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Fatty Liver Diet: अमेरिका के फ्लोरिडा के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. जोसेफ सलहब ने बताया है कि कुछ खास फल और सब्जियां आपकी लिवर हेल्थ को बेहतर बना सकती हैं. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में ऐसे 7 फूड्स का जिक्र किया है जो लिवर को मजबूत करते हैं और शरीर की ओवरऑल हेल्थ को भी सुधारते हैं. डॉ. सलहब कहते हैं कि फल और सब्जियां सिर्फ रंग और स्वाद नहीं बढ़ातीं, बल्कि इनमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करते हैं.
डॉ. सलहब सलाह देते हैं कि अगर आप डार्क चॉकलेट खाते हैं, तो उसमें 70% या उससे अधिक कोको होना चाहिए. उनका कहना है कि इन फलों और सब्जियों को रोज की डाइट में शामिल करने से लिवर टॉक्सिन्स कम होते हैं और शरीर ज्यादा एनर्जी से भर जाता है.
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Fatty Liver Treatment: लिवर हमारे शरीर का बेहद अहम हिस्सा है, जो पाचन, पोषक तत्वों के अवशोषण और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करता है. लेकिन गलत खान-पान, आलस भरी लाइफस्टाइल, ज्यादा शराब और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन लिवर में फैट जमा कर देता है, जिससे फैटी लिवर की समस्या बढ़ रही है.
इस बीमारी का इलाज संभव है, लेकिन इसके लिए दवाइयों के साथ जीवनशैली में सुधार और सही खानपान की जरूरत होती है. एम्स, हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से प्रशिक्षित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने तीन ऐसे ड्रिंक्स बताए जो लिवर की चर्बी कम करने और उसकी सेहत सुधारने में मदद करते हैं.
1. चुकंदर का जूस (Beetroot Juice)
डॉ. सेठी के मुताबिक, चुकंदर के जूस में बीटालेन्स नामक एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो लिवर कोशिकाओं की रक्षा करते हैं और फैट के जमाव को कम करने में मदद करते हैं. अगर इसे हफ्ते में कुछ दिन एक गिलास पिया जाए तो लिवर स्वस्थ रहने में मदद मिलती है.
2. कॉफी (Coffee)
डॉ. सेठी बताते हैं कि कॉफी लिवर में फैट और फाइब्रोसिस के खतरे को कम करती है. उन्होंने सलाह दी कि ऑर्गेनिक कॉफी का सेवन करें और उसमें चीनी न मिलाएं. अगर स्वाद में मिठास चाहिए तो आप शहद, मॉन्क फ्रूट या स्टीविया का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन एरिथ्रिटोल से बचें.
3. ग्रीन टी (Green Tea)
ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन (EGCG) लिवर एंजाइम्स को बेहतर बनाते हैं और फैट स्टोरेज को घटाते हैं.
नियमित रूप से हफ्ते में कुछ दिन ग्रीन टी पीने से लिवर की सेहत में सुधार होता है और शरीर में हल्की ऊर्जा भी महसूस होती है.
डॉ. सेठी ने कहा कि इन ड्रिंक्स के साथ हेल्दी डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है.
नियमित वॉक, एक्सरसाइज और संतुलित आहार से न सिर्फ लिवर की चर्बी घटती है बल्कि शरीर की समग्र सेहत भी बेहतर होती है.
नोट
अगर आप फैटी लिवर से परेशान हैं, तो दवाओं के साथ इन तीन ड्रिंक्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करें. यह लिवर की सेहत सुधारने का प्राकृतिक और असरदार तरीका है.
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Yoga for Cold and Cough: योग सिर्फ शरीर को फिट रखने का तरीका नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, इम्यूनिटी और श्वसन तंत्र को बेहतर बनाने में भी मदद करता है. खासकर सर्दियों में जब जुकाम और खांसी आम होती है, योग इनसे बचाव और राहत पाने का असरदार तरीका माना जाता है.
योग अभ्यास से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है, फेफड़ों और श्वसन नलियों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है और तनाव भी कम होता है. आयुष मंत्रालय रोजाना कम से कम 30 मिनट योग और प्राणायाम करने की सलाह देता है. कुछ आसन ऐसे हैं जिन्हें अपनाकर खांसी-जुकाम में आराम पाया जा सकता है.
1. उत्तानासन
उत्तानासन करने से शरीर में रक्त प्रवाह बढ़ता है और सांस लेने की नलियां खुलती हैं. इससे नाक बंद होना और गले में जकड़न कम होती है. यह आसन शरीर में गर्मी भी पैदा करता है, जिससे सर्दी-जुकाम में होने वाली तकलीफ घटती है. इसके अलावा, तनाव कम होने से इम्यूनिटी भी मजबूत होती है.
2. अधोमुख श्वानासन
इस आसन से शरीर के ऊपरी हिस्से में खिंचाव आता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है. जब फेफड़े सही तरीके से काम करते हैं तो सांस लेना आसान हो जाता है और गले में जमाव कम महसूस होता है. साथ ही, रक्त संचार बढ़ने से संक्रमण से लड़ने वाले सफेद रक्त कण भी मजबूत होते हैं.
3. सेतुबंधासन
सेतुबंधासन नाक की बंदी को कम करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है. इस आसन से सिर और छाती में रक्त का प्रवाह बढ़ता है, जिससे गले और फेफड़ों तक ताजगी पहुंचती है. यह आसन खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें बार-बार सर्दी-जुकाम या नाक बंद होने की समस्या रहती है.
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Benefits of Figs: अंजीर एक खास और पौष्टिक ड्राई फ्रूट है, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। अंजीर का रोजाना सेवन करने से शरीर को कई बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है। यह त्वचा को चमकदार और स्वस्थ बनाता है, पाचन क्रिया को बेहतर करता है और शरीर की इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाता है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी अंजीर को ‘सुपरफ्रूट’ बताया है। मंत्रालय के अनुसार अंजीर रोज खाने से गठिया, लकवा और पेशाब में जलन जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है और ताकत बढ़ाता है।
अंजीर में पोटेशियम, कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे खनिज होते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और दिल को स्वस्थ रखते हैं। पोटेशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है जबकि कैल्शियम हड्डियों के लिए फायदेमंद होता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अंजीर को रात में पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाना सबसे अच्छा तरीका है। इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है, मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और वजन घटाने में भी मदद मिलती है। अंजीर का पानी पीना भी लाभकारी होता है क्योंकि यह शरीर की चर्बी कम करने की प्रक्रिया को तेज करता है।
इसमें मौजूद फाइबर पेट की समस्याओं जैसे कब्ज या गैस में राहत देता है। साथ ही यह लंबे समय तक पेट भरा हुआ रखने में मदद करता है, जिससे अधिक खाने की इच्छा नहीं होती और वजन भी नियंत्रित रहता है।
अंजीर में विटामिन सी होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट और नेचुरल शुगर भी होता है, जो शरीर को ऊर्जा देता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को अंजीर का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए क्योंकि इसमें नैचुरल शुगर होती है।
कुल मिलाकर, अंजीर एक स्वादिष्ट और सेहतमंद फल है जिसे नियमित रूप से खाने से शरीर को कई तरह के फायदे मिलते हैं। यह एक आसान, सस्ता और असरदार तरीका है अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का।