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इंसानी खोपड़ियों से बने बर्तन, मानव त्वचा की कुर्सियां; अमेरिका का सबसे खौफनाक सीरियल किलर
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इन लोगों को कभी नहीं खाना चाहिए आंवला, बढ़ सकती है सेहत की समस्या

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Amla: आंवला यानि इंडियन गूजबेरी को हम सब सुपरफूड मानते हैं. यह विटामिन C, एंटीऑक्सिडेंट और कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है. यही वजह है कि लोग इसे जूस, अचार, पाउडर या सप्लीमेंट के रूप में आसानी से इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि आंवला हर किसी के लिए अच्छा नहीं होता. कुछ लोगों में यह फायदा पहुंचाने के बजाय परेशानी बढ़ा सकता है.

दरअसल, शोधों में पाया गया है कि आंवले में मौजूद कुछ नेचुरल कंपाउंड्स संवेदनशील लोगों में एलर्जी, खुजली, सूजन या पेट से जुड़ी दिक्कतें पैदा कर सकते हैं. इसके अलावा कुछ मेडिकल स्थितियों में आंवला लेने से हालत और भी खराब हो सकती है. इसलिए इसे खाने से पहले अपनी हेल्थ कंडीशन समझना जरूरी है.

1. जिनका शुगर लेवल बहुत कम रहता है
आंवला ब्लड शुगर को तेजी से नीचे ले आता है. अगर आपका शुगर लेवल पहले से ही लो रहता है या आपको चक्कर, कमजोरी की समस्या होती है, तो बिना डॉक्टर की सलाह आंवला न लें. इससे हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा बढ़ सकता है.

2. जिन्हें एसिडिटी या गैस की समस्या है
आंवला काफी खट्टा और एसिडिक होता है. संवेदनशील पेट वाले लोगों में यह गैस, एसिडिटी, सीने में जलन और पेट दर्द बढ़ा सकता है. अगर आपको अल्सर, गैस्ट्राइटिस या एसिड रिफ्लक्स है, तो खाली पेट या कच्चा आंवला बिल्कुल न लें.

3. जो ब्लड थिनिंग दवाएं ले रहे हैं
आंवला खून को पतला करने वाले गुण रखता है. ऐसे लोग जो वॉरफरिन, एस्पिरिन या क्लोपिडोग्रेल जैसी दवाएं लेते हैं, उन्हें ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है. ब्लीडिंग डिसऑर्डर वाले लोग भी इसे सावधानी से लें.

4. जिनको किडनी की समस्या या पथरी है
आंवले में मौजूद ज्यादा विटामिन C शरीर में जाकर ऑक्सालेट बनाता है, जो किडनी स्टोन बढ़ाने का कारण बन सकता है. अगर पहले कभी पथरी हुई है तो आंवले का ज्यादा सेवन नुकसान पहुंचा सकता है.

5. प्रेग्नेंट या ब्रेस्टफीडिंग महिलाएं
थोड़ी मात्रा सुरक्षित है, लेकिन ज्यादा आंवला पेट दर्द, दस्त और ऐंठन बढ़ा सकता है. विशेष रूप से सप्लीमेंट रूप में इसे डॉक्टर की सलाह के बिना न लें.

6. जिन्हें एलर्जी होती है
कुछ लोग आंवला खाने के बाद खुजली, रैश, सूजन या मतली महसूस करते हैं. ऐसे में तुरंत इसका सेवन बंद कर दें. आंवला फायदेमंद है, लेकिन हर शरीर के लिए नहीं. अगर ऊपर बताई गई कोई भी स्थिति आप पर लागू होती है, तो आंवला लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.


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Written by: Taushif

17 Nov 2025  ·  Published: 12:06 IST

अपने बढ़ते वजन से हैं परेशान? इन आयुर्वेदिक तरीकों से होगा कम

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Ayurveda Weight Loss Tips: वज़न कम करना कोई झटपट उपाय नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर पाचन अग्नि को बैलेंस करने का एक नेचुरल प्रोसेस है. आयुर्वेद कहता है कि मोटापा तब बढ़ता है जब हमारी पाचन अग्नि कमज़ोर हो जाती है और खाना ठीक से नहीं पचता. ऐसे मामलों में शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो जाते हैं, जो बाद में फैट के रूप में जमा हो जाते हैं, जिससे वज़न बढ़ता है. इसलिए, असली समाधान पाचन अग्नि को ठीक करना, रोज़ाना के रूटीन को बैलेंस करना और खाने की आदतों में सुधार करना है.

चरक संहिता में भी साफ तौर पर कहा गया है कि ज़्यादा मीठा खाना, आलस, ज़्यादा सोना और अनियमित लाइफस्टाइल से मेदा (फैट) बढ़ता है. मोटापा किसी एक कारण से नहीं होता, बल्कि कई छोटी-छोटी बुरी आदतों से होता है, जैसे दिन भर लगातार स्नैकिंग करना, रात को देर तक जागना, कोल्ड ड्रिंक्स पीना, बैठे रहना और बहुत ज़्यादा स्ट्रेस लेना.

वज़न कम करने के लिए, सबसे पहले, सुबह खाली पेट गुनगुना पानी नींबू के साथ पीने से डाइजेशन बेहतर होता है और शरीर हल्का महसूस होता है. रात को त्रिफला लेने से पुराने टॉक्सिन्स खत्म होते हैं और पाचन अग्नि मज़बूत होती है. अपनी डाइट में हल्दी, काली मिर्च और अदरक जैसे गर्म मसाले शामिल करना फायदेमंद होता है. आयुर्वेद रोज़ाना 30 मिनट पैदल चलना, पेट आधा भरने तक खाना और बैलेंस्ड फास्टिंग को वज़न कम करने के लिए गोल्डन रूल्स मानता है. डाइट के बारे में बात करें तो, सुबह दलिया या जौ का पानी पिएं, लंच में मूंग दाल और सब्ज़ियों जैसा हल्का खाना खाएं, और रात का खाना बहुत हल्का रखें, सोने से कम से कम दो घंटे पहले.

कुछ आसान उपाय जो पाचन अग्नि को बढ़ाते हैं उनमें खाने से पहले थोड़ा अदरक और नमक, दिन में एक बार जीरा, धनिया और सौंफ का काढ़ा, सुबह आंवला या एलोवेरा का जूस, शहद के साथ पिप्पली, और नींबू अदरक की चाय शामिल हैं. ये शरीर को अंदर से हल्का करते हैं और मेटाबॉलिज़्म बढ़ाते हैं. जल्दी उठना, योग और प्राणायाम करना, स्क्रीन टाइम कम करना और 7-8 घंटे की नींद लेना एक हेल्दी रूटीन के लिए ज़रूरी है.

सूर्य नमस्कार, कपालभाति, भस्त्रिका और पेट के योग आसन फैट कम करने में तेज़ी से मदद करते हैं. हफ्ते में एक बार हल्का डिटॉक्स डे रखना, जैसे सिर्फ सूप, फल या नारियल पानी पीना, शरीर को रीसेट करने में मदद करता है, हालांकि बहुत ज़्यादा स्ट्रिक्ट डाइटिंग फायदे से ज़्यादा नुकसान कर सकती है.


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Written by: Taushif

06 Dec 2025  ·  Published: 11:03 IST

सर्दी-जुकाम के साथ-साथ चेहरे पर ब्यूटी क्रीम की तरह काम करती है भाप, जानें अनगिनत फायदे

प्रतीकात्मक फोटो

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भाप लेना यानी स्टीम थेरेपी एक बहुत पुरानी और असरदार घरेलू प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल लोग सर्दी-जुकाम से राहत पाने के लिए करते आए हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भाप लेना सिर्फ सर्दी में नहीं, बल्कि चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने, तनाव कम करने और शरीर को डिटॉक्स करने में भी बहुत मददगार है?

आयुर्वेद में इसे “स्वेदन कर्म” कहा गया है. इसका मतलब है शरीर में जमा आम (टॉक्सिन) को बाहर निकालना और शरीर की शुद्धि करना. भाप लेने से शरीर के अंदर की नमी और गर्मी संतुलित रहती है, जिससे वात और कफ दोष दोनों नियंत्रित रहते हैं. यही वजह है कि ठंड के मौसम में भाप लेना शरीर के लिए औषधि जैसा काम करता है.

चेहरे के लिए भाप के फायदे
भाप लेने से चेहरे के रोमछिद्र खुल जाते हैं, और उनके अंदर जमा गंदगी व तेल बाहर निकल जाते हैं. इससे त्वचा साफ, मुलायम और चमकदार हो जाती है. अगर आप पानी में गुलाब जल और ग्लिसरीन की कुछ बूंदें डालकर भाप लें, तो यह न सिर्फ चेहरे की नमी बनाए रखता है, बल्कि रंगत भी निखारता है.

तनाव और सिर दर्द के लिए भाप
अगर आपको सिर भारी लगता है या तनाव महसूस हो रहा है, तो पानी में चंदन के तेल और लैवेंडर ऑयल की कुछ बूंदें डालकर भाप लें. इससे मानसिक शांति मिलती है, सिर दर्द में आराम होता है और नींद भी बेहतर आती है. लैवेंडर ऑयल दिमाग को शांत करने में बहुत फायदेमंद माना जाता है.

गले की खराश और खांसी में भाप का असर
जब गला बैठ जाए या खांसी-बलगम ज्यादा हो, तो पानी में मुलेठी और हल्दी डालकर भाप लेना बहुत फायदेमंद होता है. इससे गले के अंदर का संक्रमण कम होता है और सांस लेने में राहत मिलती है.

सर्दी-जुकाम और जकड़न में भाप का जादू
सर्दी-जुकाम या शरीर में अकड़न होने पर पानी में तुलसी की पत्तियां, लौंग और अजवाइन डालकर उबाल लें और फिर उस भाप को लें. इससे छाती में जमी बलगम निकल जाती है और शरीर हल्का महसूस होता है.


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Written by: Taushif

13 Nov 2025  ·  Published: 22:52 IST

Rice Flour For Skin: चावल के आटे से कैसे पाए जाएं स्किन की समस्याओं से राहत

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Rice Flour For Skin: हमारे शरीर के सभी अंग मजबूत होते हैं, लेकिन स्किन सबसे नाजुक और संवेदनशील हिस्सा होती है. यही वजह है कि त्वचा को प्रदूषण, गलत खान-पान, तनाव और बिजी लाइफस्टाइल का सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ता है. अगर समय रहते इसकी देखभाल न की जाए, तो चेहरा बेजान, रूखा और झुर्रियों वाला दिखने लगता है. यही नहीं, उम्र से पहले बुढ़ापा भी झलकने लगता है.

आजकल हर दूसरे इंसान को किसी न किसी तरह की स्किन प्रॉब्लम परेशान कर रही है. कभी स्किन पर ड्राइनेस होती है, तो कभी लालिमा, दाग-धब्बे या पिंपल्स. ये समस्याएं न सिर्फ आपकी खूबसूरती को कम करती हैं, बल्कि आत्मविश्वास पर भी असर डालती हैं. ज्यादातर लोग इनसे बचने के लिए महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार ये प्रोडक्ट्स असरदार साबित नहीं होते. उल्टा, इनमें मौजूद केमिकल्स से एलर्जी, खुजली, लाल धब्बे या चकत्ते जैसी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं.

ऐसे में स्किन एक्सपर्ट्स अक्सर घरेलू नुस्खों को अपनाने की सलाह देते हैं. इनमें से एक बेहद पॉपुलर और असरदार उपाय है चावल का आटा (Rice Flour)। भारतीय घरों में इसका इस्तेमाल सदियों से किया जाता रहा है.

चावल का आटा क्यों है फायदेमंद?
आयुर्वेद और आधुनिक रिसर्च दोनों ही चावल के आटे को स्किन के लिए लाभकारी मानते हैं. यू.एस. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, चावल में विटामिन बी, एलांटोइन, फेरुलिक एसिड और कई एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. ये सभी तत्व मिलकर त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बनाने में मदद करते हैं.

  • डेड स्किन हटाता है – चावल का आटा एक नेचुरल एक्सफोलिएटर है. इससे बने फेस पैक या स्क्रब लगाने पर चेहरे की ऊपरी परत की गंदगी और मृत कोशिकाएं निकल जाती हैं.
  • नेचुरल ग्लो लाता है – चावल के आटे में मौजूद स्टार्च और पोषक तत्व स्किन में नमी बनाए रखते हैं और नेचुरल ब्राइटनेस लाते हैं.
  • जलन और लालिमा कम करता है – इसमें मौजूद स्टार्च ठंडक देता है, जिससे सनबर्न, जलन या सूजन की समस्या कम हो जाती है.
  • एंटी-एजिंग गुण – इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को फ्री रैडिकल्स से बचाते हैं और समय से पहले आने वाली झुर्रियों को कम करने में सहायक हैं.

चावल का आटा कैसे करें इस्तेमाल?

  • फेस पैक के रूप में – एक चम्मच चावल का आटा, शहद और दूध मिलाकर फेस पैक बनाएं. इसे 15 मिनट लगाकर धो लें. चेहरा चमकदार और मुलायम लगेगा.
  • स्क्रब की तरह – चावल का आटा, दही और हल्दी मिलाकर स्किन पर हल्के हाथों से मसाज करें. इससे डेड स्किन और ब्लैकहेड्स हटेंगे.
  • क्लींजर के रूप में – सिर्फ पानी या गुलाबजल में चावल का आटा मिलाकर चेहरे पर लगाने से भी स्किन साफ और फ्रेश दिखती है.

इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी

  • हालांकि चावल का आटा प्राकृतिक और सुरक्षित है, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
  • ड्राई स्किन वालों के लिए – बार-बार इस्तेमाल करने से त्वचा का नेचुरल ऑयल खत्म हो सकता है और स्किन और ज्यादा रूखी लग सकती है. इसलिए हफ्ते में एक-दो बार ही प्रयोग करें.
  • सेंसिटिव स्किन वालों के लिए – कुछ लोगों को इससे खुजली, जलन या रैशेज हो सकते हैं. इसलिए पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें.
  • पिंपल्स और ऑयली स्किन के लिए – अगर आटा अच्छे से धोया न जाए तो ये रोमछिद्र बंद कर सकता है. इससे पिंपल्स, ब्लैकहेड्स या व्हाइटहेड्स हो सकते हैं.

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Written by: Taushif

10 Sep 2025  ·  Published: 11:40 IST