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Kidney Health: हमारे शरीर से निकलने वाला यूरिन आमतौर पर हल्के पीले से लेकर गहरे पीले या अंबर रंग का होता है. लेकिन कई बार लोग देखते हैं कि यूरिन झागदार दिख रहा है. ज़्यादातर मामलों में ऐसा तब होता है जब ब्लैडर (मूत्राशय) बहुत भरा होता है और पेशाब तेज़ी से निकलने पर पानी में हलचल पैदा होती है. हालांकि, अगर झाग बार-बार और लगातार बने रहते हैं तो ये किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है.
क्यों बनता है यूरिन में झाग?
महाराष्ट्र के ठाणे स्थित KIMS अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. अजीत गुजेला के मुताबिक, झागदार पेशाब हमेशा खराब किडनी का लक्षण नहीं होता. यह कभी-कभी तेज़ पेशाब, शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) या टॉयलेट में बचे साबुन के अवशेषों की वजह से भी हो सकता है. लेकिन अगर यूरिन में लगातार झाग बन रहे हैं और जल्दी गायब नहीं हो रहे, तो यह प्रोटीन्यूरिया का संकेत हो सकता है. इसका मतलब है कि यूरिन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ रही है, जो दर्शाता है कि किडनी ठीक से फ़िल्टरिंग नहीं कर रही है.
किडनी डैमेज के शुरुआती संकेत
अगर यूरिन बार-बार झागदार आ रहा है और लंबे समय तक झाग बना रहता है, तो यह किडनी डैमेज या किडनी डिजीज़ का शुरुआती लक्षण हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि स्वस्थ किडनी खून से प्रोटीन को फ़िल्टर नहीं होने देती, लेकिन जब किडनी के फ़िल्टर (ग्लोमेरुलस) खराब होने लगते हैं तो प्रोटीन मूत्र में आने लगता है.
इन लक्षणों पर भी रखें ध्यान
अगर झागदार यूरिन के साथ नीचे दिए लक्षण नज़र आएं, तो डॉक्टर से ज़रूर मिलें.
हाथ, पैर, चेहरा या पेट में सूजन (फ्लूइड जमा होना)
लगातार थकान रहना
भूख न लगना
मतली या उल्टी
नींद की समस्या
यूरिन की मात्रा में बदलाव
पेशाब का बहुत हल्का या बहुत गहरा रंग
क्या करें?
अगर झागदार पेशाब कभी-कभी आता है तो ज़्यादा चिंता की बात नहीं, लेकिन अगर यह लगातार दिख रहा है या साथ में अन्य लक्षण भी हैं, तो नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी विशेषज्ञ) से तुरंत जांच कराएं. समय रहते ध्यान देने पर किडनी रोग को शुरुआती स्टेज में ही कंट्रोल किया जा सकता है.
नोट: यह जानकारी जागरूकता के उद्देश्य से है. किसी भी लक्षण पर डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है.
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Couple Relationship Advice: अक्सर कपल्स सोचते हैं कि रिश्ते को मजबूत और खुशहाल बनाने के लिए महंगे गिफ्ट्स, रोमांटिक डिनर या घूमने-फिरने जैसी चीजें जरूरी हैं. लेकिन सच यह है कि रिश्ते का असली जादू छोटी-छोटी बातों में छुपा होता है. रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें ही कपल्स को एक-दूसरे के और करीब लाती हैं और उनका रिश्ता लंबे समय तक जीवंत बनाए रखती हैं.
यहां ऐसी ही 8 आदतें बताई जा रही हैं, जिन्हें अपनाकर आप भी अपने रिश्ते को और गहरा व खुशहाल बना सकते हैं:-
1. रोजाना बात करना – चाहे दिन कितना भी व्यस्त क्यों न हो, अपने पार्टनर से रोज हालचाल पूछना जरूरी है. “आज दिन कैसा रहा?” जैसे छोटे सवाल भी दोनों को करीब लाते हैं और यह एहसास कराते हैं कि उनकी बातें सुनी जा रही हैं.
2. ध्यान से सुनना – बातचीत जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी है पार्टनर की बातें ध्यान से सुनना. जब आप सच में सुनते हैं और सोच-समझकर जवाब देते हैं तो रिश्ता और गहरा होता है.
3. आभार जताना – “थैंक यू” कहना एक छोटा लेकिन असरदार तरीका है. रोजमर्रा के छोटे-छोटे कामों में मदद के लिए भी पार्टनर को शुक्रिया कहना प्यार और सम्मान दोनों बढ़ाता है.
4. प्यार भरे छोटे इशारे – रिश्ता सिर्फ रोमांस से नहीं चलता. हल्का सा स्पर्श, हाथ पकड़ना, गले लगाना जैसे इशारे प्यार जताने के आसान तरीके हैं, जो नजदीकियां बढ़ाते हैं.
5. मिलकर काम करना – घर के कामों की जिम्मेदारी आपस में बांटना बोझ कम करता है और पार्टनरशिप का एहसास मजबूत करता है.
6. छोटी-छोटी खुशियां देना – सरप्राइज के लिए बड़ी चीजें जरूरी नहीं. एक हैंडरिटेन नोट या चॉकलेट जैसी छोटी चीजें भी पार्टनर का दिन बना सकती हैं.
7. क्वालिटी टाइम बिताना – फोन और स्क्रीन से दूर रहकर साथ में वक़्त बिताना, टहलना या किताब पढ़ना रिश्ते में गहराई लाता है.
8. साथ में हंसी-मजाक करना – चुटकुले शेयर करना, हल्की-फुल्की नोकझोंक करना रिश्ते में मस्ती लाता है और जुड़ाव बढ़ाता है.
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Exercise After 50 for Women: अगर आपने 50 की उम्र से पहले एक्सरसाइज नहीं की है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. विशेषज्ञों का मानना है कि आप 50 के बाद भी फिजिकल एक्टिविटी शुरू करें तो इसके फायदे तुरंत मिलने लगते हैं. महिलाओं के लिए यह और भी जरूरी हो जाता है, क्योंकि इस उम्र में मेनोपॉज के लक्षण दिखने लगते हैं, जैसे कि गर्मी लगना, नींद की परेशानी, मूड में बदलाव और जोड़ों का दर्द. ऐसे में एक्सरसाइज न सिर्फ इन लक्षणों को कम करती है बल्कि आपकी पूरी सेहत को बेहतर बनाती है.
क्यों जरूरी है एक्सरसाइज?
50 की उम्र के बाद हृदय रोग, डायबिटीज और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है लेकिन नियमित व्यायाम से इनका जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है. एक्सरसाइज करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रहता है, वजन नियंत्रित रहता है और पेट की चर्बी भी घटती है. खास बात यह है कि फिट रहने से आपकी जैविक उम्र यानी बायोलॉजिकल एज कम हो जाती है. यानी 55 की उम्र में भी आप 35 जैसी एनर्जी महसूस कर सकती हैं.
कौन-कौन सी एक्सरसाइज करें?
एरोबिक एक्सरसाइज
जैसे तेज़ चलना (ब्रिस्क वॉक), जॉगिंग, तैराकी और डांस. ये व्यायाम आपके दिल को मजबूत बनाते हैं और वजन घटाने में मदद करते हैं.
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग
हफ्ते में दो बार हल्के वेट उठाने या शरीर के वजन से व्यायाम करने से हड्डियाँ मजबूत होती हैं और मांसपेशियाँ टोन होती हैं.
स्ट्रेचिंग और योग
इससे जोड़ों में लचीलापन बढ़ता है और चोट लगने का खतरा कम होता है. योग और पिलेट्स इस उम्र में बहुत फायदेमंद होते हैं.
एक्सरसाइज शुरू करने से पहले…
अगर आपको ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, डायबिटीज या कोई अन्य पुरानी बीमारी है, तो किसी डॉक्टर से सलाह जरूर लें. उसके बाद ही किसी फिटनेस रूटीन की शुरुआत करें.
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Aloe Vera for Hair Growth: हर कोई चाहता है कि उसके बाल लंबे, घने और चमकदार हों. इसके लिए लोग महंगे शैंपू, सीरम और ट्रीटमेंट्स तक आजमाते हैं. सोशल मीडिया पर भी कई देसी नुस्खे वायरल हैं, जिनमें सिर पर एलोवेरा जेल रगड़ना सबसे पॉपुलर है. कहा जाता है कि इससे बाल झड़ना रुकता है और नए बाल उग आते हैं. लेकिन क्या ये सच है? आइए जानते हैं.
एलोवेरा बालों के लिए फायदेमंद क्यों है?
एलोवेरा एक हरा पौधा है, जिसकी पत्तियों में ठंडी और चिपचिपी जेल होती है. इस जेल में विटामिन A, C, E, B12, जिंक और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं. इसी वजह से इसका इस्तेमाल स्कैल्प की खुजली, डैंड्रफ और बालों को मुलायम बनाने के लिए किया जाता है. एलोवेरा सिर को ठंडक और पोषण देता है, जिससे बाल स्वस्थ दिखते हैं.
क्या एलोवेरा से दोबारा बाल उग सकते हैं?
अब तक की किसी भी रिसर्च ने ये साबित नहीं किया है कि एलोवेरा रगड़ने से गंजेपन की जगह बाल दोबारा उग आते हैं. एलोवेरा बालों की जड़ों को मजबूत करता है और स्कैल्प हेल्थ को बेहतर बनाता है, जिससे हेयर ग्रोथ को सपोर्ट तो मिलता है, लेकिन यह कोई जादुई उपाय नहीं है जो गंजापन खत्म कर दे.
नोटे:- एलोवेरा सिर की स्किन को ठंडक देता है, खुजली और डैंड्रफ को कम करता है और बालों को स्मूद बनाता है. लेकिन सिर्फ एलोवेरा से गंजापन दूर नहीं हो सकता. ये एक सस्ता और असरदार नेचुरल हेयर केयर उपाय जरूर है, मगर कोई चमत्कार नहीं है.