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इंसानी खोपड़ियों से बने बर्तन, मानव त्वचा की कुर्सियां; अमेरिका का सबसे खौफनाक सीरियल किलर
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पाचन, दिल और स्किन के लिए सुपरफूड है अमरूद, मिलते हैं ये 7 जबरदस्त फायदे, जानिए कैसे

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फाइल फोटो

Guava Health Benefits: अमरूद उन फलों में से एक है जिसे आमतौर पर हर कोई आसानी से खरीद सकता है. यह बाकी फलों की तुलना में सस्ता जरूर होता है, लेकिन सेहत के मामले में किसी भी महंगे फल से कम नहीं है. अमरूद को लोग अलग-अलग तरीकों से खाते हैं. कोई इसे सीधा काटकर खाता है, कोई नमक-मिर्च डालकर और कुछ लोग इसका जूस भी बनाते हैं. स्वादिष्ट होने के साथ-साथ यह फल पोषण से भरपूर होता है और शरीर को कई तरह के फायदे पहुंचाता है.

अमरूद में विटामिन सी, फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इनकी वजह से यह इम्युनिटी को मजबूत करने से लेकर पाचन तंत्र, दिल और स्किन-बालों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है. आइए जानते हैं इसके प्रमुख फायदे.....

1. पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
अमरूद में फाइबर की मात्रा काफी ज्यादा होती है. फाइबर हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है. इसके अलावा इसमें मौजूद पोषक तत्व गट हेल्थ यानी आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं और अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं. नियमित रूप से अमरूद खाने से पेट से जुड़ी दिक्कतें कम हो जाती हैं.

2. इम्युनिटी को करता है मजबूत
अमरूद विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है। विटामिन सी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को मजबूत करता है. यह श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBCs) के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे शरीर को बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में मदद मिलती है. अगर आप अक्सर सर्दी-जुकाम या संक्रमण का शिकार हो जाते हैं, तो अमरूद को अपनी डेली डाइट में शामिल करना बेहद फायदेमंद हो सकता है.

3. स्किन और बालों के लिए लाभकारी
अमरूद में मौजूद विटामिन सी और बीटा-कैरोटीन जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बनाते हैं. ये तत्व त्वचा में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाते हैं, जिससे स्किन टाइट और जवां बनी रहती है. इसके अलावा ये फ्री-रैडिकल्स से भी लड़ते हैं, जो समय से पहले झुर्रियां और एजिंग की समस्या पैदा करते हैं. यही नहीं, अमरूद में मौजूद पोषक तत्व बालों को भी मजबूत बनाते हैं और हेयर फॉल की समस्या को कम कर सकते हैं.

4. दिल की सेहत में सहायक
अमरूद दिल के स्वास्थ्य के लिए भी वरदान है. इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करता है और घुलनशील फाइबर खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करता है. दोनों ही बातें हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों के खतरे को घटाती हैं. इसलिए अमरूद उन लोगों के लिए खास फायदेमंद है जिन्हें दिल से जुड़ी समस्या का जोखिम रहता है.

5. वजन घटाने में मददगार
अमरूद का कैलोरी लेवल कम होता है और इसमें मौजूद फाइबर लंबे समय तक पेट को भरा रखता है. इससे बार-बार खाने की आदत कम हो जाती है और ओवरईटिंग से बचा जा सकता है. यही वजह है कि वेट लॉस करने वाले लोगों के लिए अमरूद एक बेहतरीन स्नैक ऑप्शन माना जाता है.


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Written by: Taushif

30 Aug 2025  ·  Published: 11:06 IST

बरसात में डेंगू-मलेरिया के साथ बर्ड फ्लू का कहर, अंडा खाने से कितना खतरा? जानिए एक्सपर्ट की राय

प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

मॉनसून के दिनों में बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. जहां एक ओर मच्छरों से होने वाले डेंगू और मलेरिया जैसे बुखार लोगों को परेशान करते हैं, वहीं दूसरी ओर एच-5 एवियन इन्फ्लुएंजा, जिसे आमतौर पर बर्ड फ्लू कहा जाता है, भी खतरे की घंटी बजा देता है. यह बीमारी ज़्यादातर पक्षियों में पाई जाती है, लेकिन कुछ मामलों में इंसानों को भी प्रभावित कर सकती है.

ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से सामने आया है, जहां एक पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों को सतर्क रहने और रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.

क्या अंडे से फैल सकता है बर्ड फ्लू?
यह सवाल फिलहाल आम लोगों में चर्चा का विषय है, खासकर उन लोगों में जो रोजाना अंडा खाते हैं.
हैदराबाद के चिकित्सक और टेलीमेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मुरली भास्कर एम के अनुसार:-
बर्ड फ्लू का वायरस सामान्यतः मुर्गियों को संक्रमित करता है. संक्रमित पक्षी के अंडे में वायरस मौजूद होने की संभावना बहुत कम होती है. अगर अंडा पूरी तरह पका हुआ हो, तो वायरस नष्ट हो जाता है और अंडा खाने के लिए सुरक्षित होता है. 

अंडे को सुरक्षित तरीके से खाने के उपाय
बर्ड फ्लू के दौरान अंडा खाते समय कुछ सावधानियां अपनाना ज़रूरी है. अंडे को अच्छी तरह पकाएं-योक (पीला हिस्सा) पूरी तरह सख्त होना चाहिए. वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए अंडे का तापमान कम से कम 74°C (165°F) तक पहुंचना चाहिए.

हाथ धोना न भूलें - कच्चे अंडे को छूने के बाद साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोएं. रसोई की सतह और बर्तन साफ रखें. अंडा तोड़ने या छूने के बाद इस्तेमाल किए गए बर्तन और सतह को अच्छी तरह धो लें. कच्चे अंडे को बाकी खाने से अलग रखें, ताकि संक्रमण का खतरा न बढ़े. अलग उपकरण का इस्तेमाल करें. अगर आप चिकन और अंडे दोनों पका रहे हैं, तो दोनों के लिए अलग चाकू और कटिंग बोर्ड इस्तेमाल करें.

नई रिसर्च में सामने आया बड़ा खतरा
भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के वैज्ञानिकों ने एक ताज़ा अध्ययन में बर्ड फ्लू के वायरस में ऐसे बदलाव (म्यूटेशन) पाए हैं, जो इंसानों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं. शोधकर्ताओं ने H5N1 वायरस के 2.3.4.4b नामक क्लेड का अध्ययन किया. यह वायरस दुनिया के कई हिस्सों में पक्षियों को संक्रमित कर रहा है. इसमें ऐसे जेनेटिक बदलाव पाए गए हैं, जो इसे इंसानों को आसानी से संक्रमित करने में सक्षम बना सकते हैं.

म्यूटेशन क्यों है चिंता का कारण?
अध्ययन का नेतृत्व करने वाले डॉ. केशवर्धन सन्नुला के मुताबिक, H5N1 स्ट्रेन में पाए गए जेनेटिक म्यूटेशन पहले भी कई महामारी फैलाने वाले फ्लू वायरसों में देखे गए हैं. इसका मतलब यह है कि अगर ये बदलाव और विकसित हुए तो यह वायरस मानव से मानव में फैल सकता है, जो महामारी का रूप भी ले सकता है.

सावधानी ही बचाव है
अंडे और चिकन को हमेशा अच्छी तरह पकाकर खाएं. पोल्ट्री फार्म या बीमार पक्षियों के संपर्क से बचें. किसी भी तरह के फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. सरकारी और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें.


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Written by: Taushif

14 Aug 2025  ·  Published: 06:27 IST

किस्मत के धनी होते हैं इन तिथियों को जन्मे लोग, कमाते हैं खूब नाम और पैसा

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Lucky Birth Dates Astrology: न्यूमरोलॉजी में कहा जाता है कि जन्म की तारीख का हमारी ज़िंदगी की दिशा और किस्मत पर बहुत ज़्यादा असर पड़ता है. इसी तरह, कुछ खास तारीखों पर पैदा हुए लोग सच में बहुत भाग्यशाली माने जाते हैं. ये लोग न सिर्फ नाम कमाते हैं, बल्कि बहुत सारा पैसा भी जमा करते हैं. आइए जानते हैं कि ये कौन सी तारीखें हैं और इनकी क्या खास बातें हैं.

सबसे पहले, उन लोगों की बात करते हैं जिनकी जन्म तारीख 1, 10, 19 और 28 है. इन्हें रूट नंबर 1 वाले लोग कहा जाता है. ज्योतिष के अनुसार, यह सूर्य का नंबर है। ऐसे लोगों में जन्म से ही लीडरशिप क्वालिटी होती है. वे किसी भी काम में पीछे नहीं रहते. चाहे नौकरी हो या बिज़नेस, वे हमेशा आगे रहते हैं. उनकी सोच बड़ी होती है और वे हमेशा अपने तरीके से कुछ नया और अलग करने की कोशिश करते हैं. हार मानना ​​उनके लिए कोई ऑप्शन नहीं है. वे जो भी करने का फैसला करते हैं, उसे पूरा करते हैं.

फिर आते हैं 2, 11, 20 और 29 तारीख को पैदा हुए लोग. इनका रूट नंबर 2 माना जाता है. ये लोग इमोशनल होते हैं, लेकिन साथ ही बहुत इंटेलिजेंट और शांति पसंद भी होते हैं. इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये आसानी से दोस्त बना लेते हैं और हर जगह अपनेपन का एहसास फैलाते हैं. इनमें सफलता पाने की कला होती है. ये आसानी से नाम और पैसा दोनों कमा लेते हैं.

अगर हम 3, 12, 21 और 30 तारीख को पैदा हुए लोगों की बात करें, तो उनका रूट नंबर 3 होता है. उनकी पर्सनैलिटी में एक जादू होता है. लोग उनके आस-पास खुश रहते हैं. वे बहुत क्रिएटिव होते हैं, और उनके दिमाग में हमेशा नए-नए आइडिया आते रहते हैं. वे अपने टैलेंट से अपनी किस्मत बदलते हैं और बहुत नाम कमाते हैं. उनकी बातों में ऐसा आकर्षण होता है कि लोग आसानी से उनके प्रभाव में आ जाते हैं. ज्योतिष के अनुसार, इन खास तारीखों पर पैदा हुए लोगों की किस्मत में पहले से ही सफलता और धन लिखा होता है. ये लोग किसी भी फील्ड में अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफल होते हैं.
 


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Written by: Taushif

06 Dec 2025  ·  Published: 10:39 IST

तन-मन की थकान से कैफीन नहीं, ये हर्बल-टी दिलाएगी आराम, याददाश्त बढ़ाने में भी करेगी मदद

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Herbal Tea Benefits: जब शरीर और दिमाग थक जाते हैं, तो लोग अक्सर चाय या कॉफ़ी पीते हैं. आमतौर पर माना जाता है कि चाय और कॉफ़ी थकान दूर करते हैं और दिमाग को ध्यान लगाने में मदद करते हैं, लेकिन इनका गलत समय पर और ज़्यादा सेवन पूरे शरीर की सेहत पर असर डालता है. ऐसे में, आयुर्वेद एक ऐसा उपाय बताता है जो कैफीन के स्वाद से बेहतर है और शरीर के लिए फायदेमंद भी है.

आयुर्वेद में थकान और तनाव को नर्वस सिस्टम से जोड़ा जाता है. जब नसें थक जाती हैं, तो आँखें बंद होने लगती हैं, नींद आने लगती है, काम करने का मन नहीं करता, और पूरा शरीर अपना संतुलन खो देता है. सिर से पैर तक, शरीर को सिर्फ़ आराम चाहिए होता है. इस स्थिति में, हर्बल चाय बहुत फायदेमंद होती है, क्योंकि यह शरीर को किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुँचाती और याददाश्त बेहतर बनाने में मदद करती है.

इस हर्बल चाय को बनाने के लिए आपको जटामांसी, ब्राह्मी और कैमोमाइल की ज़रूरत होगी. ये तीनों चीज़ें बाज़ार में आसानी से मिल जाती हैं. जटामांसी और ब्राह्मी जड़ी-बूटियाँ हैं, और कैमोमाइल एक औषधीय फूल है. इन तीनों को एक साथ पानी में उबालकर काढ़ा बना लें. इस मिश्रण को छान लें और गुनगुना होने पर पी लें. इससे शरीर एक्टिव और स्वस्थ रहेगा. ये तीनों चीज़ें मिलकर थकान कम करती हैं और नसों को आराम देती हैं, जिससे अच्छी नींद आती है.

जटामांसी दिल और चेतना को स्थिर करती है और दिमाग को संतुलित रखती है. यह घबराहट और बेचैनी से राहत देती है. इसमें मौजूद न्यूरो-रिलैक्सेंट कंपाउंड नर्वस सिस्टम को शांत करते हैं, और धीरे-धीरे शरीर में थकान कम महसूस होती है. दूसरी ओर, ब्राह्मी दिमाग में स्पष्टता और एकाग्रता लाती है. यह शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन को भी संतुलित करती है. ये दोनों हार्मोन शरीर में चिंता और तनाव बढ़ाते हैं.

इसके अलावा, कैमोमाइल में ऐसे गुण होते हैं जो नींद लाने में मदद करते हैं. दिमाग को शांत करने के साथ-साथ, यह गहरी नींद लाने में भी मदद करता है. हर्बल चाय पीने का सबसे अच्छा समय जानना भी ज़रूरी है. इसे रात को सोने से पहले, या लंबे समय तक तनाव रहने पर पीना सबसे अच्छा होता है. आप काम करते समय एकाग्रता बढ़ाने के लिए भी इसे पी सकते हैं. रेगुलर चाय की तरह, इसकी लत नहीं लगती और यह पूरी तरह से सुरक्षित है.
 


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Written by: Taushif

08 Dec 2025  ·  Published: 21:12 IST