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एक्शन थ्रिलर फिल्म 'बागी 4
Tiger Shroff Baaghi 4: बागी 4 के फैंस में पिछले कुछ दिनों से काफी एक्साइटमेंट है. फिल्म 5 सितंबर को सिनेमाघरों में अपनी धमाकेदार एंट्री मारने वाली है. जहां फिल्म में एक तरफ टाइगर श्रॉफ और संजय दत्त का पावर पैक्ड परफॉर्मेंस देखने को मिलेगा तो वहीं दूसरी ओर सोनम बाजवा और हरनाज संधू फिल्म में ग्लैमर का तड़का लगाएंगी. टाइगर श्रॉफ फैंस के लिए खुशखबरी है क्योंकि रिलीज होते ही ये फिल्म 2 बड़े ब्लॉकबस्टर का रिकॉर्ड तोड़ने वाली है.
'बागी 4' इन फिल्मों का तोड़ेगी रिकॉर्ड!
एक्शन थ्रिलर फिल्म 'बागी 4' आज बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली है. फिल्म के धांसू ट्रेलर ने ऑडियंस का एक्साइटमेंट लेवल और भी बढ़ा दिया है और अब इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त बज देखने को मिल रहा है. बॉक्स ऑफिस पर ये फिल्म कैसा परफॉर्म करेगी वो तो कल ही पता चलेगा लेकिन ओपनिंग डे में ये फिल्म 2 बड़े रिकॉर्ड तोड़ेगी. कोईमोई ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि ये फिल्म ओपनिंग डे पर 9 से 11 करोड़ का कलेक्शन कर सकती है.
'महावतार नरसिम्हा' 319 करोड़ की कमाई
25 जुलाई को 'महावतार नरसिम्हा' फिल्म रिलीज हुई थी और ये एनिमेटेड एक्शन फिल्म वर्ल्डवाइड 319 करोड़ का कलेक्शन किया है. वहीं ओपनिंग डे में फिल्म ने अपने खाते में 1.75 करोड़ रुपए जमा किए थे. जाहिर है इस ब्लॉकस्टर फिल्म का रिकॉर्ड कुछ ही घंटों में टूट जाएगा. दूसरी फिल्म की बात करें तो इसमें कन्नड़ फिल्म 'सु फ्रॉम सो' का नाम है. ये फिल्म भी 25 जुलाई को रिलीज हुई. बिना किसी बड़े स्टारकास्ट और प्रमोशन से ये फिल्म बॉक्स ऑफिस में जबरदस्त कलेक्शन कर गई.
सैक्निल्क के रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ 2.5 करोड़ में बनी इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड 121 करोड़ का कलेक्शन किया. वहीं ओपनिंग डे कलेक्शन पर गौर करें तो इसने 78 लाख रुपए जमा किए थे. रिलीज के बाद ही सिनेमाघरों में छा गई और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया.
प्रतीकात्मक तस्वीर
India Pakistan in UNSC: युक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता मिलने के एक दिन बाद ही पाकिस्तान को भारत ने वैश्विक मंच पर कटघरे में खड़ा कर दिया. मंगलवार (1 जुलाई) को भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की सीमा पार आतंकवाद में संलिप्तता और हाल ही में हुए पहलगाम नरसंहार का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया. इस हमले को पाकिस्तान समर्थित आतंकियों जरिये अंजाम दिया गया था.
भारत ने इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के प्रवेश द्वार पर एक विशेष प्रदर्शनी लगाई, जिसका नाम था "द ह्यूमन कॉस्ट ऑफ टेररिज्म" (आतंकवाद की मानवीय कीमत). इस प्रदर्शनी के जरिए भारत ने पाकिस्तान की आतंकवाद को समर्थन देने की नीति को उजागर किया और 9/11 जैसे वैश्विक आतंकी हमलों में उसकी भूमिका की तरफ भी ध्यान दिलाया.
भारत ने पाक को किया बेनकाब
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि यह पहल दुनिया को यह दिखाने के लिए है कि आतंकवाद के पीछे कौन है और अब समय आ गया है कि दुनिया एकजुट होकर इसके खिलाफ कार्रवाई करे. इस बीच भारत ने पहलगाम हमले के जवाब में 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया है. यह एक सैन्य कार्रवाई है जिसका मकसद आतंकी ठिकानों को खत्म करना है.
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान अब एक महीने के लिए अध्यक्ष की भूमिका में है. इस दौरान उसे सुरक्षा परिषद की प्रक्रिया के नियमों और कूटनीतिक परंपराओं का पालन करना होगा. पाकिस्तान इस भूमिका में अपने सहयोगी चीन के साथ मिलकर काम करेगा. पाकिस्तान की तरफ से संयुक्त राष्ट्र में उसके स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ज्यादातर बैठकों की अध्यक्षता करेंगे. इसके अलावा पाकिस्तानी उप प्रधानमंत्री इशाक डार जैसे सीनियर नेता भी भाग ले सकते हैं.
पाकिस्तान ने बदला पाला
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान, रूस और चीन के साथ मिलकर अमेरिका और इजरायल के विरोध में खड़ा दिख रहा है. हाल ही में ईरान और इजरायल-हमास युद्ध को लेकर भी पाकिस्तान ने अमेरिका की आलोचना की थी. वहीं, पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को फिलिस्तीन के साथ जोड़ने की भी कोशिश करता रहा है, लेकिन अब तक उसे इसमें वैश्विक समर्थन नहीं मिला है. पाकिस्तान जनवरी 2024 से एशिया-प्रशांत क्षेत्र से गैर-स्थायी सदस्य के रूप में सुरक्षा परिषद का हिस्सा है और अब जुलाई के लिए अध्यक्षता संभाली है.
प्रतीकात्मक AI तस्वीर
US Russia Tensions Rise: अमेरिका और रूस के बीच जारी जुबानी जंग अब खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बड़ा और चौंकाने वाला ऐलान करते हुए कहा है कि उन्होंने अमेरिका की दो परमाणु हथियारों से लैस पनडुब्बियों को "उपयुक्त क्षेत्रों" में तैनात करने का आदेश दिया है. यह कदम रूस के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव के भड़काऊ बयानों के जवाब में उठाया गया है.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "मेदवेदेव के हालिया बयानों के मद्देनज़र मैंने दो न्यूक्लियर सबमरीन तैनात करने का आदेश दिया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह गैर-जिम्मेदाराना बयानबाज़ी और आगे न बढ़े. शब्दों की अहमियत होती है और ये अनचाहे नतीजे ला सकते हैं."
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
दरअसल, कुछ दिन पहले मेदवेदेव ने सोशल मीडिया पर ट्रंप पर हमला बोलते हुए कहा था, "हम न तो इजरायल हैं, न ही ईरान. ट्रंप के हर अल्टीमेटम को हम युद्ध की धमकी मानेंगे." उन्होंने ट्रंप को चेतावनी दी थी कि वे 'स्लीपी जो' यानी जो बाइडन जैसे न बनें. इसी पर ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी और मेदवेदेव को "नाकाम राष्ट्रपति" बताते हुए कहा कि वह बेहद खतरनाक जमीन पर चल रहे हैं.
यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप और मेदवेदेव आमने-सामने आए हों. कुछ महीने पहले भी मेदवेदेव ने अमेरिका पर ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने का आरोप लगाया था. जवाब में ट्रंप ने अमेरिका की परमाणु पनडुब्बियों की ताकत का जिक्र करते हुए चेतावनी दी थी. इसी तरह शीत युद्ध के दौरान 16 से 28 अक्टूबर 1962 को अमेरिका और सोवियत संघ के बीच एक बड़ा परमाणु टकराव की नौबत आ गई थी.
क्या बढ़ रहा है तीसरे विश्व युद्ध का खतरा?
ट्रंप के जरिये परमाणु पनडुब्बियों की तैनाती के आदेश और मेदवेदेव की तीखी टिप्पणियों ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है. विश्लेषकों का कहना है कि यह स्थिति 1962 के क्यूबा मिसाइल संकट जैसी बनती जा रही है, जब अमेरिका और सोवियत संघ परमाणु युद्ध के करीब पहुंच गए थे.
ट्रंप लगातार रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की कोशिशों में लगे हैं. उन्होंने हाल ही में दोनों देशों को 50 दिनों की डेडलाइन दी थी और चेताया था कि अगर युद्ध नहीं रुका तो अमेरिका रूस और उसके सहयोगियों पर कड़े प्रतिबंध लगाएगा.