फाइल फोटो
एशिया कप के सुपर-4 मैच में भारत ने पाकिस्तान को फिर हरा दिया. इस हार के बाद पाकिस्तानी कप्तान सलमान आग़ा ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में अपनी टीम के प्रदर्शन पर बात की. सलमान आग़ा ने कहा कि टीम को शुरुआत अच्छी मिली थी, लेकिन वे उसका फायदा नहीं उठा पाए.
उन्होंने कहा कि शुरुआती 10 ओवरों में हमें जैसा स्टार्ट मिला था, मेरे ख़्याल से हमें 10-15 रन ज़्यादा करने चाहिए थे. यहां 10 ओवर के बाद बैटिंग करना इतना आसान नहीं होता, इसलिए 170 भी चुनौतीपूर्ण स्कोर था. कप्तान के मुताबिक बल्लेबाज़ी में स्टार्ट अच्छा था लेकिन फ़िनिशिंग अच्छी नहीं हुई. उन्होंने कहा कि फ़ील्डिंग बहुत अच्छी नहीं रही. बैटिंग में शुरुआत ठीक थी लेकिन अंत नहीं कर पाए. गेंदबाज़ी में भी शुरुआत कमजोर रही लेकिन अंत तक हमने अच्छा किया.
मैच का हाल
पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 171 रन बनाए. भारत ने 19वें ओवर में ही मैच जीत लिया. भारतीय बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा ने 39 गेंदों में 74 रन बनाकर प्लेयर ऑफ़ द मैच का खिताब अपने नाम किया. एशिया कप में यह पाकिस्तान की भारत के खिलाफ लगातार दूसरी हार है. कप्तान ने कहा कि टीम आगे के मैचों में अपनी गलतियों से सबक लेगी.
पारी के दौरान शॉट लगाते एविन लुइस (बाएं) और हसन तलत (दाएं))
Pakistan West Indies ODI Cricket Match: डेब्यू मैच खेल रहे हसन नवाज और सिर्फ अपना दूसरा वनडे खेल रहे हुसैन तलात ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पाकिस्तान को मुश्किल हालात से निकालकर 5 विकेट से यादगार जीत दिला दी. दोनों ने नाबाद 104 रन की साझेदारी कर टीम को 281 रन का लक्ष्य 7 गेंदें शेष रहते हासिल करा दिया और सीरीज में 1-0 की बढ़त दिलाई.
वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन अर्धशतकों की मदद से 280 रन बनाए. पारी की शुरुआत में पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी और नसीम शाह असरदार नहीं रहे, लेकिन मिडल ओवर में स्पिनरों ने रनगति पर ब्रेक लगा दिया. साइम अय्यूब, सलमान अली आगा और सुफियान मुकीम ने लगातार विकेट झटके और रन रेट पांच के नीचे खींच लिया.
शाहीन- नसीम ने बिगाड़ा खेल
एविन लुईस (60) और केसी कार्टी ने पावरप्ले में टीम को मजबूत शुरुआत दी, लेकिन 60 रन बनाकर लुईस साइम अय्यूब की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में शाहीन शाह अफरीदी को कैच थमा बैठे. शाई होप (55) और रॉस्टन चेज (53) ने पांचवें विकेट के लिए 64 रन जोड़े, मगर रनगति धीमी रही.
वेस्टइंडीज के इनिंग में जैसे ही 34वें ओवर के बाद गेंद रिवर्स स्विंग होने लगी, पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों ने मैच अपने कब्जे में ले लिया. शाहीन और नसीम ने आखिरी ओवरों में सटीक यॉर्कर डालकर वेस्टइंडीज के निचले क्रम को समेट दिया. नसीम ने तीन और शाहीन ने चार विकेट लिए, जिससे मेजबान टीम 49वें ओवर में 280 रन पर ऑलआउट हो गई.
पाकिस्तान की पारी में उतार-चढ़ाव
281 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान को साइम अय्यूब के रूप में जल्दी झटका लगा, जिन्हें जेयडन सील्स ने आउट किया. बाबर आजम (47) और अब्दुल्ला शफीक ने पारी को संभाला, लेकिन शफीक थोड़ी धीमी गेंद पर बोल्ड हो गए. बाबर भी अर्धशतक से तीन रन पहले गुडकेश मोती की गेंद पर आउट हुए.
मोहम्मद रिजवान (53) ने रन गति बढ़ाने की कोशिश की, मगर शमार जोसेफ की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए. इस समय पाकिस्तान का स्कोर 180/5 था और टीम को 101 रन चाहिए थे, जबकि क्रीज पर नए खिलाड़ी हसन नवाज और हुसैन तलात थे.
नवाज-तलात ने बदल दिया मैच का रुख
हसन नवाज ने शुरुआत में 12 गेंदों पर सिर्फ 3 रन बनाए और उन्हें दो जीवनदान भी मिले. वहीं हुसैन तलात ने 39वें ओवर में रॉस्टन चेज़ पर दो चौके जड़े और फिर 41वें ओवर में जोसेफ के ओवर से 17 रन बटोरे, जिसमें 5 वाइड शामिल थे. इससे आवश्यक रन रेट घटकर 7 के करीब आ गई.
46वें ओवर में हसन को मोती ने आसान कैच छोड़कर वेस्टइंडीज की मुश्किल बढ़ा दी. तलात ने अगले ओवर में 15 रन ठोककर जीत का रास्ता साफ कर दिया. अंत में नवाज ने नाबाद 63 और तलात ने नाबाद 41 रन बनाकर टीम को 5 विकेट से जीत दिलाई. इस जीत के साथ पाकिस्तान ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली और दोनों युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से टीम प्रबंधन का भरोसा जीत लिया.
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विराट को मिस कर रही टीम इंडिया
Sports Desk 25 June : लीड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट भारत हार गया. शुभमन की टीम मैच वहां से हारी जहां से जीत उनके करीब थी लेकिन जोश और आत्मविश्वास के कारण हार का सामना करना पड़ा. ऐसे में टीम इंडिया को विराट कोहली की कमी खल रही है. कोहली केवल बल्लेबाजी की वजह से ही टीम के लिए खास नहीं थे. मैदान पर उनका आक्रामक रवैया, विपक्षी टीम का मनोबल गिरा देता था. टीम इंडिया को इस मैच में इसी चीज की जरूरत थी. युवा कप्तान शुभमन गिल टीम में ऊर्जा की कमी दिखी जिसका खामियाजा हार के साथ चुकाना पड़ा.
क्यों खल रही कोहली की कमी
क्रिकेट में ऐसी कई रणनीतियां होती हैं, जिसमें कप्तान गेंदबाज के साथ मिलकर एक जाल बिछाता है, जिसमें बल्लेबाजों को फंसाया जा सके. गेंदबाज या क्षेत्ररक्षक की व्यक्तिगत प्रतिभा के कई उदाहरण हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई बार महत्वपूर्ण विकेट चटकाए गए हैं. कई बार, यह बल्लेबाज की गलती होती है और कई बार ऐसा भी होता है कि कुछ लोग बल्लेबाजों को परेशान करके उन्हें निराश कर देते हैं और गलती करवा देते हैं. विराट कोहली इस मामले में माहिर हैं. आधुनिक समय के क्रिकेट के जावेद मियांदाद की तरह, विपक्ष का सामना करने और लड़ाई करने की कोशिश करने के मामले में, अक्सर उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होता है. भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने कहा कि लीड्स के हेडिंग्ले में एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के पहले मैच में भारत को इस तत्व की कमी खल रही है. भारत ने अच्छी बल्लेबाजी वाली सतह पर इंग्लैंड को 371 रनों का कठिन लेकिन हासिल करने योग्य लक्ष्य दिया, लेकिन शुरुआती विकेट निकालने में विफल रहा.
रवि शास्त्री ने विराट कोहली को Miss किया
जब बुमराह और सिराज विकेट लिए संघर्ष कर रहे थे, उस समय कमेंट्री बॉक्स में मौजूद रवि शास्त्री ने कहा कि भारत को चीजों को अंजाम देने के लिए कोहली जैसे किसी खिलाड़ी की जरूरत है. शास्त्री ने कहा, ‘भारत को कोहली जैसा प्रदर्शन करने वाले किसी खिलाड़ी की जरूरत है. कोहली तीन लोगों के बराबर इस काम को अंजाम देते थे.’ कोहली ने इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की टीम की घोषणा से एक सप्ताह पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी. सभी प्रारूपों में एक महान बल्लेबाज, कोहली मैदान में एक उग्र चरित्र के लिए भी जाने जाते थे. वह विपक्षी खिलाड़ी से झगड़ा करने से नहीं कतराते थे, जिसे कई लोगों का मानना था कि यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था.
भारतीय खिलाड़ियों में Aggression की कमी
शास्त्री के साथ कमेंट्री बॉक्स में मौजूद इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथरटन ने कहा कि मोहम्मद सिराज वह खिलाड़ी हो सकते हैं जो कोहली ने फील्डिंग में किया. सिराज को बल्लेबाजों से बात करना पसंद है, वह उन्हें परेशान करने की कोशिश करते हैं. खासकर तब जब वे अच्छा खेल रहे हों, लेकिन हेडिंग्ले टेस्ट के पांचवें दिन सिराज भी सामान्य से ज्यादा शांत दिखाई दिए. सुबह के सत्र के पहले 90 मिनट में भारत को कोई सफलता नहीं मिली, क्योंकि क्रॉली और डकेट ने इंग्लैंड का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया. डकेट ने आत्मविश्वास के साथ अपना अर्धशतक भी पूरा किया, उन्होंने भारत के कम प्रभावशाली बैकअप पेसर प्रसिद्ध कृष्णा और शार्दुल ठाकुर की ढील का फायदा उठाया
इंग्लैंड के खिलाफ शॉट लगाते जडेजा (बाएं) और सुंदर (दाएं)
India Vs England Test Match: मैनचेस्टर में खेले गए टेस्ट मैच में जबरदस्त संघर्ष के बाद ड्रॉ की ओर बढ़ते मुकाबले के आखिरी लम्हों में माहौल गर्मा गया. इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने जब 15 ओवर बाकी रहते ड्रॉ का प्रस्ताव रखा, तो भारतीय बल्लेबाजों ने इसे ठुकरा दिया. उस समय भारत का स्कोर 386/4 था और 75 रनों की बढ़त मिल चुकी थी. मैच का नतीजा लगभग तय था, लेकिन भारतीय टीम के इरादे कुछ और थे.
इस दौरान कॉमेंट्री कर रहे संजय मांजरेकर ने भी कहा,"भारत अभी हाथ नहीं मिलाएगा. दोनों बल्लेबाज शतक के करीब हैं. अगर यही हालात इंग्लैंड के होते, तो क्या स्टोक्स मानते? भारत का इनकार बिल्कुल सही फैसला है."
दरअसल, रविंद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर अपनी शानदार पारियों को शतक में बदलना चाहते थे और वे इसके हकदार भी थे. लेकिन इंग्लिश खिलाड़ियों को यह बात रास नहीं आई. स्टोक्स के प्रस्ताव को ठुकराए जाने पर वे नाराज दिखे और जबरदस्त भाव-भंगिमा में मैदान से लौटे. इसके बाद स्टंप माइक में हैरी ब्रूक और जैक क्रॉली की जडेजा से बहस भी रिकॉर्ड हुई. मैच में ड्रिंक्स ब्रेक लिया गया, लेकिन तनाव खत्म नहीं हुआ.
जडेजा और सुंदर ने मिलकर 170 से ज्यादा रनों की साझेदारी कर ली थी और इंग्लिश गेंदबाज़ गर्मी व थकान से जूझ रहे थे. इससे पहले शुभमन गिल ने 103 और केएल राहुल ने 90 रन की अहम पारियां खेलकर भारत को संकट से उबारा. टीम इंडिया 0/2 पर संघर्ष कर रही थी, लेकिन राहुल और कप्तान की सूझबूझ ने पारी को संभाला.
आखिरकार जडेजा और सुंदर दोनों ने अपने-अपने शतक पूरे किए. जडेजा ने शतक के बाद अपनी प्रसिद्ध तलवारबाज़ी वाली सेलिब्रेशन भी की. नाराज इंग्लैंड ने फिर हॅरी ब्रूक को गेंदबाज़ी दी, जिन्होंने कई फुल टॉस फेंकीं, जिन्हें जडेजा ने बाउंड्री में तब्दील कर दिया. मुकाबला भले ही ड्रॉ रहा, लेकिन इंग्लैंड अब भी 2-1 की बढ़त बनाए हुए है. भारत अब लंदन में सीरीज़ बराबर करने की कोशिश करेगा.