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India US Trade War 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान किसानों के हितों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा कि किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के फायदे के लिए सरकार हमेशा काम करती रहेगी और उनके हितों से कभी भी समझौता नहीं किया जाएगा.
पीएम मोदी ने कहा, "हमारे लिए अपने किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है. भारत अपने किसानों के, पशुपालकों के और मछुआरे भाई-बहनों के हितों के साथ कभी समझौता नहीं करेगा." उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस फैसले की वजह से व्यक्तिगत रूप से बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है, लेकिन वो इसके लिए तैयार हैं.
पीएम मोदी ने भले ही अपने भाषण में अमेरिका या डोनाल्ड ट्रंप का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड वॉर की स्थिति बनी हुई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ (कर) लगाने का ऐलान किया है. यह कदम तब उठाया गया जब दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर बातचीत चल रही थी.
भारत और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापार विवाद में कृषि क्षेत्र सबसे बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया है. अमेरिका चाहता है कि भारत अपना कृषि बाजार अमेरिका के लिए खोले ताकि अमेरिकी कृषि उत्पाद भारत में आ सकें. लेकिन भारत इस पर तैयार नहीं है. भारत की दलील है कि देश में कृषि, पशुपालन और मत्स्यपालन लाखों लोगों की रोजी-रोटी का जरिया है और खाद्य सुरक्षा से जुड़ा मामला है. इसलिए विदेशी कंपनियों और उत्पादों के लिए बाजार खोलना देश के किसानों के हित में नहीं है.
दिल्ली के एक थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, भारत, अमेरिकी कृषि उत्पादों पर औसतन 37.7% टैरिफ़ लगाता है. जबकि अमेरिका, भारतीय कृषि उत्पादों पर केवल 5.3% टैरिफ़ लगाता है. भारत में कृषि उत्पादों पर टैरिफ 0% से लेकर 150% तक हो सकता है. भारत इन टैरिफ्स का इस्तेमाल अपने किसानों को सस्ते आयात से बचाने के लिए करता है. इसके पीछे तर्क है कि यदि विदेशी कृषि उत्पाद बिना शुल्क के आ जाएंगे तो भारतीय किसान उनकी कीमतों से मुकाबला नहीं कर पाएंगे और उन्हें नुकसान होगा.
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Elvish Yadav firing case: बिग बॉस ओटीटी विजेता, यूट्यूबर और एक्टर एल्विश यादव के घर पर शनिवार तड़के एक बड़ी वारदात हुई. सुबह करीब 5:30 से 6 बजे के बीच सेक्टर-57 स्थित उनके घर पर बाइक सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने धावा बोला और करीब 20 से 25 राउंड फायरिंग की. फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. घटना के समय एल्विश यादव घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन परिवार के अन्य सदस्य नींद में थे. इस वारदात ने न सिर्फ इलाके में हड़कंप मचा दिया बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
घटना कैसे हुई?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तीन हमलावर बाइक पर सवार होकर एल्विश यादव के घर के पास पहुंचे. घर के बाहर आकर उन्होंने अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं. बताया जा रहा है कि 20 से 25 राउंड फायरिंग हुई. गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहशत में आ गया. घर के अंदर मौजूद परिवारजन इस दौरान सो रहे थे. गोलीबारी की आवाज सुनकर जब लोग बाहर आए तो बदमाश फरार हो चुके थे.
एल्विश के पिता ने क्या कहा?
फायरिंग की घटना के बाद एल्विश यादव के पिता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि घटना के समय उनका बेटा घर पर नहीं था लेकिन पूरा परिवार अंदर मौजूद था. परिवारजन नींद में थे और अचानक गोलियों की आवाज से सभी सहम गए. उन्होंने यह भी कहा कि इस वारदात से पहले परिवार या एल्विश को किसी तरह की धमकी नहीं मिली थी.
पुलिस की जांच
फायरिंग की जानकारी मिलते ही गुरुग्राम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है. फुटेज में घर के गेट के बाहर दो संदिग्ध बदमाश दिखाई दे रहे हैं. पुलिस का मानना है कि यह हमला किसी गैंग द्वारा रंगदारी वसूलने या धमकाने के मकसद से करवाया गया हो सकता है.
इससे पहले भी हो चुका हमला
एल्विश यादव से पहले हरियाणवी और बॉलीवुड सिंगर राहुल फाजिलपुरिया पर भी इसी तरह के हमले की कोशिश हुई थी. 14 जुलाई 2025 को शाम 5:50 बजे गुरुग्राम के एसपीआर रोड पर फाजिलपुरिया की कार पर अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग की थी. हालांकि बाद में पुलिस ने उस घटना को नकार दिया था. फाजिलपुरिया और एल्विश यादव करीबी दोस्त माने जाते हैं और दोनों का नाम कुछ मामलों में एक साथ भी आ चुका है.
गैंगस्टर का कनेक्शन?
जानकारों का मानना है कि इस तरह की वारदातें अक्सर गैंगस्टर द्वारा मैसेज देने के लिए की जाती है. फाजिलपुरिया पर हमले और एक फाइनेंसर की हत्या की जिम्मेदारी पहले एक गैंगस्टर ने सोशल मीडिया पर ली थी. अब एल्विश यादव के घर पर हुई फायरिंग भी कहीं न कहीं उसी पैटर्न की ओर इशारा करती है. पुलिस फिलहाल इस एंगल से भी जांच कर रही है.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी
Rahul Gandhi News: प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या (29 जनवरी) को मची भगदड़ में काफी संख्या में लोगों की मौतें हुई थी. इस हादसे को लेकर यूपी सरकार ने कोई आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं किए. अब बीबीसी ने अपनी एक पड़ताल में बड़ा खुलासा किया है. बीबीसी का दावा है कि भगदड़ में 82 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. वहीं, राहुल गांधी ने इस रिपोर्ट को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है.
कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर कहा, "BBC की रिपोर्ट बताती है कि कुंभ मेले की भगदड़ में हुई मौतों के आंकड़े योगी सरकार ने छुपाए. जैसे COVID में गरीबों की लाशें आंकड़ों से मिटा दी गई थी. जैसे हर बड़े रेल हादसे के बाद सच्चाई दबा दी जाती है.
यही तो BJP मॉडल है. मोदी सरकार के दौर में गरीबों की कोई गिनती नहीं, तो जिम्मेदारी भी नहीं."
योगी सरकार की नजर में 37 लोगों की हुई भगदड़ से मौत
दरअसल, प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या को मची भगदड़ में बीबीसी ने अपने एक पड़ताल के आधार पर दावा किया है कि उस समय यूपी सरकार ने 37 लोगों के मरने की बात स्वीकार की थी, लेकिन उससे कई गुना ज्यादा लोग मरे थे.
100 अधिक परिवारों से मिला बीबीसी का प्रतिनिधिमंडल
बीबीसी के मुताबिक हजारों किलोमीटर का सफर, 11 राज्य और 50 से अधिक जिलों का दौरा करने के बाद 100 से अधिक परिवारों से पीड़ित के लोगों से उनका प्रतिनिधि मिला. पड़ताल के मुताबिक कुंभ भगदड़ में मारे गए लोगों की तादाद उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दिए गए आंकड़ों से कहीं अधिक हैं.
बीबीसी ने दावा किया कि कुंभ के दौरान भगदड़ में 82 से ज्यादा लोगों की मौत हुई. बीबीसी के प्रतिनिधि ने पड़ताल के दौरान 82 से ज्यादा मृतकों के परिजनों से सीधा संपर्क किया. 82 लोगों में उन लोगों नाम शामिल नहीं हैं, जो मौत का सबूत नहीं दे सके, लेकिन उनके परिजनों की मौत भगदड़ में हुई. ऐसा पीड़ितों ने दावा किया.
मेधा कुलकर्णी सांसद रत्न अवार्ड से सम्मानित
Sansad Ratna Award 2025 Winner: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्यसभा सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी को संसद में उनके प्रभावशाली और उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'संसद रत्न पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है. उन्हें यह पुरस्कार केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नई दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में एक समारोह के दौरान प्रदान किया.
यह पुरस्कार हर साल प्राइम पॉइंट फाउंडेशन द्वारा संसद के दोनों सदनों में सक्रिय और रचनात्मक कार्य करने वाले सांसदों को दिया जाता है. इस बार कुल 17 सांसदों को यह सम्मान मिला है. खास बात यह है कि डॉ. कुलकर्णी पहली बार राज्यसभा की सदस्य बनी हैं, और पहले ही कार्यकाल में उन्हें यह पुरस्कार मिलना उनके कार्य के प्रति प्रतिबद्धता और समर्पण को दर्शाता है.
सम्मान मिलने के बाद डॉ. कुलकर्णी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर खुशी और आभार व्यक्त किया. उन्होंने लिखा, "मुझे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के हाथों प्राइम पॉइंट फाउंडेशन द्वारा संसद रत्न पुरस्कार प्राप्त हुआ. मैं इसके लिए फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष के. श्रीनिवासन, निर्णायक मंडल के अध्यक्ष हंसराज अहीर और सभी सहयोगियों का हृदय से धन्यवाद करती हूं."
मेधा कुलकर्णी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति भी आभार जताया. साथ ही उन्होंने अपने सहयोगियों, समर्थकों, महाराष्ट्र की जनता और अपने परिवार को भी इस उपलब्धि का श्रेय दिया.
डॉ. कुलकर्णी ने राज्यसभा में महिला स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, शिक्षा, सामाजिक न्याय और वक्फ बोर्ड से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से उठाया है. उन्होंने हाल ही में ग्रामीण महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे कैंसर मामलों पर चिंता जताई थी और सरकार से इस दिशा में जागरूकता व स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग की थी.
उनकी इस सक्रिय भागीदारी और जमीनी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की नीति ने उन्हें न सिर्फ संसद में एक सशक्त आवाज़ के रूप में स्थापित किया है, बल्कि 'संसद रत्न पुरस्कार' जैसे सम्मान के योग्य भी बनाया है. यह सम्मान न केवल डॉ. कुलकर्णी की मेहनत का प्रतीक है, बल्कि यह उन सभी जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा है, जो संसद को जनहित का माध्यम मानकर कार्य करते हैं.