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Health News: नींद का दुश्मन है मोबाइल! जल्दी उठने के लिए करें ये बदलाव

प्रतीकात्मक फोटो

फाइल फोटो

Health News: अगर आप भी सोचते हैं कि काश मैं सुबह जल्दी उठ पाता, तो ये खबर आपके लिए है। सुबह जल्दी उठना सेहत, दिमाग और लाइफस्टाइल के लिए बहुत फायदेमंद होता है। लेकिन जिन लोगों को देर से सोने और देर से उठने की आदत है, उनके लिए ये थोड़ा मुश्किल हो सकता है। तो चलिए जानते हैं आसान भाषा में कुछ ऐसे टिप्स जो आपकी मदद करेंगे।

सुबह जल्दी उठने के फायदे
1.    मन खुश और पॉजिटिव रहता है।
2.    ध्यान और याददाश्त बेहतर होती है।
3.    बीमार होने का खतरा कम होता है।
4.    चेहरा फ्रेश और स्किन चमकदार दिखती है।
5.    पूरा दिन एनर्जी भरा रहता है, काम जल्दी होते हैं।

 क्या करना चाहिए?
1.    सुबह उठने का मन बनाइए, सबसे पहले दिमाग को तैयार कीजिए कि आपको सुबह जल्दी उठना है। हमारी बॉडी की नेचुरल घड़ी (सर्केडियन रिदम) वैसे भी सुबह उठने के लिए बनी है।

2. जल्दी सोने की आदत डालिए, अगर रात 2 बजे सोएंगे, तो 6 बजे कैसे उठेंगे? कोशिश करें कि रात 10 बजे तक सो जाएं। सोने से पहले मोबाइल, टीवी बंद कर दें और दिमाग शांत करें। भारी खाना न खाएं, हल्की वॉक करें ताकि नींद अच्छे से आए।

3. रात की अच्छी नींद जरूरी है, सोने से पहले दूध में केसर या शहद डालकर पिएं। अनुलोम-विलोम जैसे आसान योग से दिमाग शांत करें। बहुत ज़्यादा टाइम देखने या "नींद क्यों नहीं आ रही" सोचने से नींद और भागेगी।

अलार्म ट्रिक अपनाएं
अलार्म सुनते ही उठें, बार-बार स्नूज़ न करें। अलार्म को थोड़ा दूर रखें ताकि आपको उठकर बंद करना पड़े। उठते ही पानी पिएं, फ्रेश हवा में जाएं और चेहरा ठंडे पानी से धोएं।

आदत बनाने के आसान तरीके
2-3 दिन में ही आदत नहीं बनती, थोड़ा समय लगेगा। दिन में ज़्यादा देर की नींद न लें, अगर थकान लगे तो 15-20 मिनट की नैप लें। सुबह उठने के लिए कोई कारण रखें – जैसे योग, पढ़ाई, वॉक या खेल।

जल्दी सोने के लिए क्या करें?
रात में हल्का और जल्दी खाना खाएं। सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल-TV बंद कर दें। अंधेरे और शांत कमरे में सोने की कोशिश करें।
 


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Written by: Taushif

25 Jul 2025  ·  Published: 04:49 IST

कमजोर हृदय बढ़ा सकता है परेशानी, कम ईएफ को बिलकुल न करें नजरअंदाज

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Low Ejection Fraction Heart: दिल की ताकत समझनी हो तो कभी भी इजेक्शन फ्रैक्शन (EF) को हल्के में नहीं लेना चाहिए. दिल हर धड़कन में जितना खून शरीर में भेजता है, उसी का प्रतिशत ईएफ कहलाता है. अगर दिल मजबूती से सिकुड़ता है तो पम्पिंग अच्छी रहती है और ईएफ नॉर्मल आता है, लेकिन जब दिल की मांसपेशियां थकने लगती हैं, जकड़न बढ़ने लगती है या दिल को जरूरी ताकत नहीं मिल पाती, तब ईएफ कम होने लगता है.

इसी वजह से डॉक्टर हार्ट मरीज का सबसे पहले ईएफ की रिपोर्ट चेक करते हैं. ईएफ मापने के लिए सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है इको टेस्ट. इसमें दिल की दीवारें साफ दिखाई देती हैं और पता चलता है कि दिल कितना खून पंप कर रहा है, वाल्व ठीक काम कर रहे हैं या नहीं और खून का फ्लो कैसा है. साल में कम से कम एक बार ये टेस्ट कराना अच्छा माना जाता है. ईएफ की रेंज भी बहुत कुछ बताती है. 55-70 नॉर्मल, 41-54 हल्की कमी, 31-40 मध्यम कमी और 30 से कम गंभीर स्थिति मानी जाती है.

ईएफ कम होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे पुराना हाई बीपी, हार्ट अटैक का इतिहास, ज्यादा तनाव, शराब का अधिक सेवन, अनकंट्रोल शुगर, ब्लॉकेज, थायरॉयड समस्या, स्मोकिंग और कुछ वायरल इंफेक्शन जो दिल की मांसपेशियों को कमजोर कर देते हैं. ईएफ कम होने के लक्षण भी अक्सर धीरे-धीरे सामने आते हैं, जैसे सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना, जल्दी थक जाना, धड़कन बढ़ना, पैरों में सूजन या रात में सांस लेने में परेशानी.

आयुर्वेद के मुताबिक, जब हृदय कमजोर होता है तो शरीर की शक्ति और प्राणवायु पर असर पड़ने लगता है. रसधातु की कमी, दोषों का असंतुलन और मानसिक तनाव इसे और बिगाड़ सकते हैं. अर्जुन, द्राक्ष, अश्वगंधा और पुष्करमूल जैसी औषधियां हृदय को पोषण देने वाली मानी जाती हैं. हल्की वॉक, संतुलित भोजन और मन को शांत रखकर भी काफी सुधार देखा गया है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो ईएफ कम होने का मतलब है कि दिल की मांसपेशियां कमजोर या डैमेज हैं. 

सही मेडिसिन और लाइफस्टाइल सुधार मिलकर कई मरीजों में ईएफ को 10-15 प्रतिशत तक बढ़ा देते हैं. कम नमक, हल्का खाना, सुबह टहलना, बीपी–शुगर कंट्रोल, तनाव कम करना और समय पर सोना-जागना दिल को मजबूत बनाने में मदद करते हैं, लेकिन अगर अचानक सांस रुकने लगे, तेज सीने में दर्द हो या धड़कन बहुत तेज महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
 


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Written by: Taushif

24 Nov 2025  ·  Published: 11:21 IST

शादीशुदा जिंदगी में फिर लाएं पहले जैसा रोमांस, बस अपनाएं ये टिप्स

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लंबे समय तक किसी भी रिश्ते में रहना अपने आप में एक खूबसूरत अनुभव है, लेकिन इसके साथ कुछ चुनौतियां भी आती हैं. चाहे शादीशुदा रिश्ता हो या फिर रोमांटिक रिलेशनशिप, समय के साथ कभी-कभी रिश्ते की वो पुरानी चमक फीकी पड़ने लगती है. शुरुआत में जो उत्साह और आकर्षण महसूस होता था, कई साल बीतने के बाद वह कम हो सकता है.

इसका मतलब यह नहीं कि प्यार खत्म हो गया है. दरअसल ज़िम्मेदारियों, कामकाज और रोज़मर्रा की भागदौड़ में हम अपने रिश्ते को समय और ध्यान देना भूल जाते हैं. अगर हम थोड़ी कोशिश करें, तो उसी गर्माहट और जुड़ाव को वापस लाना बिल्कुल संभव है.

1. स्क्रीन से दूरी बनाएं

आजकल मोबाइल, लैपटॉप और टीवी हमारे जीवन का बड़ा हिस्सा बन गए हैं. कई बार कपल्स एक ही कमरे में होते हैं लेकिन एक-दूसरे से बात करने के बजाय स्क्रीन पर ध्यान लगाए रहते हैं. अगर आप अपने रिश्ते में नज़दीकी वापस लाना चाहते हैं, तो दिन में कम से कम कुछ समय स्क्रीन-फ्री बिताएं.

  1. एक-दूसरे से आंखों में आंखें डालकर बात करें.
  2. दिन में कम से कम 5 मिनट का समय सिर्फ बातचीत के लिए निकालें.
  3. सोशल मीडिया और न्यूज ऐप को थोड़ी देर के लिए भूलकर अपने साथी पर ध्यान दें.
  4. जब आप सामने वाले को पूरा ध्यान देते हैं, तो आपसी समझ और जुड़ाव मजबूत होता है.

2. गले लगाना अपनाएं

  1. शारीरिक स्पर्श रिश्तों में गर्माहट लाने का एक आसान लेकिन असरदार तरीका है.
  2. रिश्ते सुधारने की एक तकनीक है “60 सेकंड हग” यानी रोज़ाना कम से कम एक बार एक-दूसरे को पूरे एक मिनट तक गले लगाना.
  3. शुरुआत में यह थोड़ा अटपटा लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे यह आपके रिश्ते में गहरी भावनात्मक निकटता लाने लगेगा.
  4. गले लगाने से तनाव कम होता है, दिल की धड़कनें सामान्य होती हैं और दिमाग में खुश करने वाले हार्मोन रिलीज होते हैं.

3. एक साथ समय बिताने की आदत डालें

रिश्ते के शुरुआती दौर में कपल्स अक्सर साथ में घूमने, मूवी देखने या डिनर डेट पर जाने जैसी गतिविधियां करते हैं. लेकिन जैसे-जैसे समय गुजरता है, ये चीजें कम होती जाती हैं. आप चाहे कितने भी व्यस्त हों, महीने में कम से कम दो बार कुछ खास प्लान जरूर करें.

  1. वीकेंड पर कहीं घूमने जाना
  2. पिकनिक मनाना
  3. पालतू जानवरों के साथ समय बिताना
  4. साथ में मूवी देखना
  5. नए शौक या हॉबी पर काम करना
  6. यह जरूरी नहीं कि आप बहुत दूर या महंगी जगह जाएं, बल्कि मकसद सिर्फ साथ में अच्छा समय बिताना है.

4. छोटी-छोटी चीजों में प्यार दिखाएं

  1. कई बार रिश्ते में बड़े इशारों से ज्यादा असर छोटे-छोटे ध्यान रखने वाले कामों का होता है.
  2. चाय या कॉफी बनाकर देना
  3. दिन भर में एक प्यारा सा मैसेज भेजना
  4. पार्टनर की तारीफ करना
  5. उनकी पसंद का खाना बनाना
  6. ये छोटे-छोटे प्रयास आपके रिश्ते में भावनात्मक गहराई लाते हैं और यह एहसास कराते हैं कि आप एक-दूसरे की परवाह करते हैं.

5. खुलकर बातचीत करें

  1. कई बार रिश्तों में दूरी सिर्फ इस वजह से आ जाती है कि कपल्स अपनी भावनाएं एक-दूसरे से साझा नहीं करते.
  2. अपनी खुशी, गुस्सा, परेशानी और उम्मीदों के बारे में खुलकर बात करें.
  3. पार्टनर की बातें ध्यान से सुनें और बीच में टोके नहीं.
  4. बातचीत में आलोचना के बजाय समझ और सहयोग दिखाएं.
  5. जब आप खुलकर एक-दूसरे से बात करते हैं, तो गलतफहमियां कम होती हैं और भरोसा मजबूत होता है.


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Written by: Taushif

14 Aug 2025  ·  Published: 06:41 IST

Premature White Hair: कम उम्र में सफेद हो रहे हैं बाल? ये हो सकते हैं 5 बड़े कारण

प्रतीकात्मक फोटो

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Premature White Hair: आजकल बहुत से लोग समय से पहले सफेद बालों की समस्या से जूझ रहे हैं। पहले जहाँ 40-45 की उम्र के बाद बाल सफेद होने लगते थे, वहीं अब यह समस्या 14 से 25 साल के युवाओं में भी देखने को मिल रही है। जब सिर पर पहली बार सफेद बाल आते हैं, तो व्यक्ति चिंतित हो जाता है। लेकिन घबराने की ज़रूरत नहीं है। अगर समय रहते कारणों को समझ लिया जाए और कुछ आसान उपाय अपनाए जाएँ, तो इस समस्या से बचा जा सकता है।

बालों का रंग एक खास तत्व 'मेलेनिन' के कारण होता है। यही तत्व त्वचा और बालों को रंग देता है। बाल एक चक्र में लगातार बढ़ते और गिरते रहते हैं। हर नए चक्र के शुरू होने पर मेलेनिन बनता है। लेकिन कभी-कभी 7-15 चक्रों के बाद यह मेलेनिन बनना बंद हो जाता है, जिससे बाल सफेद होने लगते हैं।

इसके अलावा, कई अन्य कारण भी हैं - जैसे गलत खान-पान, तनाव, नींद की कमी, धूम्रपान, शराब का सेवन, विटामिन बी12 की कमी, आनुवंशिक कारण आदि। शोध में सामने आया है कि धूम्रपान ऑक्सीडेटिव तनाव को बढ़ाता है, जिससे बालों की जड़ों को नुकसान पहुँचता है और मेलेनिन का उत्पादन कम हो जाता है।

सफ़ेद बालों को रोकने के लिए सबसे ज़रूरी है एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाना। इसके लिए सबसे पहले आपको विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल से भरपूर संतुलित आहार लेना चाहिए। हरी सब्ज़ियाँ, फल, मेवे और बीज जैसे खाद्य पदार्थ आपके बालों को पोषण देते हैं। साथ ही, रोज़ाना कम से कम 7-8 घंटे की नींद ज़रूर लें ताकि शरीर खुद को रिपेयर कर सके।

तनाव से दूर रहना, योग करना, प्राणायाम और ध्यान जैसी तकनीकें अपनाना भी मददगार होता है। साथ ही, धूम्रपान से पूरी तरह दूर रहें क्योंकि यह बालों के स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है।

हालाँकि सफ़ेद बालों को पूरी तरह से रोकना संभव नहीं है, लेकिन सही खान-पान, जीवनशैली और देखभाल से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है और बालों को लंबे समय तक स्वस्थ और काला रखा जा सकता है।


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Written by: Taushif

20 Jul 2025  ·  Published: 05:56 IST