फाइल फोटो
सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने नए एल्बम AURA के वर्ल्ड टूर पर हैं. हाल ही में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी कॉन्सर्ट से पहले बैकस्टेज की कुछ झलकियां दिखाई. इसी दौरान उन्होंने एक बड़ा खुलासा किया. उन्हें ऑस्ट्रेलिया में रेसिस्ट कमेंट्स (नस्लभेदी टिप्पणियां) झेलनी पड़ीं.
दिलजीत ने बताया कि जैसे ही वो ऑस्ट्रेलिया पहुंचे, वहां के पैपराजी ने उनकी तस्वीरें खींचीं. जब तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, तो कुछ लोगों ने उनके बारे में नस्लभेदी टिप्पणियां कीं. किसी ने लिखा, “नया ऊबर ड्राइवर आ गया”, तो किसी ने कहा, “नया 7-11 कर्मचारी पहुंच गया”. दिलजीत ने कहा, “मैंने ऐसे कई कमेंट्स देखे हैं. मुझे लगता है कि दुनिया एक होनी चाहिए, न कि बंटे हुए देशों में.”
दिलजीत ने दिखाई परिपक्वता
दिलजीत ने बताया कि उन्हें इन टिप्पणियों से कोई फर्क नहीं पड़ता. बल्कि उन्होंने कहा कि उन्हें कैब या ट्रक ड्राइवर से तुलना किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि ये लोग बहुत मेहनत करते हैं और समाज को चलाने में अहम भूमिका निभाते हैं. उन्होंने कहा, “अगर ट्रक ड्राइवर न हों तो हमारे घर तक रोटी नहीं पहुंचेगी. मैं इन बातों पर नाराज़ नहीं हूं, बल्कि जो ऐसा सोचते हैं उनके लिए भी मेरे मन में प्यार है.”
फैंस हुए इमोशनल
दिलजीत का यह वीडियो वायरल हो गया. फैंस ने उन्हें सपोर्ट किया और कहा कि वो असली स्टार हैं जो हर इंसान की इज्जत करना जानते हैं.
वर्कफ्रंट पर
दिलजीत हाल ही में ‘सरदार जी 3’ और ‘डिटेक्टिव शेरदिल’ फिल्मों में नजर आए थे. ‘सरदार जी 3’ में पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर की कास्टिंग को लेकर विवाद हुआ था. भारत में फिल्म की रिलीज अभी बाकी है, लेकिन ओवरसीज में इसे रिलीज किया जा चुका है.
उनकी आने वाली फिल्म ‘बॉर्डर 2’ है, जिसमें उनके साथ सनी देओल, वरुण धवन और अहान शेट्टी नजर आएंगे. साथ ही, उन्होंने 15 अक्टूबर को अपना नया एलबम AURA भी रिलीज किया है, जिसे फैन्स खूब पसंद कर रहे हैं.
फाइल फोटो
Bigg Boss 19 Weekend Ka Vaar: ‘बिग बॉस 19’ के हर वीकेंड का वार का इंतजार दर्शक बड़ी बेसब्री से करते हैं. इस दिन शो के होस्ट सलमान खान न सिर्फ कंटेस्टेंट्स से रूबरू होते हैं बल्कि उनके बर्ताव और घर में चल रही गतिविधियों पर भी खुलकर अपनी राय रखते हैं. अक्सर इस दौरान कई कंटेस्टेंट्स को उनकी गलतियों के लिए फटकार भी मिलती है. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ. सलमान खान ने जहां घरवालों की क्लास लगाई, वहीं एक बेहद गंभीर मुद्दे को भी उठाया-खाने की बर्बादी.
खाने पर क्यों भड़के सलमान खान?
इस हफ्ते सलमान खान ने घरवालों को खाने के प्रति उनकी लापरवाही को लेकर लताड़ लगाई. उन्होंने बताया कि घर में रोजाना खाने को लेकर शिकायतें होती हैं, लेकिन उसके बावजूद कंटेस्टेंट्स खाने की कद्र नहीं करते. इसी सिलसिले में उन्होंने फरहाना और बसीर के बीच हुई एक बहस का जिक्र किया, जो एक चम्मच पोहे को लेकर थी.
सलमान ने कहा कि यह सिर्फ एक चम्मच पोहे की बात नहीं है, बल्कि इससे यह जाहिर होता है कि घरवाले खाने की अहमियत को समझ ही नहीं रहे. उन्होंने साफ कहा कि हमारे देश में आज भी ऐसे लोग हैं जिन्हें भरपेट खाना नहीं मिलता और ऐसे हालात में घर के अंदर खाना बर्बाद करना शर्मनाक है.
उत्तराखंड, हिमाचल और पंजाब का जिक्र
सलमान खान ने अपने संदेश को और गंभीर बनाते हुए हाल ही में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में आई बाढ़ की स्थिति का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इन राज्यों में किसानों और आम लोगों पर बड़ी तबाही टूटी है. उन्होंने बताया कि किसान जिन्होंने हमेशा समाज को अन्न दिया है, आज खुद मुश्किल में हैं.
सलमान ने कहा, “हमारे किसान खाना उगाते हैं, लेकिन उनके पास अब खुद खाने के लिए अनाज नहीं है. उनके घर तबाह हो गए हैं, हालात बहुत खराब हैं. ये वही कम्युनिटी है जो लंगर चलाकर सालों से लोगों को खाना खिलाती रही है. उनके लंगर में कोई भी भूखा वापस नहीं लौटता, लेकिन आज वे खुद संकट में हैं. ऐसे में हम सबका फर्ज बनता है कि उनकी मदद करें.” उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब के कई सिंगर्स और लोग किसानों की मदद के लिए आगे आए हैं और ‘बिग बॉस’ के घर से भी टीम मदद कर रही है.
फरहाना को दी नसीहत
सलमान खान ने खास तौर पर फरहाना को संबोधित करते हुए कहा कि अन्न की तौहीन नहीं करनी चाहिए. उन्होंने समझाया कि पोहा चावल से बनता है और चावल का हर दाना हमारे लिए अनमोल है. भारतीय संस्कृति में अन्न को देवता का रूप माना गया है, इसलिए हमें आखिरी दाने तक उसका सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा, “फरहाना, हमारे कल्चर में लास्ट दाने तक खाना खाया जाता है ताकि अन्न की बर्बादी न हो. खाना बर्बाद करना किसी भी हालत में सही नहीं है. आपको और सभी घरवालों को इस बात की कद्र करनी चाहिए.”
घरवालों पर पड़ा असर
सलमान की सख्त लेकिन भावनात्मक बातों का असर घरवालों पर साफ नजर आया. उनकी बातें सुनकर सभी कंटेस्टेंट्स गंभीर हो गए और अपनी गलतियों पर विचार करने लगे. खासकर खाने की अहमियत और देशभर में किसानों की दुर्दशा का जिक्र करने के बाद माहौल भावुक हो गया.
सीख जो सलमान ने दी
‘बिग बॉस 19’ के इस वीकेंड एपिसोड ने दर्शकों को भी एक बड़ा सबक दिया. सलमान खान ने यह संदेश दिया कि खाने की बर्बादी सिर्फ घर या शो की समस्या नहीं है बल्कि यह समाज से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा है. जब देश के कई हिस्सों में लोग भूखे सोते हैं, तो हमें अन्न की अहमियत को समझना चाहिए.
सलमान खान की बातें यह भी दर्शाती हैं कि मनोरंजन के मंच पर भी सामाजिक मुद्दों को उठाना और लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है. इस बार ‘बिग बॉस’ के घर में खाने की बर्बादी पर हुई यह चर्चा न सिर्फ घरवालों बल्कि बाहर बैठे दर्शकों को भी सोचने पर मजबूर कर गई.
फाइल फोटो
Mrunal Thakur Controversy: बॉलीवुड एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गई हैं. हाल ही में उनके एक पुराने बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यूजर्स का मानना है कि इस बयान में उन्होंने बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री अनुष्का शर्मा पर तंज कसा है. इससे पहले भी मृणाल बीते समय बिपाशा बसु को लेकर दिए गए बयान के कारण आलोचनाओं का सामना कर चुकी हैं. उस दौरान उन्होंने बिपाशा को ‘मैनली’ कह दिया था, जिसके बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी.
मृणाल ने हाल ही में मिस मालिनी को एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने कई फिल्मों को रिजेक्ट किया है. जब उनसे ऐसी फिल्म के बारे में पूछा गया जो उन्होंने करने से मना किया और जो फिल्म सुपरहिट साबित हुई, तो उन्होंने कहा कि वह उस समय तैयार नहीं थीं और अगर वह वह फिल्म कर लेतीं तो शायद खुद को खो चुकी होतीं. उन्होंने कहा, “जो चीज तुरंत मिलती है, वह जल्दी चली भी जाती है. इसलिए मैंने इंतजार करना और सही समय का इंतजार करना ही बेहतर समझा.”
यूजर्स का मानना है कि मृणाल का यह बयान अनुष्का शर्मा पर इशारा करता है, खासकर फिल्म ‘सुल्तान’ को लेकर. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और यूजर्स ने मृणाल को ट्रोल करना शुरू कर दिया. कई लोगों ने कहा कि यह महिला का अपमान है और दूसरों को नीचा दिखाकर खुद को ऊपर दिखाना शर्मनाक है. कुछ ने तो उन्हें ‘मीन गर्ल’ तक कह दिया। यूजर्स ने कहा कि अगर कोई अभी इंडस्ट्री में काम नहीं कर रही है, तो इसे जीत नहीं कहा जा सकता.
सुल्तान फिल्म को लेकर मृणाल के बयान का संदर्भ देते हुए बताया गया कि सलमान खान ने एक बार बिग बॉस में कहा था कि फिल्म के लिए मेकर्स की पहली पसंद मृणाल थीं, लेकिन डायरेक्टर अली अब्बास जफर ने महसूस किया कि वह पहलवान जैसी नहीं लग रही थीं. हालांकि, सलमान ने कहा कि अनुष्का शर्मा का करियर भी शानदार साबित हुआ.
वर्कफ्रंट की बात करें तो मृणाल ठाकुर को पिछली बार फिल्म ‘सन ऑफ सरदार’ में देखा गया था. इसके अलावा, वह अपने अफेयर को लेकर भी मीडिया में चर्चा का विषय बनी रहती हैं. मृणाल ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि वह तुरंत मिलने वाले फेम और पहचान की दौड़ में नहीं हैं. उनका कहना है कि उनके लिए यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि वह अपने काम और अभिनय के माध्यम से स्थायी पहचान बनाएं.
फाइल फोटो
नई दिल्ली। ऑनलाइन शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में आपत्तिजनक बयान देने के मामले में फंसे यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया और आशीष चंचलानी की अर्जी पर सुनवाई के दौरान Supreme Court ने सोशल मीडिया पर बढ़ती अश्लीलता और दिव्यांगों को लेकर बनाए जा रहे मजाकिया कंटेंट पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है. साथ ही केंद्र सरकार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि इस पर सख्त गाइडलाइंस जल्द जारी की जाएंगी.
गुरुवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश Justice Suryakant ने केंद्र सरकार की ओर से पेश Tushar Mehta से सवाल किया कि सरकार दिव्यांग लोगों को लेकर अपमानजनक कंटेंट पर रोक लगाने के लिए एससी-एसटी एक्ट जैसा कड़ा कानून क्यों नहीं लाती. उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को नीचा दिखाने वाले कंटेंट पर सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए.
इसके जवाब में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही अश्लीलता को लेकर जल्द नई गाइडलाइंस जारी करने जा रही है और इस संबंध में विभिन्न विभागों से बातचीत भी चल रही है. उन्होंने कहा कि कई बार जो बातें कही जाती हैं, वे स्क्रिप्ट के तहत होती हैं और पहले से सोची-समझी रणनीति का हिस्सा होती हैं.
तुषार मेहता ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर गलत कंटेंट को अभिव्यक्ति की आज़ादी की आड़ में सही ठहराने की कोशिश की जाती है, जबकि आज़ादी के नाम पर कुछ भी परोसा जा रहा है, जो समाज के लिए खतरनाक है.
सीजेआई ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज हर कोई चैनल बना लेता है, लेकिन चैनलों पर डाले जा रहे कंटेंट की कोई जवाबदेही तय नहीं होती, जबकि अदालत को लगातार अभिव्यक्ति की आज़ादी की रक्षा करनी पड़ रही है. उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा दी गई गाइडलाइंस को लेकर भी कहा कि उनमें सुधार की जरूरत है और इन्हें पब्लिक डोमेन में डालकर लोगों की राय ली जाएगी.
सुनवाई के दौरान Justice Joymalya Bagchi ने भी सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कंटेंट एंटी-नेशनल या समाज का ताना-बाना बिगाड़ने वाला होता है, तब भी सरकार तब तक कार्रवाई नहीं करती जब तक उसे लाखों-करोड़ों लोग देख न लें. उन्होंने सुझाव दिया कि इस तरह के मामलों के लिए एक ऑटोनॉमस बॉडी बनाई जानी चाहिए, जो तय करे कि सोशल मीडिया पर क्या दिखाया जाना चाहिए और क्या नहीं.
उन्होंने यह भी कहा कि अश्लील कंटेंट के लिए स्पष्ट चेतावनी (डिस्क्लेमर) होनी चाहिए कि उसे कौन-सा वर्ग देख सकता है और कौन नहीं. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद तय की है. माना जा रहा है कि इस दौरान सरकार सोशल मीडिया कंटेंट से जुड़ी नई गाइडलाइंस का मसौदा तैयार कर कोर्ट के सामने पेश कर सकती है.