How to start Datacenter or Domain and hosting business ?
Top Digital Marketing Companies
Top Flutter App Development Companies
How to earn money Online ?
How to start Ecommerce business ?
इंसानी खोपड़ियों से बने बर्तन, मानव त्वचा की कुर्सियां; अमेरिका का सबसे खौफनाक सीरियल किलर
BBDS App Download
× Bindass Bol Home About News Contact Search

Healthy Foods Mistakes: सही तरीके से खाएं चिया सीड्स, पालक, बादाम और ब्रोकली, वरना हो सकता है नुकसान

File

फाइल फोटो

Healthy Foods Mistakes: आजकल लोग अपनी डाइट में हेल्दी फूड शामिल करने के लिए काफी सजग हो गए हैं. चिया सीड्स, चुकंदर, पालक, बादाम और ओट्स जैसे फूड्स रोज़ाना की थाली का हिस्सा बन चुके हैं. माना जाता है कि ये शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स और फाइबर देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर इन हेल्दी फूड्स को गलत तरीके से खाया जाए तो ये फायदे के बजाय नुकसान ज्यादा पहुंचा सकते हैं?

दरअसल, कई बार लोग हेल्दी फूड तो खाते हैं लेकिन उन्हें खाने का सही तरीका नहीं जानते. नतीजा यह होता है कि शरीर को इनमें मौजूद जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते और पाचन संबंधी दिक्कतें भी शुरू हो जाती हैं. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि कौन सा हेल्दी फूड कैसे खाना चाहिए ताकि उसका पूरा फायदा मिले.

चिया सीड्स
चिया सीड्स आज की हेल्दी डाइट का अहम हिस्सा बन चुके हैं. इन्हें वेट लॉस, डाइजेशन और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है लेकिन अगर इन्हें सूखा खा लिया जाए तो समस्या हो सकती है. दरअसल, चिया सीड्स पानी को सोखकर फूल जाते हैं. ऐसे में इन्हें बिना भिगोए खाने पर पेट फूलने, गैस या यहां तक कि दम घुटने तक की परेशानी हो सकती है.

सही तरीका: चिया सीड्स को हमेशा पानी या दूध में कम से कम 20–30 मिनट भिगोने के बाद ही खाएं. इससे ये न सिर्फ आसानी से पचते हैं बल्कि शरीर को भरपूर पोषण भी मिलता है.

चुकंदर
चुकंदर शरीर को आयरन और नाइट्रेट की अच्छी मात्रा देता है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और खून की कमी भी दूर होती है लेकिन अगर इसे ज्यादा उबालकर या तलकर खाया जाए तो इसके नाइट्रेट और अन्य पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं.

सही तरीका: चुकंदर को भाप में पकाकर या जूस के तौर पर लेना सबसे फायदेमंद है. इससे इसके सारे पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं और शरीर को पूरा लाभ मिलता है.

पालक
हर कोई जानता है कि पालक आयरन और मिनरल्स से भरपूर है लेकिन रोजाना अधिक मात्रा में कच्चा पालक खाना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसमें मौजूद ऑक्सेलेट किडनी स्टोन का कारण बन सकते हैं और शरीर को जरूरी पोषक तत्व सही से अवशोषित नहीं होने देते.

सही तरीका: पालक को हमेशा हल्का पकाकर या भूनकर खाना चाहिए. पकाने से इसमें मौजूद ऑक्सेलेट की मात्रा कम हो जाती है और शरीर को ज्यादा पोषण मिलता है.

ब्रोकली
ब्रोकली को सुपरफूड कहा जाता है क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और कैंसर से लड़ने वाले कंपाउंड्स पाए जाते हैं लेकिन कई लोग इसे ज्यादा उबालकर या माइक्रोवेव में पकाकर खाते हैं, जिससे इसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं.

सही तरीका: ब्रोकली को भाप में हल्का पकाकर खाना सबसे सही होता है. इससे इसमें मौजूद सल्फोराफेन सुरक्षित रहता है और यह आसानी से पच भी जाती है.

बादाम
बादाम को दिमागी ताकत और सेहतमंद दिल के लिए बेहतरीन माना जाता है लेकिन अगर आप इन्हें बिना भिगोए या खाली पेट खा लेते हैं तो अपच की समस्या हो सकती है. साथ ही, कच्चे बादाम का छिलका टैनिन और फाइटिक एसिड से भरा होता है, जो पोषक तत्वों के अवशोषण को रोकता है.

सही तरीका: बादाम को रातभर पानी में भिगोकर और सुबह छिलका उतारकर खाना चाहिए. इससे इसके सभी पोषक तत्व शरीर में आसानी से अवशोषित हो जाते हैं.


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

17 Aug 2025  ·  Published: 12:06 IST

नींद न आना, मूड खराब और बढ़ता वजन, चेक करें कहीं शरीर में इस विटामिन की कमी तो नहीं

File

फाइल फोटो

Vitamin D Deficiency: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग घंटों स्क्रीन के सामने काम करते रहते हैं. यही वजह है कि कई लोगों में एक आम समस्या देखने को मिल रही है और वह है वजन बढ़ना. बहुत से लोग डाइटिंग और एक्सरसाइज करने के बावजूद वजन घटा नहीं पाते. इसका कारण सिर्फ खानपान या लाइफस्टाइल नहीं, बल्कि शरीर में बेहद जरूरी पोषक तत्व विटामिन डी की कमी भी हो सकती है.

आधुनिक विज्ञान और आयुर्वेद दोनों ही मानते हैं कि शरीर का संतुलन तभी बना रहता है जब उसमें सूर्य की ऊर्जा सही मात्रा में पहुंचती है. विटामिन डी दरअसल उसी ऊर्जा का एक रूप है, जो हमारे शरीर को सूरज की रोशनी से मिलता है. इसे 'सनशाइन विटामिन' भी कहा जाता है, क्योंकि यह हमारी त्वचा पर पड़ने वाली धूप से बनता है.

जब शरीर में इसकी कमी होती है, तो सिर्फ हड्डियां ही नहीं, बल्कि पूरा मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है. यह कमी धीरे-धीरे वजन बढ़ने, थकान, नींद में कमी और बार-बार खाने की इच्छा जैसी समस्याओं का कारण बन जाती है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो विटामिन डी शरीर में सेरोटोनिन नामक हार्मोन को नियंत्रित करने में मदद करता है. सेरोटोनिन हमारे मूड और भूख दोनों पर असर डालता है. जब इसकी मात्रा घटती है, तो नींद ठीक से नहीं आती, मूड बार-बार बदलता है और व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खाने लगता है. यही ओवरईटिंग धीरे-धीरे मोटापे का कारण बनती है. इसके अलावा विटामिन डी की कमी से इंसुलिन का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे शरीर में फैट जमा होने लगता है और वजन कम करना और मुश्किल हो जाता है.

आयुर्वेद के मुताबिक, जब शरीर में 'अग्नि' यानी पाचन शक्ति, कमजोर होती है, तो विषैले तत्व बनते हैं जो शरीर में जमा होकर मोटापा और आलस्य बढ़ाते हैं. सूर्य की रोशनी इस 'अग्नि' को प्रज्वलित करती है यानी धूप हमारे शरीर की नैसर्गिक ऊर्जा को जगाती है. यही कारण है कि प्राचीन वैद्य सुबह-सुबह सूर्य स्नान करने की सलाह देते थे. सूरज की हल्की किरणें न सिर्फ शरीर में विटामिन डी बढ़ाती हैं, बल्कि मानसिक स्फूर्ति भी देती हैं.

अगर शरीर में विटामिन डी की कमी बढ़ जाए, तो इसके लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं. लगातार थकान महसूस होना, हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द रहना, बालों का झड़ना या बार-बार मूड बदलना, ये सभी संकेत हो सकते हैं कि शरीर धूप से मिलने वाली इस ऊर्जा से वंचित है. कई बार लोग इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं और सोचते हैं कि यह सिर्फ तनाव या नींद की कमी की वजह से है, जबकि असली कारण विटामिन डी की कमी हो सकती है.

ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इस कमी को दूर कैसे किया जाए? धूप में कुछ देर रहना सबसे आसान तरीका है, लेकिन सिर्फ यही पर्याप्त नहीं। शरीर को यह विटामिन बनाने के लिए सही खानपान भी जरूरी है. संतरे का जूस और ओट्स जैसे अनाज भी विटामिन डी के अच्छे स्रोत हैं. आयुर्वेद में इसके साथ ही तिल का तेल, आंवला और अश्वगंधा जैसे औषधीय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है.
 


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

28 Oct 2025  ·  Published: 14:41 IST

सर्दी में प्रदूषण से कमजोर हो रही है इम्यूनिटी, मूंगफली और गुड़ से बना लड्डू से मिलेंगे जबरदस्त फायदे

File

फाइल फोटो

सर्दी की शुरुआत और दिवाली के बाद लगभग हर राज्य में वायु की गुणवत्ता में गिरावट आती है और प्रदूषण, कोहरे के साथ मिलकर लोगों को बीमार करने लगता है. ऐसे में खुद को स्वस्थ रखने के लिए आप घर में मौजूद मूंगफली के दानों और गुड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं.

सर्दी में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से लोगों में श्वसन संबंधी रोग, बुखार, सर्दी-जुकाम, त्वचा संबंधी रोग, हेपेटाइटिस ए और हृदय रोग की समस्या बढ़ जाती है. ऐसे मौसम में मधुमेह और अस्थमा से पीड़ित लोगों को घर से न निकलने की सलाह दी जाती है. 

प्रदूषण की वजह से बच्चों से लेकर बड़े तक प्रभावित होते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि प्रदूषण की हल्की सर्दी का मौसम रोग प्रतिरक्षा प्रणाली पर असर डालता है और बार-बार बीमार होने का कारण बनता है, लेकिन घर में मौजूद मूंगफली और गुड़ प्रदूषण से होने वाली बीमारियों से बचाव के साथ-साथ सर्दी से होने वाली बीमारियों से भी बचाएंगे. इसके लिए सुबह की शुरुआत मूंगफली के नाश्ते से करें.

इसे बनाने के लिए भुनी हुई मूंगफली, गुड़ और इलायची को मिलाकर छोटे-छोटे लड्डू बना लें और रोज सुबह इनका सेवन करें. मूंगफली में प्रोटीन, वसा, फाइबर, विटामिन और खनिज होते हैं, जो हृदय का संचालन अच्छे से करते हैं, शरीर को गर्म रखते हैं, और पाचन प्रबंधन में मदद करते हैं. गुड़ में मैग्नीशियम, आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन बी 6 होता है, जो पाचन को अच्छा रखते हैं, रोग प्रतिरोधक प्रणाली को मजबूत बनाते हैं, शरीर से विषैले पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं और शरीर में खून की कमी को पूरा करते हैं.

इलायची में एंटीऑक्सीडेंट, जिंक और सेलेनियम, कैल्शियम, पोटैशियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो नींद लाने में सहायक होते हैं, पाचन को अच्छा बनाते हैं, पेट की गर्मी को शांत करते हैं, दिल की बीमारियों के जोखिम को कम करते हैं और संक्रमण से भी बचाते हैं. 

मूंगफली का नाश्ता (वेरकादलाई उरुंडई) दक्षिण भारत का नाश्ता है, जिसे सर्दी की शुरुआत में ही खाया जाता है. ये एक पारंपरिक मीठी डिश है, जिसे दक्षिण में दवा की तरह भी प्रयोग किया जाता है. खास बात ये है कि व्यंजन को बड़े से लेकर बच्चे तक खा सकते हैं. बच्चों के लिए लड्डू की मात्रा कम रखें, जबकि बड़े ज्यादा मात्रा में इसका सेवन कर सकते हैं. लड्डू का स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें सफेद तिल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

28 Oct 2025  ·  Published: 14:53 IST

Weight Loss Foods: बिना भूखे रहे वजन घटाना चाहते हैं? तो ट्राय करें ये फूड्स

File

फाइल फोटो

Weight Loss Foods: आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में मोटापा एक आम समस्या बन गई है. सिर्फ दिखने में फर्क नहीं पड़ता, बल्कि बढ़ा हुआ वजन कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, जैसे- डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट की समस्या आदि. ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी डाइट और दिनचर्या पर ध्यान दें. वजन घटाने के लिए सबसे पहले हमें अपने खाने की आदतों को सुधारना चाहिए. कुछ फूड्स ऐसे होते हैं, जो कम कैलोरी वाले होते हैं लेकिन हमारे शरीर को भरपूर पोषण देते हैं और भूख भी लंबे समय तक नहीं लगने देते. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ हेल्दी फूड्स के बारे में.

1. अवोकाडो 
अवोकाडो भले ही थोड़ा ज्यादा कैलोरी वाला फल हो, लेकिन इसमें मौजूद हेल्दी फैट और फाइबर शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. इसे खाने के बाद पेट काफी देर तक भरा रहता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और जंक फूड खाने का मन नहीं करता.

2. बेरीज 
स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और रास्पबेरी जैसे फल स्वाद में तो अच्छे लगते ही हैं, साथ ही इनमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है और कैलोरी कम. इन फलों को खाने से मीठा खाने की तलब भी शांत होती है और पेट भी भरा हुआ लगता है.

3. ओट्स 
ओट्स को ब्रेकफास्ट में शामिल करना एक अच्छा विकल्प है. इसमें घुलनशील फाइबर होता है जो पेट में जाकर पानी के साथ मिलकर जेल जैसा बनता है. इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और खाने की इच्छा कम होती है.

4. दालें और चना
दालें, चने और बीन्स में प्रोटीन और फाइबर भरपूर होते हैं. ये धीरे-धीरे पचते हैं, जिससे पेट ज्यादा देर तक भरा रहता है. साथ ही ये ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करते हैं, जिससे ज्यादा खाने का मन नहीं करता.

5. अंडे
अंडे में मौजूद प्रोटीन शरीर को मजबूत बनाता है और भूख को भी कंट्रोल करता है. अगर आप दिन की शुरुआत उबले अंडे या ऑमलेट से करें, तो काफी देर तक भूख नहीं लगती और शरीर में एनर्जी बनी रहती है.

6. हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, केल और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियां न सिर्फ पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, बल्कि इनकी कैलोरी भी बेहद कम होती है. ये पेट को भरा रखती हैं और वजन कम करने में मदद करती हैं.

नोट:- वजन घटाने के लिए आपको भूखे रहने की जरूरत नहीं है, बस समझदारी से सही चीजें चुननी हैं. ऊपर बताए गए फूड्स को अपनी डाइट में शामिल कर लें, और साथ ही नियमित व्यायाम करें. इससे न सिर्फ वजन घटेगा, बल्कि आप अंदर से भी स्वस्थ और खुश महसूस करेंगे.


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

09 Aug 2025  ·  Published: 06:42 IST