमजोर करता है. रोजाना 30 मिनट की वॉक, योग या हल्की कसरत से हार्ट अटैक का खतरा काफी कम हो जाता है.

5. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
सिगरेट में मौजूद निकोटिन और शराब, दोनों ही दिल की नसों को नुकसान पहुंचाते हैं. ये खून में ऑक्सीजन की मात्रा घटाते हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं, जिससे दिल की गति रुकने तक की स्थिति बन सकती है.


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Written by: Taushif

13 Oct 2025  ·  Published: 10:23 IST

नींबू पानी सेहत के लिए कितना फायदेमंद, कब हो सकता है नुकसान

नींबू पानी सेहत के लिए कितना फायदेमंद, कब हो सकता है नुकसान

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Lemon Water Benefits: नींबू पानी को लंबे समय से स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है. यह शरीर को हाइड्रेटेड रखने का एक आसान और स्वादिष्ट तरीका है. साधारण पानी भी उतना ही महत्वपूर्ण है, लेकिन कई लोग इसमें नींबू मिलाकर पीना पसंद करते हैं, क्योंकि हल्का खट्टा स्वाद उन्हें ज़्यादा पानी पीने के लिए प्रेरित करता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि शरीर की हर कोशिका को पानी की ज़रूरत होती है और स्वाद के कारण कुछ लोगों में पानी पीने की आदत बेहतर हो जाती है.

विटामिन C का हल्का डोज़
नींबू विटामिन C का प्राकृतिक स्रोत है, जो इम्यून सिस्टम और त्वचा की सेहत के लिए जरूरी पोषक तत्व है. एक गिलास नींबू पानी दिनभर की ज़रूरत को पूरा नहीं करता, लेकिन यह सुबह-सुबह पोषण का हल्का डोज़ देने जैसा असर डाल सकता है. जिन लोगों में पेट में एसिड की कमी होती है, उन्हें इसका खट्टापन पाचन प्रक्रिया शुरू करने में मदद कर सकता है. हालांकि यह सबके लिए सही नहीं है, इसलिए अपने शरीर की प्रतिक्रिया देखकर ही इसे अपनाएं.

तापमान का ध्यान रखें
नींबू पानी बनाते समय ज़्यादा गर्म पानी का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इससे विटामिन C की गुणवत्ता घट सकती है. हल्का गुनगुना पानी सबसे अच्छा रहता है. इतना गर्म कि पीना आरामदायक हो लेकिन उबलता हुआ न हो. इस तरह नींबू पानी अपने प्राकृतिक लाभ बनाए रखता है.

कब नुकसान कर सकता है
नींबू का एसिडिक स्वभाव कुछ लोगों के लिए समस्या पैदा कर सकता है. खासकर जिन्हें एसिड रिफ्लक्स, पेट दर्द या जलन की शिकायत रहती है, उन्हें सावधान रहना चाहिए. बिना सोचे-समझे किसी ट्रेंड को अपनाने से पहले अपने शरीर के संकेतों को समझना जरूरी है.

दांतों की सुरक्षा
बार-बार नींबू पानी पीने से दांतों की ऊपरी परत (इनेमल) कमजोर हो सकती है, जिससे संवेदनशीलता बढ़ने का खतरा रहता है. दांतों को सुरक्षित रखने के लिए इसे स्ट्रॉ से पीना या बाद में सादे पानी से कुल्ला करना बेहतर उपाय है.

डिटॉक्स का मिथक
कई लोग नींबू पानी को डिटॉक्स ड्रिंक मानते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक शरीर का प्राकृतिक डिटॉक्सीफिकेशन लिवर और किडनी खुद करते हैं. नींबू पानी हाइड्रेशन और पाचन में मददगार हो सकता है, पर इसे जादुई डिटॉक्स पेय न समझें.

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सुबह की शुरुआत एक गिलास नींबू पानी से करने से शरीर को काम शुरू करने का संकेत मिलता है और दिनभर तरोताज़ा महसूस होता है, लेकिन संतुलन और सावधानी जरूरी है.


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Written by: Taushif

21 Sep 2025  ·  Published: 12:16 IST

बुजुर्गों के लिए चेतावनी! ये 5 सीड्स सेहत के बजाय पहुंचा सकते हैं नुकसान

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Elderly Health: सीड्स यानी बीज देखने में छोटे जरूर होते हैं, लेकिन इनमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. इनमें विटामिन, मिनरल्स, हेल्दी फैट्स और प्लांट-बेस्ड प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है, जो दिल को हेल्दी रखते हैं, एनर्जी बढ़ाते हैं और डाइजेशन सुधारते हैं. लेकिन हर चीज की तरह सीड्स भी हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होते, खासकर बुजुर्गों के लिए.

उम्र बढ़ने के साथ पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है. ऐसे में कुछ बीज पेट फूलने, गैस या कब्ज जैसी दिक्कतें पैदा कर सकते हैं. कुछ छोटे और सख्त बीज गले में फंस सकते हैं या दम घुटने का खतरा बढ़ा सकते हैं. साथ ही, कई बीज ऐसी दवाओं के असर को भी कम कर देते हैं जो ब्लड प्रेशर, शुगर या कोलेस्ट्रॉल के लिए ली जाती हैं. इसलिए यह जानना जरूरी है कि कौन से सीड्स बुजुर्गों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं.

1. पॉपी सीड्स
खसखस केक या ब्रेड में स्वाद और क्रंच लाने के लिए डाली जाती है. लेकिन इनमें कुछ ऐसे प्राकृतिक तत्व होते हैं जो पेन किलर या ब्लड थिनर दवाओं के असर को प्रभावित कर सकते हैं. बुजुर्गों को इन्हें चबाना या निगलना भी मुश्किल होता है. इसलिए खसखस का इस्तेमाल बहुत सीमित मात्रा में और पका हुआ ही करें.

2. चिया सीड्स
चिया सीड्स फाइबर और ओमेगा-3 से भरपूर होते हैं, लेकिन इन्हें सूखा खाने से पेट में सूजन या कब्ज हो सकता है क्योंकि ये पानी के संपर्क में आने पर फूल जाते हैं. इन्हें खाने से पहले पानी या दूध में भिगोना जरूरी है. बुजुर्ग दिन में 1–2 चम्मच तक ही सुरक्षित रूप से खा सकते हैं.

3. अलसी के बीज
अलसी के बीज पाचन और हार्ट हेल्थ के लिए लाभदायक हैं, लेकिन अधिक मात्रा में खाने से गैस या दस्त की दिक्कत हो सकती है. साथ ही, ये कुछ दवाओं के असर को भी कम कर सकते हैं. इन्हें खाने से पहले पीसकर थोड़ी मात्रा में ही लें.

4. सूरजमुखी के बीज
सूरजमुखी के बीज हेल्दी स्नैक हैं, लेकिन मार्केट में मिलने वाले पैक्ड बीजों में नमक या चीनी मिलाई जाती है, जो ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है और किडनी पर असर डाल सकती है. हमेशा बिना नमक-चीनी वाले बीज चुनें और कम मात्रा में खाएं.

5. हेम्प सीड्स
भांग के बीज प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर हैं, लेकिन ज्यादा मात्रा में खाने से पेट खराब हो सकता है. साथ ही ये ब्लड थिनर दवाओं के असर को भी प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए दिन में 1–2 बड़े चम्मच तक ही लें और अगर कोई दवा ले रहे हों तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें.


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Written by: Taushif

23 Oct 2025  ·  Published: 20:13 IST

अखरोट को भिगोकर खाने के फायदे, दिमाग से लेकर दिल तक करता है हेल्दी

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Walnut: कहा जाता है कि अगर शरीर और दिमाग को फिट रखना है तो डाइट पर खास ध्यान देना ज़रूरी है. सही खानपान न सिर्फ हमें बीमारियों से बचाता है बल्कि हमारी उम्रभर की सेहत की भी गारंटी बन सकता है. इन्हीं हेल्दी फूड्स में से एक है अखरोट (Walnut). इसे अक्सर सुपरफूड कहा जाता है, क्योंकि यह छोटे से आकार में पोषण का खजाना छुपाए बैठा है.

कई लोग अखरोट को ऐसे ही खा लेते हैं, लेकिन अगर इन्हें पानी में भिगोकर खाया जाए तो इसके फायदे और भी ज़्यादा बढ़ जाते हैं. दरअसल, अखरोट भिगोने से यह जल्दी पचता है और शरीर इसे आसानी से अवशोषित कर लेता है. आइए जानते हैं, भिगोए हुए अखरोट खाने के क्या-क्या फायदे हैं.

दिमाग को बनाता है तेज और शार्प

  • अखरोट को दिमागी सेहत के लिए बेस्ट माना जाता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड, ऐंटीऑक्सीडेंट और पॉलीफेनॉल्स पाए जाते हैं जो दिमाग की कोशिकाओं को मजबूत करते हैं.
  • यह याददाश्त बेहतर करने में मदद करता है.
  • ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है, जिससे अल्जाइमर और पार्किंसन जैसी बीमारियों से बचाव होता है.
  • बच्चों और स्टूडेंट्स के लिए तो यह ‘ब्रेन फूड’ साबित हो सकता है.

दिल को रखता है हेल्दी

  • आजकल दिल की बीमारियां बहुत तेज़ी से बढ़ रही हैं. ऐसे में रोज़ाना कुछ अखरोट खाना दिल के लिए फायदेमंद है.
  • अखरोट बुरे कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाते हैं.
  • इसमें मौजूद पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स और ओमेगा-3 शरीर की सूजन को कम करते हैं.
  • इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा कम होता है.

डाइजेशन और गट हेल्थ को मजबूत करता है?

  • कई लोगों को अखरोट खाने से गैस या पचने में दिक्कत होती है. यही वजह है कि इसे पानी में भिगोकर खाने की सलाह दी जाती है.
  • भिगोने से अखरोट में मौजूद फाइटिक एसिड और टैनीन कम हो जाते हैं.
  • इससे इसे पचाना आसान हो जाता है और शरीर ज़रूरी पोषक तत्व आसानी से सोख लेता है.
  • इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज जैसी समस्या से बचाता है.
  • गट हेल्थ अच्छी होने पर इम्यूनिटी भी मजबूत होती है.

वजन घटाने में मददगार

  • भले ही अखरोट में कैलोरी ज्यादा होती है, लेकिन ये वजन कंट्रोल करने में काफी असरदार साबित हो सकता है.
  • इसमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं.
  • इससे बार-बार स्नैकिंग की आदत कम होती है और कुल कैलोरी इनटेक घट जाता है.
  • अगर आप डाइटिंग कर रहे हैं, तो सुबह खाली पेट 2-3 भिगोए हुए अखरोट खाना आपके वजन घटाने की जर्नी को आसान बना सकता है.

स्किन को बनाए ग्लोइंग और हेल्दी

  • अखरोट केवल दिमाग और दिल के लिए ही नहीं, बल्कि आपकी स्किन के लिए भी बेस्ट सुपरफूड है.
  • इसमें मौजूद विटामिन E और ऐंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं.
  • इससे समय से पहले झुर्रियां और बुढ़ापे के लक्षण नहीं आते.
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड स्किन को हाइड्रेटेड और सॉफ्ट रखते हैं.
  • रोज़ाना अखरोट खाने से चेहरा हेल्दी और नेचुरली ग्लोइंग दिखता है.

कब और कैसे खाएं अखरोट?

  • रात में सोने से पहले 3-4 अखरोट पानी में भिगो दें.
  • सुबह खाली पेट इन्हें खाएं.
  • चाहें तो इन्हें शहद के साथ भी ले सकते हैं.
  • दिनभर में 4-5 अखरोट से ज्यादा खाने की ज़रूरत नहीं है.

किन्हें नहीं खाना चाहिए अखरोट?

  • जिन्हें नट्स से एलर्जी है, वे अखरोट से परहेज़ करें.
  • डायबिटीज़ और ब्लड प्रेशर के मरीज डॉक्टर से सलाह लेकर ही इन्हें डाइट में शामिल करें.
  • ज़्यादा मात्रा में खाने से गैस या अपच हो सकता है.

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Written by: Taushif

25 Aug 2025  ·  Published: 12:25 IST