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फिटनेस और हेल्दी डाइट को लेकर जागरूक लोगों के बीच चिया सीड्स काफी लोकप्रिय हो गए हैं. छोटे दिखने वाले ये बीज फाइबर, प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो पाचन और गट हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद हैं. जब इन्हें भिगोकर पुडिंग बनाया जाता है, तो यह नाश्ते के लिए एक स्वादिष्ट और पौष्टिक विकल्प बन जाता है.
फ्लोरिडा के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. जोसेफ सलहब ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर कुछ हेल्दी चिया पुडिंग रेसिपी शेयर की हैं. ये रेसिपी दिखने में तो डेजर्ट जैसी लगती हैं, लेकिन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं. आइए जानें कि इन्हें घर पर कैसे बनाया जा सकता है.
1. कोकोनट मैंगो चिया पुडिंग
दो लोगों के लिए ½ कप लाइट कोकोनट मिल्क, ¼ कप ग्रीक योगर्ट, 4 चम्मच चिया सीड्स, 1 चम्मच कद्दूकस किया नारियल और ¾ कप आम लें. सबको अच्छी तरह मिलाकर रात भर फ्रिज में रखें. सुबह ताजे आम के टुकड़ों के साथ सर्व करें. यह रेसिपी गर्मियों के लिए परफेक्ट है.
2. ब्लूबेरी चिया पुडिंग
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर इस रेसिपी के लिए ½ कप ब्लूबेरी, ¾ कप ग्रीक योगर्ट, 2 चम्मच मेपल सिरप और 3 चम्मच चिया सीड्स लें. ब्लूबेरी, योगर्ट और सिरप को ब्लेंड करें, फिर उसमें चिया मिलाकर फ्रिज में रख दें. सुबह ऊपर से ब्लूबेरी या डार्क चॉकलेट डालकर खाएं.
3. माचा लाटे चिया पुडिंग
माचा फ्लेवर पसंद करने वालों के लिए यह बढ़िया ऑप्शन है. 1 कप ओट मिल्क, 2 चम्मच माचा पाउडर, ¼ कप चिया सीड्स और थोड़ा मेपल सिरप मिलाकर रात भर ठंडा करें. सुबह रास्पबेरी और बादाम से सजाकर खाएं.
4. रास्पबेरी चिया पुडिंग
½ कप रास्पबेरी, ½ कप दूध, ¼ कप योगर्ट, 3 चम्मच चिया सीड्स, 1 चम्मच नींबू रस और थोड़ा मेपल सिरप मिलाएं. रात भर ठंडा करें और सुबह ग्रेनोला या रास्पबेरी से गार्निश करें.
5. मैंगो चिया पुडिंग
1 बड़ा आम, ¾ कप योगर्ट, 2 चम्मच मेपल सिरप, एक चुटकी नमक और ½ कप चिया सीड्स मिलाकर रात भर रखें. सुबह ऊपर से आम के टुकड़े डालें और परोसें.
क्यों फायदेमंद है
चिया सीड्स में मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे ओवरईटिंग नहीं होती. ये पाचन को सुधारते हैं और एनर्जी लेवल बनाए रखते हैं. इसलिए अगर आप हेल्दी, आसान और टेस्टी ब्रेकफास्ट की तलाश में हैं, तो चिया पुडिंग एक परफेक्ट चॉइस हो सकती है.
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Natarajasana Benefits: हमारे शरीर की हर गतिविधि चलना, उठना-बैठना, वजन उठाना या बैलेंस बनाए रखना, सब कुछ मांसपेशियों पर निर्भर करता है. इसलिए मांसपेशियों का मजबूत होना और उनका स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है. योग में ऐसे कई आसन हैं जो रोजाना कुछ मिनटों के अभ्यास से मांसपेशियों को मजबूत, लचीला और एक्टिव रखते हैं. इन्हीं में से एक बेहद महत्वपूर्ण आसन है नटराजासन, जिसकी जानकारी मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ योगा भी देता है.
संस्कृत में "नट" का अर्थ है नर्तक और "राज" का अर्थ है राजा. यह आसन भगवान शिव के नटराज स्वरूप से प्रेरित है. शिव के इस रूप में शरीर एक पैर पर संतुलन बनाते हुए नृत्य की सुंदर मुद्रा में दिखाई देता है. नटराजासन भी इसी मुद्रा का अभ्यास है, जो शरीर को संतुलन, एकाग्रता और लचीलापन प्रदान करता है.
नटराजासन से शरीर के कई हिस्सों पर विशेष लाभ मिलता है. कूल्हे, जांघें, टखने, कंधे और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है. यह आसन पेट की मांसपेशियों को टोन करता है और पूरे शरीर में खिंचाव लाकर ऊर्जा बढ़ाता है. नियमित अभ्यास से मन शांत होता है और तनाव में कमी आती है.
नटराजासन कैसे करें?
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, इस आसन को करना आसान है.
सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और संतुलन बनाएं.
पूरा भार बाएं पैर पर डालें.
दाएं पैर को घुटने से मोड़कर पीछे उठाएं.
दोनों हाथों को ऊपर ले जाकर पीछे की तरफ ले जाएं और दाएं पैर के टखने या पंजे को पकड़ें.
नजरें सामने किसी एक बिंदु पर स्थिर रखें और सामान्य सांस लेते रहें.
कुछ सेकंड रुककर धीरे-धीरे वापस आएं.
यही प्रक्रिया बाएं पैर से दोहराएं.
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
योग विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भवती महिलाएं, गंभीर कमर या घुटने के दर्द वाले व्यक्ति, हाई ब्लड प्रेशर के मरीज को ये आसान नहीं करना चाहिए.
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भाप लेना यानी स्टीम थेरेपी एक बहुत पुरानी और असरदार घरेलू प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल लोग सर्दी-जुकाम से राहत पाने के लिए करते आए हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भाप लेना सिर्फ सर्दी में नहीं, बल्कि चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने, तनाव कम करने और शरीर को डिटॉक्स करने में भी बहुत मददगार है?
आयुर्वेद में इसे “स्वेदन कर्म” कहा गया है. इसका मतलब है शरीर में जमा आम (टॉक्सिन) को बाहर निकालना और शरीर की शुद्धि करना. भाप लेने से शरीर के अंदर की नमी और गर्मी संतुलित रहती है, जिससे वात और कफ दोष दोनों नियंत्रित रहते हैं. यही वजह है कि ठंड के मौसम में भाप लेना शरीर के लिए औषधि जैसा काम करता है.
चेहरे के लिए भाप के फायदे
भाप लेने से चेहरे के रोमछिद्र खुल जाते हैं, और उनके अंदर जमा गंदगी व तेल बाहर निकल जाते हैं. इससे त्वचा साफ, मुलायम और चमकदार हो जाती है. अगर आप पानी में गुलाब जल और ग्लिसरीन की कुछ बूंदें डालकर भाप लें, तो यह न सिर्फ चेहरे की नमी बनाए रखता है, बल्कि रंगत भी निखारता है.
तनाव और सिर दर्द के लिए भाप
अगर आपको सिर भारी लगता है या तनाव महसूस हो रहा है, तो पानी में चंदन के तेल और लैवेंडर ऑयल की कुछ बूंदें डालकर भाप लें. इससे मानसिक शांति मिलती है, सिर दर्द में आराम होता है और नींद भी बेहतर आती है. लैवेंडर ऑयल दिमाग को शांत करने में बहुत फायदेमंद माना जाता है.
गले की खराश और खांसी में भाप का असर
जब गला बैठ जाए या खांसी-बलगम ज्यादा हो, तो पानी में मुलेठी और हल्दी डालकर भाप लेना बहुत फायदेमंद होता है. इससे गले के अंदर का संक्रमण कम होता है और सांस लेने में राहत मिलती है.
सर्दी-जुकाम और जकड़न में भाप का जादू
सर्दी-जुकाम या शरीर में अकड़न होने पर पानी में तुलसी की पत्तियां, लौंग और अजवाइन डालकर उबाल लें और फिर उस भाप को लें. इससे छाती में जमी बलगम निकल जाती है और शरीर हल्का महसूस होता है.
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दिवाली का त्योहार आने वाला है और चारों तरफ रौनक दिखाई देने लगी है. बाजारों में मिठाइयों की खुशबू और घरों में बनने वाले पकवानों का दौर शुरू हो चुका है. ऐसे में फिटनेस लवर लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है. स्वादिष्ट पकवानों का मज़ा लेते हुए फिट रहना. अगर आप भी सोच रहे हैं कि दिवाली पर खाने-पीने का मजा भी लें और वजन भी न बढ़े, तो ये 5 आसान फिटनेस टिप्स आपके लिए हैं.
ध्यान से खाएं
त्योहार के दौरान सबसे जरूरी बात है. Mindful Eating. खाने के वक्त सिर्फ स्वाद पर ध्यान न दें, बल्कि यह भी सोचें कि आप कितना और क्या खा रहे हैं. ओवरईटिंग से बचें. जो भी खाएं, छोटे हिस्सों में खाएं और सिर्फ स्वाद के लिए, पेट भरने के लिए नहीं.
छेना वाली मिठाइयां चुनें
मावा या दूध से बनी भारी मिठाइयों के बजाय हल्की मिठाइयां चुनें जैसे छेना बेस्ड मिठाइयां, रसगुल्ला, छेना पायस या सैंडेश। इनमें कैलोरी कम होती है. अगर चाशनी ज्यादा लगे तो मिठाई से उसका सिरप निकाल दें. इससे मिठाई हल्की और सेहतमंद बन जाएगी.
पैदल चलने की आदत डालें
दिवाली की तैयारियों में खुद को फिजिकली एक्टिव रखें. बाजार या रिश्तेदारों के घर पैदल जाकर अपने कदम बढ़ाएं. घर की सफाई या सजावट में भी हाथ बटाएं, इससे कैलोरी बर्न होगी और आप एक्टिव बने रहेंगे.
ज्यादा पानी पिएं
कई बार हमें भूख नहीं बल्कि प्यास लगती है. इसलिए जब भी खाने का मन करे, पहले एक गिलास पानी पी लें. इससे आप ओवरईटिंग से बचेंगे और शरीर हाइड्रेट रहेगा. पानी पीने से मेटाबॉलिज्म भी अच्छा रहता है.
जिम या रनिंग न छोड़ें
त्योहारों के बीच वर्कआउट को नजरअंदाज न करें. अगर जिम नहीं जा पा रहे हैं तो सुबह की रनिंग या हल्की एक्सरसाइज जरूर करें. इससे आप अपने कैलोरी इनटेक को बैलेंस कर पाएंगे और त्योहार के मजे के साथ फिटनेस भी बनी रहेगी.