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Guava Health Benefits: अमरूद उन फलों में से एक है जिसे आमतौर पर हर कोई आसानी से खरीद सकता है. यह बाकी फलों की तुलना में सस्ता जरूर होता है, लेकिन सेहत के मामले में किसी भी महंगे फल से कम नहीं है. अमरूद को लोग अलग-अलग तरीकों से खाते हैं. कोई इसे सीधा काटकर खाता है, कोई नमक-मिर्च डालकर और कुछ लोग इसका जूस भी बनाते हैं. स्वादिष्ट होने के साथ-साथ यह फल पोषण से भरपूर होता है और शरीर को कई तरह के फायदे पहुंचाता है.
अमरूद में विटामिन सी, फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इनकी वजह से यह इम्युनिटी को मजबूत करने से लेकर पाचन तंत्र, दिल और स्किन-बालों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है. आइए जानते हैं इसके प्रमुख फायदे.....
1. पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
अमरूद में फाइबर की मात्रा काफी ज्यादा होती है. फाइबर हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है. इसके अलावा इसमें मौजूद पोषक तत्व गट हेल्थ यानी आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं और अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं. नियमित रूप से अमरूद खाने से पेट से जुड़ी दिक्कतें कम हो जाती हैं.
2. इम्युनिटी को करता है मजबूत
अमरूद विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है। विटामिन सी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को मजबूत करता है. यह श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBCs) के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे शरीर को बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में मदद मिलती है. अगर आप अक्सर सर्दी-जुकाम या संक्रमण का शिकार हो जाते हैं, तो अमरूद को अपनी डेली डाइट में शामिल करना बेहद फायदेमंद हो सकता है.
3. स्किन और बालों के लिए लाभकारी
अमरूद में मौजूद विटामिन सी और बीटा-कैरोटीन जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बनाते हैं. ये तत्व त्वचा में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाते हैं, जिससे स्किन टाइट और जवां बनी रहती है. इसके अलावा ये फ्री-रैडिकल्स से भी लड़ते हैं, जो समय से पहले झुर्रियां और एजिंग की समस्या पैदा करते हैं. यही नहीं, अमरूद में मौजूद पोषक तत्व बालों को भी मजबूत बनाते हैं और हेयर फॉल की समस्या को कम कर सकते हैं.
4. दिल की सेहत में सहायक
अमरूद दिल के स्वास्थ्य के लिए भी वरदान है. इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करता है और घुलनशील फाइबर खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करता है. दोनों ही बातें हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों के खतरे को घटाती हैं. इसलिए अमरूद उन लोगों के लिए खास फायदेमंद है जिन्हें दिल से जुड़ी समस्या का जोखिम रहता है.
5. वजन घटाने में मददगार
अमरूद का कैलोरी लेवल कम होता है और इसमें मौजूद फाइबर लंबे समय तक पेट को भरा रखता है. इससे बार-बार खाने की आदत कम हो जाती है और ओवरईटिंग से बचा जा सकता है. यही वजह है कि वेट लॉस करने वाले लोगों के लिए अमरूद एक बेहतरीन स्नैक ऑप्शन माना जाता है.
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Fatty Liver Diet: अमेरिका के फ्लोरिडा के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. जोसेफ सलहब ने बताया है कि कुछ खास फल और सब्जियां आपकी लिवर हेल्थ को बेहतर बना सकती हैं. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में ऐसे 7 फूड्स का जिक्र किया है जो लिवर को मजबूत करते हैं और शरीर की ओवरऑल हेल्थ को भी सुधारते हैं. डॉ. सलहब कहते हैं कि फल और सब्जियां सिर्फ रंग और स्वाद नहीं बढ़ातीं, बल्कि इनमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करते हैं.
डॉ. सलहब सलाह देते हैं कि अगर आप डार्क चॉकलेट खाते हैं, तो उसमें 70% या उससे अधिक कोको होना चाहिए. उनका कहना है कि इन फलों और सब्जियों को रोज की डाइट में शामिल करने से लिवर टॉक्सिन्स कम होते हैं और शरीर ज्यादा एनर्जी से भर जाता है.
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Viruddha Aahar meaning in Ayurveda: अक्सर हम स्वाद के लिए ऐसी चीज़ें खा लेते हैं जो शरीर के लिए नुकसानदायक होती हैं. कभी-कभी हमें पता नहीं चलता कि हम जो खा रहे हैं वह कोई उल्टा-पुल्टा खाना भी हो सकता है, जैसे दूध के साथ केला या दूध के साथ खट्टी चीज़ें, जैसे सलाद में नींबू, अचार या सिरका. ये सभी उल्टा-पुल्टा खाना शरीर की पाचन शक्ति को कमज़ोर करता है और सुस्ती पैदा करता है. आज हम जानेंगे कि दूध और दही के साथ क्या नहीं खाना चाहिए.
आयुर्वेद का मानना है कि उल्टा-पुल्टा खाना खाने से पेट की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और अगर लंबे समय तक ऐसा किया जाए तो यह गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. आयुर्वेद कहता है कि उल्टा-पुल्टा खाना शरीर में वात, पित्त और कफ का असंतुलन पैदा करता है. दूध हमारी डाइट का एक ज़रूरी हिस्सा है. दूध को खट्टे फलों के साथ नहीं पीना चाहिए.
खट्टे फलों में एसिड होता है, जबकि दूध में कैल्शियम और प्रोटीन होता है. ये दोनों खाने मिलकर पेट दर्द या गैस का कारण बन सकते हैं. दूध को मछली, पुदीने की पत्तियां, नमकीन खाना, मसालेदार तला हुआ खाना, लहसुन, प्याज और कटहल के साथ नहीं पीना चाहिए. कुछ लोगों को रात के खाने के साथ दूध पीने की आदत होती है। यह एक गलत आदत है. दूध हमेशा सोने से एक घंटा पहले पीना चाहिए.
अब बात करते हैं दही की. दही के साथ तली हुई चीज़ें खाने से बचें। ऐसा करने से पेट में सुस्ती और भारीपन हो सकता है. दही के साथ मछली खाने से पेट की पाचन शक्ति कमज़ोर होती है, दही के साथ चावल खाने से शरीर भारी लगता है, दही के साथ बीन्स खाने से पेट में गैस बन सकती है, दही के साथ खट्टे अचार पाचन की आग कम करते हैं, और दही को गर्म करना भी नुकसानदायक है.
अब बात करते हैं ठंडी और गर्म चीज़ों की. कोल्ड ड्रिंक के साथ पराठा खाना ज़हर खाने जैसा है; इससे पेट में टॉक्सिन बढ़ते हैं. खाने के साथ आइसक्रीम खाने से भी पाचन खराब होता है. जंक फ़ूड के साथ कोल्ड ड्रिंक पीने से आपको नींद आ सकती है.
लंच के बाद ठंडी और मीठी चीज़ें खाने से सुस्ती बढ़ सकती है और नींद आ सकती है. ये खतरनाक कॉम्बिनेशन शरीर की पाचन शक्ति को कमज़ोर करते हैं और कब्ज़ का कारण बनते हैं. जितना हो सके हल्का और गुनगुना खाना खाएं. दही और दूध का सेवन करते समय ध्यान रखें कि इन्हें खट्टे या मसालेदार खाने के साथ न लें.
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Strong Bones Tips: हमारे शरीर की हड्डियां सबसे अहम नींव होती हैं. वही हमें आकार, सहारा और मजबूती देती हैं. ये न सिर्फ हमारे शरीर को संभालती हैं बल्कि अंदरूनी अंगों की रक्षा भी करती हैं. लेकिन हमारी कुछ गलतियां और खानपान की आदतें धीरे-धीरे हड्डियों को कमजोर बना सकती हैं. आइए जानते हैं, किन चीजों से बचकर आप अपनी हड्डियों को मजबूत रख सकते हैं.
1. ज्यादा नमक खाना हानिकारक
नमक शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी एक तय मात्रा तक ही सेवन करना चाहिए. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एक स्वस्थ व्यक्ति को दिनभर में 5 ग्राम (करीब एक चम्मच) से ज्यादा नमक नहीं लेना चाहिए. ज्यादा नमक खाने से शरीर से कैल्शियम बाहर निकलने लगता है, जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं. इसके अलावा, बाजार के स्नैक्स, बिस्किट, चिप्स जैसे पैकेज्ड फूड्स में पहले से ही बहुत नमक होता है. इसलिए कोशिश करें कि नमक का सेवन सीमित रखें.
2. ज्यादा चीनी भी हड्डियों की दुश्मन
अमेरिका की मेडिकल एजेंसी क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादा चीनी खाने से शरीर में सूजन और इंसुलिन का स्तर बढ़ता है. इससे कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जो हड्डियों को कमजोर बनाते हैं. इसलिए मीठे पेय पदार्थों और ज्यादा शुगर वाले फूड्स से दूरी बनाकर रखें.
3. कोल्ड ड्रिंक्स से बढ़ता खतरा
बार-बार कोल्ड ड्रिंक पीना भी हड्डियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इनमें मौजूद कैफीन और फॉस्फोरिक एसिड जैसे तत्व शरीर से कैल्शियम को कम करते हैं, जिससे हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकती हैं. बेहतर है कि कोल्ड ड्रिंक की जगह नींबू पानी या नारियल पानी का सेवन करें.
4. आलसी लाइफस्टाइल भी नुकसानदेह
घंटों टीवी, मोबाइल या लैपटॉप के सामने बैठे रहना आपकी हड्डियों की सेहत पर असर डाल सकता है. जब शरीर कम हिलता-डुलता है तो हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं. रोजाना कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी, जैसे टहलना, योग या हल्का व्यायाम, हड्डियों को मजबूत बनाता है.
नोट
अगर आप चाहते हैं कि आपकी हड्डियां मजबूत रहें, तो नमक और चीनी की मात्रा कम करें, कोल्ड ड्रिंक से बचें और नियमित एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल करें. छोटी-छोटी सावधानियां आपकी हड्डियों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकती हैं.