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Pawan Singh Wife Jyoti Singh: भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह की बीवी ज्योति सिंह इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में काराकाट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं. लेकिन इस चुनावी जंग में वो पूरी तरह अकेली पड़ गई हैं. न तो उन्हें पति पवन सिंह का साथ मिल रहा है और न ही चुनाव प्रचार के लिए पर्याप्त पैसे. ऐसे में ज्योति सिंह ने जनता से आर्थिक मदद की अपील की है. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक क्यूआर कोड शेयर करते हुए लिखा है, “जिसकी जितनी शक्ति हो, उतना सहयोग करें.”
राम-कृष्ण को भी झेलना पड़ा था समाज का दर्द
इमोशनल पोस्ट में ज्योति ने लिखा, “राम और कृष्ण जैसे अवतारियों को भी समाज से बहुत कुछ सहना पड़ा. मैं तो एक साधारण महिला हूं, जिसे कई लोगों ने गलत समझा. आज मैं काराकाट की जनता से मदद मांग रही हूं ताकि मैं अपनी लड़ाई जारी रख सकूं.”
उन्होंने आगे लिखा, “मुझे जनता से अपार समर्थन मिल रहा है, लेकिन इस मुहिम को और मजबूत करने के लिए आर्थिक सहयोग की जरूरत है. मैं आपकी बेटी और बहन हूं, इसलिए आपसे उम्मीद करती हूं कि मेरा साथ देंगे.”
बैंक अकाउंट और क्यूआर कोड शेयर किया
ज्योति ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अपना बैंक अकाउंट डिटेल्स और क्यूआर कोड शेयर करते हुए लोगों से सहयोग राशि भेजने की अपील की है.
ट्रोल्स को दिया करारा जवाब
ज्योति के इस कदम की जहां कुछ लोग सराहना कर रहे हैं, वहीं कई यूजर्स ने उन्हें पैसे मांगने के लिए ट्रोल भी किया. कुछ ने लिखा कि, “आपके पास तो 18 लाख की संपत्ति है, फिर मदद क्यों मांग रही हैं?” जवाब में ज्योति के समर्थकों ने लिखा, “अगर किसी को मदद करनी है तो करें, वरना ज्ञान न दें.”
पवन सिंह से अलग हैं ज्योति
गौरतलब है कि ज्योति सिंह और पवन सिंह के बीच काफी समय से अनबन चल रही है. दोनों अलग रह रहे हैं और तलाक का मामला फिलहाल कोर्ट में है. ऐसे में ज्योति ने पति का साथ न होने के बावजूद खुद चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है.
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Ganesh Chaturthi in Bollywood: गणपति बप्पा के स्वागत का इंतजार उनके भक्त हर साल बेसब्री से करते हैं. देशभर में गणेश चतुर्थी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है. जहां लोग भगवान गणेश की पूजा-अर्चना और भक्ति में लीन रहते हैं, वहीं इस त्योहार की झलक हमें बॉलीवुड फिल्मों में भी खूब दिखाई देती है. कई दशकों से हिंदी सिनेमा ने गणपति महोत्सव को न केवल पर्दे पर उतारा है, बल्कि अपनी कहानियों को इससे गहराई से जोड़ा भी है. फिल्मों में बने गाने, आरती और गणेश विसर्जन के दृश्य दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाते हैं. इतना ही नहीं, कई फिल्मों के टर्निंग पॉइंट गणेश चतुर्थी के इर्द-गिर्द ही रचे गए हैं. आइए जानते हैं कुछ ऐसी फिल्मों के बारे में जहां गणपति बप्पा सिर्फ पर्दे पर नहीं, बल्कि कहानी का अहम हिस्सा बने.
गणपति गानों की शुरुआत
बताया जाता है कि 1980 के दशक से गणपति गीतों को फिल्मों में अलग पहचान मिलने लगी थी. फिल्म हमसे बढ़कर कौन (1981) में मोहम्मद रफी, शैलेंद्र सिंह और आशा भोसले की आवाज़ में गाया गया गाना देवा हो देवा गणपति देवा इतना लोकप्रिय हुआ कि आज भी हर पंडाल में बजता सुनाई देता है. इसके बाद शाहरुख खान की फिल्म डॉन का मोरेया रे और सलमान खान की फिल्म वॉन्टेड का जलवा भी लोगों की जुबान पर चढ़ गया.
अग्निपथ (1990 और 2012)
फिल्म अग्निपथ के दोनों वर्ज़न में गणपति विसर्जन का दृश्य बेहद अहम है. 1990 की फिल्म में अमिताभ बच्चन का किरदार विजय दीनानाथ चौहान विसर्जन के दौरान अपने गांव लौटता है और कहानी एक नए मोड़ पर पहुंच जाती है. वहीं 2012 की फिल्म में ऋतिक रोशन के साथ गणपति विसर्जन का जश्न बढ़ती हिंसा से जुड़कर कहानी को भावनात्मक और नाटकीय ऊंचाई देता है.
वास्तव (1999)
महेश मांजरेकर की फिल्म वास्तव मुंबई अंडरवर्ल्ड पर आधारित थी. संजय दत्त का किरदार रघुनाथ नामदेव शिवलकर और उसके दोस्त डेढ़फुटिया की कहानी में गणेश उत्सव एक प्रतीक के तौर पर दिखाई देता है. फिल्म के क्लाइमैक्स में जब पूरा परिवार आरती में शामिल होता है, तब डेढ़फुटिया पुलिस के हाथों पकड़ा जाता है और उसकी मौत एक फेक एनकाउंटर में हो जाती है. इस दृश्य ने दिखाया कि किस तरह उत्सव की भक्ति और अपराध की काली दुनिया एक साथ टकराती है.
एबीसीडी (2013)
रेमो डिसूजा की फिल्म एबीसीडी में गणपति सॉन्ग साडा दिल भी तू दर्शकों के दिलों में आज भी बसा है. यह गाना सिर्फ डांस और एनर्जी का प्रतीक नहीं था, बल्कि फिल्म में एक बड़ा मोड़ भी लाता है. जब प्रभु देवा का किरदार विष्णु अपनी टीम के साथ परफॉर्म करता है, तो मंच पर मौजूद हर कोई भावुक हो जाता है. इवेन उसका दुश्मन भी. गाने में दिखाया गया इमोशनल ड्रामा दर्शकों की आंखों में आंसू ला देता है और यही इसकी खूबसूरती है.
सत्या (1998)
रामगोपाल वर्मा की फिल्म सत्या का क्लाइमैक्स भी गणपति विसर्जन पर आधारित है. इस फिल्म में भीड़-भाड़ वाले माहौल में सत्या अपने दोस्त भीकू महात्रे की मौत का बदला भाऊ नामक नेता से लेता है. विसर्जन के दौरान होने वाली हत्या न केवल फिल्म को रोमांचक अंत देती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि विघ्नहर्ता गणपति बुराई का अंत करते हैं.
गणपति गाने और भक्ति का मेल
इन फिल्मों के अलावा भी कई गाने और दृश्य हैं जो गणपति उत्सव के साथ जुड़े हुए हैं. यह सिर्फ धार्मिक आस्था को ही नहीं दर्शाते, बल्कि समाज और संस्कृति को जोड़ने का काम भी करते हैं. जब लोग देवा हो देवा, मोरेया रे या साडा दिल भी तू गाते हैं, तो यह गाने पंडालों और घरों की भक्ति का हिस्सा बन जाते हैं.
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बिग बॉस 19 का घर इन दिनों सच में जंग के मैदान में बदल गया है. हर दिन कोई न कोई विवाद और झगड़ा देखने को मिल रहा है. अब घर में तान्या मित्तल और फरहाना के बीच जबरदस्त कैटफाइट हो गई. वहीं, नॉमिनेशन टास्क के दौरान पहली बार मृदुल तिवारी का गुस्सा सामने आया.
तान्या–फरहाना की कैटफाइट
डिनर टेबल पर खाना खाते वक्त फरहाना और तान्या के बीच जमकर बहस हुई. फरहाना की बात सुनकर तान्या भड़क गईं और चिल्लाते हुए बोलीं – “मैंने तुम्हें नहीं बोला है एहसान फरामोश, ये मेरी लैंग्वेज नहीं है.” इस पर फरहाना भी चुप नहीं रहीं. उन्होंने पलटवार करते हुए कहा – “तुम गालियां नहीं देतीं तो इसका मतलब ये नहीं कि तुम्हारे शब्द सही हैं.”
बात यहीं खत्म नहीं हुई. झगड़े में जीशान कादरी भी कूद पड़े. उन्होंने फरहाना को समझाते हुए कहा कि वो हमेशा खुद को सही मानती हैं. लेकिन फरहाना को ये बात नागवार गुजरी. उन्होंने जीशान से कहा – “आप क्यों इसके चमचे बन रहे हो?” इस पर जीशान ने भी जवाब देते हुए कहा – “तू भी तो नेहल की चमची बनी रहती है.”
मृदुल तिवारी का गुस्सा
नॉमिनेशन टास्क के दौरान घर का गार्डन एरिया एक भूतिया प्लेग्राउंड में बदल गया. इसी टास्क में पहली बार यूपी के मृदुल तिवारी पूरे गुस्से में नजर आए. उन्होंने नेहल पर आरोप लगाया कि वो सिर्फ “सिंपैथी कार्ड” खेलती हैं और एक ही बात बार-बार दोहराती हैं. इसी बीच अमाल ने टास्क में अशनूर को टारगेट किया, तो नीलम और गौरव खन्ना भी आपस में भिड़ पड़े.
आने वाले एपिसोड में धमाका
शो के प्रोमो वीडियो सामने आते ही फैंस की एक्साइटमेंट बढ़ गई है. सोशल मीडिया पर दर्शक तान्या और फरहाना की लड़ाई और मृदुल के नए अवतार पर चर्चा कर रहे हैं. अब देखना ये होगा कि आने वाले एपिसोड्स में और कौन-कौन से धमाके होंगे.
इस वीकेंड पर धमाल मचाने वाली फिल्में
Indian Movies Box Office Collection: सितंबर का महीना बॉक्स ऑफिस के लिए काफी दिलचस्प और रोमांचक रहा. एक तरफ टाइगर श्रॉफ की एक्शन से भरपूर फिल्म 'बागी 4' दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई और उसकी कमाई में लगातार गिरावट देखी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ मराठी सिनेमा की फिल्म 'दशावतार' ने कम बजट में शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींचा. इसके अलावा जापानी एनीमे फिल्म 'डीमन स्लेयर: टू द हशिरा ट्रेनिंग' ने भारत में बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित किया है, जबकि साउथ की नई एक्शन थ्रिलर 'मिराय' ने जबरदस्त ओपनिंग से बाकी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है. इन सभी फिल्मों की स्थिति अलग-अलग है, लेकिन ये सब मिलकर सितंबर को बॉक्स ऑफिस के लिए बेहद खास बना रहे हैं.
जहां तक 'बागी 4' की बात है, टाइगर श्रॉफ की लोकप्रियता के बावजूद यह फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने में संघर्ष कर रही है. इसका बजट करीब 80 करोड़ रुपए बताया जा रहा है, लेकिन अब तक फिल्म अपनी लागत भी नहीं निकाल पाई है. पहले हफ्ते में फिल्म ने करीब 44.5 करोड़ रुपए की कमाई की, लेकिन दूसरे हफ्ते की शुरुआत बेहद धीमी रही. दूसरे शनिवार को इसकी कमाई सिर्फ 1.75 करोड़ रुपए रही और रविवार को मामूली बढ़त के साथ 2.15 करोड़ रुपए तक पहुंची. इसके बाद सोमवार को गिरावट आई और फिल्म ने सिर्फ 75 लाख रुपए का कारोबार किया, जबकि मंगलवार को यह थोड़ा बढ़कर 90 लाख रुपए तक पहुँची. कुल मिलाकर 12 दिनों में फिल्म की कमाई 51.30 करोड़ रुपए रही. माना जा रहा है कि कहानी में दम की कमी और दर्शकों की कम रुचि के चलते फिल्म की रफ्तार थम गई है.
इसके बिल्कुल उलट स्थिति 'दशावतार' की है. मराठी भाषा में बनी यह थ्रिलर ड्रामा फिल्म पहले दिन भले ही धीमी शुरू हुई हो, लेकिन इसके बाद दर्शकों का उत्साह बढ़ता गया. पहले दिन फिल्म ने करीब 60 लाख रुपए कमाए, लेकिन शनिवार को इसका कलेक्शन बढ़कर 1.4 करोड़ रुपए और रविवार को 2.4 करोड़ रुपए तक पहुंच गया. सोमवार को भले ही इसकी कमाई घटकर 1.1 करोड़ रुपए रह गई, लेकिन मंगलवार को फिल्म ने फिर से दम दिखाते हुए 1.3 करोड़ रुपए कमाए. अब तक फिल्म का कुल कलेक्शन 6.8 करोड़ रुपए हो गया है, जो मराठी फिल्मों के लिए शानदार माना जा रहा है. कम बजट और क्षेत्रीय रिलीज के बावजूद यह फिल्म दर्शकों को थिएटर तक खींचने में सफल रही है.
एनीमे प्रेमियों के लिए 'डीमन स्लेयर' एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आई है. भारत में इसे खासा अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. फिल्म ने पांचवें दिन 4 करोड़ रुपए का कारोबार किया और अब तक इसकी कुल कमाई 47.70 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है. इसके साथ ही वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने रिकॉर्ड तोड़ कमाई करते हुए 4,200 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर लिया है. यह इसे 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल कर चुका है. हिंदी डब और अंग्रेजी सबटाइटल्स के साथ देशभर में इसका प्रदर्शन शानदार रहा है.
साउथ की एक्शन थ्रिलर 'मिराय' ने भी शानदार शुरुआत की है. तेजा सज्जा स्टारर इस फिल्म ने भारत में दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा और पांचवें दिन 5.75 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया. अब तक भारत में इसकी कुल कमाई 56.75 करोड़ रुपए हो चुकी है, जिससे यह 'डीमन स्लेयर' से भी आगे निकल गई है. हालांकि वर्ल्डवाइड कमाई में यह अभी पीछे है, और अब तक फिल्म ने 80 करोड़ रुपए की कमाई की है, लेकिन घरेलू बाजार में इसकी सफलता ने इसे चर्चा में ला दिया है.
कुल मिलाकर सितंबर का महीना फिल्म इंडस्ट्री के लिए उतार-चढ़ाव से भरा रहा. बड़ी-बड़ी फिल्मों के बीच क्षेत्रीय सिनेमा और एनीमे फिल्मों ने भी अपनी जगह बना ली है. दर्शकों की पसंद विविध होती जा रही है और कहानी के दम, कंटेंट की गुणवत्ता और मनोरंजन पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन-सी फिल्म लंबे समय तक दर्शकों का साथ बनाए रखती है और कौन पीछे रह जाती है. फिलहाल 'बागी 4' की गिरती कमाई, 'दशावतार' की सफलता, 'डीमन स्लेयर' का एनीमे क्रेज और 'मिराय' की धमाकेदार शुरुआत ने बॉक्स ऑफिस पर अलग-अलग रंग बिखेर दिए हैं.