मेधा कुलकर्णी सांसद रत्न अवार्ड से सम्मानित
Sansad Ratna Award 2025 Winner: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्यसभा सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी को संसद में उनके प्रभावशाली और उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'संसद रत्न पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है. उन्हें यह पुरस्कार केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नई दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में एक समारोह के दौरान प्रदान किया.
यह पुरस्कार हर साल प्राइम पॉइंट फाउंडेशन द्वारा संसद के दोनों सदनों में सक्रिय और रचनात्मक कार्य करने वाले सांसदों को दिया जाता है. इस बार कुल 17 सांसदों को यह सम्मान मिला है. खास बात यह है कि डॉ. कुलकर्णी पहली बार राज्यसभा की सदस्य बनी हैं, और पहले ही कार्यकाल में उन्हें यह पुरस्कार मिलना उनके कार्य के प्रति प्रतिबद्धता और समर्पण को दर्शाता है.
सम्मान मिलने के बाद डॉ. कुलकर्णी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर खुशी और आभार व्यक्त किया. उन्होंने लिखा, "मुझे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के हाथों प्राइम पॉइंट फाउंडेशन द्वारा संसद रत्न पुरस्कार प्राप्त हुआ. मैं इसके लिए फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष के. श्रीनिवासन, निर्णायक मंडल के अध्यक्ष हंसराज अहीर और सभी सहयोगियों का हृदय से धन्यवाद करती हूं."
मेधा कुलकर्णी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति भी आभार जताया. साथ ही उन्होंने अपने सहयोगियों, समर्थकों, महाराष्ट्र की जनता और अपने परिवार को भी इस उपलब्धि का श्रेय दिया.
डॉ. कुलकर्णी ने राज्यसभा में महिला स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, शिक्षा, सामाजिक न्याय और वक्फ बोर्ड से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से उठाया है. उन्होंने हाल ही में ग्रामीण महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे कैंसर मामलों पर चिंता जताई थी और सरकार से इस दिशा में जागरूकता व स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग की थी.
उनकी इस सक्रिय भागीदारी और जमीनी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की नीति ने उन्हें न सिर्फ संसद में एक सशक्त आवाज़ के रूप में स्थापित किया है, बल्कि 'संसद रत्न पुरस्कार' जैसे सम्मान के योग्य भी बनाया है. यह सम्मान न केवल डॉ. कुलकर्णी की मेहनत का प्रतीक है, बल्कि यह उन सभी जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा है, जो संसद को जनहित का माध्यम मानकर कार्य करते हैं.
फाइल फोटो
Amit Shah on Jagdeep Dhankhar Resignation: देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर जारी राजनीतिक अटकलों और विपक्ष के आरोपों पर आखिरकार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है. शाह ने साफ किया कि धनखड़ ने किसी दबाव या मजबूरी में नहीं, बल्कि पूरी तरह से स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है. सोमवार (25 अगस्त 2025) को न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में गृहमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह निराधार हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि धनखड़ को न तो नजरबंद किया गया है और न ही सरकार ने उन पर कोई दबाव बनाया.
अमित शाह ने क्या कहा?
अमित शाह ने कहा, “धनखड़ साहब का इस्तीफा अपने आप में स्पष्ट है. उन्होंने अपने पत्र में साफ लिखा है कि वह स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ रहे हैं. उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंत्रिपरिषद और संसद सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया है." उन्होंने विपक्ष की ओर से फैलाए गए दावों को खारिज करते हुए कहा कि केवल राजनीतिक बयानबाज़ी को सच मान लेना उचित नहीं है. शाह ने विपक्ष को चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर अनावश्यक हंगामा खड़ा करना देश की संवैधानिक परंपराओं के साथ खिलवाड़ होगा.
विपक्ष पर संगीन इल्जाम
धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका दे दिया. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि यह देश के इतिहास में पहली बार हुआ है जब किसी उपराष्ट्रपति को इस्तीफे के साथ-साथ चुप भी कराया गया है. वहीं, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले पर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया. राहुल ने कहा था, “हम ऐसे दौर में पहुंच गए हैं जहां लोकतांत्रिक संस्थाओं की परवाह नहीं की जाती. यहां राजा जैसा माहौल है, जिसे पसंद नहीं आता, उसे ईडी भेजकर दबा दिया जाता है. उपराष्ट्रपति के इस्तीफे को भी उसी नजरिए से देखना चाहिए.” राहुल ने यह तक सवाल किया कि आखिर अचानक देश को नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की आवश्यकता क्यों पड़ी.
क्या वाकई नजरबंद थे धनखड़?
विपक्ष के कई नेताओं ने दावा किया था कि जगदीप धनखड़ इस्तीफे के बाद से ही नजरबंद जैसे हालात में हैं और उन्हें मीडिया या बाहर की दुनिया से दूर रखा गया है. हालांकि, अमित शाह ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि धनखड़ पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं, बस अपने डॉक्टर्स की सलाह पर राजनीतिक व्यस्तताओं से दूरी बना रहे हैं.
क्या है पूरा मामला
जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन इस्तीफा दिया था. उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे अपने पत्र में लिखा कि वह अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना चाहते हैं और डॉक्टरों की सलाह का पालन करना उनके लिए अनिवार्य है. धनखड़ के इस्तीफे के बाद उच्च सदन की कार्यवाही की जिम्मेदारी राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण को सौंपी गई थी.
फाइल फोटो
CJI BR Gavai: सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई ने सोशल मीडिया पर चलने वाले ट्रेंड्स को लेकर मज़ाकिया लेकिन सटीक टिप्पणी की. उन्होंने कहा, “आजकल क्लाइंट को बहुत जल्दी बुरा लग जाता है, आपके मुवक्किल बहुत नाराज़ हो जाते हैं.”
दरअसल, कोर्ट में एक केस की सुनवाई चल रही थी जिसमें न्यायिक सेवा (Judicial Service) में पदोन्नति के सीमित अवसरों से जुड़े मुद्दे पर बहस हो रही थी. इस मामले की सुनवाई CJI बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच कर रही थी. सुनवाई के दौरान जब जस्टिस चंद्रन को कुछ निजी तौर पर कहना था, तो उन्होंने कुछ सेकंड के लिए कोर्ट रूम का माइक म्यूट (Mute) कर दिया. इसके बाद उन्होंने CJI गवई से कुछ बात की जो पब्लिक ऑडियो में नहीं आई.
CJI ने क्या कहा?
इस पर CJI ने मुस्कराते हुए कहा, “मेरे भाई (जस्टिस चंद्रन) को कुछ कहना था, लेकिन हमें नहीं पता कि इसकी रिपोर्टिंग कैसे की जाएगी, इसलिए उन्होंने बात सिर्फ मुझसे की.” इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर चलने वाले ट्रेंड्स पर व्यंग्य किया और कहा, “आजकल सोशल मीडिया पर हमें नहीं पता होता कि कौन सी बात कैसे रिपोर्ट होगी. हो सकता है कि आपका क्लाइंट बहुत नाराज़ हो जाए.”
CJI के टिप्पणी के क्या है मायने
CJI की यह टिप्पणी अदालत में मौजूद लोगों को हल्के-फुल्के अंदाज़ में हंसाने वाली थी, लेकिन इसमें एक गंभीर संदेश भी छिपा था कि अब सोशल मीडिया पर न्यायालय की हर छोटी बात तुरंत वायरल हो जाती है और कई बार उसका गलत अर्थ निकाला जाता है. यह टिप्पणी उस घटना के एक दिन बाद आई जब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक वकील ने CJI पर जूता फेंकने की कोशिश की थी. वकील, CJI की एक टिप्पणी से नाराज़ था और उसने अदालत में ही गुस्से का इज़हार किया था. हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति को संभाल लिया था.
प्रतीकात्क AI तस्वीर
India Govt July 2025 Rule Changes: जुलाई का महीना आम लोगों के लिए कई नए नियमों और बदलावों की सौगात लेकर आया है, जिसका असर सीधा आम लोगों की जेब पर पड़ेगा. अब रेल यात्रा महंगी हो गई है, पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार अनिवार्य हो गया है और तत्काल टिकट बुकिंग के लिए भी आधार वेरिफिकेशन जरूरी हो गया है. इसके साथ ही UPI पेमेंट सिस्टम में भी बड़ा बदलाव किया गया है, जो डिजिटल फ्रॉड को रोकने में मददगार होगा. आइए जानते हैं इन 6 बड़े बदलावों के बारे में-
1. रेल यात्रा महंगी हुई
अब AC ट्रेन में 1000 किलोमीटर का सफर करने पर ₹20 तक ज्यादा देने होंगे. रेलवे ने नॉन-AC मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के किराए में प्रति किलोमीटर 1 पैसा और AC क्लास में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की है. यानी अब यात्रियों को हर सफर के लिए थोड़ा अधिक भुगतान करना होगा.
2. तत्काल टिकट के लिए आधार हुआ जरुरी
अब IRCTC अकाउंट को आधार से लिंक करना जरूरी हो गया है. तत्काल टिकट की बुकिंग विंडो खुलने के शुरुआती 10 मिनट सिर्फ उन्हीं यात्रियों को टिकट मिलेगा जिनका आधार वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है. इससे बॉट्स और दलालों की एंट्री पर रोक लगेगी और आम लोगों को कन्फर्म टिकट मिलना आसान होगा.
3. पैन कार्ड के लिए आधार जरूरी
सरकार ने साफ कर दिया है कि अब पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार नंबर अनिवार्य होगा. यदि आपके पास आधार नहीं है तो आप पैन के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे.
10 मिनट में बन सकता है ई-पैन:
इनकम टैक्स की वेबसाइट पर जाकर आधार से OTP वेरिफिकेशन कर आप ई-पैन पा सकते हैं. SMS या मेल के जरिए पैन नंबर भी मिल जाएगा.
4. UPI पेमेंट में रिसीवर का असली नाम दिखेगा
अब UPI पेमेंट करते समय आपको QR कोड पर लिखा नाम नहीं, बल्कि बैंकिंग सिस्टम में दर्ज असली नाम दिखाई देगा.
दैनिक भास्कर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, यह नियम 30 जून से लागू कर दिया गया है ताकि फर्जी नाम और फ्रॉड से बचा जा सके.
5. MG की कारें हुईं महंगी
JSW-MG मोटर इंडिया ने अपनी कारों के दामों में 1.5 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है. कच्चे माल की बढ़ती कीमत और ऑपरेशनल खर्च के चलते यह कदम उठाया गया है. इससे पहले जनवरी 2025 में भी कंपनी ने 3 फीसदी की बढ़ोतरी की थी.
6. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर सस्ता
जहां एक तरफ महंगाई बढ़ी है, वहीं राहत की खबर ये है कि 19 किलो वाला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 58.50 रुपये तक सस्ता हो गया है. दिल्ली में इसकी नई कीमत 1665 रुपये और मुंबई में 1616.50 रुपये हो गई है.
जुलाई की ये शुरुआत आम आदमी की जिंदगी को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाले नियमों के साथ हुई है. यात्रियों, ग्राहकों और टैक्सपेयर्स को अब पहले से ज्यादा सतर्क रहने और डिजिटल रूप से अपडेट रहने की जरूरत है.