How to start Datacenter or Domain and hosting business ?
Top Digital Marketing Companies
Top Flutter App Development Companies
How to earn money Online ?
How to start Ecommerce business ?
इंसानी खोपड़ियों से बने बर्तन, मानव त्वचा की कुर्सियां; अमेरिका का सबसे खौफनाक सीरियल किलर
BBDS App Download
× Bindass Bol Home About News Contact Search

पेट फूलना, भारीपन और गैस बढ़ रही? आयुर्वेद और विज्ञान बताते हैं असली वजह, जानिए कैसे मिलेगा राहत

File

फाइल फोटो

Bloating causes and remedies: खाने के बाद पेट फूलना, भारीपन, डकारें और जलन की समस्या आजकल बहुत आम हो चुकी है. डॉक्टरों और आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, यह सिर्फ बदहजमी नहीं बल्कि पाचन शक्ति कमजोर होने यानी अग्निमांद्य का संकेत है. आयुर्वेद मानता है कि भोजन ठीक से न पचने पर शरीर में आम दोष बनता है, जो गैस, सूजन और कई बीमारियों की जड़ है.

वहीं आधुनिक विज्ञान कहता है कि पेट फूलने की वजह आंतों में गैस का बढ़ना, पाचन का धीमा पड़ना और आंतों में हल्की सूजन है. विशेषज्ञों के अनुसार तेज़ी से खाना, भोजन को ठीक से न चबाना, जंक और प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा चाय-कॉफी, गैस वाले पेय, तैलीय भोजन और रात को देर से खाना इस समस्या को बढ़ाते हैं. तनाव और चिंता भी पाचन पर सीधा असर डालते हैं. कई लोगों को ग्लूटेन या लैक्टोज न पचने की वजह से तुरंत ब्लोटिंग होती है.

एक्सपर्ट बताते हैं कि पाचन अग्नि को संतुलित रखना जरूरी है, जिसके लिए घर में मौजूद कुछ आसान उपाय काफी असर दिखाते हैं. भोजन के बाद अजवाइन और काला नमक, सौंफ का पानी, अदरक, हींग का गुनगुना पानी, त्रिफला चूर्ण, हल्दी वाला दूध, पुदीना या जीरा पानी गैस और सूजन तुरंत कम करते हैं.

योग विशेषज्ञों के अनुसार पवनमुक्तासन, वज्रासन और कपालभाति ब्लोटिंग और गैस को कम करने के सबसे असरदार योगासन हैं. डॉक्टर सलाह देते हैं कि जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी है. खाना हमेशा धीरे-धीरे खाएं, रात का भोजन हल्का रखें, सोने से कम से कम दो घंटे पहले खा लें और भोजन के तुरंत बाद लेटने की बजाय थोड़ी देर टहलें. रोजाना हल्का व्यायाम और योग पाचन को मजबूत करता है. 

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि ब्लोटिंग की समस्या बार-बार हो रही है, तो इसे सामान्य न समझें और डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह जरूर लें.
 


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

26 Nov 2025  ·  Published: 23:47 IST

खाली पेट चुकंदर का जूस पीना सही या गलत? न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया सच्चा असर

File

फाइल फोटो

चुकंदर को हेल्थ और स्किन दोनों के लिए सुपरफूड माना जाता है. यही वजह है कि आजकल कई लोग सुबह खाली पेट Beetroot Juice पीकर दिन की शुरुआत करना पसंद करते हैं. कहा जाता है कि इससे स्टैमिना बढ़ता है, ब्लड फ्लो बेहतर होता है और स्किन पर नैचुरल ग्लो आता है. लेकिन क्या खाली पेट इसे पीना सभी के लिए फायदेमंद है? इस सवाल का जवाब न्यूट्रिशनिस्ट राशी चहल ने एक इंटरव्यू में दिया.

खाली पेट चुकंदर का जूस पीने के फायदे
न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक, अगर आपका पाचन ठीक है तो खाली पेट चुकंदर का जूस पीना बेहद फायदेमंद हो सकता है.

आयरन और विटामिन का बेहतर अवशोषण: खाली पेट पीने पर शरीर बीटरूट में मौजूद आयरन, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स को जल्दी और बेहतर तरीके से अवशोषित करता है.

  1. ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है: बीटरूट जूस में नाइट्रेट्स होते हैं जो ब्लड प्रेशर को नैचुरल तरीके से नियंत्रित करते हैं.

  2. ब्लड फ्लो बढ़ाता है: यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है, जिससे दिल स्वस्थ रहता है.

  3. वर्कआउट में मददगार: वर्कआउट से पहले पीने पर यह मसल्स तक ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचाता है और थकान कम करता है.

  4. पाचन में सुधार: इसमें मौजूद फाइबर डाइजेशन को बेहतर बनाता है और आंतों की सेहत सुधारता है.

न्यूट्रिशनिस्ट का सुझाव है कि इसे सुबह नाश्ते से करीब 30 मिनट पहले या वर्कआउट से पहले नींबू का रस मिलाकर पिएं, इससे असर दोगुना हो जाता है.

किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
चुकंदर का जूस हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है, खासकर जिन लोगों को पेट से जुड़ी कोई समस्या है, उन्हें इसे खाली पेट नहीं पीना चाहिए.

  1. गैस या ब्लोटिंग: फाइबर की ज्यादा मात्रा कुछ लोगों के लिए पाचन में परेशानी, गैस या एसिडिटी का कारण बन सकती है.

  2. किडनी स्टोन का खतरा: चुकंदर में ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है, जो किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ा सकती है.

  3. एसिड रिफ्लक्स: ज्यादा मात्रा में पीने से पेट में जलन या एसिडिटी की समस्या हो सकती है.

न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह
राशी चहल कहती हैं कि खाली पेट बीटरूट जूस पीना फायदेमंद है, लेकिन सीमित मात्रा में. अगर आपको लो ब्लड प्रेशर, किडनी स्टोन या पेट की समस्या है, तो इसे डॉक्टर की सलाह के बिना न पिएं. ऐसे लोगों के लिए बेहतर है कि चुकंदर का जूस अन्य फूड्स के साथ मिलाकर पिया जाए.


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

14 Oct 2025  ·  Published: 10:45 IST

डेंगू का बढ़ने वाला है कहर! डॉक्टरों ने दी चेतावनी- समय रहते करे तैयारी वरना…

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

Dengue Case in India: देश में डेंगू का प्रकोप अभी पूरी तरह से नहीं बढ़ा है, लेकिन आने वाले समय में खतरा बढ़ सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि अगस्त 2025 तक डेंगू के 49,573 मामले सामने आए हैं और इस मच्छर जनित बीमारी से 42 लोगों की मौत हो चुकी है. स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को इस पर एक उच्च स्तरीय बैठक में जानकारी दी गई, जिसमें डेंगू से निपटने के लिए राज्यों को सतर्क रहने की सलाह दी गई.

राजधानी दिल्ली में भी डेंगू के मामलों में गिरावट देखने को मिली है. 31 अगस्त तक दिल्ली में 964 केस दर्ज हुए, जबकि पिछले साल इसी समय में ये आंकड़ा 1,215 था. इसके बावजूद मंत्रालय ने कहा कि सावधानी बरतना जरूरी है ताकि बीमारी पर समय रहते नियंत्रण किया जा सके. दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में भी डेंगू के मामले बढ़े हैं. उत्तर प्रदेश में 1,646 केस दर्ज हुए, जबकि राजस्थान में 1,181 और हरियाणा में 298 मामले सामने आए हैं.

मंत्रालय ने बताया कि 2024 में पूरे देश में डेंगू के 2,33,519 मामले सामने आए थे, जिनमें 297 लोगों की मौत हुई थी. अभी डेंगू का प्रकोप कम है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यों से कहा कि वे बारिश और जलभराव के चलते संभावित संकट से निपटने की पूरी तैयारी करें. खासतौर पर स्कूलों, श्रमिक शिविरों और डेंगू प्रभावित इलाकों में विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता बताई गई है ताकि बीमारी के फैलाव को रोका जा सके.

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अस्पतालों को भी अलर्ट रहने को कहा है. उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पतालों में बिस्तर, दवाइयां, कीटनाशक, रक्त के घटक और निदान सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होनी चाहिए. साथ ही सेंटिनल सर्विलांस अस्पतालों को सतर्क रखा जाए और अन्य सार्वजनिक व निजी अस्पतालों को भी अलर्ट कर दिया जाए. बुखार के मामलों वाले क्षेत्रों में कीटाणुनाशक धुंआ छिड़कने और मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को साफ करने की दिशा में तेज अभियान चलाने पर जोर दिया गया है.

डेंगू से बचाव के लिए मंत्रालय ने ‘ऑक्टालॉग’ नामक एक राष्ट्रीय रणनीति लागू की है. यह योजना आठ मुख्य बिंदुओं पर आधारित है, जैसे निगरानी, केस मैनेजमेंट, वेक्टर नियंत्रण, प्रकोप प्रतिक्रिया, क्षमता निर्माण, व्यवहार में बदलाव संचार, अंतर-मंत्रालयी समन्वय और निगरानी. इस रणनीति के तहत कई राज्यों में अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसमें समुदाय को जागरूक करने, नि:शुल्क जांच सुविधाएं देने और रोग के नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

मंत्रालय ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वित्तीय सहायता दी जा रही है और राज्यों को समय-समय पर प्रशिक्षण व सलाह दी जा रही है. इसके साथ ही, स्कूलों और श्रमिक शिविरों जैसे जगहों पर डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को मच्छरों से बचाव के उपाय बताने की योजना बनाई गई है. जेपी नड्डा ने कहा कि लंबी बारिश और जलभराव के कारण डेंगू का खतरा और बढ़ सकता है, इसलिए राज्य सरकारों को पहले से तैयार रहना चाहिए ताकि किसी महामारी जैसी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके.

यह भी पढ़ें: जिम जाने से पहले कराएं ये 5 टेस्ट, 50 साल से कम उम्र वालों में भी बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Raihan

16 Sep 2025  ·  Published: 04:30 IST

मोटापे और बेली फैट से परेशान? आज़माएं मेथी दाना का यह नुस्खा

File

फाइल फोटो

Fenugreek Seeds for Belly Fat: तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ-साथ लोगों की जीवनशैली भी बदल रही है. लंबे समय तक ऑफिस में बैठे रहना, कम फिजिकल एक्टिविटी और असंतुलित खान-पान ने मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों को तेज़ी से बढ़ाया है. इनमें सबसे बड़ी चिंता का कारण पेट की चर्बी या एब्डॉमिनल फैट है, जिसे विसरल फैट भी कहा जाता है. यह चर्बी पेट के अंगों को घेरकर उनके कामकाज को प्रभावित करती है और व्यक्ति में हार्ट डिज़ीज़, डायबिटीज़ और अन्य क्रॉनिक बीमारियों का खतरा बढ़ाती है.

डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी
हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट बताती है कि पेट की चर्बी कम करना आसान नहीं होता, लेकिन सही आहार और नियमित व्यायाम से इसे घटाया जा सकता है. हेल्दी डाइट अपनाना, रोज़ाना कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी करना सबसे ज़रूरी कदम हैं.

मेथी दाना एक प्राकृतिक उपाय
भारतीय, ग्रीक, मिस्र और रोमन सभ्यताओं में मेथी दाना केवल मसाले के तौर पर नहीं, बल्कि औषधीय गुणों के लिए भी इस्तेमाल होता रहा है. आज भी यह एक प्राकृतिक हर्ब के रूप में कई स्वास्थ्य समस्याओं में मददगार माना जाता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि पेट की चर्बी कम करने में भी मेथी दाना सहायक हो सकता है.

क्यों फायदेमंद है मेथी
मेथी दाना फाइबर से भरपूर होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है और अनावश्यक खाने की आदत कम होती है. इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर ‘गैलेक्टोमानन’ पाचन को बेहतर बनाता है, मेटाबॉलिज़्म तेज़ करता है और ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करता है. मेटाबॉलिज़्म बढ़ने से शरीर अतिरिक्त कैलोरी और फैट को तेज़ी से जलाता है.

कैसे करें सेवन
सबसे आसान तरीका है, एक चम्मच मेथी दाना रातभर पानी में भिगो दें. सुबह खाली पेट इस पानी को छानकर पी लें और चाहें तो भीगे हुए दाने भी खा सकते हैं. दूसरा तरीका है, मेथी के दानों को हल्का भूनकर पाउडर बना लें. आधा चम्मच पाउडर गुनगुने पानी में मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से भी फायदा मिल सकता है. इस पाउडर को आप सूप या जूस में मिलाकर भी ले सकते हैं.

सावधानी भी जरूरी
मेथी दाना एक प्राकृतिक उपाय है लेकिन किसी भी हर्बल उपाय की तरह इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए. डायबिटीज़ या अन्य क्रॉनिक बीमारी के मरीजों को इसे अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

21 Sep 2025  ·  Published: 12:25 IST