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Sameera Reddy Coconut Water Video: बॉलीवुड अभिनेत्री समीरा रेड्डी अब फिल्मों में कम दिखती हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वह लगातार एक्टिव रहती हैं और फैंस से जुड़ी रहती हैं. हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक मज़ेदार और प्रेरणादायक वीडियो शेयर की, जो खूब वायरल हो रही है.
समीरा रेड्डी इन दिनों गोवा में अपने परिवार के साथ रहती हैं और प्रकृति के बीच सादा जीवन जीती हैं. वह फिटनेस और नेचुरल चीज़ों के इस्तेमाल पर बहुत ध्यान देती हैं. अपनी इसी लाइफस्टाइल को दिखाते हुए उन्होंने एक वीडियो शेयर की है, जिसमें वह पेड़ से खुद नारियल तोड़कर उसका पानी पीती नजर आ रही हैं.
वीडियो शेयर करते हुए समीरा ने लिखा, “नारियल पानी को बस पी लो, गूगल मत करो! इसके फायदे जानने के लिए सर्च करने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि यह अपने आप में नेचर का सबसे बढ़िया एनर्जी ड्रिंक है.” उन्होंने बताया कि नारियल पानी न सिर्फ स्वादिष्ट होता है बल्कि बेहद फायदेमंद भी है. यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है, इलेक्ट्रोलाइट्स को बैलेंस करता है और दिल की सेहत का ख्याल रखता है. उन्होंने कहा, “वर्कआउट के बाद इसे पीना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि यह शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करता है. ये असली नेचुरल स्पोर्ट्स ड्रिंक है, सीधे नारियल से!”
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नारियल पानी में पोटेशियम, सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये तत्व शरीर को हाइड्रेट रखते हैं, मांसपेशियों की कार्यप्रणाली सुधारते हैं और पीएच लेवल को संतुलित रखते हैं. आयुर्वेदिक ग्रंथ ‘सुश्रुत संहिता’ के मुताबिक, नारियल पानी की तासीर ठंडी होती है, जिससे यह वात और पित्त दोष को नियंत्रित करने में मदद करता है और शरीर को ठंडा रखता है.
हालांकि, डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि जिन लोगों को किडनी की समस्या है या जिनका ब्लड शुगर असंतुलित रहता है, उन्हें नारियल पानी का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए. समीरा रेड्डी का यह वीडियो लोगों को प्रकृति के नज़दीक रहने और नेचुरल लाइफस्टाइल अपनाने का सुंदर संदेश देता है, “हर चीज़ का जवाब इंटरनेट नहीं, कभी-कभी एक नारियल में भी सेहत छिपी होती है.”
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सर्दी की शुरुआत और दिवाली के बाद लगभग हर राज्य में वायु की गुणवत्ता में गिरावट आती है और प्रदूषण, कोहरे के साथ मिलकर लोगों को बीमार करने लगता है. ऐसे में खुद को स्वस्थ रखने के लिए आप घर में मौजूद मूंगफली के दानों और गुड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं.
सर्दी में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से लोगों में श्वसन संबंधी रोग, बुखार, सर्दी-जुकाम, त्वचा संबंधी रोग, हेपेटाइटिस ए और हृदय रोग की समस्या बढ़ जाती है. ऐसे मौसम में मधुमेह और अस्थमा से पीड़ित लोगों को घर से न निकलने की सलाह दी जाती है.
प्रदूषण की वजह से बच्चों से लेकर बड़े तक प्रभावित होते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि प्रदूषण की हल्की सर्दी का मौसम रोग प्रतिरक्षा प्रणाली पर असर डालता है और बार-बार बीमार होने का कारण बनता है, लेकिन घर में मौजूद मूंगफली और गुड़ प्रदूषण से होने वाली बीमारियों से बचाव के साथ-साथ सर्दी से होने वाली बीमारियों से भी बचाएंगे. इसके लिए सुबह की शुरुआत मूंगफली के नाश्ते से करें.
इसे बनाने के लिए भुनी हुई मूंगफली, गुड़ और इलायची को मिलाकर छोटे-छोटे लड्डू बना लें और रोज सुबह इनका सेवन करें. मूंगफली में प्रोटीन, वसा, फाइबर, विटामिन और खनिज होते हैं, जो हृदय का संचालन अच्छे से करते हैं, शरीर को गर्म रखते हैं, और पाचन प्रबंधन में मदद करते हैं. गुड़ में मैग्नीशियम, आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन बी 6 होता है, जो पाचन को अच्छा रखते हैं, रोग प्रतिरोधक प्रणाली को मजबूत बनाते हैं, शरीर से विषैले पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं और शरीर में खून की कमी को पूरा करते हैं.
इलायची में एंटीऑक्सीडेंट, जिंक और सेलेनियम, कैल्शियम, पोटैशियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो नींद लाने में सहायक होते हैं, पाचन को अच्छा बनाते हैं, पेट की गर्मी को शांत करते हैं, दिल की बीमारियों के जोखिम को कम करते हैं और संक्रमण से भी बचाते हैं.
मूंगफली का नाश्ता (वेरकादलाई उरुंडई) दक्षिण भारत का नाश्ता है, जिसे सर्दी की शुरुआत में ही खाया जाता है. ये एक पारंपरिक मीठी डिश है, जिसे दक्षिण में दवा की तरह भी प्रयोग किया जाता है. खास बात ये है कि व्यंजन को बड़े से लेकर बच्चे तक खा सकते हैं. बच्चों के लिए लड्डू की मात्रा कम रखें, जबकि बड़े ज्यादा मात्रा में इसका सेवन कर सकते हैं. लड्डू का स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें सफेद तिल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.
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आजकल हेल्दी और फिट रहने की चाहत हर किसी को है, लेकिन हमारी डाइट में अक्सर प्रोटीन की कमी रह जाती है. प्रोटीन न सिर्फ मसल्स बनाने में मदद करता है, बल्कि इम्यूनिटी बढ़ाने, एनर्जी बनाए रखने और शरीर को सही तरीके से काम करने में भी अहम भूमिका निभाता है. न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर, जो करीना कपूर जैसी बॉलीवुड हस्तियों की डाइटीशियन रह चुकी हैं, ने बताया कि रोजाना के खाने में थोड़े-थोड़े बदलाव करके हम प्रोटीन की कमी को आसानी से पूरा कर सकते हैं. उन्होंने पांच ऐसे नेचुरल सोर्स बताए हैं जिन्हें डाइट में शामिल करने से शरीर को पर्याप्त प्रोटीन मिल सकता है.
1. स्प्राउट्स के साथ कार्बोहाइड्रेट भी जरूरी
रुजुता दिवेकर के अनुसार, लोग स्प्राउट्स पर तो ध्यान देते हैं लेकिन रोटी, चावल जैसे कार्बोहाइड्रेट से बचने लगते हैं. ऐसा करने से शरीर को जरूरी अमिनो एसिड नहीं मिल पाते और प्रोटीन की कमी रह जाती है. इसलिए स्प्राउट्स के साथ-साथ रोटी और चावल जैसे कार्बोहाइड्रेट फूड्स को भी रोजाना की डाइट में शामिल करना जरूरी है.
2. दाल – भारतीय खाने का अहम हिस्सा
भारतीय खाना दाल के बिना अधूरा माना जाता है, लेकिन आजकल इसे ज्यादातर लोग सिर्फ कभी-कभार करी के रूप में ही खाते हैं. रुजुता का कहना है कि दाल को रोजाना के खाने का हिस्सा बनाना चाहिए. इसमें प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हेल्दी शरीर के लिए बेहद जरूरी हैं.
3. ड्राई फ्रूट्स और लेग्यूम्स का सेवन
ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, अखरोट और बीज जैसे चिया व फ्लैक्स सीड्स के साथ-साथ चना और मूंगफली को भी डाइट में शामिल करना चाहिए. ये शाम के समय हेल्दी स्नैक के तौर पर बेहतरीन विकल्प हैं. ये न केवल प्रोटीन देते हैं, बल्कि हेल्दी फैट्स और मिनरल्स का भी अच्छा स्रोत हैं.
4. दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स
दूध और इससे बने प्रोडक्ट्स जैसे दही, पनीर या छाछ प्रोटीन से भरपूर होते हैं. रुजुता का सुझाव है कि दिन में कम से कम एक बार दूध या कोई भी डेयरी प्रोडक्ट जरूर लें. चाहे सुबह दूध पीना हो या दोपहर में दही-चावल खाना, इसे रोज की डाइट का हिस्सा बनाना न भूलें.
5. नॉन-वेज खाने वालों के लिए मांस, मछली और अंडे
अगर आप नॉन-वेज खाते हैं तो अपनी डाइट में मांस, मछली या अंडे को शामिल कर सकते हैं. ये न सिर्फ शरीर को आवश्यक प्रोटीन देते हैं, बल्कि मसल्स बनाने, इम्यूनिटी बढ़ाने और एनर्जी बनाए रखने में भी मदद करते हैं.
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Kidney Disease Symptoms: किडनी हमारे शरीर का एक बहुत जरूरी अंग है, जो शरीर से वेस्ट मटेरियल और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करती है. यह इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखती है और शरीर के मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करती है. लेकिन जब किडनी कमजोर होने लगती है, तो इसका असर सिर्फ शरीर के अंदर ही नहीं बल्कि बाहर भी दिखाई देता है. जैसे कि बालों का झड़ना, पतलापन या गंजापन.
किडनी खराब होने पर क्यों झड़ते हैं बाल
किडनी की खराबी से शरीर में यूरिया और क्रिएटिनिन जैसे अपशिष्ट पदार्थ खून में बढ़ जाते हैं. यह टॉक्सिन्स बालों की जड़ों यानी हेयर फॉलिकल्स को कमजोर कर देते हैं. जब पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ता है, तो बालों को जरूरी विटामिन और मिनरल नहीं मिल पाते, जिससे हेयर ग्रोथ रुक जाती है और बाल झड़ने लगते हैं.
एनीमिया और हार्मोनल असंतुलन भी वजह
किडनी की बीमारी से शरीर में एनीमिया (खून की कमी) हो जाती है, जिससे ऑक्सीजन की सप्लाई बालों की जड़ों तक नहीं पहुंच पाती. इसके अलावा, विटामिन D, जिंक और पैराथाइरॉइड हार्मोन के स्तर में असंतुलन भी बालों को कमजोर कर देता है. कई बार क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) से पीड़ित मरीजों को बालों के रूखेपन, टूटने या गंजेपन जैसी समस्याएं भी होती हैं.
डायलिसिस और दवाएं बढ़ा सकती हैं दिक्कत
किडनी रोगियों को दी जाने वाली कुछ दवाएं या डायलिसिस ट्रीटमेंट भी हेयर लॉस बढ़ा सकते हैं. डॉक्टर आमतौर पर ऐसे मरीजों को पोषक तत्वों की निगरानी और सॉफ्ट हेयर केयर रूटीन अपनाने की सलाह देते हैं.
टेलोजन एफ्लुवियम का खतरा
किडनी की बीमारी से शरीर पर पड़ने वाला तनाव एक और स्थिति टेलोजन एफ्लुवियम (Telogen Effluvium) को जन्म दे सकता है. इसमें बालों का एक बड़ा हिस्सा ग्रोथ साइकिल से बाहर हो जाता है, जिससे अचानक हेयरफॉल बढ़ जाता है.
बाल झड़ना हो सकता है बीमारी का संकेत
अगर किसी व्यक्ति के बाल अचानक बहुत झड़ने लगें, तो इसे केवल सामान्य हेयरफॉल समझकर अनदेखा नहीं करना चाहिए. यह किडनी या अन्य गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है. ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.