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Protein in Urine: मांसपेशियों की अच्छी ग्रोथ और मस्तिष्क के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है. शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए हम दाल, पनीर, सोयाबीन या मांसाहारी भोजन का सेवन करते हैं, लेकिन क्या हो अगर शरीर में मौजूद प्रोटीन यूरिन के रास्ते से बाहर आने लगे? इस परिस्थिति को प्रोटीन्यूरिया कहा जाता है, जो आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों में गंभीर समस्या बताई गई है.
जब किडनी में किसी तरह की समस्या होती है, तो पानी को फिल्टर करने के दौरान किडनी तय मात्रा से ज्यादा प्रोटीन मूत्र के साथ बाहर निकाल देती है. इससे संक्रमण का खतरा भी बना रहता है. आयुर्वेद में इस स्थिति को वात और कफ के बढ़ने से जोड़कर देखा गया है. ये परिस्थिति किडनी और फिर धीरे-धीरे बाकी अंगों को भी प्रभावित करने लगती है.
प्रोटीन्यूरिया होने पर शरीर कई तरह के संकेत देता है, जैसे पेशाब अत्याधिक पीला और झाग के साथ आता है, यूरिन मार्ग में संक्रमण बढ़ने लगता है, आंखों और पैरों में सूजन आने लगती है, किडनी पर सूजन आ जाती है. इसमें इंफेक्शन के साथ बुखार भी होने लगता है. आयुर्वेद में प्रोटीन्यूरिया से बचने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं, जिससे काफी हद तक प्रोटीन्यूरिया से होने वाली परेशानियों को कम किया जा सकता है.
प्रोटीन्यूरिया से बचने के लिए किडनी का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है, ऐसे में किडनी और पूरे शरीर को डिटॉक्स करना होगा. इसके लिए पुनर्नवा चूर्ण या रस का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए सुबह खाली पेट पुनर्नवा चूर्ण या रस का सेवन करें. गोखरू चूर्ण भी इस स्थिति से राहत देने में मदद करता है. गोखरू चूर्ण में सूजन कम करने के गुण होते हैं, जो किडनी की सूजन को कम कर उसकी कार्यक्षमता को बढ़ाता है। इसका सेवन भी सुबह खाली पेट किया जा सकता है.
इसके अलावा, त्रिफला चूर्ण भी लाभकारी होता है, इससे पाचन की शक्ति बढ़ती है और किडनी पर वर्कलोड कम करता है. त्रिफला चूर्ण का इस्तेमाल सुबह और शाम दोनों समय किया जा सकता है. इसके अलावा, आहार में भी बदलाव करना जरूरी होगा. प्रोटीन्यूरिया की स्थिति में कम नमक वाले आहार का सेवन करना अच्छा रहता है. इसके अलावा, लौकी, तोरी, टिंडा और मूंग दाल का सेवन ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए. इससे शरीर में फाइबर और प्रोटीन दोनों अच्छी मात्रा में बने रहते हैं.
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High Cholesterol Tips: आजकल की भागदौड़ और अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है. यह दिल की सेहत के लिए एक ‘साइलेंट किलर’ की तरह काम करता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर पता नहीं चलते. अच्छी खबर यह है कि डाइट और रोजमर्रा की आदतों में बदलाव कर केलेस्ट्रॉल को कंट्रोल किया जा सकता है और दिल की सेहत को मजबूत रखा जा सकता है.
फाइबर को बनाएं डाइट का हिस्सा
फाइबर शरीर में कोलेस्ट्रॉल को जमने नहीं देता और उसे बाहर निकालने में मदद करता है. हर दिन 5–10 ग्राम फाइबर लेने से बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को कम किया जा सकता है. इसके लिए डाइट में ओट्स, दाल, राजमा, चने जैसी चीजें शामिल करें.
अनहेल्दी फैट्स को कहें ना
रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड में पाए जाने वाले सैचुरेटेड व ट्रांस फैट्स कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं. इनकी जगह हेल्दी फैट्स लें, जैसे ऑलिव ऑयल, एवोकाडो और ड्राई फ्रूट्स. रेड मीट की जगह हफ्ते में 1–2 बार मछली, दाल, राजमा या टोफू जैसी प्लांट-बेस्ड प्रोटीन चुनना बेहतर है.
वर्कआउट से घटेगा बैड कोलेस्ट्रॉल
नियमित एक्सरसाइज बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) बढ़ाने में मदद करती है. हफ्ते में पांच दिन, रोजाना 30 मिनट तेज चलना ही काफी असरदार है. आप चाहें तो लंच ब्रेक में वॉक कर सकते हैं या डिनर के बाद टहलने की आदत डालें.
ओमेगा-3 से करें दिल की सुरक्षा
सैल्मन और मैकेरल जैसी मछलियों में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड्स हार्ट हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. हफ्ते में दो बार मछली खाने की कोशिश करें. अगर आप वेजिटेरियन हैं, तो अलसी के बीज, चिया सीड्स और अखरोट से ओमेगा-3 की जरूरत पूरी कर सकते हैं.
शुगर और मैदा कम करें
ज्यादा चीनी और मैदा वाली चीजें ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ाती हैं, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है. इसलिए सोडा, मीठे ड्रिंक्स और व्हाइट ब्रेड छोड़कर पानी, ताजे जूस और होल ग्रेन ब्रेड लें.
छोटे बदलाव, बड़ा असर
डाइट और लाइफस्टाइल में इन छोटे-छोटे बदलावों को अपनाकर आप हाई कोलेस्ट्रॉल को काबू में रख सकते हैं और दिल की सेहत को लंबे समय तक सुरक्षित बना सकते हैं.
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Weight loss with insulin resistance: आजकल बहुत से लोग बढ़ते वजन, डायबिटीज, थायरॉयड और पीसीओडी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. कई लोग हेल्दी रहने के लिए घंटों एक्सरसाइज करते हैं, डाइटिंग करते हैं लेकिन फिर भी वजन कम नहीं हो पाता. इसकी एक बड़ी वजह है – हार्मोनल इम्बैलेंस, खासकर इंसुलिन रेजिस्टेंस.
इंसुलिन हमारे शरीर का एक जरूरी हार्मोन है जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है. जब हम बहुत ज्यादा मीठा या रिफाइंड कार्ब्स खाते हैं, तो शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे फैट बर्न होने के बजाय फैट स्टोर होने लगता है. इसलिए अगर आप वाकई में वजन कम करना और हेल्दी रहना चाहते हैं, तो सिर्फ डाइट और वर्कआउट नहीं, बल्कि ये 3 सीक्रेट्स भी अपनाइए:
मीठा और रिफाइंड चीजें जैसे वाइट ब्रेड, मैदे वाले फूड्स (भटूरे, कुलचा, केक) और पैकेज्ड चीजें खाने से बचें
ज्यादा फ्रुक्टोज (हनी, किशमिश, अंजीर जैसे ड्रायफ्रूट्स) भी इंसुलिन बढ़ा सकता है
बार-बार खाना खाने की आदत भी इंसुलिन लेवल को बढ़ा देती है – इसलिए फिक्स टाइम पर खाएं
इंफ्लेमेशन यानी शरीर में सूजन, जो मोटापा और थकान का कारण बनती है. इसे कम करने के लिए:
रंग-बिरंगे फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज खाएं
पैकेज्ड और डीप फ्राइड फूड्स से दूर रहें
हल्दी, अदरक, लहसुन जैसी एंटी-इंफ्लेमेटरी चीजें शामिल करें
वजन घटाने की जर्नी सिर्फ शारीरिक नहीं होती, ये एक मेंटल जर्नी भी होती है.
छोटे-छोटे टारगेट सेट करें और पॉजिटिव सोचें और डाइटिंग को सज़ा नहीं, खुद के लिए इनाम समझें
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Diwali Fashion Tips: दिवाली रोशनी, रंगों और खुशियों का त्योहार है. इस दिन हर कोई अपने घर को सजाता है, लेकिन अपने लुक को निखारना भी उतना ही जरूरी है. अगर आप इस दिवाली सबसे अलग और स्टाइलिश दिखना चाहती हैं, तो ये कुछ आसान फैशन और ब्यूटी टिप्स आपके लिए हैं.
पारंपरिक लुक में दें मॉर्डन टच
दिवाली जैसे मौके पर एथनिक लुक तो बनता है, लेकिन उसे थोड़ा मॉर्डन ट्विस्ट दें. भारी लहंगे या साड़ी की जगह एम्ब्रॉयडरी वाली कुर्ती को स्कर्ट या पलाजो के साथ पहनें. इससे आपको स्टाइलिश और कंफर्टेबल दोनों लुक मिलेगा.
मेकअप रखें ग्लोइंग और बैलेंस्ड
फेस्टिव लुक के लिए ग्लॉसी और ग्लोइंग मेकअप परफेक्ट रहता है. ध्यान रखें कि मेकअप में बैलेंस जरूरी है — अगर आंखों का मेकअप शिमरी है तो लिपस्टिक हल्के रंग की रखें, और अगर लिपस्टिक डार्क है तो आई मेकअप लाइट रखें. अपने स्किन टोन से मैच करता हुआ फाउंडेशन या बीबी क्रीम लगाएं. चेहरे पर हल्का हाईलाइटर और ब्लश जरूर लगाएं ताकि नैचुरल ग्लो दिखे. साथ ही वॉटरप्रूफ और लॉन्ग-लास्टिंग प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करें.
हेयरस्टाइल से बढ़ाएं चार्म
बाल आपके लुक को पूरी तरह बदल सकते हैं. अगर खुले बाल पसंद हैं तो सॉफ्ट वेव्स या हल्के कर्ल्स ट्राय करें. वहीं, अगर बन बनाना चाहती हैं तो लो बन, मेसी बन या फिशटेल चोटी एकदम परफेक्ट रहेंगी. बालों में गजरा या फैंसी हेयरपिन लगाकर लुक में एलीगेंस जोड़ें.
ज्वेलरी से बढ़ाएं खूबसूरती
ड्रेस के अनुसार ज्वेलरी चुनना जरूरी है. अगर आपकी ड्रेस हेवी है तो सिंपल और मिनिमल ज्वेलरी पहनें. वहीं, अगर आउटफिट लाइट है तो स्टेटमेंट नेकपीस, झुमके या माथा पट्टी पहन सकती हैं. ये आपके पूरे लुक को फेस्टिव टच देंगे.
मैचिंग बैग रखना न भूलें
अपनी ड्रेस से मैच करता पोटली बैग या क्लच कैरी करें. इससे लुक और भी स्टाइलिश लगेगा और फोन, लिपस्टिक जैसी जरूरी चीजें आसानी से रखी जा सकेंगी.