How to start Datacenter or Domain and hosting business ?
Top Digital Marketing Companies
Top Flutter App Development Companies
How to earn money Online ?
How to start Ecommerce business ?
इंसानी खोपड़ियों से बने बर्तन, मानव त्वचा की कुर्सियां; अमेरिका का सबसे खौफनाक सीरियल किलर
BBDS App Download
× Bindass Bol Home About News Contact Search

स्किन को चमकदार और गठिया जैसी बीमारियों को दूर में कारगर ये 'सुपरफ्रूट'

File

फाइल फोटो

Benefits of Figs: अंजीर एक खास और पौष्टिक ड्राई फ्रूट है, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। अंजीर का रोजाना सेवन करने से शरीर को कई बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है। यह त्वचा को चमकदार और स्वस्थ बनाता है, पाचन क्रिया को बेहतर करता है और शरीर की इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाता है।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी अंजीर को ‘सुपरफ्रूट’ बताया है। मंत्रालय के अनुसार अंजीर रोज खाने से गठिया, लकवा और पेशाब में जलन जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है और ताकत बढ़ाता है।

अंजीर में पोटेशियम, कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे खनिज होते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और दिल को स्वस्थ रखते हैं। पोटेशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है जबकि कैल्शियम हड्डियों के लिए फायदेमंद होता है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अंजीर को रात में पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाना सबसे अच्छा तरीका है। इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है, मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और वजन घटाने में भी मदद मिलती है। अंजीर का पानी पीना भी लाभकारी होता है क्योंकि यह शरीर की चर्बी कम करने की प्रक्रिया को तेज करता है।

इसमें मौजूद फाइबर पेट की समस्याओं जैसे कब्ज या गैस में राहत देता है। साथ ही यह लंबे समय तक पेट भरा हुआ रखने में मदद करता है, जिससे अधिक खाने की इच्छा नहीं होती और वजन भी नियंत्रित रहता है।

अंजीर में विटामिन सी होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट और नेचुरल शुगर भी होता है, जो शरीर को ऊर्जा देता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को अंजीर का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए क्योंकि इसमें नैचुरल शुगर होती है।

कुल मिलाकर, अंजीर एक स्वादिष्ट और सेहतमंद फल है जिसे नियमित रूप से खाने से शरीर को कई तरह के फायदे मिलते हैं। यह एक आसान, सस्ता और असरदार तरीका है अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का।


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

27 Jul 2025  ·  Published: 05:11 IST

पेट फूलना, भारीपन और गैस बढ़ रही? आयुर्वेद और विज्ञान बताते हैं असली वजह, जानिए कैसे मिलेगा राहत

File

फाइल फोटो

Bloating causes and remedies: खाने के बाद पेट फूलना, भारीपन, डकारें और जलन की समस्या आजकल बहुत आम हो चुकी है. डॉक्टरों और आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, यह सिर्फ बदहजमी नहीं बल्कि पाचन शक्ति कमजोर होने यानी अग्निमांद्य का संकेत है. आयुर्वेद मानता है कि भोजन ठीक से न पचने पर शरीर में आम दोष बनता है, जो गैस, सूजन और कई बीमारियों की जड़ है.

वहीं आधुनिक विज्ञान कहता है कि पेट फूलने की वजह आंतों में गैस का बढ़ना, पाचन का धीमा पड़ना और आंतों में हल्की सूजन है. विशेषज्ञों के अनुसार तेज़ी से खाना, भोजन को ठीक से न चबाना, जंक और प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा चाय-कॉफी, गैस वाले पेय, तैलीय भोजन और रात को देर से खाना इस समस्या को बढ़ाते हैं. तनाव और चिंता भी पाचन पर सीधा असर डालते हैं. कई लोगों को ग्लूटेन या लैक्टोज न पचने की वजह से तुरंत ब्लोटिंग होती है.

एक्सपर्ट बताते हैं कि पाचन अग्नि को संतुलित रखना जरूरी है, जिसके लिए घर में मौजूद कुछ आसान उपाय काफी असर दिखाते हैं. भोजन के बाद अजवाइन और काला नमक, सौंफ का पानी, अदरक, हींग का गुनगुना पानी, त्रिफला चूर्ण, हल्दी वाला दूध, पुदीना या जीरा पानी गैस और सूजन तुरंत कम करते हैं.

योग विशेषज्ञों के अनुसार पवनमुक्तासन, वज्रासन और कपालभाति ब्लोटिंग और गैस को कम करने के सबसे असरदार योगासन हैं. डॉक्टर सलाह देते हैं कि जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी है. खाना हमेशा धीरे-धीरे खाएं, रात का भोजन हल्का रखें, सोने से कम से कम दो घंटे पहले खा लें और भोजन के तुरंत बाद लेटने की बजाय थोड़ी देर टहलें. रोजाना हल्का व्यायाम और योग पाचन को मजबूत करता है. 

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि ब्लोटिंग की समस्या बार-बार हो रही है, तो इसे सामान्य न समझें और डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह जरूर लें.
 


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

26 Nov 2025  ·  Published: 23:47 IST

मधुमेह रोगियों के लिए क्यों जरूरी है भोजन प्लेट फॉर्मूला? जानिए फायदे

File

फाइल फोटो

Diabetes diet plan: मधुमेह में दवा लेने के साथ-साथ खाने का सही संतुलन भी बहुत जरूरी है. खाने का सही अनुपात होने पर ब्लड शुगर स्थिर रहता है और वजन भी नियंत्रित रहता है. इसी संतुलन को बनाए रखने का आसान तरीका 'प्लेट फॉर्मूला' है. इसमें थाली को तीन हिस्सों में बांटा जाता है, जिसमें आधा हिस्सा सब्जियों का, चौथाई प्रोटीन का और चौथाई मिलेट्स या कार्ब्स का होता है. यह तरीका इंसुलिन स्पाइक को कम करता है और शुगर धीरे-धीरे बढ़ती है.

सब्जियों का हिस्सा थाली का सबसे बड़ा होता है. सब्जियों में फाइबर भरपूर होता है, जो शुगर के अवशोषण को धीमा करता है और पेट लंबे समय तक भरा रहता है. करेले, लौकी, मेथी, पालक, ब्रोकली, खीरा, गाजर जैसी सब्जियां सबसे बेहतर हैं. कच्ची और पकी दोनों शामिल की जा सकती हैं. प्रोटीन थाली का चौथाई हिस्सा होना चाहिए. प्रोटीन ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करता है, मसल्स को मजबूत रखता है और भूख को नियंत्रित करता है. दालें, उड़द-मूंग, घर का बना पनीर, अंकुरित दालें, अंडा या चिकन अच्छे विकल्प हैं.

बाकी चौथाई मिलेट्स या लो-कार्बोहाइड्रेट का होता है। ज्वार, बाजरा, रागी, कुटकी, कांगनी या ब्राउन राइस जैसे मिलेट्स शुगर को धीरे बढ़ाते हैं और शरीर को स्थिर ऊर्जा देते हैं. मिलेट रोटी, खिचड़ी और उपमा बढ़िया विकल्प हैं. प्लेट फॉर्मूला को अपनाना आसान है. थाली को आधा सब्जियों से, चौथाई प्रोटीन से और बाकी मिलेट्स से भरें. खाने के साथ पानी कम लें और धीरे-धीरे खाएं. आयुर्वेद कहता है कि खाने का चित्त और मानसिक स्थिति भी स्वास्थ्य पर असर डालती है.

थाली को रंगीन बनाएं, हर भोजन में कम से कम 2-3 सब्जियां लें, सलाद खाने से पहले खाएं, रात का भोजन हल्का रखें और तेल, नमक व प्रोसेस्ड फूड कम करें. दिन में 20-30 मिनट वॉक और तनाव कम करना भी जरूरी है क्योंकि तनाव ब्लड शुगर बढ़ा सकता है. यह केवल सामान्य जानकारी है. किसी भी आयुर्वेदिक दवा या फॉर्मूला को अपनाने से पहले योग्य वैद्य से सलाह जरूर लें.
 


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

26 Nov 2025  ·  Published: 10:40 IST

Strong Bones: इन आदतों से आपकी हड्डियां हो सकती हैं कमजोर, जानें किन चीजों से रखें दूरी

File

फाइल फोटो

Strong Bones Tips: हमारे शरीर की हड्डियां सबसे अहम नींव होती हैं. वही हमें आकार, सहारा और मजबूती देती हैं. ये न सिर्फ हमारे शरीर को संभालती हैं बल्कि अंदरूनी अंगों की रक्षा भी करती हैं. लेकिन हमारी कुछ गलतियां और खानपान की आदतें धीरे-धीरे हड्डियों को कमजोर बना सकती हैं. आइए जानते हैं, किन चीजों से बचकर आप अपनी हड्डियों को मजबूत रख सकते हैं.

1. ज्यादा नमक खाना हानिकारक
नमक शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी एक तय मात्रा तक ही सेवन करना चाहिए. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एक स्वस्थ व्यक्ति को दिनभर में 5 ग्राम (करीब एक चम्मच) से ज्यादा नमक नहीं लेना चाहिए. ज्यादा नमक खाने से शरीर से कैल्शियम बाहर निकलने लगता है, जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं. इसके अलावा, बाजार के स्नैक्स, बिस्किट, चिप्स जैसे पैकेज्ड फूड्स में पहले से ही बहुत नमक होता है. इसलिए कोशिश करें कि नमक का सेवन सीमित रखें.

2. ज्यादा चीनी भी हड्डियों की दुश्मन
अमेरिका की मेडिकल एजेंसी क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादा चीनी खाने से शरीर में सूजन और इंसुलिन का स्तर बढ़ता है. इससे कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जो हड्डियों को कमजोर बनाते हैं. इसलिए मीठे पेय पदार्थों और ज्यादा शुगर वाले फूड्स से दूरी बनाकर रखें.

3. कोल्ड ड्रिंक्स से बढ़ता खतरा
बार-बार कोल्ड ड्रिंक पीना भी हड्डियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इनमें मौजूद कैफीन और फॉस्फोरिक एसिड जैसे तत्व शरीर से कैल्शियम को कम करते हैं, जिससे हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकती हैं. बेहतर है कि कोल्ड ड्रिंक की जगह नींबू पानी या नारियल पानी का सेवन करें.

4. आलसी लाइफस्टाइल भी नुकसानदेह
घंटों टीवी, मोबाइल या लैपटॉप के सामने बैठे रहना आपकी हड्डियों की सेहत पर असर डाल सकता है. जब शरीर कम हिलता-डुलता है तो हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं. रोजाना कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी, जैसे टहलना, योग या हल्का व्यायाम, हड्डियों को मजबूत बनाता है.

नोट
अगर आप चाहते हैं कि आपकी हड्डियां मजबूत रहें, तो नमक और चीनी की मात्रा कम करें, कोल्ड ड्रिंक से बचें और नियमित एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल करें. छोटी-छोटी सावधानियां आपकी हड्डियों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकती हैं.


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

03 Nov 2025  ·  Published: 13:53 IST