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Khai Ke Paan Banaras Wala Story: अमिताभ बच्चन की 1978 में आई फिल्म 'डॉन' को आज भी बॉलीवुड की सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है. इस फिल्म का गाना ‘खइके पान बनारस वाला’ जब भी बजता है, लोग खुद को थिरकने से नहीं रोक पाते लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सुपरहिट गाने के पीछे एक दिलचस्प कहानी छुपी हुई है? हाल ही में मशहूर गीतकार समीर ने बीबीसी हिंदी को दिए इंटरव्यू में इस गाने से जुड़ा एक खास किस्सा शेयर किया है. उन्होंने बताया कि यह गाना फिल्म का हिस्सा ही नहीं था और किशोर कुमार ने इसे गाने से पहले इनकार कर दिया था.
गाने की शुरुआत कैसे हुई?
समीर के मुताबिक, जब मनोज कुमार और जावेद अख्तर ने फिल्म ‘डॉन’ का पहला वर्जन देखा, तो उन्हें लगा कि फिल्म का दूसरा भाग बहुत एक्शन से भरा हुआ और थका देने वाला है. दोनों ने सलाह दी कि फिल्म में थोड़ी राहत के लिए एक मजेदार गाना होना चाहिए. इसके बाद निर्माता-निर्देशक ने समीर के पिता और प्रसिद्ध गीतकार अंजान को बुलाया. अंजान के पास पहले से ही ऐसा ही एक गाना ‘ये है बंबई नगरिया’ था, जो पहले हिट हो चुका था. उन्होंने कुछ वैसा ही एक नया गाना बनाने का फैसला किया, और यहीं से ‘खइके पान बनारस वाला’ का जन्म हुआ.
पहले देव आनंद ने किया था इनकार
ये जानकर आपको हैरानी होगी कि ये गाना पहले देव आनंद की फिल्म ‘बनारसी बाबू’ (1973) के लिए लिखा गया था लेकिन देव आनंद को गाना पसंद नहीं आया, इसलिए इसे ड्रॉप कर दिया गया. बाद में यही गाना ‘डॉन’ में शामिल किया गया और हिट हो गया.
किशोर कुमार का इनकार और फिर जादू
गाने को फिल्म में जोड़ने के बाद सबसे बड़ी चुनौती थी किशोर कुमार से इसे गवाना. जब वे रिकॉर्डिंग के लिए आए, तो उन्होंने गाने के कुछ शब्दों जैसे ‘चकाचक’ और ‘खइके’ को लेकर आपत्ति जताई. वे चाहते थे कि ‘खइके’ को ‘खाके’ कहा जाए. अंजान ने उनसे बहुत विनती की और समझाया कि ये शब्द बनारस की बोली का हिस्सा हैं और गाने की आत्मा हैं. आखिरकार किशोर कुमार मान गए. उन्होंने पान खाया, पीकदान मंगवाया और कहा, "मैं बस एक टेक दूंगा." जब उन्होंने वो टेक दिया, तो ऐसा लगा जैसे गाने में सचमुच बनारस का कोई देसी लड़का गा रहा हो.
सुपरहिट बन गया गाना
इस एक टेक ने इतिहास रच दिया। ‘खइके पान बनारस वाला’ आज भी लोगों की जुबान पर है और हर किसी को झूमने पर मजबूर कर देता है। अमिताभ बच्चन ने भी साल 2018 में ट्वीट कर कहा था, "ये गाना बाद में फिल्म में जोड़ा गया था, डॉन पहले ही पूरी हो चुकी थी."
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Emmy Awards 2025 Winners List: लॉस एंजेलिस के प्रतिष्ठित पीकॉक थिएटर में आयोजित 77वें प्राइमटाइम एमी अवॉर्ड्स 2025 इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक रहे. शो की मेज़बानी कॉमेडियन नैट बारगेट्ज़ ने की. समारोह की सबसे बड़ी चर्चा नेटफ्लिक्स की लिमिटेड सीरीज़ Adolescence और कॉमेडी सीरीज़ The Studio को लेकर रही.
‘The Studio’ का धमाका
कॉमेडी श्रेणी में The Studio ने इस साल का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया. इसने कुल 13 एमी अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया. एक ही सीज़न में इतने अवॉर्ड पाने वाली यह पहली कॉमेडी सीरीज़ बन गई. इस शो को ‘Outstanding Comedy Series’ का खिताब मिला और सेठ रोजन को ‘लीड एक्टर (कॉमेडी सीरीज़)’ का अवॉर्ड मिला. ब्रायन क्रैंस्टन को ‘गेस्ट एक्टर’ (कॉमेडी सीरीज़) के लिए सम्मानित किया गया.
‘Adolescence’ और ओवेन कूपर की उपलब्धि
नेटफ्लिक्स की लिमिटेड/एंथोलॉजी सीरीज़ Adolescence ने आठ एमी अवॉर्ड अपने नाम किए. 15 साल के ओवेन कूपर ने इस शो में अपने अभिनय से सबको चौंका दिया. उन्हें ‘Outstanding Supporting Actor (Limited/Anthology Series/Movie)’ का अवॉर्ड मिला. वे इस श्रेणी में सबसे कम उम्र के विजेता बन गए. इससे पहले 1994 में माइकल ए. गूरजियन ने 23 साल की उम्र में यह अवॉर्ड जीता था.
अवार्ड लेते समय ओवेन कूपर ने कहा, “सालों पहले जब मैंने ड्रामा क्लासेस लेना शुरू किया था, तब नहीं सोचा था कि अमेरिका आकर एमी अवॉर्ड जीतूंगा. अगर आप सुनें, फोकस करें और अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें तो जिंदगी में सब कुछ हासिल कर सकते हैं. तीन साल पहले मैं कुछ नहीं था, आज यहां हूं.” उनकी इस स्पीच पर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा.
ड्रामा श्रेणी में ‘The Pitt’ और ‘Severance’ को सम्मान
ड्रामा श्रेणी में The Pitt को ‘Outstanding Drama Series’ का अवॉर्ड मिला. इसी शो के लिए नोआ वाइल ने ‘लीड एक्टर (ड्रामा सीरीज़)’ और कैथरीन लानासा ने ‘सपोर्टिंग एक्ट्रेस’ का खिताब जीता. Severance को भी इस बार कई पुरस्कार मिले. इसकी एक्ट्रेस ब्रिट लोअर ने ‘लीड एक्ट्रेस (ड्रामा सीरीज़)’ और ट्रामेल टिलमैन ने ‘सपोर्टिंग एक्टर (ड्रामा सीरीज़)’ का अवॉर्ड जीता. मेरिट वेवर को ‘गेस्ट एक्ट्रेस (ड्रामा सीरीज़)’ के लिए सम्मानित किया गया.
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Haq Movie Review: इमरान हाशमी और यामी गौतम स्टारर फिल्म ‘हक’ सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक महिला की आवाज है. जो अपने अधिकारों, अपनी पहचान और अपने अस्तित्व के लिए खड़ी होती है. फिल्म आपको सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर समाज में औरत को इंसाफ के लिए इतना संघर्ष क्यों करना पड़ता है.
क्या है पूरी कहानी
‘हक’ की कहानी है शाजिया बानो (यामी गौतम) की एक ऐसी औरत की जो अपने पति और मशहूर वकील अब्बास खान (इमरान हाशमी) के खिलाफ अपने बच्चों के मुआवजे का केस लेकर अदालत पहुंचती है. अदालत में जब जज उसे ‘काजी के पास जाने’ की सलाह देता है, तो शाजिया का सवाल सबको झकझोर देता है. “अगर मैंने किसी का खून किया होता, तब भी आप यही कहते?” यही सवाल फिल्म का मूल है, इंसाफ के दो पैमाने क्यों?
शाह बानो केस से प्रेरित
फिल्म ‘हक’ 1985 के चर्चित शाह बानो केस से प्रेरित है। उस केस ने तीन तलाक और मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों पर राष्ट्रीय बहस छेड़ी थी. निर्देशक सुपर्ण वर्मा ने उसी संवेदनशील मुद्दे को आधुनिक दौर की पृष्ठभूमि में पेश किया है. जहां प्यार, रिश्ते और धार्मिक व्यवस्था के बीच एक महिला की लड़ाई दिखती है.
रिश्ते, धोखा और दर्द
फिल्म की शुरुआत शाजिया और अब्बास के खूबसूरत रिश्ते से होती है. दोनों का प्यार, एक-दूसरे के लिए समर्पण, सब कुछ परफेक्ट लगता है. लेकिन वक्त गुजरते ही अब्बास की जिंदगी में दूसरी औरत सायरा (वर्तिका सिंह) की एंट्री होती है. शाजिया का टूटना, सवाल करना और फिर खुद के लिए खड़ा होना. ये सफर ही फिल्म का भावनात्मक केंद्र है.
फिल्म का एक सीन बेहद प्रतीकात्मक है. जब शाजिया रसोई में तीन प्रेशर कुकर देखती है, और नौकरानी कहती है, “साहब में सब्र नहीं है, कुछ खराब होता है तो उसे ठीक करवाने की बजाय नया ले आते हैं.” वो सीन आगे आने वाली कहानी का संकेत देता है और बताता है कि अब्बास अपनी बीवी के साथ भी यही करेगा.
एक्टिंग और निर्देशन
यामी गौतम ने शाजिया बानो को बेहद संवेदनशीलता के साथ जिया है. उनके चेहरे की खामोशी, आंखों का दर्द और गुस्से का संयम, हर फ्रेम में झलकता है. इमरान हाशमी अपने करियर के सबसे सशक्त किरदारों में से एक में नजर आते हैं. वो अब्बास खान के रूप में एक ऐसे आदमी को पेश करते हैं, जो प्यार करता भी है और अपनी मर्दानगी के जाल में उलझा भी है. वर्तिका सिंह, शीबा चड्ढा और दानिश हुसैन भी अपनी भूमिकाओं में असरदार हैं. डायरेक्टर सुपर्ण वर्मा का निर्देशन सधा हुआ है. उन्होंने इमोशन और सामाजिक संदेश के बीच संतुलन बनाए रखा है.
कमजोरियां
फिल्म के कुछ हिस्से थोड़े ड्रामेटिक लगते हैं, खासकर कोर्टरूम सीन्स में संवाद ज़रूरत से ज़्यादा तीखे हैं. कहीं-कहीं कहानी अपने मूल मुद्दे से हटती भी है. फिर भी इसका संदेश, महिलाओं के अधिकार और न्याय की समानता, दर्शकों तक साफ पहुंचता है.
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कई साल पहले बॉलीवुड को अलविदा कह चुकीं एक्ट्रेस जायरा वसीम ने शादी कर ली है. उन्होंने खुद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शादी की तस्वीरें शेयर कर इस बात की जानकारी दी. जायरा की पोस्ट देखकर उनके फैन्स और फॉलोअर्स काफी हैरान रह गए, क्योंकि उन्होंने लंबे समय से पब्लिक लाइमलाइट से दूरी बना रखी थी.
जायरा ने दो तस्वीरें शेयर की हैं. पहली तस्वीर में वो अपने निकाहनामा (निकाह के दस्तावेज़) पर साइन करती नजर आ रही हैं, जबकि दूसरी फोटो में वो अपने पति के साथ चांद को निहारती हुई दिख रही हैं. हालांकि उन्होंने अपने पति का नाम या चेहरा सामने नहीं दिखाया है. फोटो में दोनों ने अपना चेहरा ढक रखा है. अपने खास दिन पर जायरा ने लाल रंग का खूबसूरत लहंगा पहना था और कैप्शन में लिखा – “कुबूल है x3.”
2019 में छोड़ी थी फिल्म इंडस्ट्री
जायरा वसीम ने साल 2019 में बॉलीवुड छोड़ने का फैसला किया था. उस वक्त उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था कि वो अपने काम से खुश नहीं हैं और उन्हें लगता है कि यह रास्ता उनके धर्म और विश्वास से मेल नहीं खाता. उन्होंने कहा था कि ग्लैमर और शोहरत की दुनिया में उन्हें वह सुकून नहीं मिला जिसकी उन्हें तलाश थी. उन्होंने साफ कहा था कि वो अपने ईमान और जिंदगी को अल्लाह की राह में लगाना चाहती हैं.
मिली थी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित
जायरा वसीम ने साल 2016 में आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. इस फिल्म में उन्होंने गीता फोगाट के बचपन का किरदार निभाया था, जिसके लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला था. इसके बाद वो आमिर खान के साथ ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ में नजर आईं, जिसमें उनकी एक्टिंग की खूब तारीफ हुई. बाद में उन्होंने प्रियंका चोपड़ा और फरहान अख्तर की फिल्म ‘द स्काई इज पिंक’ में भी काम किया.
फिल्मों में अपनी बेहतरीन एक्टिंग से लोगों का दिल जीतने वाली जायरा ने अब नई जिंदगी की शुरुआत कर ली है. उनके फैंस सोशल मीडिया पर उन्हें शादी की ढेरों शुभकामनाएं दे रहे हैं.