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Ganesh Chaturthi in Bollywood: गणपति बप्पा के स्वागत का इंतजार उनके भक्त हर साल बेसब्री से करते हैं. देशभर में गणेश चतुर्थी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है. जहां लोग भगवान गणेश की पूजा-अर्चना और भक्ति में लीन रहते हैं, वहीं इस त्योहार की झलक हमें बॉलीवुड फिल्मों में भी खूब दिखाई देती है. कई दशकों से हिंदी सिनेमा ने गणपति महोत्सव को न केवल पर्दे पर उतारा है, बल्कि अपनी कहानियों को इससे गहराई से जोड़ा भी है. फिल्मों में बने गाने, आरती और गणेश विसर्जन के दृश्य दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाते हैं. इतना ही नहीं, कई फिल्मों के टर्निंग पॉइंट गणेश चतुर्थी के इर्द-गिर्द ही रचे गए हैं. आइए जानते हैं कुछ ऐसी फिल्मों के बारे में जहां गणपति बप्पा सिर्फ पर्दे पर नहीं, बल्कि कहानी का अहम हिस्सा बने.
गणपति गानों की शुरुआत
बताया जाता है कि 1980 के दशक से गणपति गीतों को फिल्मों में अलग पहचान मिलने लगी थी. फिल्म हमसे बढ़कर कौन (1981) में मोहम्मद रफी, शैलेंद्र सिंह और आशा भोसले की आवाज़ में गाया गया गाना देवा हो देवा गणपति देवा इतना लोकप्रिय हुआ कि आज भी हर पंडाल में बजता सुनाई देता है. इसके बाद शाहरुख खान की फिल्म डॉन का मोरेया रे और सलमान खान की फिल्म वॉन्टेड का जलवा भी लोगों की जुबान पर चढ़ गया.
अग्निपथ (1990 और 2012)
फिल्म अग्निपथ के दोनों वर्ज़न में गणपति विसर्जन का दृश्य बेहद अहम है. 1990 की फिल्म में अमिताभ बच्चन का किरदार विजय दीनानाथ चौहान विसर्जन के दौरान अपने गांव लौटता है और कहानी एक नए मोड़ पर पहुंच जाती है. वहीं 2012 की फिल्म में ऋतिक रोशन के साथ गणपति विसर्जन का जश्न बढ़ती हिंसा से जुड़कर कहानी को भावनात्मक और नाटकीय ऊंचाई देता है.
वास्तव (1999)
महेश मांजरेकर की फिल्म वास्तव मुंबई अंडरवर्ल्ड पर आधारित थी. संजय दत्त का किरदार रघुनाथ नामदेव शिवलकर और उसके दोस्त डेढ़फुटिया की कहानी में गणेश उत्सव एक प्रतीक के तौर पर दिखाई देता है. फिल्म के क्लाइमैक्स में जब पूरा परिवार आरती में शामिल होता है, तब डेढ़फुटिया पुलिस के हाथों पकड़ा जाता है और उसकी मौत एक फेक एनकाउंटर में हो जाती है. इस दृश्य ने दिखाया कि किस तरह उत्सव की भक्ति और अपराध की काली दुनिया एक साथ टकराती है.
एबीसीडी (2013)
रेमो डिसूजा की फिल्म एबीसीडी में गणपति सॉन्ग साडा दिल भी तू दर्शकों के दिलों में आज भी बसा है. यह गाना सिर्फ डांस और एनर्जी का प्रतीक नहीं था, बल्कि फिल्म में एक बड़ा मोड़ भी लाता है. जब प्रभु देवा का किरदार विष्णु अपनी टीम के साथ परफॉर्म करता है, तो मंच पर मौजूद हर कोई भावुक हो जाता है. इवेन उसका दुश्मन भी. गाने में दिखाया गया इमोशनल ड्रामा दर्शकों की आंखों में आंसू ला देता है और यही इसकी खूबसूरती है.
सत्या (1998)
रामगोपाल वर्मा की फिल्म सत्या का क्लाइमैक्स भी गणपति विसर्जन पर आधारित है. इस फिल्म में भीड़-भाड़ वाले माहौल में सत्या अपने दोस्त भीकू महात्रे की मौत का बदला भाऊ नामक नेता से लेता है. विसर्जन के दौरान होने वाली हत्या न केवल फिल्म को रोमांचक अंत देती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि विघ्नहर्ता गणपति बुराई का अंत करते हैं.
गणपति गाने और भक्ति का मेल
इन फिल्मों के अलावा भी कई गाने और दृश्य हैं जो गणपति उत्सव के साथ जुड़े हुए हैं. यह सिर्फ धार्मिक आस्था को ही नहीं दर्शाते, बल्कि समाज और संस्कृति को जोड़ने का काम भी करते हैं. जब लोग देवा हो देवा, मोरेया रे या साडा दिल भी तू गाते हैं, तो यह गाने पंडालों और घरों की भक्ति का हिस्सा बन जाते हैं.
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Janhvi Kapoor Cowgirl Look: फिल्म ‘परम सुंदरी’ में दमदार एक्टिंग और ग्लैमरस अंदाज़ से फैंस को प्रभावित करने वाली जाह्नवी कपूर इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ को लेकर चर्चा में हैं. फिल्म की रिलीज़ से पहले वह अलग-अलग शहरों में प्रमोशन कर रही हैं और हर जगह अपने लुक्स से सुर्खियां बटोर रही हैं. हाल ही में उन्होंने ऐसा बोल्ड काउगर्ल लुक कैरी किया, जिसे देखकर सोशल मीडिया पर लोग उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे.
जाह्नवी ने अपने काउगर्ल लुक के लिए ब्राउन कलर का स्ट्रैपलेस कॉर्सेट टॉप पहना था, जिसमें फ्रंट पर लेस-टाईअप डिटेल थी. यह कॉर्सेट उनके शरीर पर फिट होकर उनकी टोंड बॉडी को और उभार रहा था. कॉर्सेट का ब्राउन शेड और इसका स्ट्रक्चर्ड डिज़ाइन उनके पूरे लुक को स्टाइलिश और बोल्ड बना रहा था.
इसके साथ जाह्नवी ने शाइनी मेटैलिक स्नेकस्किन प्रिंट शॉर्ट्स पहने थे. इन छोटे और ग्लैमरस शॉर्ट्स ने उनके आउटफिट में बोल्डनेस का तड़का लगाया. कॉर्सेट की मैट फिनिश और शॉर्ट्स की शाइनी टेक्सचर के बीच का यह कंट्रास्ट उनके लुक को और भी ट्रेंडी बना रहा था.
काउगर्ल स्टाइल को कंप्लीट करने के लिए उन्होंने नुकीले क्रीम रंग के काउबॉय बूट्स पहने. ये बूट्स उनके आउटफिट को शार्प और स्टाइलिश टच दे रहे थे, जिससे उनका पूरा लुक और ज्यादा आकर्षक हो गया. जाह्नवी ने अपने इस बोल्ड अंदाज़ को ज्यादा भारी एक्सेसरीज से नहीं सजाया.
उन्होंने बस एक चंकी ब्रेसलेट पहनकर लुक को सिंपल और एलीगेंट रखा। बालों को उन्होंने मिड-पार्टिंग के साथ हल्का कर्ल करते हुए खुला छोड़ा. उनका ब्रोंज मेकअप और न्यूड लिप्स उनके चेहरे के फीचर्स को खूबसूरती से उभार रहे थे. सोशल मीडिया पर उनकी ये तस्वीरें वायरल हो गईं और फैंस ने उनके नए लुक की जमकर तारीफ की. किसी ने कहा यह उनका सबसे ग्लैमरस अवतार है, तो किसी ने लिखा कि जाह्नवी हर बार अपने फैशन से सभी को चौंका देती हैं.
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भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव अब राजनीति में कदम रखने जा रहे हैं. फिल्मों और म्यूजिक वीडियो से लोगों के दिलों पर राज करने वाले खेसारी अब जनता की सेवा के लिए मैदान में उतर रहे हैं. उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके बताया कि वे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में छपरा विधानसभा सीट से आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे.
फैंस से मांगा आशीर्वाद
खेसारी लाल यादव ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा, “मैं अपना नामांकन भरने जा रहा हूं और इस मौके पर आप सभी का साथ, आपका आशीर्वाद मेरे लिए बहुत बड़ा संबल होगा. नामांकन के दिन आइए, अपने बेटे और भाई को आशीर्वाद दीजिए, ताकि हम आपके हक और सम्मान की लड़ाई मजबूती से लड़ सकें.” उन्होंने बताया कि वे 17 अक्टूबर को नामांकन भरने वाले हैं और फैंस से अपील की है कि वे इस दिन बड़ी संख्या में पहुंचकर उनका समर्थन करें.
फिल्मों से राजनीति तक खेसारी का सफर
खेसारी लाल यादव भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे लोकप्रिय चेहरों में से एक हैं. उनकी फैन फॉलोइंग 6.5 मिलियन से ज्यादा है. लोग न केवल उनकी फिल्मों बल्कि उनके गानों के भी दीवाने हैं. अब जब वे चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं, तो भोजपुरी सिनेमा और राजनीति, दोनों ही जगत में हलचल मच गई है.
खेसारी बोले
खेसारी ने पहले ही साफ कर दिया था कि वे सत्ता की लालसा में राजनीति में नहीं आ रहे, बल्कि “जनता के बेटे” के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं. उनका कहना है कि वे जनता की आवाज बनना चाहते हैं और बिहार की समस्याओं को उठाना चाहते हैं.
भोजपुरी सितारे और राजनीति
खेसारी से पहले कई भोजपुरी कलाकार राजनीति में आ चुके हैं. मनोज तिवारी और रवि किशन भाजपा से सांसद हैं और दोनों को राजनीति में बड़ी सफलता मिली है. अब सभी की निगाहें खेसारी लाल यादव पर हैं कि क्या वे भी इस पारी में जीत दर्ज कर पाते हैं या नहीं.
छपरा में सिनेमा बनाम सियासत का संगम
छपरा सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प रहने वाला है. खेसारी की लोकप्रियता यहां की राजनीति को नया मोड़ दे सकती है. उनकी एंट्री के बाद यह सीट न सिर्फ राजनीतिक बल्कि मनोरंजन जगत की सुर्खियों में भी आ गई है.
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Bihar Elections 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, राजनीतिक माहौल भी गर्म होता जा रहा है. इसी बीच भोजपुरी सिनेमा के दो बड़े सितारे पवन सिंह और खेसारी लाल यादव अब चुनावी मैदान में आमने-सामने नजर आ रहे हैं.
एक तरफ पवन सिंह एनडीए (NDA) के लिए प्रचार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ खेसारी लाल यादव आरजेडी (RJD) के टिकट पर छपरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. दोनों की लोकप्रियता और बयानों ने अब चुनावी माहौल को और दिलचस्प बना दिया है.
पवन सिंह का खेसारी पर पलटवार
हाल ही में एक चुनावी रैली के दौरान पवन सिंह ने बिना नाम लिए खेसारी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “हम किसी के बारे में बुरा नहीं बोलते, लेकिन जो अंड-बंड बोलता है, उसका बयान खुद सुन लीजिए. कभी कहता है कि हम मोदी जी के फैन हैं, कभी कहता है कि हमें किसी ने नहीं बनाया. भाई, किसी इंसान को एक जगह टिककर रहना चाहिए. कभी शिकायत, कभी बढ़ाई, कभी उल्टा-सीधा बोलना ठीक नहीं.”
खेसारी का विवादित बयान
इससे पहले खेसारी लाल यादव ने एक कार्यक्रम में पवन सिंह को ‘नचनिया’ कह दिया था. इस शब्द को लेकर सोशल मीडिया पर काफी विवाद हुआ. पवन सिंह ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “शब्द के दो मतलब हो सकते हैं. अगर जुबान फिसल गई है तो इसे बड़ा मुद्दा नहीं बनाना चाहिए.”
दोनों की जंग से चर्चा तेज
दोनों स्टार्स के बीच यह बयानबाजी अब चुनावी चर्चा का हिस्सा बन गई है. भोजपुरी सिनेमा के फैंस भी सोशल मीडिया पर इस सियासी तकरार पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.