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Amla Water Benefits: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में सुबह का वक्त सबसे व्यस्त होता है. लेकिन यही समय आपकी पूरी दिनचर्या की दिशा तय करता है. अगर दिन की शुरुआत किसी हेल्दी चीज़ से की जाए, तो शरीर और मन दोनों एनर्जेटिक बने रहते हैं. आयुर्वेद के अनुसार, सुबह खाली पेट किसी नैचुरल और पौष्टिक ड्रिंक से दिन की शुरुआत करना शरीर को डिटॉक्स करने और ऊर्जा से भरने में मदद करता है.
ऐसी ही एक ड्रिंक है आंवला पानी में हल्दी मिलाकर पीना. सर्दियों के मौसम में आंवला खुद में एक सुपरफूड है, और जब इसमें हल्दी के गुण जुड़ जाते हैं, तो इसके फायदे दोगुने हो जाते हैं. यह ड्रिंक न सिर्फ आपकी इम्यूनिटी बढ़ाती है, बल्कि स्किन, पेट और मूड सब पर अच्छा असर डालती है. जानिए सुबह 5 बजे आंवला पानी में हल्दी मिलाकर पीने के पांच बड़े फायदे.
1. इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है
आंवला विटामिन C से भरपूर होता है, जो शरीर को इंफेक्शन से बचाता है. हल्दी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण शरीर की अंदरूनी सफाई करते हैं. दोनों को मिलाकर पीने से शरीर को एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच मिलता है, जो मौसम बदलने या थकान के दौरान भी आपको बीमार नहीं होने देता.
2. स्किन को देता है नेचुरल ग्लो
अगर आप बिना किसी महंगे क्रीम या ट्रीटमेंट के चमकदार त्वचा चाहते हैं, तो आंवला-हल्दी पानी एक बेहतरीन उपाय है. आंवला शरीर से टॉक्सिन्स निकालता है, जिससे त्वचा साफ होती है. वहीं हल्दी ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है, जिससे चेहरे पर नैचुरल ग्लो आता है.
3. शरीर को करता है डिटॉक्स
सुबह खाली पेट आंवला और हल्दी का पानी पीने से शरीर के अंदर जमा गंदगी बाहर निकलती है. यह लिवर को साफ रखता है और पूरे दिन आपको हल्का और फ्रेश महसूस कराता है.
4. पेट की समस्याओं से दिलाए राहत
अगर आपको एसिडिटी, गैस या पेट फूलने की दिक्कत है, तो यह ड्रिंक काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. यह पाचन तंत्र को मजबूत करती है, आंतों को साफ रखती है और पेट में जलन या भारीपन को दूर करती है. जब पेट ठीक रहता है, तो मूड और स्किन दोनों ही बेहतर दिखते हैं.
5. मूड और फोकस को करता है बेहतर
हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन दिमाग को एक्टिव और मूड को पॉजिटिव बनाता है. वहीं आंवले की खटास सुबह-सुबह शरीर को ताजगी का एहसास दिलाती है. इस ड्रिंक से तनाव कम होता है और दिनभर फोकस बनाए रखने में मदद मिलती है.
कैसे पिएं
रात में एक गिलास पानी में एक चम्मच आंवला पाउडर और आधा चम्मच हल्दी पाउडर डालकर रख दें. सुबह खाली पेट हल्का गुनगुना करके पी लें. चाहें तो थोड़ा शहद मिलाकर स्वाद बढ़ा सकते हैं.
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ब्रिटेन के ओल्डबरी (Oldbury) इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे टेम रोड (Tame Road) के पास 20 साल की महिला के साथ बलात्कार किया गया. पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि दो लोगों ने उस पर हमला किया.
वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ने इस घटना को “नस्लीय उकसावे वाला हमला” बताया है. पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि हमले के दौरान हमलावरों ने नस्लवादी टिप्पणियां भी कीं. इससे यह साफ होता है कि यह सिर्फ यौन हिंसा का मामला नहीं, बल्कि नस्लीय भेदभाव से जुड़ा अपराध भी है.
पुलिस इस मामले में तेजी से जांच कर रही है. चीफ सुपरिंटेंडेंट किम मैडिल ने कहा, “हम जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक सबूत और अन्य जांच तेजी से चल रही है. हम गवाहों से अपील करते हैं कि वे सामने आएं और जांच में मदद करें.”
घटना के बाद स्थानीय और प्रवासी समुदाय में गुस्सा और डर का माहौल है. यूके की सिख फेडरेशन के दबिंदरजीत सिंह ने इस हमले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा, “यह हमला व्यस्त सड़क पर, दिन के उजाले में हुआ है. यह घटना बताती है कि महिलाएं और अल्पसंख्यक किस तरह खतरे में हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को ऐसे हिंसक और नस्लवादी हमलों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी चाहिए. हम इस क्रूर नस्लवादी और यौन हमले की सभी नेताओं द्वारा सार्वजनिक निंदा का इंतजार कर रहे हैं. 48 घंटे से अधिक समय हो चुके हैं और अब तक किसी बड़े नेता की प्रतिक्रिया नहीं आई है.”
दबिंदरजीत सिंह ने यह भी बताया कि पीड़ित महिला सिख समुदाय से है और उसके साथ दिनदहाड़े क्रूरता की गई. उन्होंने कहा, “यह घटना न केवल पीड़िता के लिए, बल्कि पूरे समुदाय के लिए सदमे जैसी है. सरकार और पुलिस को इसे गंभीरता से लेकर अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना चाहिए.”
फिलहाल पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा और सहयोग देने का भरोसा दिया है. जांच टीम आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और इलाके में गवाहों से संपर्क कर रही है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जो भी घटना के समय वहां मौजूद था या कुछ संदिग्ध देखा है, वह तुरंत पुलिस से संपर्क करे. यह मामला ब्रिटेन में नस्लीय भेदभाव और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के बढ़ते खतरे को उजागर करता है. स्थानीय संगठनों का कहना है कि सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे.
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शरीर के हर जरूरी अंग की तरह दांत भी हमारी सेहत का बेहद अहम हिस्सा हैं. सुंदर मुस्कान के साथ-साथ दांत ही भोजन को चबाकर पाचन की प्रक्रिया शुरू करते हैं. अगर दांत और मसूड़े कमजोर हों, तो इसका सीधा असर पेट, पाचन और पूरे शरीर पर पड़ता है. आयुर्वेद में दांतों को पूरे शरीर की सेहत का आधार माना गया है.
Ayurveda के मुताबिक, दांतों को अस्थि धातु यानी हड्डियों से जोड़ा गया है. इसका मतलब है कि दांत जितने मजबूत होंगे, शरीर भी उतना ही मजबूत रहेगा. लेकिन आज की जीवनशैली में गलत खानपान, तनाव और लापरवाही की वजह से कम उम्र में ही दांतों की परेशानी शुरू हो जाती है. मसूड़ों से खून आना, बदबू, कैविटी, पीले दांत और दांत हिलने जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं.
विशेषज्ञों के मुताबिक, दिन में दो बार दांत साफ न करना, जिह्वा की सफाई न करना, तंबाकू का सेवन, बहुत ज्यादा मीठा खाना और बार-बार कुछ न कुछ खाते रहना दांतों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है. ज्यादा ठंडा या बहुत गर्म भोजन भी दांतों की जड़ों को कमजोर करता है.
आयुर्वेदिक उपाय जो घर बैठे अपनाए जा सकते हैं
आयुर्वेद में दांतों की देखभाल के लिए कुछ बेहद आसान और कारगर उपाय बताए गए हैं. सबसे पहला उपाय है तेल से कुल्ला करना. सुबह खाली पेट नारियल या तिल के तेल से 5 से 10 मिनट तक कुल्ला करने से दांतों की गंदगी साफ होती है और मसूड़े मजबूत होते हैं.
दूसरा असरदार उपाय है Triphala. रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ त्रिफला लेने से पेट साफ रहता है और पाचन मजबूत होता है. जब पेट सही रहेगा, तो दांत भी अपने आप मजबूत रहेंगे. दांत साफ करने के लिए बाजार के केमिकल युक्त टूथपेस्ट की बजाय नीम की दातुन या त्रिफला, लौंग, अजवाइन और नीम की छाल के पाउडर से दांत साफ करने की सलाह दी जाती है. इससे दांतों की चमक बढ़ती है और मुंह की बदबू भी दूर होती है.
लौंग का तेल और सही खानपान भी जरूरी
लौंग का तेल दांतों और मसूड़ों के लिए रामबाण माना जाता है. यह मसूड़ों की सूजन कम करता है और दांतों में कीड़ा लगने से बचाता है. इसके साथ ही दांतों को मजबूत और चमकदार बनाए रखता है. दांतों को स्वस्थ रखने के लिए शरीर में कैल्शियम और प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा जरूरी है. सर्दियों में गुड़, तिल, मूंगफली, सूखे मेवे, बीज और छेना को खाने में शामिल करने से दांत और मसूड़े दोनों मजबूत होते हैं.
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Chyawanprash Benefits: च्यवनप्राश भारत में सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा एक पारंपरिक आयुर्वेदिक फॉर्मूला है. इसका नाम ऋषि च्यवन के नाम पर रखा गया, जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने अपनी उम्र, ताकत और स्वास्थ्य सुधारने के लिए इस औषधीय मिश्रण का उपयोग किया था. आज भी कई लोग इसे रोज़ाना लेते हैं, क्योंकि यह शरीर की ताकत, ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है.
च्यवनप्राश का सबसे बड़ा लाभ यह माना जाता है कि यह इम्युनिटी मजबूत करता है. विशेषकर सर्दियों में लोग इसे ठंड, खांसी और जुकाम जैसी छोटी लेकिन परेशान करने वाली समस्याओं से बचने के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह अपनाते हैं. इसका मुख्य घटक आंवला है, जो विटामिन-सी का समृद्ध स्रोत माना जाता है. यह शरीर में एंटीऑक्सीडेंट बढ़ाकर ऊर्जा, त्वचा और पाचन के लिए भी लाभकारी होता है.
च्यवनप्राश में शामिल ब्रह्मी और शंखपुष्पी मस्तिष्क को शांत रखने और याददाश्त सुधारने के लिए जानी जाती हैं. वहीं गिलोय और पिप्पली जैसी जड़ी-बूटियां फेफड़ों और श्वसन तंत्र को मजबूत करने में मदद करती हैं और कफ को संतुलित करती हैं. इसके अलावा, इसमें मौजूद अश्वगंधा और विदारीकंद शरीर में ताकत और स्टैमिना बढ़ाने में मदद करते हैं. इन्हें अक्सर थकान, कमजोरी और उम्र से जुड़े बदलावों को धीमा करने में सहायक माना जाता है.
नियमित सेवन से लोग अक्सर त्वचा में निखार, बालों में मजबूती और सेहत में सुधार महसूस होने की बात कहते हैं. आमतौर पर इसे सुबह खाली पेट या दूध के साथ 1–2 चम्मच लिया जाता है, जबकि बच्चों के लिए आधा चम्मच पर्याप्त माना जाता है. हालांकि, डायबिटीज वाले लोग च्यवनप्राश का शुगर-फ्री या शहद रहित विकल्प चुनें. साथ ही, किसी भी आयुर्वेदिक दवा को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है.