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Madhan Bob Death News: दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर आई है. मशहूर तमिल अभिनेता, हास्य अभिनेता और संगीतकार मदन बॉब का निधन हो गया है. उनका असली नाम एस. कृष्णमूर्ति था. 71 साल की उम्र में उन्होंने 2 अगस्त की रात चेन्नई स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली. बताया जा रहा है कि वह पिछले कई सालों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. लंबे समय तक बीमारी से लड़ने के बाद उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया.
मदन बॉब के निधन की खबर से उनके परिवार, दोस्त, प्रशंसक और फिल्म इंडस्ट्री के लोग बेहद दुखी हैं. सोशल मीडिया पर लोग उन्हें नम आंखों से याद कर रहे हैं. उनकी कॉमिक टाइमिंग और बेहतरीन अभिनय ने उन्हें साउथ सिनेमा का एक खास चेहरा बना दिया था.
अभिनय से बनाई खास पहचान
मदन बॉब ने अपने करियर की शुरुआत 1984 में की थी. उनकी पहली फिल्म 'निंगल केट्टावई' थी, जिसमें उन्होंने एक छोटा सा रोल निभाया था. इसके बाद उन्होंने 'थेवर मगन', 'फ्रेंड्स', 'जेमिनी', 'थिरुदा-थिरुदा' और 'कन्नुकुल नीलावु' जैसी कई सुपरहिट तमिल फिल्मों में काम किया.
उन्होंने कमल हासन, रजनीकांत, अजित कुमार, सूर्या और विजय जैसे शीर्ष अभिनेताओं के साथ काम किया. उनके अभिनय ने हमेशा दर्शकों को हंसाया और उनका दिल जीता. वह फिल्म 'चाची 420' में भी नज़र आए, जिसे हिंदी दर्शकों ने भी खूब पसंद किया.
सिर्फ एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक संगीतकार भी थे
बहुत कम लोग जानते हैं कि मदन बॉब एक बेहतरीन संगीतकार भी थे. अभिनय में नाम कमाने से पहले, उन्होंने संगीत की दुनिया में भी काम किया. उन्हें शुरू से ही फिल्मों में संगीत देने का शौक था और उन्होंने इसमें भी अपनी एक अलग पहचान बनाई.
टीवी पर भी थे मशहूर
मदन बॉब का जादू सिर्फ फिल्मों में ही नहीं, बल्कि टीवी पर भी चला. उन्होंने मशहूर कॉमेडी शो 'अस्थापोवधु यारु' में बतौर जज काम किया. इसके अलावा, उन्होंने कई तमिल टीवी धारावाहिकों में भी अभिनय किया. टीवी के ज़रिए उनकी लोकप्रियता और भी बढ़ी और वे हर उम्र के दर्शकों के चहेते बन गए.
मदन बॉब यादों में ज़िंदा रहेंगे
मदन बॉब भले ही अब हमारे बीच न हों, लेकिन उनकी कॉमिक टाइमिंग, अभिनय और फ़िल्में हमेशा लोगों के दिलों में ज़िंदा रहेंगी। उनकी फ़िल्मों के डायलॉग और सीन आज भी लोगों को हंसाते हैं. दक्षिण सिनेमा में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता.
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Tamil Actress Mohini: तमिल फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री मोहिनी ने 90 के दशक में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया है. लेकिन अब उन्होंने अपने करियर से जुड़ा एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. मोहिनी ने बताया कि 1994 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘कनमणि’ के दौरान उन्हें बिना सहमति के इंटीमेट और स्विमसूट वाले सीन करने के लिए मजबूर किया गया था. मोहिनी ने यह खुलासा ‘अवल विकटन’ से बातचीत में किया. उन्होंने कहा कि उस समय वे इन सीन को करने को लेकर बहुत असहज थीं और बार-बार मना करने के बाद भी उन्हें मजबूरन शूट करना पड़ा.
शूटिंग के दौरान हुआ था विवाद
मोहिनी ने बताया कि निर्देशक आर.के. सेल्वमणि ने फिल्म के लिए स्विमसूट में इंटीमेट सीन प्लान किया था. जब उनसे ऐसा करने के लिए कहा गया, तो वे घबरा गईं और रोते हुए साफ मना कर दिया. इस वजह से आधे दिन तक शूटिंग रुक गई.
मोहिनी के मुताबिक, उन्हें तैरना तक नहीं आता था और शूटिंग सेट पर कोई महिला ट्रेनर भी नहीं थी. वहां ज़्यादातर पुरुष मौजूद थे, जिससे वे और ज्यादा अनकम्फर्टेबल महसूस कर रही थीं. उन्होंने कहा, “मैंने समझाने की कोशिश की कि मुझे तैरना नहीं आता, मैं अधूरे कपड़ों में दूसरों के सामने कैसे सीख सकती हूं? लेकिन तब हालात ऐसे थे कि मुझे यह सीन करना ही पड़ा.”
पहली बार की तरह दूसरी बार नहीं
मोहिनी ने आगे कहा कि पहली बार उन्होंने यूनिट और शूटिंग को बचाने के लिए मजबूरी में सीन कर लिया. लेकिन जब इसी सीन को दोबारा ऊटी में शूट करने की बात हुई, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, “मैंने टीम से कहा कि अगर शूट नहीं हो पा रहा तो ये उनकी समस्या है, मेरी नहीं. मैं दोबारा मजबूरी में काम नहीं करूंगी.” मोहिनी ने बताया कि ‘कनमणि’ उनके करियर की इकलौती ऐसी फिल्म थी जिसमें उन्होंने अपनी इच्छा के खिलाफ ग्लैमरस सीन किए.
अभिनेत्री ने कहा कि 90 के दशक में कई बार अभिनेत्रियों को ग्लैमरस बनने के लिए दबाव डाला जाता था. उन्होंने कहा, “कभी-कभी इंसान की इच्छा के खिलाफ भी हालात बन जाते हैं, और यह सीन ऐसा ही था.” उन्होंने यह भी कहा कि ‘कनमणि’ में उनका किरदार बेहद खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उसे उतनी पहचान नहीं मिल पाई जितनी मिलनी चाहिए थी.
मोहिनी का फिल्मी सफर
मोहिनी ने अपने करियर में साउथ की दिग्गज हस्तियों के साथ काम किया. उन्होंने शिवाजी गणेशन, नंदमूरी बालकृष्णा, चिरंजीवी, मोहनलाल, ममूटी, शिवराजकुमार, विजयकांत, विष्णुवर्धन, विक्रम, रविचंद्रन, सारथकुमार, मोहन बाबू और सुरेश गोपी जैसे बड़े अभिनेताओं के साथ स्क्रीन शेयर की. उनकी प्रमुख फिल्मों में चिन्ना मरुमगल, आदित्य 369, हिटलर, नाडोडी, इन्नथे चिंथा विशयम, सैन्यम, वेशम, ओरु मरवथूर कानवु, गडिबिडी अलिया, थायगम जैसी फिल्में शामिल हैं. मोहिनी की आखिरी फिल्म 2011 में आई मलयालम पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर ‘कलेक्टर’ थी.
महिलाओं के लिए सीख
मोहिनी की यह कहानी फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाली कई महिलाओं के लिए सबक है. उन्होंने बताया कि आज भी वे उस वक्त के अनुभव को याद कर भावुक हो जाती हैं. उन्होंने कहा, “उस दौर में ना कहना आसान नहीं था. लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. नई पीढ़ी की अभिनेत्रियां अपनी बात रखती हैं और इंडस्ट्री में सुरक्षा के नियम भी सख्त हुए हैं.” मोहिनी का मानना है कि अभिनेत्रियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए और प्रोड्यूसर-डायरेक्टर को भी उनकी सहमति के बिना कोई सीन करने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए.
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Asrani Death News: दिवाली के दिन यानी 20 अक्टूबर को हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता गोवर्धन असरानी का निधन हो गया. वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे. शोले फिल्म में उनके यादगार “जेलर” के किरदार ने उन्हें अमर बना दिया था. असरानी ने अपने करियर में मेरे अपने, बावर्ची, अभिमान, चुपके चुपके, छोटी सी बात, भूल भुलैया, बंटी और बबली 2, वेलकम, ऑल द बेस्ट जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया और दर्शकों को खूब हंसाया. उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री और फैंस में गहरा दुख है. असरानी अपने पीछे पत्नी मंजू असरानी को अकेला छोड़ गए हैं.
कौन हैं मंजू असरानी?
मंजू असरानी भी एक समय बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस रही हैं. उन्होंने 70 और 80 के दशक में कई फिल्मों में काम किया. मंजू और असरानी की मुलाकात फिल्मों ‘आज की ताजा खबर’ और ‘नमक हराम’ के सेट पर हुई थी. दोनों में जल्दी ही गहरी दोस्ती और फिर प्यार हुआ, और यही रिश्ता शादी में बदल गया. मंजू ने पति असरानी की तरह फिल्म इंडस्ट्री में नाम कमाया और बाद में निर्देशन की ओर रुख किया. उन्होंने 1995 में फिल्म ‘मां की ममता’ का निर्देशन भी किया था.
मंजू का शांत और सादगी भरा जीवन
मंजू असरानी ने अपने करियर से ज्यादा महत्व अपने परिवार को दिया. उन्होंने शोबिज़ की चमक-दमक से दूरी बना ली थी और एक लो-प्रोफाइल जिंदगी जीती थीं. वह सार्वजनिक कार्यक्रमों या अवॉर्ड शो में शायद ही कभी नजर आईं. असरानी भी अपनी पत्नी की तरह लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करते थे. दोनों ने हमेशा अपने निजी जीवन को प्राथमिकता दी और एक-दूसरे का पूरा साथ निभाया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, असरानी और मंजू के कोई संतान नहीं है, हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में एक बेटे नवीन असरानी का जिक्र भी मिलता है, लेकिन इस बारे में दंपती की ओर से कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई.
फैंस ने नम आंखों से दी विदाई
गोवर्धन असरानी के निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर है. अक्षय कुमार ने भी सोशल मीडिया पर दुख जताया और बताया कि वह असरानी से एक हफ्ते पहले ही मिले थे. उन्होंने उन्हें “बेहद प्यारा इंसान” बताया. फैंस सोशल मीडिया पर “थांबा थांबा” और “राइट राइट राइट” जैसे असरानी के मशहूर डायलॉग याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं.
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मिस यूनिवर्स 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहीं मनिका विश्वकर्मा इस समय सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रही हैं. 74वीं मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता के दौरान उनके आत्मविश्वास भरे इंटरव्यू, शानदार जवाबों और भारतीय शिल्पकला को दर्शाने वाले आउटफिट्स ने लोगों का ध्यान खींचा है. इवेंट से उनकी कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें वे पारंपरिक भारतीय पोशाक में बेहद खूबसूरत दिख रही हैं.
डिनर नाइट में छाया मनिका का रॉयल लुक
डिनर नाइट की तस्वीरों में मनिका बेहद एलीगेंट अंदाज़ में नजर आईं. उन्होंने भारतीय फैशन की खूबसूरती को दर्शाता एक पारंपरिक लहंगा-चोली सेट पहना था, जिसे डिज़ाइनर राजदीप राणावत ने तैयार किया था. इस आउटफिट में गहरे रंग का ब्रोकेड लहंगा और गोल्डन-चांदी की मिरर वर्क वाली चोली शामिल थी, जो पूरे लुक को शाही अंदाज़ दे रहा था.
लहंगे के साथ उन्होंने नेवी ब्लू कलर की एक खूबसूरत जैकेट भी पहनी, जिसमें नाज़ुक कढ़ाई और फ्लोरल मिरर वर्क किया गया था. काले और नेवी के गहरे शेड्स में तैयार यह पूरा सेट मंच पर बेहद चमक रहा था.
एक्सेसरीज ने बढ़ाई खूबसूरती
किसी भी देसी लुक की तरह मनिका ने अपने आउटफिट को एक्सेसरीज के साथ खूबसूरती से स्टाइल किया. उन्होंने गोल्डन टोन में मांग टीका, झुमके, चोकर नेकलेस और चूड़ियां पहनीं. ये सभी एक्सेसरीज उनके ब्लाउज पर किए गए मिरर वर्क से बिल्कुल मैच कर रही थीं, जिससे उनका लुक और भी निखर गया.