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Rice Flour For Skin: हमारे शरीर के सभी अंग मजबूत होते हैं, लेकिन स्किन सबसे नाजुक और संवेदनशील हिस्सा होती है. यही वजह है कि त्वचा को प्रदूषण, गलत खान-पान, तनाव और बिजी लाइफस्टाइल का सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ता है. अगर समय रहते इसकी देखभाल न की जाए, तो चेहरा बेजान, रूखा और झुर्रियों वाला दिखने लगता है. यही नहीं, उम्र से पहले बुढ़ापा भी झलकने लगता है.
आजकल हर दूसरे इंसान को किसी न किसी तरह की स्किन प्रॉब्लम परेशान कर रही है. कभी स्किन पर ड्राइनेस होती है, तो कभी लालिमा, दाग-धब्बे या पिंपल्स. ये समस्याएं न सिर्फ आपकी खूबसूरती को कम करती हैं, बल्कि आत्मविश्वास पर भी असर डालती हैं. ज्यादातर लोग इनसे बचने के लिए महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार ये प्रोडक्ट्स असरदार साबित नहीं होते. उल्टा, इनमें मौजूद केमिकल्स से एलर्जी, खुजली, लाल धब्बे या चकत्ते जैसी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं.
ऐसे में स्किन एक्सपर्ट्स अक्सर घरेलू नुस्खों को अपनाने की सलाह देते हैं. इनमें से एक बेहद पॉपुलर और असरदार उपाय है चावल का आटा (Rice Flour)। भारतीय घरों में इसका इस्तेमाल सदियों से किया जाता रहा है.
चावल का आटा क्यों है फायदेमंद?
आयुर्वेद और आधुनिक रिसर्च दोनों ही चावल के आटे को स्किन के लिए लाभकारी मानते हैं. यू.एस. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, चावल में विटामिन बी, एलांटोइन, फेरुलिक एसिड और कई एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. ये सभी तत्व मिलकर त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बनाने में मदद करते हैं.
चावल का आटा कैसे करें इस्तेमाल?
इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी
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Glowing Skin Tips: हर कोई चाहता है कि उसका चेहरा हमेशा चमकता रहे और स्किन हेल्दी दिखे. इसके लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की नहीं, बल्कि रोजमर्रा की कुछ आसान आदतों की जरूरत होती है. आइए जानें वे देसी नुस्खे जो आपकी स्किन, बालों और हेल्थ, तीनों का ख्याल रखते हैं.
1. सुबह नींबू पानी जरूर पिएं
दिन की शुरुआत गर्म पानी में नींबू डालकर करने से शरीर से टॉक्सिन्स निकलते हैं. यह डाइजेशन को बेहतर बनाता है और मेटाबॉलिज्म तेज करता है. नींबू में मौजूद विटामिन C स्किन को चमकदार बनाता है और झुर्रियों से बचाता है. हल्का मीठा स्वाद पाने के लिए थोड़ा शहद भी मिला सकते हैं.
2. हफ्ते में दो बार बालों में तेल लगाएं
नारियल, बादाम या सरसों का तेल बालों के लिए सबसे फायदेमंद माना जाता है. यह स्कैल्प को पोषण देता है, बाल झड़ने से रोकता है और उन्हें नेचुरल शाइन देता है. नियमित तेल लगाने से बाल मजबूत और घने बनते हैं.
3. खाएं हेल्दी सुपरफूड्स
हल्दी, आंवला, बादाम और अखरोट जैसे फूड्स स्किन और बालों दोनों के लिए फायदेमंद हैं. हल्दी में एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो एजिंग को धीमा करते हैं, जबकि आंवला विटामिन C से भरपूर होता है और स्किन को ग्लो देता है.
4. एक्सरसाइज और योग करें
रोजाना हल्की एक्सरसाइज या योग करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और चेहरा नैचुरली चमकने लगता है. वॉक, सूर्य नमस्कार या स्ट्रेचिंग से स्ट्रेस कम होता है, जिससे स्किन पर नेचुरल ग्लो आता है.
5. पूरी नींद लें
रात की अच्छी नींद स्किन के लिए बेस्ट ट्रीटमेंट है. 7-8 घंटे की नींद से स्किन रिपेयर होती है और डार्क सर्कल्स दूर रहते हैं. सोने से पहले दूध में हल्दी या इलायची डालकर पीना फायदेमंद है.
6. मुस्कुराना न भूलें
सच्ची मुस्कान किसी भी मेकअप से ज्यादा खूबसूरत लगती है. मुस्कुराने से मन हल्का होता है, स्ट्रेस कम होता है और स्किन खुद-ब-खुद फ्रेश दिखने लगती है. छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके आप बिना किसी खर्च के खुद को हेल्दी, फिट और ग्लोइंग बनाए रख सकते हैं.
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Winter Health Mistakes: सर्दियों में लोगों को अक्सर कम प्यास लगती है. ठंडी हवा, हीटर और सूखा माहौल धीरे-धीरे शरीर को अंदर से सुखा देते हैं. बहुत से लोग पानी पीना भूल जाते हैं और यह छोटी सी आदत धीरे-धीरे डिहाइड्रेशन का बड़ा कारण बन जाती है. डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों में दस में से एक मरीज़ डिहाइड्रेशन से परेशान रहता है और इस समस्या को नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है. डिहाइड्रेशन सिर्फ़ गर्मियों की समस्या नहीं है; यह सर्दियों में भी एक छिपा हुआ खतरा पैदा करता है.
जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो कई प्रोसेस पर असर पड़ता है. ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, किडनी टॉक्सिन को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाती, इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ जाता है और इम्यूनिटी कमज़ोर होने लगती है. शुरुआती लक्षणों में सिरदर्द, थकान, रूखी त्वचा, फटे होंठ, गहरे रंग का यूरिन, मांसपेशियों में ऐंठन, दिल की धड़कन तेज़ होना, लो ब्लड प्रेशर और हल्का चक्कर आना शामिल हैं. बुज़ुर्ग, बच्चे और गर्भवती महिलाएं इस स्थिति के प्रति सबसे ज़्यादा संवेदनशील होते हैं.
आयुर्वेद में इसे "तृष्णा विकार" कहा जाता है. पानी की कमी से रस धातु कमज़ोर हो जाती है, अग्नि धीमी हो जाती है और वात बढ़ जाता है. इससे शरीर ड्राई हो जाता है, एनर्जी कम हो जाती है और कब्ज़ और गैस जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. मॉडर्न साइंस भी कहता है कि शरीर का लगभग 60 परसेंट हिस्सा पानी है और इसके बिना शरीर के सभी कामों पर असर पड़ता है.
सबसे अच्छा तरीका है कि उठते ही गुनगुना पानी पिएं, दिन भर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पिएं और खाने से 30 मिनट पहले पानी पिएं. खाने के दौरान ज़्यादा पानी पीने से बचें. सर्दियों में भी 7-8 गिलास पानी ज़रूरी है. अगर ज़्यादा मेहनत हो तो पानी की मात्रा बढ़ा दें. सर्दियों में गुनगुना पानी सबसे अच्छा होता है. पेशाब रोकने की आदत से भी खतरा बढ़ सकता है. इससे किडनी पर दबाव पड़ता है, टॉक्सिन जमा होते हैं और UTI होने की संभावना बढ़ जाती है. ब्लैडर कमज़ोर हो जाता है.
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Vitamin D Overdose: विटामिन D हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है. इसे अक्सर “सनशाइन विटामिन” कहा जाता है, क्योंकि इसकी मुख्य स्रोत सूरज की रोशनी है. जब हमारी त्वचा सूरज की किरणों के संपर्क में आती है तो शरीर खुद विटामिन D बनाता है. इसके अलावा, कुछ खाद्य पदार्थ जैसे अंडा, मछली, दूध और सप्लीमेंट्स भी विटामिन D का स्रोत हैं. यह हड्डियों को मजबूत बनाने, इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रखने और समग्र स्वास्थ्य के लिए अहम भूमिका निभाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही विटामिन D अगर जरूरत से ज्यादा मात्रा में लिया जाए तो यह सेहत के लिए खतरनाक और यहां तक कि जानलेवा भी हो सकता है?
ब्रिटेन में बुजुर्ग की मौत ने किया सभी को हैरान
साल 2024 में ब्रिटेन से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों को चिंतित कर दिया. यहां 89 साल के एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी और इसकी वजह डॉक्टरों ने विटामिन D का ओवरडोज़ बताया. जांच में सामने आया कि बुजुर्ग लंबे समय से ज्यादा मात्रा में विटामिन D सप्लीमेंट ले रहे थे. धीरे-धीरे उनके खून में कैल्शियम का स्तर इतना बढ़ गया कि हार्ट और किडनी ने काम करना बंद कर दिया. यह घटना साफ करती है कि “जरूरत से ज्यादा” विटामिन D हमारे शरीर के लिए किसी जहर से कम नहीं है.
आखिर कितनी मात्रा में लेना चाहिए विटामिन D?
हेल्थ एक्सपर्ट्स, खासकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन (अब NASEM) का कहना है कि अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए विटामिन D की मात्रा तय है. 19 से 70 साल की उम्र वाले लोगों को रोजाना 15 माइक्रोग्राम (mcg) लेना चाहिए. 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को 20 mcg विटामिन D की जरूरत होती है. लेकिन एक वयस्क इंसान को दिनभर में 100 mcg से ज्यादा विटामिन D नहीं लेना चाहिए. अगर कोई व्यक्ति इससे अधिक मात्रा में रोजाना इसका सेवन करता है तो वह सीधे-सीधे अपनी सेहत को खतरे में डाल रहा है. क्लिवलैंड क्लिनिक के अनुसार, कुछ लोगों के लिए 100 mcg की खुराक भी खतरनाक साबित हो सकती है. यानी हर व्यक्ति के लिए इसकी सहनशीलता अलग हो सकती है.
शरीर में विटामिन D ज्यादा हो जाने पर क्या होता है?
जब शरीर में विटामिन D जरूरत से ज्यादा जमा हो जाता है, तो इसे विटामिन D टॉक्सिसिटी कहा जाता है. इस स्थिति में खून में कैल्शियम का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है, जिससे कई तरह की समस्याएं शुरू हो जाती हैं.
शुरुआती लक्षण:-
मिचली और उल्टी
कब्ज और पेट दर्द
भूख कम लगना
थकान और कमजोरी
गंभीर लक्षण:-
अचानक बेहोशी
किडनी की समस्या
हड्डियों में दर्द
मांसपेशियों में कमजोरी
दिल की धड़कन असामान्य होना
अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है, जो कई बार जानलेवा साबित होती है.
सबसे ज्यादा असर किन अंगों पर पड़ता है?
1. किडनी पर असर
विटामिन D का ओवरडोज़ सबसे पहले किडनी पर प्रभाव डालता है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, ज्यादा विटामिन D लेने से किडनी स्टोन, नेफ्रोकेल्सिनोसिस (किडनी में कैल्शियम जमा होना) और अचानक किडनी फेल होने की समस्या हो सकती है.
2. हार्ट पर असर
किडनी के बाद इसका सीधा असर दिल पर पड़ता है. खून में कैल्शियम का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. यही वजह है कि ब्रिटेन के बुजुर्ग की मौत में हार्ट फेलियर को भी बड़ी वजह माना गया था.
3. हड्डियों और मांसपेशियों पर असर
आमतौर पर लोग विटामिन D हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए लेते हैं, लेकिन जब यह जरूरत से ज्यादा हो जाता है तो हड्डियों में दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी की शिकायत बढ़ जाती है.
कब और कैसे लेना चाहिए विटामिन D?
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि विटामिन D की खुराक हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए. अगर आपके शरीर में विटामिन D की कमी है, तो पहले ब्लड टेस्ट कराएं. डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही इसकी दवा या सप्लीमेंट लें. बिना जांच के खुद से ज्यादा मात्रा में सप्लीमेंट लेना बेहद खतरनाक हो सकता है.