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Navratri Special Snacks: अगर आप नवरात्रि के व्रत में हैं और हेल्दी व हल्का नाश्ता ढूंढ रहे हैं, तो मखाना चाट आपके लिए एकदम सही विकल्प है. यह रेसिपी न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है बल्कि आपके पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखती है. इसमें भुने हुए मखाने, मूंगफली, ताज़ी सब्जियां और व्रत वाली हरी चटनी मिलकर एक ऐसा स्वाद बनाते हैं, जो आपको बार-बार खाने पर मजबूर कर दे.
इस चाट में इस्तेमाल होने वाली सारी चीज़ें व्रत में मान्य हैं, इसलिए आप इसे बिना झिझक नवरात्रि के दिनों में खा सकते हैं. मखाना, जिसे लोटस सीड्स भी कहते हैं, प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है. यह कम कैलोरी वाला नाश्ता है, जिससे न सिर्फ एनर्जी मिलती है बल्कि वज़न नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है. मूंगफली इसमें स्वाद और कुरकुरापन लाती है, जबकि खीरा, टमाटर और आलू इसे पोषक बनाते हैं.
सामग्री
इस रेसिपी के लिए 2 कप मखाना, 2 बड़े चम्मच सूखी भुनी मूंगफली, 1-1 छोटा खीरा और टमाटर (बारीक कटे हुए), 1 उबला हुआ आलू (कटा हुआ), 1-2 हरी मिर्च, 2 बड़े चम्मच ताजा कटा हरा धनिया, 1 छोटा चम्मच नींबू का रस, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार सेंधा नमक और 1 छोटा चम्मच घी चाहिए.
हरी चटनी
एक ब्लेंडर में मुट्ठीभर हरा धनिया, अदरक का छोटा टुकड़ा, 1 हरी मिर्च, 1 बड़ा चम्मच भुनी मूंगफली, 2 बड़े चम्मच दही, सेंधा नमक और थोड़ा पानी डालकर स्मूद चटनी बना लें.
बनाने का तरीका
सबसे पहले मूंगफली को क्रिस्पी होने तक भूनें. फिर घी में मखानों को हल्का और कुरकुरा होने तक भून लें. अब एक बड़े कटोरे में खीरा, टमाटर, उबला आलू, हरी मिर्च, नींबू का रस, लाल मिर्च पाउडर, सेंधा नमक और हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिलाएं. इसमें भुने हुए मखाने और मूंगफली मिलाएं. ऊपर से हरी चटनी डालकर एक बार फिर मिला लें.
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Strong Bones: हड्डियां हमारे शरीर की आधारशिला होती हैं। ये न केवल हमारे शरीर को आकार और सहारा देती हैं, बल्कि हमारे महत्वपूर्ण अंगों की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाती हैं. इसलिए हड्डियों को मजबूत बनाए रखना हर उम्र में ज़रूरी है. उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है, जिससे फ्रैक्चर और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है लेकिन अच्छी डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल से इन्हें मजबूत रखा जा सकता है.
1. कैल्शियम से भरपूर आहार अपनाएं
कैल्शियम हड्डियों की संरचना का प्रमुख हिस्सा है. यह हड्डियों के विकास और उन्हें मजबूत बनाए रखने में बेहद सहायक होता है. दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां (जैसे पालक, मेथी), फोर्टिफाइड अनाज, सोया उत्पाद और छोटी हड्डी वाली मछलियों में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. रोजाना कैल्शियम युक्त आहार लेने से हड्डियों का घनत्व बेहतर बना रहता है और टूटने की संभावना कम हो जाती है.
2. विटामिन D की कमी न होने दें
विटामिन D, कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है. अगर शरीर में इसकी कमी हो, तो चाहे कैल्शियम जितना भी ले लिया जाए, उसका असर नहीं दिखेगा. विटामिन D का सबसे अच्छा स्रोत सूरज की रोशनी है. इसके अलावा अंडे की ज़र्दी, फेटी फिश (जैसे साल्मन, टूना) और फोर्टिफाइड दूध/अनाज में भी यह पोषक तत्व मिलता है.
3. अन्य ज़रूरी पोषक तत्व
हड्डियों की मजबूती के लिए केवल कैल्शियम और विटामिन D ही नहीं, बल्कि मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, विटामिन K और प्रोटीन भी ज़रूरी हैं. ये पोषक तत्व हड्डियों की मजबूती बढ़ाने, उनके निर्माण और मरम्मत में मदद करते हैं. नट्स, बीज, साबुत अनाज और हरी सब्जियां इनका अच्छा स्रोत हैं.
4. नियमित एक्सरसाइज करें
व्यायाम न केवल हड्डियों को मजबूत बनाता है, बल्कि उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ाता है. रोजाना वॉक करना, सीढ़ियां चढ़ना, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, डांस, टेनिस और बास्केटबॉल जैसे एक्टिविटीज़ हड्डियों पर सही दबाव डालती हैं, जिससे उनमें मजबूती आती है. वेट-बेयरिंग और रेजिस्टेंस एक्सरसाइज मांसपेशियों को भी मजबूत करती हैं, जिससे हड्डियों पर तनाव कम होता है.
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Soha Ali Khan Health Tips: बॉलीवुड एक्ट्रेस सोहा अली खान 47 साल की हैं, लेकिन उनकी फिटनेस और ग्लो देखकर कोई उनकी उम्र का अंदाज़ा नहीं लगा सकता. सोहा खुद को फिट और हेल्दी रखने के लिए सख्त डाइट और नेचुरल तरीकों पर भरोसा करती हैं. हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि वह रोज सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाती हैं और यही उनके हेल्दी रहने का बड़ा सीक्रेट है.
क्यों खाती हैं सोहा कच्चा लहसुन?
सोहा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “पिछले चार हफ्तों से मैं अपनी सुबह की शुरुआत एक छोटे से टुकड़े से करती हूं. कच्चे लहसुन से. यह इम्युनिटी बढ़ाने, सूजन कम करने, पेट की सेहत सुधारने और शरीर को फिट रखने में मदद करता है. यह पुराना नुस्खा आज भी बेहद असरदार है.”
वह बताती हैं कि वह लहसुन को अच्छी तरह चबाकर खाती हैं ताकि उसमें मौजूद एलिसिन (Allicin) कंपाउंड एक्टिव हो जाए, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. अगर कोई इसे चबाने में असहज महसूस करता है, तो लहसुन को कुचलकर 10 मिनट के लिए रख सकते हैं और फिर खा सकते हैं.
सोहा की चेतावनी
सोहा ने अपनी पोस्ट में एक जरूरी सलाह भी दी, “कच्चा लहसुन हर किसी के लिए नहीं है. अगर आप ब्लड थिनिंग दवाएं लेते हैं, आपका पेट संवेदनशील है, या आप किसी सर्जरी की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.” उन्होंने यह भी कहा कि लहसुन की तेज खुशबू को कम करने के लिए खाने के बाद ब्रश और माउथवॉश का इस्तेमाल करें.
लहसुन के 5 बड़े फायदे
इम्युनिटी बूस्ट करता है, जिससे एलिसिन शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है.
सूजन कम करता है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो सूजन को कंट्रोल करते हैं.
पाचन बेहतर करता है. लहसुन पेट की समस्याओं को दूर कर पाचन को मजबूत बनाता है.
त्वचा को साफ रखता है. इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करते हैं.
संक्रमण से बचाता है. यह बैक्टीरिया, वायरस और फंगस से शरीर को सुरक्षित रखता है.
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Kidney Disease Symptoms: किडनी हमारे शरीर का एक बहुत जरूरी अंग है, जो शरीर से वेस्ट मटेरियल और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करती है. यह इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखती है और शरीर के मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करती है. लेकिन जब किडनी कमजोर होने लगती है, तो इसका असर सिर्फ शरीर के अंदर ही नहीं बल्कि बाहर भी दिखाई देता है. जैसे कि बालों का झड़ना, पतलापन या गंजापन.
किडनी खराब होने पर क्यों झड़ते हैं बाल
किडनी की खराबी से शरीर में यूरिया और क्रिएटिनिन जैसे अपशिष्ट पदार्थ खून में बढ़ जाते हैं. यह टॉक्सिन्स बालों की जड़ों यानी हेयर फॉलिकल्स को कमजोर कर देते हैं. जब पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ता है, तो बालों को जरूरी विटामिन और मिनरल नहीं मिल पाते, जिससे हेयर ग्रोथ रुक जाती है और बाल झड़ने लगते हैं.
एनीमिया और हार्मोनल असंतुलन भी वजह
किडनी की बीमारी से शरीर में एनीमिया (खून की कमी) हो जाती है, जिससे ऑक्सीजन की सप्लाई बालों की जड़ों तक नहीं पहुंच पाती. इसके अलावा, विटामिन D, जिंक और पैराथाइरॉइड हार्मोन के स्तर में असंतुलन भी बालों को कमजोर कर देता है. कई बार क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) से पीड़ित मरीजों को बालों के रूखेपन, टूटने या गंजेपन जैसी समस्याएं भी होती हैं.
डायलिसिस और दवाएं बढ़ा सकती हैं दिक्कत
किडनी रोगियों को दी जाने वाली कुछ दवाएं या डायलिसिस ट्रीटमेंट भी हेयर लॉस बढ़ा सकते हैं. डॉक्टर आमतौर पर ऐसे मरीजों को पोषक तत्वों की निगरानी और सॉफ्ट हेयर केयर रूटीन अपनाने की सलाह देते हैं.
टेलोजन एफ्लुवियम का खतरा
किडनी की बीमारी से शरीर पर पड़ने वाला तनाव एक और स्थिति टेलोजन एफ्लुवियम (Telogen Effluvium) को जन्म दे सकता है. इसमें बालों का एक बड़ा हिस्सा ग्रोथ साइकिल से बाहर हो जाता है, जिससे अचानक हेयरफॉल बढ़ जाता है.
बाल झड़ना हो सकता है बीमारी का संकेत
अगर किसी व्यक्ति के बाल अचानक बहुत झड़ने लगें, तो इसे केवल सामान्य हेयरफॉल समझकर अनदेखा नहीं करना चाहिए. यह किडनी या अन्य गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है. ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.