फाइल फोटो
Long Distance Relationship Tips: आज के समय में रिश्तों की परिभाषा बदल रही है. पढ़ाई, नौकरी या करियर के कारण अक्सर कपल्स एक-दूसरे से दूर रहते हैं. ऐसे में कई लोग मानते हैं कि लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप को निभाना आसान नहीं होता, लेकिन सच्चाई यह है कि अगर रिश्ते में प्यार और भरोसा हो तो दूरी भी ज्यादा मायने नहीं रखती.
अगर आपको कोई ऐसा साथी मिल गया है जो आपके लिए परफेक्शन के करीब है और जिसके साथ आप अपना भविष्य देख सकते हैं, तो सिर्फ इस वजह से उसे खो देना कि आप दोनों एक जगह नहीं रहते, समझदारी नहीं है. बल्कि ज़रूरी यह है कि आप अपने रिश्ते को सहेजने के लिए कुछ खास कदम उठाएं. यहां हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप को और मजबूत बना सकते हैं.
1. फोन उठाएं, बातचीत को बनाएं आधार
रिश्ते को बनाए रखने का सबसे आसान और मजबूत तरीका है बातचीत. अक्सर लोग सिर्फ चैट पर निर्भर रह जाते हैं और सोचते हैं कि मैसेज ही काफी है लेकिन सच यह है कि टेक्स्ट मैसेज में बहुत सारी बातें अधूरी रह जाती हैं. फोन पर लंबी बातचीत करना या वीडियो कॉल करना बेहद ज़रूरी है. एक-दूसरे की आवाज़ और चेहरा सुनने-देखने से भावनात्मक जुड़ाव गहरा होता है. कोशिश करें कि रोज़ कम से कम कुछ समय निकालकर एक-दूसरे से बात करें.
2. सुबह और रात को जरूर कनेक्ट हों
दिन की शुरुआत और अंत, दोनों ही रिश्ते को मज़बूत करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं. अगर आप सुबह उठते ही अपने पार्टनर से बात करते हैं और रात को सोने से पहले कनेक्ट होते हैं, तो यह रिश्ते में मिठास लाता है. इससे आपको महसूस होगा कि भले ही आप मीलों दूर हों, लेकिन एक-दूसरे के दिन का हिस्सा हैं. यह तरीका रिश्ते में भरोसा और अपनापन दोनों बढ़ाता है.
3. नियमित मुलाकात ज़रूरी है
चाहे रिश्ता कितना भी मजबूत क्यों न हो, मुलाकात का कोई विकल्प नहीं होता. लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन जरूरी है कि आप मिलने की योजना बनाएं. कम से कम हर तीन महीने में एक बार मिलने का लक्ष्य जरूर तय करें. अगर संभव हो तो हर महीने मिलने की कोशिश करें. मुलाकातें रिश्ते को और गहरा बनाती हैं और आपको साथ बिताए पलों की यादें देती हैं, जो अगली मुलाकात तक रिश्ते को जीवित रखती हैं.
4. ट्रिप और मुलाकात की योजना पहले से बनाएं
लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में सबसे अहम होता है ‘उम्मीद’. यह जानना कि आप अगली बार कब मिलेंगे, रिश्ते में उत्साह बनाए रखता है. अगर आपके पास कोई निश्चित तारीख है तो यह दोनों के लिए खुशी और भरोसे का कारण बनती है. जब आपको पता होता है कि अगले महीने या अगले सीज़न में मुलाकात होगी, तो दूरी का एहसास कम हो जाता है.
5. जहां रहते हैं वहां मिलना भी है जरूरी
अक्सर कपल्स सोचते हैं कि लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में मिलना हो तो किसी नई जगह ट्रिप प्लान करें. यह रोमांचक तो है, लेकिन जरूरी है कि आप एक-दूसरे की असल जिंदगी को भी समझें. कम से कम कुछ बार अपने-अपने शहर या रहने की जगह पर भी मिलें. इससे आपको यह जानने का मौका मिलेगा कि आपके पार्टनर का दैनिक जीवन कैसा है, उनका रूटीन, दोस्तों का दायरा और कामकाज का माहौल कैसा है. यह गहरी समझ रिश्ते को और पुख्ता बनाती है.
6. भरोसा और धैर्य रखें
लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप की सबसे बड़ी परीक्षा होती है भरोसा. हर रिश्ते में उतार-चढ़ाव आते हैं लेकिन जब आप दूर हों तो शक और असुरक्षा की भावना रिश्ते को कमजोर कर सकती है. ऐसे में एक-दूसरे पर विश्वास करना और धैर्य बनाए रखना सबसे अहम है. याद रखें कि लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप तभी सफल होता है जब आप अपने पार्टनर पर भरोसा करते हैं.
7. छोटे-छोटे सरप्राइज दें
कभी-कभी रिश्ते को खास बनाने के लिए सरप्राइज बेहद कारगर साबित होते हैं. यह जरूरी नहीं कि सरप्राइज महंगे हों. आप अचानक कोई प्यारा सा गिफ्ट भेज सकते हैं, हस्तलिखित पत्र भेज सकते हैं या उनके किसी खास दिन पर उनके पास पहुंच सकते हैं. यह छोटे-छोटे प्रयास रिश्ते को जीवित और ताज़ा बनाए रखते हैं.
फाइल फोटो
US Visa Health Restrictions: डायबिटीज और कैंसर समेत कई बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए अमेरिकी वीजा पाना थोड़ा मुश्किल भरा हो सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने वीजा नीति में कुछ बदलाव किए हैं. इसके अनुसार हृदय रोग, डायबिटीज, कैंसर, मोटापा और मेंटल हेल्थ से जूझ रहे लोगों को अमेरिकी वीजा के लिए मना किया जा सकता है.
ट्रंप सरकार की ओर से गुरुवार को एक निर्देश जारी किया गया, जिसके अनुसार अमेरिकी वीजा के लिए आवेदन करने वाले विदेशी नागरिकों को हृदय रोग, श्वसन रोग, कैंसर, डायबिटीज, मोटापा, न्यूरोलॉजिकल और मेंटल हेल्थ जैसी दिक्कतों की वजह से वीजा देने से मना भी किया जा सकता है.
अमेरिका के केएफएफ हेल्थ न्यूज के अनुसार संबंधित विभाग को लगता है कि इन बीमारियों से ग्रसित लोग दूसरों के लिए बोझ बन सकते हैं. इसके साथ ही अमेरिकी संसाधनों पर भी इसका बुरा असर होगा. इसलिए अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास को ये निर्देश दिया गया है. अमेरिकी मीडिया के अनुसार ये दिशानिर्देश दोनों दूतावास को केबल के जरिए भेजा गया. हालांकि, अमेरिकी वीजा के लिए पहले भी हेल्थ कंडीशन की जानकारी ली जाती थी, लेकिन अब नए दिशा निर्देश के बाद इस प्रक्रिया में भी बदलाव होंगे.
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केबल में कहा गया, "आपको आवेदक के स्वास्थ्य पर विचार करना होगा. कुछ मेडिकल कंडीशन, जिनमें हृदय रोग, श्वसन रोग, कैंसर, डायबिटीज, मोटापा, न्यूरोलॉजिकल और मेंटल हेल्थ कंडिशन समेत अन्य बीमारियां शामिल हैं, इनके लिए लाखों डॉलर की देखभाल की आवश्यकता हो सकती है." इसके साथ ही वीजा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह आकलन करें कि जिस शख्स ने वीजा का आवेदन किया है, वह अपने इलाज का खर्च उठाने में सक्षम है या नहीं. इसके साथ ही वीजा के लिए आवेदन डालने वाले शख्स के परिवार के हेल्थ का अपडेट लिया जाएगा.
इसे लेकर गैर लाभकारी कानूनी सहायता समूह कैथोलिक लीगल इमिग्रेशन नेटवर्क के एक वरिष्ठ वकील चार्ल्स व्हीलर ने कहा है कि ये दिशानिर्देश सभी वीजा के लिए हैं, लेकिन इनका उपयोग केवल स्थायी निवास के मामलों में ही किया जाएगा. व्हीलर ने कहा, "यह चिंताजनक है क्योंकि वीजा अधिकारी मेडिकल में प्रशिक्षित नहीं हैं, उन्हें इस क्षेत्र में कोई अनुभव नहीं है और उन्हें अपने व्यक्तिगत ज्ञान के आधार पर अनुमान नहीं लगाना चाहिए."
फाइल फोटो
Sameera Reddy Coconut Water Video: बॉलीवुड अभिनेत्री समीरा रेड्डी अब फिल्मों में कम दिखती हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वह लगातार एक्टिव रहती हैं और फैंस से जुड़ी रहती हैं. हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक मज़ेदार और प्रेरणादायक वीडियो शेयर की, जो खूब वायरल हो रही है.
समीरा रेड्डी इन दिनों गोवा में अपने परिवार के साथ रहती हैं और प्रकृति के बीच सादा जीवन जीती हैं. वह फिटनेस और नेचुरल चीज़ों के इस्तेमाल पर बहुत ध्यान देती हैं. अपनी इसी लाइफस्टाइल को दिखाते हुए उन्होंने एक वीडियो शेयर की है, जिसमें वह पेड़ से खुद नारियल तोड़कर उसका पानी पीती नजर आ रही हैं.
वीडियो शेयर करते हुए समीरा ने लिखा, “नारियल पानी को बस पी लो, गूगल मत करो! इसके फायदे जानने के लिए सर्च करने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि यह अपने आप में नेचर का सबसे बढ़िया एनर्जी ड्रिंक है.” उन्होंने बताया कि नारियल पानी न सिर्फ स्वादिष्ट होता है बल्कि बेहद फायदेमंद भी है. यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है, इलेक्ट्रोलाइट्स को बैलेंस करता है और दिल की सेहत का ख्याल रखता है. उन्होंने कहा, “वर्कआउट के बाद इसे पीना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि यह शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करता है. ये असली नेचुरल स्पोर्ट्स ड्रिंक है, सीधे नारियल से!”
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नारियल पानी में पोटेशियम, सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये तत्व शरीर को हाइड्रेट रखते हैं, मांसपेशियों की कार्यप्रणाली सुधारते हैं और पीएच लेवल को संतुलित रखते हैं. आयुर्वेदिक ग्रंथ ‘सुश्रुत संहिता’ के मुताबिक, नारियल पानी की तासीर ठंडी होती है, जिससे यह वात और पित्त दोष को नियंत्रित करने में मदद करता है और शरीर को ठंडा रखता है.
हालांकि, डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि जिन लोगों को किडनी की समस्या है या जिनका ब्लड शुगर असंतुलित रहता है, उन्हें नारियल पानी का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए. समीरा रेड्डी का यह वीडियो लोगों को प्रकृति के नज़दीक रहने और नेचुरल लाइफस्टाइल अपनाने का सुंदर संदेश देता है, “हर चीज़ का जवाब इंटरनेट नहीं, कभी-कभी एक नारियल में भी सेहत छिपी होती है.”
फाइल फोटो
Padahastasana Benefits: भारत की प्राचीन संस्कृति योग में ऐसे कई सारे आसन हैं, जो शरीर को लचीला बनाने के साथ-साथ मन को हल्का और शांत भी रखते हैं. ऐसा ही एक योगासन का नाम 'पादहस्तासन' है. यह योगासन पेट की मांसपेशियों की अच्छे से मालिश करता है, जिससे पाचन तंत्र सक्रिय रहता है और अपच और पेट से संबंधित स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं होती है.
प्राचीन मान्यता के मुताबिक, पादहस्तासन सूर्य नमस्कार का एक हिस्सा रहा है, जो सूर्य की ऊर्जा को ग्रहण करने और शरीर में प्राणशक्ति को बढ़ाने के लिए किया जाता था. इसे करने के दौरान शरीर पृथ्वी की ओर झुकता है. योग विशेषज्ञों का मानना है कि इसे नियमित करने से शरीर न केवल शारीरिक लचीलापन बढ़ता है, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है.
आधुनिक जीवनशैली में जहां ज्यादातर समय हम मोबाइल या कंप्यूटर के सामने झुके रहते हैं, ऐसे में यह आसन रीढ़ को राहत देता है और पूरे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाता है. इसका नियमित अभ्यास करने के लिए योगा मैट पर घुटनों के बल बैठें. एड़ियां बाहर की ओर और कूल्हे एड़ियों पर टिकाएं. हथेलियों को जांघों पर रखें और रीढ़ को सीधा रखें. सामान्य सांस लेते हुए 5-10 मिनट तक इस मुद्रा में रहना चाहिए.
आयुष मंत्रालय के मुताबिक, पादहस्तासन मासिक धर्म की तकलीफों से राहत दिलाता है, जिससे शरीर को संतुलन और ऊर्जा मिलती है. इसे करते समय क्षमता का ध्यान रखना और जबरदस्ती खिंचाव से बचना चाहिए. इसके करने से सिर की ओर रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है, जो मस्तिष्क और आंखों के लिए अच्छा है. साथ ही यह मन को शांत करने और तनाव दूर करने में सहायक है. योगासन करते समय हमेशा क्षमता पर ध्यान दें. जबरदस्ती या जरूरत से ज्यादा खिंचाव शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए हर व्यक्ति को अपनी सुविधा और गति के अनुसार ही योग करना चाहिए.