प्रतीकात्मक तस्वीर
Gold Price Today: त्योहारी सीजन की दस्तक से पहले सोने की चमक भले ही थोड़ी फीकी पड़ी हो, लेकिन खरीदारों के चेहरे खिल उठे हैं. बीते दस दिनों में सोने की कीमतों में आई 2 फीसदी की गिरावट ने उन लोगों को राहत दी है जो लंबे समय से बड़ी खरीदारी का इंतजार कर रहे थे. रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे दाम अब धीरे-धीरे नीचे आ रहे हैं और बाजार में फिर से रौनक लौटने लगी है.
दरअसल, बीते कुछ दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात में स्थिरता और घरेलू बाजार में सुधार के चलते सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. बीते 10 दिनों में सोना करीब 2 फीसदी यानी 2,160 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है, जिससे त्योहारों से पहले खरीदारों को राहत मिली है.
अगस्त से अक्टूबर के बीच गणेश चतुर्थी, नवरात्रि और दिवाली जैसे त्योहार आते हैं. जिनमें पारंपरिक रूप से सोने की मांग अधिक रहती है. हाल ही में सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था, जिस कारण लोग कीमतों में गिरावट का इंतजार कर रहे थे. अब दाम कुछ कम होने पर खरीदार एक बार फिर सक्रिय हो रहे हैं.
आज के सोने के भाव (प्रति 10 ग्राम):
कैरेट आज का भाव कल का भाव
24 कैरेट ₹1,00,750 ₹1,01,180
22 कैरेट ₹92,350 ₹92,750
18 कैरेट ₹75,560 ₹75,890
शहरों के अनुसार सोने का भाव (24 कैरेट)
दिल्ली – ₹1,00,090
मुंबई – ₹1,00,750
चेन्नई – ₹1,00,750
कोलकाता – ₹1,00,750
22 कैरेट और 18 कैरेट में भी सभी शहरों में मामूली गिरावट देखने को मिली है.
किन कारणों से घटती-बढ़ती है सोने की कीमत?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें डॉलर में तय होती हैं. अगर डॉलर मजबूत होता है या रुपया कमजोर होता है, तो भारत में सोना महंगा हो जाता है. भारत में सोने का अधिकतर हिस्सा आयात होता है. अगर सरकार इंपोर्ट ड्यूटी या टैक्स बढ़ा देती है, तो सोना महंगा हो सकता है. वैश्विक तनाव, युद्ध, मंदी या शेयर बाजार की गिरावट जैसे कारणों से निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे मांग बढ़ती है और दाम चढ़ते हैं.
भारतीय परंपरा और मांग
शादियों और त्योहारों में सोना खरीदना शुभ माना जाता है, जिससे इन मौकों पर इसकी मांग बढ़ जाती है. सोने को महंगाई के दौर में सुरक्षित निवेश माना जाता है. जब महंगाई बढ़ती है, लोग सोने में निवेश करते हैं जिससे इसकी कीमतें ऊपर जाती हैं.
क्या आगे और गिरेगा सोना?
चूंकि त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है और मांग धीरे-धीरे बढ़ रही है, इसलिए कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि खरीदारों को अभी थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन लंबी अवधि में कीमतें फिर से ऊंचाई छू सकती हैं.
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