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Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2 TRP: टेलीविजन की दुनिया में इन दिनों सास-बहू ड्रामा और रियलिटी शोज की बाढ़ आई हुई है. हर शो टीआरपी की रेस में आगे निकलने की कोशिश कर रहा है. इसी बीच टीवी क्वीन एकता कपूर ने 25 साल बाद अपना आइकॉनिक शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ का दूसरा सीजन लॉन्च किया. शो की शुरुआत बेहद धमाकेदार रही और पिछले हफ्ते ये नंबर वन पर पहुंच गया लेकिन ताज़ा टीआरपी लिस्ट ने सबको चौंका दिया है. सिर्फ एक हफ्ते में शो चौथे नंबर पर खिसक गया.
ये पहला मौका नहीं है जब किसी पुराने हिट शो का नया सीजन दर्शकों को अपनी ओर खींचने में नाकाम रहा हो. इससे पहले भी कई पॉपुलर सीरियल्स नए रंग-रूप और मसाले के साथ पेश किए गए, लेकिन दर्शक उन्हें उतना प्यार नहीं दे पाए. आइए जानते हैं ऐसे कुछ बड़े शोज़ के बारे में.
कसौटी जिंदगी की 2
एकता कपूर ने 2018 में अपने सुपरहिट शो ‘कसौटी जिंदगी की’ को दोबारा लॉन्च किया. इस बार अनुराग और प्रेरणा के किरदार में पार्थ समथान और एरिका फर्नांडीस नजर आए. हिना खान ने भी शो में अहम रोल निभाया. शुरुआत में दर्शकों ने दिलचस्पी दिखाई, लेकिन धीरे-धीरे कहानी अपना असर खो बैठी. नतीजा ये हुआ कि 2020 में इसे बंद करना पड़ा.
संजीवनी 2
2000 के दशक का मशहूर मेडिकल ड्रामा ‘संजीवनी’ जब 2019 में नए सीजन के साथ लौटा, तो उम्मीदें काफी थीं. सुरभि चंदना, नमित खन्ना, गौरव चोपड़ा और मोहनीश बहल जैसे स्टार्स की मौजूदगी ने शो को मजबूती दी लेकिन दर्शकों को पहले सीजन जैसी गहराई और जुड़ाव नहीं मिला. कुछ ही महीनों में टीआरपी गिरी और शो ऑफ-एयर हो गया.
मन की आवाज प्रतिज्ञा 2
अरहान बहल और पूजा गौर की जोड़ी 2021 में ‘मन की आवाज प्रतिज्ञा’ लेकर लौटी. हालांकि पुराने दर्शकों ने शुरुआत में उत्साह दिखाया, लेकिन कहानी में वही पकड़ नहीं दिखी. टीआरपी लगातार गिरती गई और शो को जल्दी ही बंद करना पड़ा.
खिचड़ी 2
कॉमेडी सीरियल ‘खिचड़ी’ ने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी. 2018 में इसका दूसरा सीजन लॉन्च किया गया लेकिन दर्शकों को वो ताजगी और मज़ा नहीं मिला, जो पहले वाले सीजन में था. नतीजा ये हुआ कि ‘खिचड़ी 2’ भी कुछ समय में ही फ्लॉप साबित हुआ.
क्यों नहीं चलता नए सीजन का जादू?
1. टीवी इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि पुराने शोज़ का सीक्वल लाना आसान है, लेकिन उसे सफल बनाना मुश्किल. कई वजहें हैं जिनसे नए सीजन दर्शकों को प्रभावित नहीं कर पाते.
2. कहानी का खिंचाव – नए सीजन में निर्देशक अक्सर कहानी को जबरदस्ती खींचने की कोशिश करते हैं. दर्शकों को ये बनावटी लगता है और वो जल्दी रुचि खो देते हैं.
3. ताजगी की कमी – पहले सीजन में जो नया और अलग था, वही जादू नए सीजन में गायब रहता है. यही वजह है कि दर्शक जुड़ नहीं पाते.
4. किरदारों से दूरी – जब पुराने किरदार बदले जाते हैं या नए चेहरे लाए जाते हैं, तो दर्शक खुद को उनसे कनेक्ट नहीं कर पाते.
5. क्वालिटी कंटेंट की कमी – आज के दौर में दर्शकों के पास ओटीटी जैसे कई विकल्प हैं. इसलिए उन्हें वही शो पसंद आता है, जिसमें दमदार कहानी और असरदार कंटेंट हो.
6. बदलता समय और स्वाद – दर्शकों की पसंद साल-दर-साल बदलती रहती है. पुरानी कहानियां और फॉर्मूले अब उतने असरदार नहीं लगते.
क्या ‘क्योंकि 2’ टिक पाएगा?
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ की शुरुआत शानदार रही थी, लेकिन दूसरे हफ्ते की टीआरपी देखकर लग रहा है कि शो दर्शकों को लगातार बांधने में मुश्किल का सामना कर रहा है. अब देखना ये होगा कि एकता कपूर का ये आइकॉनिक शो आज की बदलती टीवी दुनिया में खुद को साबित कर पाएगा या फिर इसका भी वही हाल होगा, जो पहले कई बड़े शोज़ के साथ हो चुका है.